(द्वितीय प्रसारण/१५९६) ********************************** 🙏 *श्रीराम–जय राम–जय जय राम*🙏 ********************************** 🌞 *श्रीरामचरितमानस* 🌞 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 *तृतीय सोपान* *अरण्यकाण्ड* *दोहा संख्या १८* *(छन्द एवं दोहा)* ।। छन्द ।। *कोदंड कठिन चढ़ाइ सिर जट,* *जूट बाँधत सोह क्यों ।* *मरकत सयल पर लरत दामिनि,* *कोटि सों जुग भुजग ज्यों ॥* *कटि कसि निषंग बिसाल भुज गहि,* *चाप बिसिख सुधारि कै ।* *चितवत मनहुँ मृगराज प्रभु गज-* *राज घटा निहारि कै ॥* अर्थ– कठिन धनुष चढ़ाकर सिर पर जटा का जू़ड़ा बाँधते हुए प्रभु कैसे शोभित हो रहे हैं, जैसे मरकतमणि (पन्ने) के पर्वत पर करोड़ों बिजलियों से दो साँप लड़ रहे हों। कमर में तरकस कसकर, विशाल भुजाओं में धनुष लेकर और बाण सुधारकर प्रभु श्रीरामचन्द्रजी राक्षसों की ओर देख रहे हैं। मानों मतवाले हाथियों के समूह को (आता) देखकर सिंह (उनकी ओर) ताक रहा हो। ।। सोरठा ।। *आइ गए बगमेल, धरहु धरहु धावत सुभट ।* *जथा बिलोकि अकेल, बाल रबिहि घेरत दनुज ॥१८॥* अर्थ– 'पकड़ो-पकड़ो' पुकारते हुए राक्षस योद्धा बाग छोड़कर (बड़ी तेजी से) दौड़े हुए आये (और उन्होंने श्रीरामजी को चारों ओर से घेर लिया), जैसे बालसूर्य (उदयकालीन सूर्य) को अकेला देखकर मंदेह नामक दैत्य घेर लेते हैं। 🌺🌺 *व्याख्या*🌺🌺 *मंदेह दैत्य* *********** हेमाद्रि आदि ग्रंथों में उल्लेख है की मंदेह नामक दैत्य प्रातः काल सूर्य को अस्त्र-शस्त्र लिये घेर लेते हैं। प्रातः-संध्या करते समय जो अर्ध्य दिया जाता है अर्थात गायत्री आदि मंत्रों से अभिमन्त्रित जल जो पूर्व दिशा की ओर फेंका जाता है, उसका प्रत्येक बूँद वाणरूप होकर उन दानवों को मारता है। ये दैत्य २०,००० कहे जाते हैं। विष्णु पुराण में इनके बारे में लिखा है कि परम भयंकर संध्याकाल प्राप्त होने पर प्रतिदिन मंदेह नामक राक्षस सूर्य को खाने की इच्छा करते हैं। ब्रह्माजी का उनको शाप है कि वे प्रतिदिन मरें पर उनका शरीर अक्षय रहे (अर्थात वे फिर दूसरी प्रातः-संध्या के पूर्व ही उसी शरीर में जीवित हो जाया करेंगे)। सूर्योदय के समय नित्यप्रति उनका सूर्य से घोर युद्ध होता है। उस समय श्रेष्ठ ब्राह्मण लोग ओउमकार ब्रह्मसंयुक्त गायत्री मंत्र से अभिमंत्रित जल फेंकते हैं जो उन राक्षसों को वज्र-समान लगता है। उस जल (अर्ध्य) से वे सब राक्षक जल जाते हैं। इसलिए संध्या उपासना का उल्लंघन नहीं करना चाहिये। 🪷🪷 *सारांश* 🪷🪷 छन्द में श्रीरामजी के वीर और दिव्य स्वरूप का वर्णन है— वे कठोर धनुष चढ़ाए, जटाजूट बाँधे, कमर में तरकस कसकर, बाण सज्जित किये राक्षसों की ओर ऐसे देख रहे हैं जैसे सिंह हाथियों के समूह को निहारता हो। उनकी शोभा पन्ने के पर्वत पर बिजली के समान प्रतीत होती है। सोरठा में वर्णन है कि राक्षस “पकड़ो-पकड़ो” पुकारते हुए श्रीराम को चारों ओर से घेर लेते हैं, जैसे प्रातःकाल के अकेले सूर्य को मंदेह दैत्य घेर लेते हैं। संध्या-उपासना में गायत्री मंत्र से अभिमंत्रित जल (अर्घ्य) मंदेह नामक दैत्यों के लिए वज्र के समान होता है, जिससे वे नष्ट होते हैं। इससे संध्या-पूजा के महत्व का प्रतिपादन किया गया है। 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏 *श्रीराम–जय राम–जय जय राम*🙏 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
(द्वितीय प्रसारण/१५९६) ********************************** 🙏 *श्रीराम–जय राम–जय जय राम*🙏 ********************************** 🌞 *श्रीरामचरितमानस* 🌞 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 *तृतीय सोपान* *अरण्यकाण्ड* *दोहा संख्या १८* *(छन्द एवं दोहा)* ।। छन्द ।। *कोदंड कठिन चढ़ाइ सिर जट,* *जूट बाँधत सोह क्यों ।* *मरकत सयल पर लरत दामिनि,* *कोटि सों जुग भुजग ज्यों ॥* *कटि कसि निषंग बिसाल भुज गहि,* *चाप बिसिख सुधारि कै ।* *चितवत मनहुँ मृगराज प्रभु गज-* *राज घटा निहारि कै ॥* अर्थ– कठिन धनुष चढ़ाकर सिर पर जटा का जू़ड़ा बाँधते हुए प्रभु कैसे शोभित हो रहे हैं, जैसे मरकतमणि (पन्ने) के पर्वत पर करोड़ों बिजलियों से दो साँप लड़ रहे हों। कमर में तरकस कसकर, विशाल भुजाओं में धनुष लेकर और बाण सुधारकर प्रभु श्रीरामचन्द्रजी राक्षसों की ओर देख रहे हैं। मानों मतवाले हाथियों के समूह को (आता) देखकर सिंह (उनकी ओर) ताक रहा हो। ।। सोरठा ।। *आइ गए बगमेल, धरहु धरहु धावत सुभट ।* *जथा बिलोकि अकेल, बाल रबिहि घेरत दनुज ॥१८॥* अर्थ– 'पकड़ो-पकड़ो' पुकारते हुए राक्षस योद्धा बाग छोड़कर (बड़ी तेजी से) दौड़े हुए आये (और उन्होंने श्रीरामजी को चारों ओर से घेर लिया), जैसे बालसूर्य (उदयकालीन सूर्य) को अकेला देखकर मंदेह नामक दैत्य घेर लेते हैं। 🌺🌺 *व्याख्या*🌺🌺 *मंदेह दैत्य* *********** हेमाद्रि आदि ग्रंथों में उल्लेख है की मंदेह नामक दैत्य प्रातः काल सूर्य को अस्त्र-शस्त्र लिये घेर लेते हैं। प्रातः-संध्या करते समय जो अर्ध्य दिया जाता है अर्थात गायत्री आदि मंत्रों से अभिमन्त्रित जल जो पूर्व दिशा की ओर फेंका जाता है, उसका प्रत्येक बूँद वाणरूप होकर उन दानवों को मारता है। ये दैत्य २०,००० कहे जाते हैं। विष्णु पुराण में इनके बारे में लिखा है कि परम भयंकर संध्याकाल प्राप्त होने पर प्रतिदिन मंदेह नामक राक्षस सूर्य को खाने की इच्छा करते हैं। ब्रह्माजी का उनको शाप है कि वे प्रतिदिन मरें पर उनका शरीर अक्षय रहे (अर्थात वे फिर दूसरी प्रातः-संध्या के पूर्व ही उसी शरीर में जीवित हो जाया करेंगे)। सूर्योदय के समय नित्यप्रति उनका सूर्य से घोर युद्ध होता है। उस समय श्रेष्ठ ब्राह्मण लोग ओउमकार ब्रह्मसंयुक्त गायत्री मंत्र से अभिमंत्रित जल फेंकते हैं जो उन राक्षसों को वज्र-समान लगता है। उस जल (अर्ध्य) से वे सब राक्षक जल जाते हैं। इसलिए संध्या उपासना का उल्लंघन नहीं करना चाहिये। 🪷🪷 *सारांश* 🪷🪷 छन्द में श्रीरामजी के वीर और दिव्य स्वरूप का वर्णन है— वे कठोर धनुष चढ़ाए, जटाजूट बाँधे, कमर में तरकस कसकर, बाण सज्जित किये राक्षसों की ओर ऐसे देख रहे हैं जैसे सिंह हाथियों के समूह को निहारता हो। उनकी शोभा पन्ने के पर्वत पर बिजली के समान प्रतीत होती है। सोरठा में वर्णन है कि राक्षस “पकड़ो-पकड़ो” पुकारते हुए श्रीराम को चारों ओर से घेर लेते हैं, जैसे प्रातःकाल के अकेले सूर्य को मंदेह दैत्य घेर लेते हैं। संध्या-उपासना में गायत्री मंत्र से अभिमंत्रित जल (अर्घ्य) मंदेह नामक दैत्यों के लिए वज्र के समान होता है, जिससे वे नष्ट होते हैं। इससे संध्या-पूजा के महत्व का प्रतिपादन किया गया है। 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏 *श्रीराम–जय राम–जय जय राम*🙏 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
- दिनदहाड़े अपहरण कांड का खुलासा | NH-30 बेला बाइपास से दो लोगों का अपहरण | 07 आरोपी गिरफ्तार1
- क्रिकेट टूर्नामेंट फाइनल महा मुकाबला में ककरहटी टीम रही बिजेता मुख्य अतिथि रहे गुनौर विधानसभा विधायक डॉ राजेश वर्मा ककरहटी टीम ने किया शानदार प्रदर्शन ककरहटी प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट में 16 टीमों ने लिया था भाग इसी महा मुकाबला के संबंध में ककरहटी टीम के कप्तान विनय पांडे ने दी जानकारी1
- मझगवा कटनी में ट्रकों का जमावड़ा। कभी भी हो सकती है दुघर्टना। जिम्मेदार बेखबर। सड़क के दोनों तरफ ट्रक ही ट्रक। कई बार वहां पर दुर्घटनाए घट चुकी है।1
- *💥आज हमारे Gm सर एक बूढ़ी गरीब महिला को कम कपड़े में जीवन यापन करते देख ठंड से बचने के लिए जैकेट भेट किये तथा खाने के लिए खाना भी दिया💥*1
- बिलहरी पुलिस द्वारा अत्यधिक मात्रा में हाथ भट्टी कच्ची महुआ शराब लिए आरोपी को किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक श्री मान अभिनव विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया,नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चिसीया थाना प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पांडे नेतृत्व में बिलहरी पुलिस द्वारा विश्वसनीय सूचना प्राप्त होने पर करहिया कला से कैमोरी रोड तालाब के पास महुआ पेड़ के पास एक व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में हाथ भट्टी कच्ची में महुआ शराब अपने कब्जे में रखें बेचने की नीयत से खड़ा था आरोपी को बिलहरी पुलिस द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा आरोपी से नाम पता पूछने पर अपना नाम अनिकेत लुनिया पिता बलदेव लुनिया उम्र 27 साल निवासी ग्राम भिटोनी थाना माधव नगर का बताया जिसके पास से चार गुम्मे मिले प्रत्येक गुम्मो में 15 15 लीटर कच्ची शराब कुल 60 लीटर कच्ची शराब कीमती₹24000 जप्त कर कब्जा पुलिस लिया सराहनीय भूमिका थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पांडे , प्रधान आरक्षक 33 धर्मेंद्र यादव ,प्रधान आरक्षक 654 भरत विश्वकर्मा आरक्षक 568 लव उपाध्याय, सैनिक 106 धनेंद्र त्रिपाठी डीबी भारती समाचार रिपोर्टर-लवलेश बर्मन कटनी1
- ठगी से बचाव को लेकर ढीमरखेड़ा पुलिस का ग्राम चौपाल अभियान संवाददाता बालकिशन नामदेव ढीमरखेड़ा/कटनी। अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षित समाज के निर्माण के उद्देश्य से कटनी जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ग्राम चौपाल अभियान के तहत शनिवार को ग्राम बंधी कला में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान मैदान में ही आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा अभिषेक चौबे ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने फर्जी कॉल, ओटीपी, लिंक और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों की जानकारी दी। इसके साथ ही यातायात नियमों के पालन और नशा मुक्ति पर भी जोर दिया। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की कि गांव में होने वाली किसी भी अवैधानिक गतिविधि की सूचना वे उनके व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर गोपनीय रूप से दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः सुरक्षित रखी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम द्वारा नशा मुक्ति, महिला एवं बालिका सुरक्षा, हेल्पलाइन 112, साइबर अपराध से बचाव हेतु हेल्पलाइन 1930, ट्रैफिक नियमों के पालन, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग तथा फेक न्यूज़ और अफवाहों से बचने संबंधी जानकारियां दी गईं। जिला पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत 100/112 अथवा नजदीकी थाने में दें। उन्होंने कहा कि पुलिस-जन सहयोग से ही अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव है। अभियान आगामी दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।1
- रामपुर बाघेलान में कांग्रेस का अदृश्य आंदोलन, किसान यात्रा में ब्लॉक अध्यक्ष नदारद1
- ककरहटी क्रिकेट प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंटका फाइनल महामुकाबला ककरहटी टीम विजेता एवं उपविजेता नागौद टीम महा मुकाबला देखने के लिए हजारों की संख्या में क्रिकेट दर्शनार्थ रहे उपस्थित एवं रोमांचक मैच का लिया आनंद1
- *ठगी से बचने के लिए जागरूकता जरूरी* *ढीमरखेडा पुलिस ग्राम चौपाल अभियान* अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षित समाज निर्माण के उद्देश्य से कटनी जिले की पुलिस द्वारा व्यापक जन जागरूकता के लिए ग्राम चौपाल की शुरुआत की गई। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा, कानून पालन तथा अपराध रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अभियान के अंतर्गत पुलिस टीम द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं इसी के चलते आज ग्राम बंधी कला में क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा अभिषेक चौबे के द्वारा क्रिकेट के मैदान पर ही ग्राम चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा द्वारा अपने उद्बोधन में आम लोगों को बताया कि साइबर से साइबर ठगी से बचने के लिए जागरुकता जरूरी है इसके अलावा यातायात जागरूकता और नशा मुक्ति के संबंध में उपस्थित जनों को आवश्यक जानकारियां दी गई थाना प्रभारी द्वारा अपना मोबाइल नंबर देते हुए जनता से अपील की गई कि उनके गांव में होने वाली अवैधानिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय रूप से वे पर्सनल मोबाइल नंबर पर फोन करके दे सकते हैं उनकी पहचान गोपनीय रहेगी। पुलिस टीम द्वारा मुख्य रूप से निम्न विषयों पर जानकारीयां दी गई — ✔ नशा मुक्ति और ड्रग्स विरोधी संदेश ✔ महिलाओं एवं बालिका सुरक्षा, हेल्पलाइन 112 का प्रचार ✔ साइबर अपराध से बचाव, हेल्पलाइन 1930 की जानकारी ✔ ट्रैफिक नियमों का पालन, हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रति प्रेरणा ✔ फेक न्यूज़ और अफवाहों से बचने की सलाह अभियान के दौरान पुलिस अधिकारी आमजन से संवाद कर सुझाव प्राप्त करेंगे तथा यह संदेश देंगे कि “अपराध रोकथाम में पुलिस और जनता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है।” जिला पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा जी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम 100/112 अथवा निकटतम थाने में दें। उन्होंने कहा कि “पुलिस-जन सहयोग से ही सुरक्षित वातावरण और अपराध मुक्त समाज का निर्माण संभव है।” अभियान अगले कई दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा।1