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बैरियर पेट्रोल पंप के समीप बस के ऊपर गिरा पेड़, यात्रियों को हुई परेशानी बैरियर पेट्रोल पंप के समीप बस के ऊपर गिरा पेड़, यात्रियों को हुई परेशानी
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बैरियर पेट्रोल पंप के समीप बस के ऊपर गिरा पेड़, यात्रियों को हुई परेशानी बैरियर पेट्रोल पंप के समीप बस के ऊपर गिरा पेड़, यात्रियों को हुई परेशानी
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- भाजपा ने विधायकों के फोन टैपिंग और पुलिस ड्यूटी की टाइमिंग पर उठाए सवाल1
- देवभूमि के सुरीले साधक: धर्मेंद्र शर्मा लाहौल-स्पीति की बर्फ़ीली और दुर्गम जिंगजिंगबार धार की ऊंचाइयों पर बैठकर जब देवभूमि कुल्लू के प्राचीन सांस्कृतिक गीत गूंजते हैं, तो ऐसा लगता है मानों पहाड़ और नदियां भी थमकर उस सुरम्य संगीत को सुनने लगे हों। हिमाचल प्रदेश की आन, बान और शान लोकगायक धर्मेंद्र शर्मा जी का नाम इन्हीं अनमोल लोकधुनों और पहाड़ी संस्कृति के पर्याय के रूप में जाना जाता है। 🌟 संस्कृति के संवाहक: 40-45 वर्षों की अविरल साधना धर्मेंद्र शर्मा जी ने पिछले 40 से 45 वर्षों की अपनी लंबी और निष्ठावान संगीत यात्रा में देवभूमि कुल्लू और हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य किया है: प्राचीन संस्कृति का संरक्षण: इन्होंने कुल्लू के पारंपरिक, पौराणिक और प्राचीन नाटी गीतों को न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें आधुनिक दौर में भी प्रासंगिक बनाया। देश-विदेश में पहचान: अपने लिखे और गाए पहाड़ी गीतों के माध्यम से उन्होंने हिमाचल की संस्कृति की महक को प्रदेश की सीमाओं से बाहर पूरे देश और विदेशों तक पहुँचाया। रचनाकार और गायक: वे केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन गीतकार (लेखक) भी हैं। कुल्लू की परंपराओं, देव-संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित उनके लिखे गीत आज भी हर हिमाचली के दिल के करीब हैं। 🏔️ जिंगजिंगबार धार से गूंजती देवभूमि की आत्मा हिमाचल की कठिन और दुर्गम से दुर्गम वादियों—जैसे जिंगजिंगबार—में भी जब वे अपनी लोकधुनों को गुनगुनाते हैं, तो वह इस बात का प्रमाण है कि संगीत और अपनी मिट्टी के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा है। धर्मेंद्र शर्मा जी जैसे महान कलाकारों की वजह से ही हमारी प्राचीन हिमाचली नाटी, लोकगीत और देव-संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में सुरक्षित हैं। ऐसे महान साधक को देवभूमि का कोटि-कोटि नमन! देवभूमि के सुरीले साधक: धर्मेंद्र शर्मा लाहौल-स्पीति की बर्फ़ीली और दुर्गम जिंगजिंगबार धार की ऊंचाइयों पर बैठकर जब देवभूमि कुल्लू के प्राचीन सांस्कृतिक गीत गूंजते हैं, तो ऐसा लगता है मानों पहाड़ और नदियां भी थमकर उस सुरम्य संगीत को सुनने लगे हों। हिमाचल प्रदेश की आन, बान और शान लोकगायक धर्मेंद्र शर्मा जी का नाम इन्हीं अनमोल लोकधुनों और पहाड़ी संस्कृति के पर्याय के रूप में जाना जाता है। 🌟 संस्कृति के संवाहक: 40-45 वर्षों की अविरल साधना धर्मेंद्र शर्मा जी ने पिछले 40 से 45 वर्षों की अपनी लंबी और निष्ठावान संगीत यात्रा में देवभूमि कुल्लू और हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य किया है: प्राचीन संस्कृति का संरक्षण: इन्होंने कुल्लू के पारंपरिक, पौराणिक और प्राचीन नाटी गीतों को न केवल जीवित रखा, बल्कि उन्हें आधुनिक दौर में भी प्रासंगिक बनाया। देश-विदेश में पहचान: अपने लिखे और गाए पहाड़ी गीतों के माध्यम से उन्होंने हिमाचल की संस्कृति की महक को प्रदेश की सीमाओं से बाहर पूरे देश और विदेशों तक पहुँचाया। रचनाकार और गायक: वे केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन गीतकार (लेखक) भी हैं। कुल्लू की परंपराओं, देव-संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित उनके लिखे गीत आज भी हर हिमाचली के दिल के करीब हैं। 🏔️ जिंगजिंगबार धार से गूंजती देवभूमि की आत्मा हिमाचल की कठिन और दुर्गम से दुर्गम वादियों—जैसे जिंगजिंगबार—में भी जब वे अपनी लोकधुनों को गुनगुनाते हैं, तो वह इस बात का प्रमाण है कि संगीत और अपनी मिट्टी के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा है। धर्मेंद्र शर्मा जी जैसे महान कलाकारों की वजह से ही हमारी प्राचीन हिमाचली नाटी, लोकगीत और देव-संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में सुरक्षित हैं। ऐसे महान साधक को देवभूमि का कोटि-कोटि नमन!1
- बंद बस रूट बहाल करने की मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री से मिले विधायक रणधीर शर्मा बिलासपुर। श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय, शिमला में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट कर विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़े विभिन्न एचआरटीसी बस रूटों को शीघ्र बहाल करने की मांग उठाई। विधायक रणधीर शर्मा ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि बस रूट बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा कर्मचारियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जनहित को देखते हुए बंद पड़े सभी महत्वपूर्ण बस रूटों को जल्द से जल्द दोबारा संचालित किया जाए। उपमुख्यमंत्री ने विधायक की मांग को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंद बस रूटों के पुनः शुरू होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी और विद्यार्थियों सहित आम जनता की दैनिक आवाजाही पहले की तरह सुचारु हो सकेगी।1
- *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं जिला प्रशासन की सतत निगरानी में प्रभावित परिवारों को मिला व्यापक राहत एवं पुनर्वास का संबल*एक वर्ष बाद धराली : सरकार के समन्वित प्रयासों से लौटे विश्वास और विकास*1
- कण्डाघाट के लोगों का हाल चाल भी चलते - चलते जान गए CM,,,, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह शिमला जाते समय कुछ समय के लिए कण्डाघाट बाजार में रुके, देखिए,, कण्डाघाट के लोगों का हाल चाल भी चलते - चलते जान गए CM,,,, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह शिमला जाते समय कुछ समय के लिए कण्डाघाट बाजार में रुके, देखिए,,1
- एक अच्छे पंचायत प्रधान होने के गुण ;- जगातखाना पंचायत के प्रधान मोतीराम कश्यप जमीनी स्तर पर अपनी पंचायत में कार्य करते हुए #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #RampurhatMunicipality1