जनपद को 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का मिला लक्ष्य...! नदियों में मूर्ति विसर्जन से जलीय जीवन होता है प्रभावित...! जनपद को 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का मिला लक्ष्य...! नदियों में मूर्ति विसर्जन से जलीय जीवन होता है प्रभावित...! नदियों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु अभी से करें प्रयास - जिलाधिकारी जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण समिति आर्द्र भूमि समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान वन अधिकारी पीके पांडे ने बताया कि जनपद को वर्ष 2026-27 के लिए शासन स्तर से 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का लक्ष्य मिला है। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर वन विभाग को 15 लाख, कृषि विभाग को 181000, उद्यान विभाग को 113000, ग्राम्य विकास विभाग को 808821, पंचायती राज विभाग 93000 एवं राजस्व विभाग को 76000 सहित अन्य विभागों को भी लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए भूमि का चिन्हीकरण एवं गड्ढों की खुदाई का कार्य संबंधित विभाग के अधिकारी सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी भूमि का चिन्हीकरण कर रिपोर्ट उपलब्ध करा दें, जिसको विभागीय पोर्टल पर फीड किया जा सके। वन अधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में वर्ष 2020 से वर्ष 2023 तक किए गए पौधरोपण का सत्यापन शासन स्तर से गठित टीम द्वारा किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्ष 2024-25 में लगाए गए पौधों का सत्यापन रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध करा दें। जिलाधिकारी ने जिला गंगा समिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद में विभिन्न धार्मिक अवसरों पर नदियों में मूर्तियों के विसर्जन के कारण जल गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव देखा जा रहा है। मूर्तियों के निर्माण में प्रयुक्त प्लास्टर ऑफ पेरिस, रासायनिक रंग, वार्निश एवं अन्य अविघटनीय पदार्थ नदी के जल में घुलकर प्रदूषण बढ़ाते हैं, जिससे बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) तथा केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD) के स्तर में वृद्धि दर्ज की जाती है। बीओडी और सीओडी का बढ़ना जल में घुलित ऑक्सीजन की कमी को दर्शाता है, जो जलीय जीव-जंतुओं, मछलियों तथा समग्र नदी पारिस्थितिकी के लिए हानिकारक है। इसके अतिरिक्त, भारी धातुओं एवं रासायनिक अवशेषों के कारण जल मानव उपयोग के लिए भी असुरक्षित हो सकता है। नदियों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु जिलाधिकारी द्वारा अभी से आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए, ताकि लोग अपने त्योहारों के उपरांत मूर्तियों को तमसा, घाघरा अथवा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में विसर्जित करने के बजाय निर्धारित स्थलों/कृत्रिम कुंडों में ही विसर्जन करें, जिससे जल प्रदूषण को रोका जा सके। नदियों में मूर्ति विसर्जन से जलीय जीवन प्रभावित होता है। इसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाकर हम सभी अपनी नदियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रख सकते हैं। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता, डीसी मनरेगा राजीव कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद को 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का मिला लक्ष्य...! नदियों में मूर्ति विसर्जन से जलीय जीवन होता है प्रभावित...! जनपद को 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का मिला लक्ष्य...! नदियों में मूर्ति विसर्जन से जलीय जीवन होता है प्रभावित...! नदियों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु अभी से करें प्रयास - जिलाधिकारी जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण समिति आर्द्र भूमि समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न
हुई। बैठक के दौरान वन अधिकारी पीके पांडे ने बताया कि जनपद को वर्ष 2026-27 के लिए शासन स्तर से 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का लक्ष्य मिला है। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर वन विभाग को 15 लाख, कृषि विभाग को 181000, उद्यान विभाग को 113000, ग्राम्य विकास विभाग को 808821, पंचायती राज विभाग 93000 एवं राजस्व विभाग को 76000 सहित अन्य विभागों को भी लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के
लिए भूमि का चिन्हीकरण एवं गड्ढों की खुदाई का कार्य संबंधित विभाग के अधिकारी सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी भूमि का चिन्हीकरण कर रिपोर्ट उपलब्ध करा दें, जिसको विभागीय पोर्टल पर फीड किया जा सके। वन अधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में वर्ष 2020 से वर्ष 2023 तक किए गए पौधरोपण का सत्यापन शासन स्तर से गठित टीम द्वारा किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्ष 2024-25 में लगाए गए
पौधों का सत्यापन रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध करा दें। जिलाधिकारी ने जिला गंगा समिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद में विभिन्न धार्मिक अवसरों पर नदियों में मूर्तियों के विसर्जन के कारण जल गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव देखा जा रहा है। मूर्तियों के निर्माण में प्रयुक्त प्लास्टर ऑफ पेरिस, रासायनिक रंग, वार्निश एवं अन्य अविघटनीय पदार्थ नदी के जल में घुलकर प्रदूषण बढ़ाते हैं, जिससे बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) तथा केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD) के स्तर में वृद्धि दर्ज
की जाती है। बीओडी और सीओडी का बढ़ना जल में घुलित ऑक्सीजन की कमी को दर्शाता है, जो जलीय जीव-जंतुओं, मछलियों तथा समग्र नदी पारिस्थितिकी के लिए हानिकारक है। इसके अतिरिक्त, भारी धातुओं एवं रासायनिक अवशेषों के कारण जल मानव उपयोग के लिए भी असुरक्षित हो सकता है। नदियों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु जिलाधिकारी द्वारा अभी से आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए, ताकि लोग अपने त्योहारों के उपरांत मूर्तियों को तमसा, घाघरा अथवा
अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों में विसर्जित करने के बजाय निर्धारित स्थलों/कृत्रिम कुंडों में ही विसर्जन करें, जिससे जल प्रदूषण को रोका जा सके। नदियों में मूर्ति विसर्जन से जलीय जीवन प्रभावित होता है। इसके प्रति जन-जागरूकता बढ़ाकर हम सभी अपनी नदियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रख सकते हैं। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता, डीसी मनरेगा राजीव कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- *मऊ में भीषण सड़क हादसा: कोयला लदे ट्रेलर में आग, चालक जिंदा जला* जनादेश टुडे घोसी, मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर पीछे से टक्कर को हादसे का कारण माना जा रहा है हालांकि वास्तविक वजहों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।3
- Sachin Pali gaon sign bhupat mein Bhagwan ka Pran pratishtha sthapna hua dinank 18 2026 Rath hatyara1
- Post by Dawan विजय टाइम्स पेपर न्यूज1
- Post by Bala Ji1
- भूमि विवाद की जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार पर पक्षपात और दुर्व्यवहार का आरोप पीड़ित ने लगाये एकपक्षीय कार्रवाई करने व धमकी देने सहित गंभीर आरोप बिल्थरारोड ।तहसील क्षेत्र के अतरौल चक मिलकान गांव मे चल रहे भूमि विवाद का मामला उस वक्त गहरा गया जब एक पक्ष ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरारोड रोशन सिंह पर पक्षपात पुर्ण कार्रवाई करने, दुर्व्यवहार व धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए न सिर्फ उच्चाधिकारियों तक इसकी शिकायत कर दी बल्कि मीडिया को भी इस संदर्भ मे बयान दे डाला जिसके बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। अतरौल चक मिलकान गांव निवासी रामनयन यादव का कहना है कि 8 माह पूर्व अपने घर से कुछ ही दूरी पर एक जमीन खरीदी थी जिसका उन्होंने अपनी तसल्ली के लिए रजिस्ट्री कराने से पहले कब्जा भी कर लिया था जिसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपन्न हुई इसके दस्तावेज की उनके पास मौजूद हैं विगत दो माह से रामनयन उक्त भूमि पर मेड़बंदी कर कर कराकर स्थाई पिलर लगाने के बाद टिन शेड लगाकर गौशाला का निर्माण कर रहे थे वहीं उक्त भूमि के आसपास स्थित भूस्वामियों का किसी तरह का बंटवारे का विवाद भूमि पर चल रहा था इसको लेकर पूर्व में भी दूसरे पक्ष ने डायल 112 बुलाकर तहरीर दर्ज कराई थी जिस मे पीड़ित के अनुसार पुलिस ने सारे पेपर सही होने पर क्लीन चिट दे दी थी ।लेकिन यह मामला बुधवार की दोपहर उस वक्त गर्मा गया जब मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरा रोड रोशन सिंह ने जांच करने के दौरान एक पक्ष की पर ना सिर्फ नाराजगी दिखाई बल्कि इस दौरान कई बार अपशब्दों का प्रयोग भी किया और साथ ही पीड़ित को गुंडा इत्यादि शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी गुंडई सही कर देंगे । मामले को बढ़ता देख नायब तहसीलदार ने थानाध्यक्ष उभांव को फोन करने के दौरान कहा कि कुछ समाजवादी पार्टी के लोग हैं जो गुंडई कर रहे हैं । इस दौरान पीड़ित पक्ष द्वारा बनाया जा रहा था जिस पर तहसीलदार के साथ मौजूद गार्ड ने वीडियो बनाने वाले का मोबाइल छीनने और लाठी चलाने की भी कोशिश की पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- गाज़ीपुर: पैरामेडिकल कॉलेज के बी-फार्मा छात्र विपुल यादव की संदिग्ध हालात में मौत मां सरस्वती पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र विपुल यादव की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु महेंगवा मरदह स्थित नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र की अचानक मौत से हड़कंप बी-फार्मा छात्र विपुल यादव की संदिग्ध मौत, परिवार और साथियों में शोक कॉलेज परिसर में छात्र की मौत, कारणों की जांच में जुटी पुलिस1
- मऊ । जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने पिछले माह किसान दिवस में किसानों द्वारा की गई शिकायतों के निस्तारण के संबंध में उपस्थित किसानों की समक्ष बताया गया। बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक जिलाधिकारी द्वारा सुना गया और कृषि विभाग के अधिकारियों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु कड़े निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तकनीक और सरकारी अनुदान का सही समन्वय आवश्यक है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि से संबंधित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की और किसानों को लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिन किसानों की ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें कृषि विभाग शिविर लगाकर पूर्ण कराए ताकि किसी भी पात्र किसान की किस्त न रुके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रतिकूल मौसम या प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अधिक से अधिक किसानों को बीमा कवर से जोड़ने पर बल दिया गया। कुसुम योजना सिंचाई लागत कम करने के लिए सोलर पंप पर मिलने वाले 60% से 90% तक के अनुदान के बारे में बताया गया। आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव हेतु ड्रोन तकनीक के उपयोग की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील स्तर पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 7 कार्य दिवसों के भीतर सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने जनपद के प्रगतिशील किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र से संबंधित बैंकों के माध्यम से मिलने वाले ऋण में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी इसके साथ जिलाधिकारी ने किसानों को सोलर पैनल लगवाने को कहा जिससे किसानों पर विद्युत से आने वाले बिल से राहत मिलेगी और किसानों को मुनाफा भी हर माह मिलेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े किसान तक बिना किसी बाधा के पहुँचे। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने जनपद के सभी किसानों से अपील किया कि फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से करा लें जिससे कृषि से संबंधित मिलने वाले सभी प्रकार के लाभों से लाभान्वित किया जा सके। किसान दिवस के दौरान जनपद के प्रगतिशील किसान एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। 2