पांढुर्णा नगर पालिका एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ समता कॉलेज के पास स्थित नगर पालिका के पुराने फायर ब्रिगेड भवन को शनिवार को पोकलेन मशीन से ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद शहर की दमकल व्यवस्था को अस्थाई रूप से स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि विभाग के लिए अभी तक कोई स्थाई जगह तय नहीं की गई है। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को केवल अस्थाई बताया है, जहाँ सीमित संसाधनों और जगह की कमी के कारण कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। शहरवासियों में इस बात को लेकर चिंता है कि आगजनी जैसी बड़ी घटनाओं के दौरान यह अस्थाई व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हो पाएगी। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका का उद्देश्य पुरानी स्कूल और फायर ब्रिगेड के भवनों को तोड़कर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाना है, जिससे क्षेत्र का पुनर्विकास हो और राजस्व बढ़े। इस बीच, इन इमारतों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में वित्तीय पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि इन भवनों को गिराने से पहले न तो कोई टेंडर निकाला गया और न ही इनका उचित मूल्यांकन किया गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती, तो शासन को लाखों रुपये का राजस्व मिल सकता था। विवाद तब और गहरा गया जब नगर पालिका की हालिया पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) बैठक में इन ध्वस्त भवनों से निकली सामग्री के सत्यापन का प्रस्ताव रखा गया। सवाल यह है कि जब भवन पहले ही गिरा दिए गए हैं, तो सामग्री का वास्तविक सत्यापन कैसे संभव है, क्योंकि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पहले सामग्री को उपयोगी या अनुपयोगी घोषित करने के बाद ही ध्वस्तीकरण होना चाहिए। नागरिकों ने अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि शासन को हुई संभावित राजस्व हानि और नियमों के उल्लंघन की सच्चाई सामने आ सके।
पांढुर्णा नगर पालिका एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ समता कॉलेज के पास स्थित नगर पालिका के पुराने फायर ब्रिगेड भवन को शनिवार को पोकलेन मशीन से ढहा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद शहर की दमकल व्यवस्था को अस्थाई रूप से स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि विभाग के लिए अभी तक कोई स्थाई जगह तय नहीं की गई है। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को केवल अस्थाई बताया है, जहाँ सीमित संसाधनों और जगह की कमी के कारण कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। शहरवासियों में इस बात को लेकर चिंता है कि आगजनी जैसी बड़ी घटनाओं के दौरान यह अस्थाई व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हो पाएगी। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका का उद्देश्य पुरानी स्कूल और फायर ब्रिगेड के भवनों को तोड़कर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाना है, जिससे क्षेत्र का पुनर्विकास हो और राजस्व बढ़े। इस बीच, इन इमारतों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में वित्तीय पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि इन भवनों को गिराने से पहले न तो कोई टेंडर निकाला गया और न ही इनका उचित मूल्यांकन किया गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती, तो शासन को लाखों रुपये का राजस्व मिल सकता था। विवाद तब और गहरा गया जब नगर पालिका की हालिया पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) बैठक में इन ध्वस्त भवनों से निकली सामग्री के सत्यापन का प्रस्ताव रखा गया। सवाल यह है कि जब भवन पहले ही गिरा दिए गए हैं, तो सामग्री का वास्तविक सत्यापन कैसे संभव है, क्योंकि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पहले सामग्री को उपयोगी या अनुपयोगी घोषित करने के बाद ही ध्वस्तीकरण होना चाहिए। नागरिकों ने अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि शासन को हुई संभावित राजस्व हानि और नियमों के उल्लंघन की सच्चाई सामने आ सके।
- नगरपालिका अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण ताप्ती सरोवर पर बन रहे स्लुज गेट का निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा नहीं हो पाया है, जिससे सरोवर के खाली होने का खतरा मंडराने लगा है। यदि काम पूरा होने से पहले बारिश होती है, तो सरोवर का पानी बह जाने से यह खतरा और भी गहरा सकता है। शनिवार को सभापति निर्मला उबनारे और पार्षद अंजलि शिवहरे ने स्लुज गेट निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान तकनीकी निगरानी के लिए नगरपालिका का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिस पर पार्षदों ने कड़ी नाराजगी जताई। सभापति निर्मला उबनारे ने अधिकारियों पर इस महत्वपूर्ण कार्य को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्य 'कछुआ चाल' से चल रहा है और तकनीकी निगरानी में भी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्षद अंजलि शिवहरे ने अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली को निर्माण में देरी का कारण बताया और कहा कि धीमी गति के चलते काम के जल्द पूरा होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश की स्थिति में पानी रोकने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से भविष्य में ताप्ती सरोवर खाली होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका के अधिकारियों की होगी।2
- शनिवार को मध्य प्रदेश के आमला में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शहर इकाई ने राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड से जनपद चौराहे तक रैली निकाली, भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आयोग की प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए उनका पुतला दहन किया, जिससे इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी होने की जानकारी सामने आई। बाद में, राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार आमला और थाना प्रभारी को सौंपा गया। इस ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना किसी उचित कारण के खारिज किया गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जितेंद्र शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की अहम जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर ने सीधे आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है, और विपक्ष की आवाज को दबाने तथा राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के प्रयासों को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। नगरपालिका पार्षद खुशबू अतुलकर ने भी जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर निर्भर करती है और इन संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इस विरोध प्रदर्शन में नरेंद्र बिल्लू यादव, नीरज सोनी, शाबीर शाह, रेखा कनोजिया, विजय अतुलकर, रमेश प्रजापति, विजय पारदी, छन्नू बेले, मदन साहू, रमेश दामले, योगेश डांगरे, वीरेंद्र बर्ठे, हरी प्रसाद गोहे, दीपक द्विवेदी, कमलेश माकोड़े, रवि घाणेकर, बडू अतुलकर, प्रमोद सेठिया, बंटू बेले, रमजान खान, अकरम खान, राकेश सोने, संजय सोलंकी, कनैया साहू, जीतेश वाईकर और राकेश निरापुरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एक कुकिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न रसोइयों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के संबंध में यह जानकारी परासिया संवाददाता शेख फरीद द्वारा दी गई है।1
- बैतूल गंज के जवाहर वार्ड स्थित पीपलेश्वर शिव शक्ति हनुमान मंदिर में 20 जून शनिवार शाम को सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। मंदिर में प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को शाम 8:00 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया जाता है।3
- बैतूल बाजार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईवे पर मिले एक शव के मामले में हत्या का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान, कांग्रेसी कार्यकर्ता जलते हुए पुतले को लेकर लगातार भागते रहे। पुलिस को इस पुतले को बुझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस इसे नहीं बुझा पाई।1
- बैतूल बाजार पुलिस ने एक गंभीर हत्या के मामले का 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बैतूल श्री सुनील लाटा के मार्गदर्शन में की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जिला जेल बैतूल भेजा गया है। घटना 17 जून 2026 को सामने आई, जब फरियादी झामू कवड़े निवासी ग्राम सावड़ीढाना ने थाना बैतूल बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके चचेरे भाई सुनील कवड़े का शव ग्राम झीटापाटी स्थित पुराने हाईवे रोड के किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के शरीर, चेहरे, आंखों, कान और गले पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका व्यक्त की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 184/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक बैतूल द्वारा थाना प्रभारी बैतूल बाजार निरीक्षक अंजना धुर्वे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगातार छानबीन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। जांच के दौरान, संदेहियों से पूछताछ में सहदेव धुर्वे, अभिनाश वाडिवा और सुनील वाडिवा ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक सुनील शराब के नशे में सहदेव की पत्नी दीपिका धुर्वे से अभद्रता और गंदी बातें करने लगा था, इसी बात को लेकर आरोपियों ने हाथ-मुक्कों और लकड़ी से मारपीट की, जिससे लगी चोटों के कारण सुनील की मृत्यु हो गई। आरोपियों, जिनमें सहदेव धुर्वे (उम्र 30 वर्ष), अभिनाश वाडिवा (उम्र 21 वर्ष) और सुनील वाडिवा (उम्र 30 वर्ष) शामिल हैं, सभी ग्राम झीटापाटी, थाना बैतूल बाजार, जिला बैतूल के निवासी हैं, को 19 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। उनके मेमोरेंडम कथनों के आधार पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी भी बरामद की गई। गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों को चिकित्सकीय परीक्षण करवाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल बैतूल भेज दिया गया। इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी बैतूल बाजार निरीक्षक अंजना धुर्वे, उप निरीक्षक संतोष सिंह नागवे, सहायक उप निरीक्षक रमन धुर्वे, संजय कलम, मुलायम सिंह मौर्य, प्रधान आरक्षक अशोक झरबड़े, प्रकाश धुर्वे और थाना स्टाफ के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अपराध या कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, जिसमें सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।1
- शहर कोतवाली क्षेत्र के लालबाग में एक MA छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के संबंध में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।1
- भैंसदेही में युवा कांग्रेस ने जननायक राहुल गांधी का जन्मदिन सोमवार को बड़े हर्षोल्लास के साथ सेवा भाव के रूप में मनाया। युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष एवं पार्षद महेश थोटेकर के नेतृत्व में और ब्लॉक अध्यक्ष मयूर बारस्कर के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवा कांग्रेस के दर्जनों साथी बड़ी संख्या में शामिल हुए। जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए दो प्रमुख कार्यक्रम किए गए। पहले कार्यक्रम में, स्थानीय शासकीय स्कूल में गरीब और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को पेन, कॉपी और अन्य स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई, साथ ही कार्यकर्ताओं ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। दूसरे कार्यक्रम के तहत, स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में नीम, पीपल और आम के पौधे रोपे गए, और कार्यकर्ताओं ने इनकी सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प लिया। ब्लॉक अध्यक्ष मयूर बारस्कर ने बताया कि इस अवसर पर 100 से अधिक बच्चों को कॉपी-पेन बांटे गए और 50 पौधे लगाए गए। इस पहल पर युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष पार्षद महेश थोटेकर ने कहा कि राहुल गांधी जी हमेशा राजनीति को सेवा बताते हैं, इसलिए उनके जन्मदिन पर बच्चों की शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को चुनना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। मयूर बारस्कर ने राहुल गांधी को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सेवा कार्यों से लोगों से जुड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के नगर अध्यक्ष राहुल धुर्वे, एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष अमित कवड़े, युवा नेता सचिन बारस्कर, अजय सोनी, विक्की वाघमारे, नितेश लिखितकर, रोहित सातपुते समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने राहुल गांधी के दीर्घायु होने की कामना की। स्कूल के प्राचार्य ने भी युवा कांग्रेस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को मिली स्टेशनरी से उन्हें पढ़ाई में मदद मिलेगी और वृक्षारोपण से स्कूल का वातावरण हरा-भरा होगा।3