रायपुर (ब्यावर) चलते ट्रेलर के पीछे घुसा दूसरा ट्रेलर, चालक गंभीर घायल, उपचार जारी* ब्यावर शहर के देलवाड़ा ब्रिज स्थित नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सड़क पर चल रहे एक ट्रेलर के पीछे अचानक अनियंत्रित होकर दूसरा ट्रेलर जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में सुरसुरा निवासी गणेश गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद वह ट्रेलर के केबिन में फंस गया, जिसे बाहर निकालने के लिए मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। इसी दौरान 108 एंबुलेंस एक ट्रक के पीछे-पीछे उसी मार्ग से आ रही थी। एंबुलेंस चालक प्यारचंद और नर्सिंग कर्मी कालूराम ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल वाहन रोककर घायल को केबिन से बाहर निकलवाने में सहयोग किया और प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद घायल को 108 एंबुलेंस की सहायता से उपचार के लिए अमृतकौर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद कुछ समय तक बाईपास मार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में दो क्रेनों की सहायता से दोनों क्षतिग्रस्त ट्रेलरों को सड़क से साइड में हटवाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारू कराया गया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
रायपुर (ब्यावर) चलते ट्रेलर के पीछे घुसा दूसरा ट्रेलर, चालक गंभीर घायल, उपचार जारी* ब्यावर शहर के देलवाड़ा ब्रिज स्थित नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सड़क पर चल रहे एक ट्रेलर के पीछे अचानक अनियंत्रित होकर दूसरा ट्रेलर जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में सुरसुरा निवासी गणेश गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद वह ट्रेलर के केबिन में फंस गया, जिसे बाहर निकालने के लिए मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। इसी दौरान 108 एंबुलेंस एक ट्रक के पीछे-पीछे उसी मार्ग से आ रही थी। एंबुलेंस चालक प्यारचंद और नर्सिंग कर्मी कालूराम ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल वाहन रोककर घायल को केबिन से बाहर निकलवाने में सहयोग किया और प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद घायल को 108 एंबुलेंस की सहायता से उपचार के लिए अमृतकौर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद कुछ समय तक बाईपास मार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में दो क्रेनों की सहायता से दोनों क्षतिग्रस्त ट्रेलरों को सड़क से साइड में हटवाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारू कराया गया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
- सेन्दडा ब्यावर रायपुर दीपावास बांध से नहर में पानी छोड़े जाने की खबर को लेकर... लेकिन लकी तालाब के पास पानी फालतू बह रहा है। अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻1
- रायपुर (ब्यावर) गौचर भूमि में अवैध खनन से हुए गहरे गढ्ढों से मंडराता खतरा, जिम्मेदार मौन खबर राजस्थान के ब्यावर जिले के बर ग्राम से है जहा पर बर ग्राम पंचायत की गौचर भूमि में पहाड़ी में अवैध खनन से गहरे गढ्ढे हादसे को दावत दे रहे है । अवैध खनन से गहरे गढ्ढे काफी गहरे होने से ऐसे में बेसहारा मवेशी सहित पशु पालकों के मवेशियों के भी चरने के दौरान गहरे गढ्ढों से हादसे का भय बना हुआ है । इसके अलावा इस जगह पर हो रहे अवैध खनन की तरफ ग्राम पंचायत और खनिज विभाग व स्थानीय प्रशासन भी आंखे मूंद कर बैठा है । जिससे अवैध खनन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और गहरे गढ्ढों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने से खतरा बढ़ रहा हैं।1
- Post by जगदीश माली पत्रका र1
- ब्यावर डिपो की जयपुर–सिरियारी बस फिर हुई खराब, यात्री परेशान रायपुर/पाली रोड। ब्यावर डिपो की जयपुर–सिरियारी रूट पर चलने वाली रोडवेज बस एक बार फिर बीच रास्ते में खराब हो गई। पाली रोड स्थित नारायण होटल के पास बस तकनीकी खराबी के कारण रुक गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्या है मामला? बस जयपुर से सिरियारी जा रही थी। पाली रोड पर नारायण होटल के पास अचानक बस बंद हो गई। इसी सप्ताह में यह दूसरी घटना बताई जा रही है। यात्रियों को हुई दिक्कत महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सड़क किनारे इंतजार करने को मजबूर। दूसरी बस की व्यवस्था में देरी। तेज धूप और असुविधा के कारण यात्रियों में नाराजगी। यात्रियों ने संबंधित विभाग से बसों की नियमित जांच और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।1
- समाज सेवक प्रमोदसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बजरी माफिया ने लोगों के खेत ओर गोचर से रास्ता निकाल के गांव वालों बड़ा रास्ता रोक कर समझाया1
- Post by राजस्थान की आवाज़2
- सपनों पर ताला: राजाजी का करेड़ा (काला जी) गांव का सरकारी स्कूल लंबे समय से बंद, बच्चों का भविष्य अधर में। दूरी की मार: छोटे बच्चों को 5-10 किलोमीटर दूर पैदल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षा का अधिकार कहाँ?: सरकार के 'पढ़ेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया' के दावों की जमीनी हकीकत यहाँ कुछ और ही है। पलायन का खतरा: स्कूल न होने से कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव छोड़ने पर मजबूर हैं। प्रशासनिक अनदेखी: बार-बार गुहार लगाने के बाद भी शिक्षा विभाग मौन क्यों है?1
- सेन्दडा ब्यावर नेशनल हाईवे पर ब्यावर डिपो की बस हुई खराब, दूसरी बस से भेजे गए यात्री रायपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर जयपुर से अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻2