logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चाईबासा में बाइक-कार की भीषण टक्कर, 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल

3 days ago
user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग खबर वही जो दिखाएं सच्चाई
झारखण्ड न्यूज हजारीबाग खबर वही जो दिखाएं सच्चाई
Hazaribag, Hazaribagh•
3 days ago

चाईबासा में बाइक-कार की भीषण टक्कर, 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल

More news from Hazaribagh and nearby areas
  • नशे के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रशिक्षु, हजारीबाग में निकली जागरूकता रैली एनएसएस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल, युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश हजारीबाग | नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से शनिवार को गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, मुकुंदगंज हजारीबाग की एनएसएस इकाई और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली शहर के हेड पोस्ट ऑफिस चौक से शुरू होकर सिद्धु कान्हो चौक, जुलू पार्क होते हुए कैथोलिक आश्रम तक पहुंची। रैली में शामिल प्रशिक्षु और पारा लीगल वालेंटियर हाथों में बैनर और तख्तियां लिए नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे थे। “उम्मीद न कोई आशा है, चारों ओर निराशा है, बर्बाद तुम्हें यह कर देगा, नशे की यही परिभाषा है” और “छोड़ो नशा और शराब, न करो अपना जीवन खराब” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना भी रैली में शामिल हुए और प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बताया कि नालसा के निर्देश पर झालसा के अंतर्गत डालसा के बैनर तले 5 जनवरी से नशामुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 12 जनवरी को जिले में होगा। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की देखरेख में संचालित हो रहा है, जिसके तहत जिले के शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। इससे पूर्व सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने भी इस तरह की सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए प्रशिक्षुओं का मनोबल बढ़ाया। रैली का आयोजन गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की एनएसएस इकाई द्वारा प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक संदीप खलखो, डॉ. मीरा कुमारी, वर्षा कुमारी, रचना कुमारी, सुष्मिता घोषाल के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से डिप्टी चीफ एलएडीसी सौरभ अंशु, मुरली राणा, असिस्टेंट एलएडीसी सौरभ कुणाल, पीयूष, मंजीत सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के सचिव गौरव खुराना ने दी।
    1
    नशे के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रशिक्षु, हजारीबाग में निकली जागरूकता रैली
एनएसएस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल, युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
हजारीबाग | नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से शनिवार को गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, मुकुंदगंज हजारीबाग की एनएसएस इकाई और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली शहर के हेड पोस्ट ऑफिस चौक से शुरू होकर सिद्धु कान्हो चौक, जुलू पार्क होते हुए कैथोलिक आश्रम तक पहुंची।
रैली में शामिल प्रशिक्षु और पारा लीगल वालेंटियर हाथों में बैनर और तख्तियां लिए नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे थे। “उम्मीद न कोई आशा है, चारों ओर निराशा है, बर्बाद तुम्हें यह कर देगा, नशे की यही परिभाषा है” और “छोड़ो नशा और शराब, न करो अपना जीवन खराब” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना भी रैली में शामिल हुए और प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बताया कि नालसा के निर्देश पर झालसा के अंतर्गत डालसा के बैनर तले 5 जनवरी से नशामुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 12 जनवरी को जिले में होगा। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की देखरेख में संचालित हो रहा है, जिसके तहत जिले के शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है।
इससे पूर्व सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने भी इस तरह की सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए प्रशिक्षुओं का मनोबल बढ़ाया। रैली का आयोजन गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की एनएसएस इकाई द्वारा प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक संदीप खलखो, डॉ. मीरा कुमारी, वर्षा कुमारी, रचना कुमारी, सुष्मिता घोषाल के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से डिप्टी चीफ एलएडीसी सौरभ अंशु, मुरली राणा, असिस्टेंट एलएडीसी सौरभ कुणाल, पीयूष, मंजीत सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के सचिव गौरव खुराना ने दी।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Journalist Hazaribag, Hazaribagh•
    8 hrs ago
  • *विनोबा भावे विश्वविद्यालय में ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन व्याख्यान’ का आयोजन* हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शनिवार, 10 जनवरी 2026 को प्रथम दिशोम गुरु शिबू सोरेन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “शिक्षा के वर्तमान मुद्दे एवं परिप्रेक्ष्य” रखा गया था। यह व्याख्यान दोपहर 12 बजे स्वामी विवेकानन्द सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता इतिहास विभाग के आचार्य प्रो. स्वीन्द्र कुमार थे। उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों, गुणवत्ता सुधार, नई शिक्षा नीति और समाज में शिक्षा की भूमिका पर सरल और स्पष्ट शब्दों में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन है।कार्यक्रम की अध्यक्षता सुदिव्य कुमार,मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग,ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचारों और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा से ही सामाजिक बदलाव संभव है।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
    5
    *विनोबा भावे विश्वविद्यालय में ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन व्याख्यान’ का आयोजन*
हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शनिवार, 10 जनवरी 2026 को प्रथम दिशोम गुरु शिबू सोरेन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “शिक्षा के वर्तमान मुद्दे एवं परिप्रेक्ष्य” रखा गया था। यह व्याख्यान दोपहर 12 बजे स्वामी विवेकानन्द सभागार में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता इतिहास विभाग के आचार्य प्रो. स्वीन्द्र कुमार थे। उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों, गुणवत्ता सुधार, नई शिक्षा नीति और समाज में शिक्षा की भूमिका पर सरल और स्पष्ट शब्दों में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन है।कार्यक्रम की अध्यक्षता  सुदिव्य कुमार,मंत्री नगर विकास एवं  आवास विभाग एवं तकनीकी  शिक्षा विभाग,ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचारों और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा से ही सामाजिक बदलाव संभव है।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
    user_News nation
    News nation
    Journalist हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    11 hrs ago
  • Jharkhand me ashliltarokoabhiyan #jharkhandmeashliltarokoabhiyan
    1
    Jharkhand me ashliltarokoabhiyan #jharkhandmeashliltarokoabhiyan
    user_Md Javed Ansari
    Md Javed Ansari
    Farmer Barhi, Hazaribagh•
    5 hrs ago
  • Post by Mannufudy Shharma
    2
    Post by Mannufudy Shharma
    user_Mannufudy Shharma
    Mannufudy Shharma
    इटखोरी, चतरा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • कानपुर गैंग रै*प | 2 घंटे तक दरोगा की कार के अंदर लड़की चिल्लाती रही गिड़गिड़ाती रही, किसी ने नहीं सुना चीखे ||
    1
    कानपुर गैंग रै*प | 2 घंटे तक दरोगा की कार के अंदर लड़की चिल्लाती रही गिड़गिड़ाती रही, किसी ने नहीं सुना चीखे  ||
    user_Janeman Kumar
    Janeman Kumar
    Content Creator (YouTuber) बरकठा, हजारीबाग, झारखंड•
    7 hrs ago
  • Post by Bobby Raj
    1
    Post by Bobby Raj
    user_Bobby Raj
    Bobby Raj
    इटखोरी, चतरा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • ठंड बनी मौत की वजह: बंद कमरे में अंगीठी जलाने से चार की दम घुटने से मौत
    1
    ठंड बनी मौत की वजह: बंद कमरे में अंगीठी जलाने से चार की दम घुटने से मौत
    user_झारखण्ड न्यूज हजारीबाग खबर वही जो दिखाएं सच्चाई
    झारखण्ड न्यूज हजारीबाग खबर वही जो दिखाएं सच्चाई
    Hazaribag, Hazaribagh•
    4 hrs ago
  • नमस्कार, मैं हूं रिपोर्टर इम्तियाज फोनवेल। आप देख रहे हैं। आज की सच्ची खबर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गर्भवती महिलाओं को की गई जांच। बिहार नवादा जिले के हिस्सा प्रखंड के क्षेत्र के मंझवे के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक माह की भांति 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को विस्तृत प्रसव पूर्व जांच के साथ आवश्यक चिकित्सीय उपचार दवाइयां एवं परामर्श प्रदान किया गया। डॉक्टर अबू सहमा के नेतृत्व में कार्यक्रम के दौरान कुल 48 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। दो अबू सहमा ने कहा कि किसी तरह की तकलीफ बीमारी होने पर स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत संपर्क करें । जांच के क्रम में एएनएम द्वारा पेट की जांच वजन रक्तचाप हीमोग्लोबिन हाइट, हेपेटाइटिस एचआईवी डायबिटीज सहित आवश्यक जांच की गई। इस दरमियान डॉक्टरों ने महिलाओं को आवश्यक दवा और परामर्श दिया गया। इस मौके पर कंपाउंडर एएनएम आशा और सभी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे
    1
    नमस्कार, मैं हूं रिपोर्टर इम्तियाज फोनवेल। आप देख रहे हैं। आज की सच्ची खबर।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में गर्भवती महिलाओं को की गई जांच। 
बिहार नवादा जिले के हिस्सा प्रखंड के क्षेत्र के मंझवे के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक माह की भांति 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को विस्तृत प्रसव पूर्व जांच के साथ आवश्यक चिकित्सीय उपचार दवाइयां एवं परामर्श प्रदान किया गया। डॉक्टर अबू सहमा के नेतृत्व में कार्यक्रम के दौरान कुल 48 गर्भवती महिलाओं  की जांच की गई। दो अबू सहमा ने कहा कि किसी तरह की तकलीफ बीमारी होने पर स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत संपर्क करें । जांच के क्रम में एएनएम द्वारा पेट की जांच वजन रक्तचाप हीमोग्लोबिन हाइट, हेपेटाइटिस एचआईवी डायबिटीज  सहित आवश्यक जांच की गई। इस दरमियान डॉक्टरों ने महिलाओं को आवश्यक दवा और परामर्श दिया गया। इस मौके पर कंपाउंडर एएनएम आशा और सभी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता Jharkhand•
    7 hrs ago
  • तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसने कई पतियों के लिए नई सोच की शुरुआत की है। कोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी नौकरीपेशा है और घरेलू काम नहीं करती, तो इसे वैवाहिक क्रूरता नहीं माना जा सकता। इस फैसले में पति के आरोप को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि खाना न बनाना और सास-ससुर के घरेलू कामों में मदद न करना दांपत्य जीवन की सामान्य परेशानियां हैं, न कि क्रूरता। कोर्ट ने यह भी कहा कि आज के सामाजिक संदर्भ में कामकाजी महिलाओं से यह उम्मीद करना कि वे ऑफिस, किचन और ससुराल—तीनों को पूरी तरह से संभालें, अब नहीं हो सकता।
    1
    तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसने कई पतियों के लिए नई सोच की शुरुआत की है। कोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी नौकरीपेशा है और घरेलू काम नहीं करती, तो इसे वैवाहिक क्रूरता नहीं माना जा सकता। इस फैसले में पति के आरोप को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि खाना न बनाना और सास-ससुर के घरेलू कामों में मदद न करना दांपत्य जीवन की सामान्य परेशानियां हैं, न कि क्रूरता। कोर्ट ने यह भी कहा कि आज के सामाजिक संदर्भ में कामकाजी महिलाओं से यह उम्मीद करना कि वे ऑफिस, किचन और ससुराल—तीनों को पूरी तरह से संभालें, अब नहीं हो सकता।
    user_Rajesh soni
    Rajesh soni
    Jharkhand•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.