मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल नवापारा राजिम.नगर के स्थानीय नेहरू बाल उद्यान वरिष्ठ नागरिकों की सुबह शाम की सैर एवं आपस में रोज मिलने जुलने का एक अच्छा ठौर ठिकाना है, प्रतिदिन आने वाले लोगों का एक ग्रुप सहज ही बन गया है, जिसे इन लोगों ने नाम दिया है, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप, इस ग्रुप में नगर के वरिष्ठ बुद्धिजीवी एवं अन्य प्रबुद्ध लोग जुड़े हुए हैं, जो प्रतिदिन मिलते हैं उनके बीच देश दुनिया की सामयिक चर्चा तो होती ही है, साथ ही हँसी ठिठोली के पल भी भी वे खोज ही लेते हैं, स्वस्थ समय बिताने का यह अच्छा तरीका भी है, सप्ताह में एक बार संगीत की महफिल भी जमती है और गाना बजाना भी होता है, ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने बताया कि इस बार हमारे सदस्य प्रेम साधवानी, जो कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी हैं, की पहल पर रेल से रायपुर जाने और वापस आने का कार्यक्रम बना, रविवार की सुबह की रेल से जाना और सुबह ही वापस आना था, यह यात्रा हम सभी के लिए यादगार रही, प्रेम साधवानी ने बताया कि वस्तुतः यह संगीतमय रेल यात्रा बन गई, 3घंटे के सफर में सभी सदस्यों ने सदाबहार पुराने फिल्मी गानों को सुनाकर सभी का मन जीत लिया, रेल में यात्रा कर रहे अन्य यात्री गण भी अपने आपको रोक न सके और आकर जुट गए, किसी के पैर थिरक रहे थे, तो कोई खुलकर नाच रहा था, कोई तालियां बजाकर उत्साह वर्धन कर रहा था, तो कई लोग तो इन मधुर क्षणों को अपने मोबाइल में वीडियो बना कर सहेज रहे थे, अशोक गंगवाल, प्रेम साधवानी और ब्रह्मदत्त शर्मा के सुरीले गीतों ने वो समां बांधा कि लोग अपने पुराने दिनों में खो गए, इस ग्रुप में डॉक्टर के आर सिन्हा, शिव भगवान शर्मा, इशहाक ढेबर, कमलेश साहू,तुकाराम कंसारी, अजय अग्रवाल, दिलीप रावलानी सहित अन्य भी शामिल थे, सुबह 8.30 को रायपुर पहुंचकर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई 9 बजे की रेल से वापस सभी लोग गाते बजाते हुए सभी नवापारा वापस आ गए, सभी ने समवेत स्वरों से कहा कि यह एक खुशनुमा यादगार अनुभव रहा, इसे हम दोहराते रहेंगे, सेवा निवृत्त शिक्षक शिव भगवान शर्मा ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में आकर जब सीनियर सिटीजन अकेलापन महसूस करते है, अवसाद में पड़ जाते हैं तब हम जैसे लोगों का यह ग्रुप संजीवनी बूटी का काम करता है, पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि यही तो जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है,खुद खुश रहो और लोगों को भी खुशियां देने की वजह बनो, यही तो एक अच्छे इन्सान होने की पहचान है,डाक्टर सिन्हा ने कहा कि साथ साथ समूह में रहकर हंसना, बोलना समय बिताना, यात्राएं करना, ठहाके लगाना बेस्ट मेडिसिन है, यह एक अच्छा ट्रीटमेंट है, तुकाराम कंसारी ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तनाव ग्रस्त युग में अपना और अपनों का खयाल रखने का यह बेहतर तरीका है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विजय गोयल जी के कार्यकाल में नेहरू बाल उद्यान का रखरखाव अच्छा था, इन दिनों यह ठीक से नहीं हो रहा है, अवांछित लोग यहां आकर अभद्र व्यवहार करते हैं, उनके द्वारा आपस में अपशब्दों का प्रयोग और नशीले पदार्थों का खुले आम प्रयोग हम नागरिकों को असहज कर देता है, स्थानीय प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जो लोग संयोग से इस ट्रिप में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने ग्रुप एडमिन से जल्द ही अगला प्रोग्राम बनाने के लिए कहा है, नवापारा राजिम के स्टेशन मास्टर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रेल यात्रियों की यह एक अच्छी पहल है, इससे रेल से यात्रा करने वालों का उत्साह बढ़ेगा
मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल नवापारा राजिम.नगर के स्थानीय नेहरू बाल उद्यान वरिष्ठ नागरिकों की सुबह शाम की सैर एवं आपस में रोज मिलने जुलने का एक अच्छा ठौर ठिकाना है, प्रतिदिन आने वाले लोगों का एक ग्रुप सहज ही बन गया है, जिसे इन लोगों ने नाम दिया है, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप, इस ग्रुप में नगर के वरिष्ठ बुद्धिजीवी एवं अन्य प्रबुद्ध लोग जुड़े हुए हैं, जो प्रतिदिन मिलते हैं उनके बीच देश दुनिया की सामयिक चर्चा तो होती ही है, साथ ही हँसी ठिठोली के पल भी भी वे खोज ही लेते हैं, स्वस्थ समय बिताने का यह अच्छा तरीका भी है, सप्ताह में एक बार संगीत की महफिल भी जमती है और गाना बजाना भी होता है, ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने बताया कि इस बार हमारे सदस्य प्रेम साधवानी, जो कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी हैं, की पहल पर रेल से रायपुर जाने और वापस आने का कार्यक्रम बना, रविवार की सुबह की रेल से जाना और सुबह ही वापस आना था, यह यात्रा हम सभी के लिए यादगार रही, प्रेम साधवानी ने बताया कि वस्तुतः यह संगीतमय रेल यात्रा बन गई, 3घंटे के सफर में सभी सदस्यों ने सदाबहार पुराने फिल्मी गानों को सुनाकर सभी का मन जीत लिया, रेल में यात्रा कर रहे अन्य यात्री गण भी अपने आपको रोक न सके और आकर जुट गए, किसी के पैर थिरक रहे थे, तो कोई खुलकर नाच रहा था, कोई तालियां बजाकर उत्साह वर्धन कर रहा था, तो कई लोग तो इन मधुर क्षणों को अपने मोबाइल में वीडियो बना कर सहेज रहे थे, अशोक गंगवाल, प्रेम साधवानी और ब्रह्मदत्त शर्मा के सुरीले गीतों ने वो समां बांधा कि लोग अपने पुराने दिनों में खो गए,
इस ग्रुप में डॉक्टर के आर सिन्हा, शिव भगवान शर्मा, इशहाक ढेबर, कमलेश साहू,तुकाराम कंसारी, अजय अग्रवाल, दिलीप रावलानी सहित अन्य भी शामिल थे, सुबह 8.30 को रायपुर पहुंचकर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई 9 बजे की रेल से वापस सभी लोग गाते बजाते हुए सभी नवापारा वापस आ गए, सभी ने समवेत स्वरों से कहा कि यह एक खुशनुमा यादगार अनुभव रहा, इसे हम दोहराते रहेंगे, सेवा निवृत्त शिक्षक शिव भगवान शर्मा ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में आकर जब सीनियर सिटीजन अकेलापन महसूस करते है, अवसाद में पड़ जाते हैं तब हम जैसे लोगों का यह ग्रुप संजीवनी बूटी का काम करता है, पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि यही तो जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है,खुद खुश रहो और लोगों को भी खुशियां देने की वजह बनो, यही तो एक अच्छे इन्सान होने की पहचान है,डाक्टर सिन्हा ने कहा कि साथ साथ समूह में रहकर हंसना, बोलना समय बिताना, यात्राएं करना, ठहाके लगाना बेस्ट मेडिसिन है, यह एक अच्छा ट्रीटमेंट है, तुकाराम कंसारी ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तनाव ग्रस्त युग में अपना और अपनों का खयाल रखने का यह बेहतर तरीका है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विजय गोयल जी के कार्यकाल में नेहरू बाल उद्यान का रखरखाव अच्छा था, इन दिनों यह ठीक से नहीं हो रहा है, अवांछित लोग यहां आकर अभद्र व्यवहार करते हैं, उनके द्वारा आपस में अपशब्दों का प्रयोग और नशीले पदार्थों का खुले आम प्रयोग हम नागरिकों को असहज कर देता है, स्थानीय प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जो लोग संयोग से इस ट्रिप में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने ग्रुप एडमिन से जल्द ही अगला प्रोग्राम बनाने के लिए कहा है, नवापारा राजिम के स्टेशन मास्टर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रेल यात्रियों की यह एक अच्छी पहल है, इससे रेल से यात्रा करने वालों का उत्साह बढ़ेगा
- वाल फोर्ट, विनायक सिटी के बगल से चंगोराभाठा जाने वाली बाईपास में लाईट न होने से आने जाने वाले को परेशानी हो रही है। संबंधित अधिकारी ध्यान दें।1
- मध्य प्रदेश के सतना में एक अस्पताल में एक बच्चे का पथरी का ऑपरेशन करने के नाम पर डॉक्टर साहब ने उस बच्चे की दोनों किडनी निकाल ली देखिये अब ये सब खुले आम हो रहा हैं डॉक्टर को बस पैसा चाहिए भले उसके लिए एक घर मे अंधेरा हो जाए... अब आम इंसान कहा किसके पास जाएगा डॉक्टर को हम भगवान का दर्जा देते हैं और ये हम इंसानो को रास्ते के मवेशी समझ ते हैं.....1
- ❤️🫵🫂1
- धमधा मैं अवैध लकड़ी जप्त रिपोर्टर -हेमंत उमरे क्षेत्र में इन दिनों अवैध लकड़ी की कटाई व परिवहन जोरों पर है । फसल के कटते ही धमधा क्षेत्र में लकड़ी ठेकेदार सक्रिय हो जाते हैं और लगातार किसानों से कम दाम पर लकड़ी खरीद कर बैखौफ होकर लकड़ी की तस्करी करते हैं । ताज़ा मामला धमधा से आया है जहां अवैध रुप से प्रतिबंधित लकड़ी का परिवहन धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम साल्हे खुर्द से मेटाडोर वाहन में भर कर कुम्हारी ले जा रहा था। वाहन धमधा नगर मे ही खराब हो गया जो कौतुहल का विषय बन गया, राहगिरो को जब पता चला की इस वाहन में फलदार वृक्ष व प्रतिबंधित लकड़ी भरी हुई है इसकी शिक़ायत वन विभाग को दी गई। वन विभाग की टीम तुरंत ही मौके पर पहुंचकर लकड़ी से भरी मेटाडोर वाहन CG 04CV 8800 को जप्त कर प्रकरण क्रमांक 6984/22 के तहत कार्यवाही की गई।और लकड़ी सहित वाहन को धमधा डीपो में रखा गया है। क्षेत्र में लगातार अवैध व फलदार वृक्षो की लकड़ी का परिवहन धड़ल्ले से किया जाता है । लकड़ी तस्कर पुष्पा फिल्म की तर्ज पर अलग अलग मार्गों से दीन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे में लकड़ी की तस्करी करते हैं,सुत्रो की मानें तो तस्करी वन विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से कुम्हारी में पहुंचाया जाता है। आज जिले में तीन अलग-अलग स्थानों से अवैध लकड़ी परिवहन पर कार्यवाही से लकड़ी तस्कर व ठेकेदारो में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा की वन विभाग अवैध लकड़ी परिवहन पर अब तक लगाम लगातीं है।1
- तिल्दा ब्लॉक के ग्राम सरोरा में संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के प्रस्तावित विस्तार को लेकर आयोजित जनसुनवाई शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। यह जनसुनवाई छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई प्रक्रिया जनसुनवाई में अपर कलेक्टर उमाशंकर बन्दे और क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी प्रकाश राबड़े विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन जनसुनवाई में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी बात रखी। बताया गया कि कंपनी द्वारा आसपास के गांवों में लगातार विकास कार्य और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, जिसके चलते विस्तार प्रस्ताव को समर्थन मिला। ग्रामीणों ने रखीं प्रमुख मांगें जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक अपनी मांगें और सुझाव रखे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: क्षेत्र का समग्र विकास भूमि का उचित मुआवजा स्थानीय लोगों को रोजगार स्वरोजगार के अवसर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कंपनी ने जताई प्रतिबद्धता संभव स्टील ट्यूब्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों द्वारा रखी गई मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। कंपनी ने सामाजिक सरोकारों के तहत क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों को आगे भी जारी रखने की बात कही। प्रशासन और ग्रामीणों का जताया आभार कार्यक्रम के अंत में कंपनी द्वारा जनसुनवाई के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पर्यावरण विभाग और सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया गया। निष्कर्ष सरोरा में आयोजित यह जनसुनवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के साथ ही विकास और जनहित के मुद्दों पर संवाद का एक सकारात्मक उदाहरण बनी। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि कंपनी अपने वादों को किस तरह जमीन पर उतारती है।6
- गण्डई थाना क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 28 पौवा शराब व चारपहिया वाहन जप्त, आरोपी गिरफ्तार, 17 अप्रैल शुक्रवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार गण्डई पुलिस ने मुखबिर सूचना पर मानपुर नाका में नाकाबंदी कर छोटा हाथी वाहन से 28 पौवा देशी प्लेन शराब (5.04 बल्क लीटर) बरामद की। आरोपी अशोक कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। वाहन सहित कुल जुमला कीमत 1 लाख 2 हजार 5 सौ 20 रुपये आंकी गई।1
- बालोद में सदर बाजार अतिक्रमण पर तीखा विवाद! नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी बोलीं – “जो कार्रवाई हो रही है, वो जिला प्रशासन के निर्देश पर”; प्रदर्शनकारियों ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं तो जिला बंद की चेतावनी बालोद जिले में सदर बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने के मुद्दे पर अब तनाव बढ़ता जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि जो भी कार्रवाई हो रही है, वह पूरी तरह जिला प्रशासन के निर्देश पर की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यावहारिक रूप से जो संभव है, वही किया जा रहा है और इसके लिए वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं हैं। इस बयान के बाद स्थानीय नेताओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया। क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशि भूषण चंद्राकर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष गंगा निषाद, उपाध्यक्ष दानी साहू सहित कई अन्य पदाधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर तीखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा कि एक हफ्ते के अंदर सदर बाजार को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। अगर तय समयसीमा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सरकारी जमीन पर कब्जा करने और पूरे बालोद जिले में बंद का आह्वान करने जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। मौके पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। सीएमओ ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी समझाइश बेअसर रही। प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख नहीं बदला और अल्टीमेटम देकर प्रदर्शन समाप्त किया। फिलहाल स्थिति शांत बताई जा रही है, लेकिन अल्टीमेटम और चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में यह विवाद और उग्र रूप ले सकता है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हुई हैं कि वह अगले एक हफ्ते में सदर बाजार के अतिक्रमण को हटाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। दोस्तों, विकास और सुव्यवस्था दोनों जरूरी हैं, लेकिन किसी भी मुद्दे पर आंदोलन से पहले संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। नगर पालिका और जिला प्रशासन से अपील है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से करें, ताकि आम व्यापारियों और दुकानदारों को अनावश्यक परेशानी न हो। वहीं प्रदर्शनकारियों से भी निवेदन है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखें और प्रशासन को समय दें, ताकि बिना किसी विवाद के सदर बाजार को व्यवस्थित किया जा सके। शांति और समाधान ही सबसे अच्छा रास्ता है। द छत्तीसगढ़ – सच्ची खबर, सही समय पर। अगली खबर तक, सतर्क रहिए, शांत रहिए।1
- दो नादान बच्चे जो खेलते खेलते नदी के पास पहुंचे, और फिर नाहने के लिए दोनों नदी मे चले गये और फिर वो हुआ जो वो बच्चों ने सोचा नहीं था, डूब गए और फिर ऊपर नहीं आये गाँव के बाकि लोगो ढूढ़ने मे लग गये फिर गाँव के तैराको ने पूरी नदी मे ढूंढ़ने पर दोनों बच्चों कई बॉडी निकाली गईं बॉडी पूरी तरह अकड़ गईं थीं और कई हिस्सों को मछलियों ने नोंच खाया...1