कोटा में आगामी गणेश महोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ ने टीलेश्वर चौराहा स्थित पार्क के पास 'इको फ्रेंडली श्री गणपति सृजनशाला' का शुभारंभ किया है। इस पहल के मुख्य संरक्षक डॉ. एमएल अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि वे पीओपी और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी व प्राकृतिक रंगों से तैयार गणपति प्रतिमाओं का उपयोग करें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर बंगाल के कारीगरों को सम्मानित किया गया और इसके साथ ही प्रतिमा निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इसके अतिरिक्त, महासंघ ने आगामी 15 जुलाई को तिरुपति बालाजी धाम में 'इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब' की स्थापना की घोषणा भी की है। इस आयोजन में 7 फीट ऊंची 'संत स्वरूपा चंदन गणेश' प्रतिमा की स्थापना की जाएगी, जिसमें भजन संध्या और महाआरती का कार्यक्रम भी शामिल होगा।
कोटा में आगामी गणेश महोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ ने टीलेश्वर चौराहा स्थित पार्क के पास 'इको फ्रेंडली श्री गणपति सृजनशाला' का शुभारंभ किया है। इस पहल के मुख्य संरक्षक डॉ. एमएल अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि वे पीओपी और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी व प्राकृतिक रंगों से तैयार गणपति प्रतिमाओं का उपयोग करें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर बंगाल के कारीगरों को सम्मानित किया गया और इसके साथ ही प्रतिमा निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इसके अतिरिक्त, महासंघ ने आगामी 15 जुलाई को तिरुपति बालाजी धाम में 'इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब' की स्थापना की घोषणा भी की है। इस आयोजन में 7 फीट ऊंची 'संत स्वरूपा चंदन गणेश' प्रतिमा की स्थापना की जाएगी, जिसमें भजन संध्या और महाआरती का कार्यक्रम भी शामिल होगा।
- इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में आई भारी बाढ़ के बीच एक अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ एक हाथी ने तेज बहाव में फंसे एक बाघ की जान बचाई। बताया गया है कि बाढ़ के पानी में बहाव इतना तेज था कि बाघ उसमें बुरी तरह फंस गया था, लेकिन इसी दौरान हाथी ने आगे बढ़कर उसकी मदद की और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में सहायता की। वन्यजीवों के बीच सहयोग और संवेदनशील व्यवहार को दर्शाने वाली इस घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस असाधारण वाकये की चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है।1
- कोटा के जेके लोन अस्पताल में कार्यरत उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों को मई, जून और जुलाई महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है। इसको लेकर कर्मचारियों ने अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर तत्काल बकाया भुगतान की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर उनका लंबित वेतन नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों के अनुसार, वे लंबे समय से 'स्विफ्ट सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड' के माध्यम से जेके लोन अस्पताल परिसर में उच्च कुशल नर्सिंग कर्मी के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। मई माह में 'टकस्नक प्राइवेट लिमिटेड' के नए टेंडर आने के बाद पुरानी फर्म का अनुबंध समाप्त हो गया, जिसके बाद से ही उनका वेतन भुगतान रुक गया है। कर्मचारियों ने कई बार अस्पताल प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया। ठेकेदार ने हाजिरी की पुष्टि मांगी थी, जिसे नर्सिंग अधीक्षक द्वारा पूरा भी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद वेतन का भुगतान नहीं हुआ। अपने पत्र में, कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि अधीक्षक को बार-बार सूचना देने के बावजूद, ठेकेदार फर्म या संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन पर न तो कोई दंड लगाया गया और न ही कोई जुर्माना ठोका गया। उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों ने मांग की है कि उनका बकाया वेतन नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए पांच दिनों के अंदर जारी किया जाए, अन्यथा वे अपने घोषित उग्र आंदोलन को अंजाम देंगे। इस मामले पर अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन अगर इसमें और देरी हुई, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।2
- कोटा में गुरुवार, 9 जुलाई को जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण सेवा शिविर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए पोर्टल पर अद्यतन और शुद्ध डेटा अपलोड करें। समीक्षा में राजस्व, ग्राम विकास, पंचायती राज, राजीविका, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, सार्वजनिक निर्माण और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की गतिविधियों का विस्तार से आकलन किया गया। जिला कलक्टर ने विशेष रूप से ई-धरती पोर्टल पर नामांतरण, सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी, आपसी सहमति से विभाजन, राजस्व अभिलेखों और खातों के शुद्धिकरण, जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण पत्रों के प्रकरणों की प्रगति जांची। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक एवं राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन, रास्तों एवं सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन, गैर खातेदारी से खातेदारी प्रकरण तथा आबादी विस्तार एवं आरक्षण संबंधी प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लंबित स्वीकृतियों, किश्तों के वितरण और पात्र परिवारों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए, और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के स्वीकृत कार्यों की नियमित निगरानी कर उन्हें समय पर पूरा करने को कहा गया। राजीविका की समीक्षा करते हुए, कलक्टर ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में नए स्वयं सहायता समूहों का गठन अभियान मोड पर करने, गठित समूहों के बैंक खाते शीघ्र खुलवाने और संबंधित जानकारी समय पर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने समूहों को बैंक ऋण, आरएफ-सीआईएफ एवं अन्य वित्तीय सहायता योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ने पर जोर दिया। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, सोख्ता गड्ढे, मैजिक पिट निर्माण, आरआरसी केंद्रों की स्थापना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। पट्टा वितरण, विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू परिवारों को पट्टे जारी करने तथा पंचायत राज नियमों के तहत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा परामर्श एवं औषधि वितरण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनजागरूकता, शिकायत निस्तारण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा बच्चों के पंजीकरण, सहकारिता विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं फसली ऋण संबंधी गतिविधियों तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा भवन एवं सड़क मरम्मत सहित अन्य प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। जिला कलक्टर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण सेवा शिविरों का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मजहर इमाम, राजीविका की जिला प्रबंधक नेहा चतुर्वेदी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।1
- कोटा सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र में भविष्य के विकास की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से सड़कों का एक व्यापक जाल बिछाया जाएगा। यह महत्वपूर्ण घोषणा राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री भजनलाल और स्पीकर ओम बिरला के बीच हाल ही में हुई एक बैठक के बाद सामने आई है। इस पहल से हाड़ौती क्षेत्र के विकास की दिशा तय होगी। इस "डबल इंजन सरकार" का लक्ष्य है कि वह हाड़ौती में सड़कों का जाल बिछाकर और कोटा को एक्सप्रेस-वे से जोड़कर क्षेत्र को विकास के पथ पर आगे बढ़ाएगी।1
- Post by Ramesh Gandi1
- कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 30.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए पीजी हॉस्टल्स का लोकार्पण किया। इसके साथ ही, उन्होंने 31.70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक कॉटेज वार्ड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हो रहे आधारभूत ढांचे के विकास से मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों को आधुनिक एवं सुविधायुक्त आवासीय व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से, 31.70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला कॉटेज वार्ड मरीजों को अधिक आरामदायक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा, जबकि 30.61 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पीजी हॉस्टल्स से मेडिकल शिक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा तथा विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध होगा। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों, मेडिकल कॉलेज प्रशासन, चिकित्सकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। उपस्थित अतिथियों ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार अधोसंरचना का विस्तार कर रही है। इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने से कोटा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ क्षेत्र के मरीजों और विद्यार्थियों को मिलेगा।1
- आगामी गणेश महोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कोटा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ ने टीलेश्वर चौराहा स्थित पार्क के पास 'इको फ्रेंडली श्री गणपति सृजनशाला' का शुभारंभ किया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। मुख्य संरक्षक डॉ. एमएल अग्रवाल ने इस अवसर पर लोगों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए पीओपी और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी व प्राकृतिक रंगों से तैयार गणपति प्रतिमाओं का उपयोग किया जाना चाहिए। सृजनशाला के शुभारंभ के दौरान बंगाल के कारीगरों का सम्मान किया गया और प्रतिमा निर्माण कार्य की शुरुआत भी की गई। महासंघ ने भविष्य के आयोजनों की भी घोषणा की है। 15 जुलाई को तिरुपति बालाजी धाम में 'इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब' की स्थापना की जाएगी। साथ ही, 7 फीट ऊंची 'संत स्वरूपा चंदन गणेश' प्रतिमा की स्थापना के साथ भजन संध्या और महाआरती का भी आयोजन किया जाएगा।1
- बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र में गुडला टोल नाके के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड शिक्षक केदार लाल शर्मा और उनकी पत्नी गीता शर्मा की मौत हो गई। यह दंपति अपने बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा आ रहा था, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण दोनों सड़क पर गिर पड़े और ट्रक उन्हें कुचलते हुए मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दोनों शवों को कापरेन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और गुडला टोल तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।1