कांगड़ा जिले के नूरपुर के वार्ड नंबर-4 से पहली बार चुनाव लड़कर शानदार जीत दर्ज करने वाली नीति महाजन को नगर परिषद नूरपुर का अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने पार्षद पद के चुनाव में 264 मतों के अंतर से शिकस्त देकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भी उन्हें जनप्रतिनिधियों का पूरा समर्थन मिला। नीति महाजन की इस ऐतिहासिक सफलता को उनकी व्यक्तिगत योग्यता के साथ-साथ उनके परिवार की समृद्ध सामाजिक और राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। शैक्षणिक रूप से एमएससी और बीएड की योग्यता रखने वाली नीति महाजन एक लंबे समय से सामाजिक कार्यों में बेहद सक्रिय रही हैं। उनका परिवार पिछले 25 वर्षों से नूरपुर नगर परिषद के नेतृत्व और जनसेवा से जुड़ा रहा है। नीति महाजन के ससुर स्वर्गीय राकेश महाजन दो बार और उनकी सास तीन बार नगर परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा, उनके पति गौरव महाजन भी पूर्व में नगर परिषद के पार्षद रह चुके हैं। सामाजिक स्तर पर नीति महाजन 1 जुलाई 2025 से इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष के रूप में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और जरूरतमंदों की सेवा के कार्यों में जुटी हुई हैं। उनका परिवार प्रतिवर्ष क्षेत्र में दशहरा महोत्सव, राज्य स्तरीय जन्माष्टमी उत्सव और फूलों की होली जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को भी आयोजित करवाता है। वर्तमान में उनका बड़ा बेटा गर्पित महाजन इंजीनियरिंग और छोटी बेटी शेहला महाजन लॉ की पढ़ाई कर रही हैं। अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद नीति महाजन ने जनता के भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे नूरपुर शहर के सुनियोजित विकास, सुदृढ़ स्वच्छता, पेयजल, सड़कों के सुधार, प्रकाश व्यवस्था और पार्कों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने नगर परिषद के कामकाज को पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता के साथ चलाने का भरोसा दिलाया है। नूरपुर की जनता को उम्मीद है कि उनकी शिक्षा और जनसेवा का अनुभव शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कांगड़ा जिले के नूरपुर के वार्ड नंबर-4 से पहली बार चुनाव लड़कर शानदार जीत दर्ज करने वाली नीति महाजन को नगर परिषद नूरपुर का अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने पार्षद पद के चुनाव में 264 मतों के अंतर से शिकस्त देकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भी उन्हें जनप्रतिनिधियों का पूरा समर्थन मिला। नीति महाजन की इस ऐतिहासिक सफलता को उनकी व्यक्तिगत योग्यता के साथ-साथ उनके परिवार की समृद्ध सामाजिक और राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। शैक्षणिक रूप से एमएससी और बीएड की योग्यता रखने वाली नीति महाजन एक लंबे समय से सामाजिक कार्यों में बेहद सक्रिय रही हैं। उनका परिवार पिछले 25 वर्षों से नूरपुर नगर परिषद के नेतृत्व और जनसेवा से जुड़ा रहा है। नीति महाजन के ससुर स्वर्गीय राकेश महाजन दो बार और उनकी सास तीन बार नगर परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा, उनके पति गौरव महाजन भी पूर्व में नगर परिषद के पार्षद रह चुके हैं।
सामाजिक स्तर पर नीति महाजन 1 जुलाई 2025 से इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष के रूप में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और जरूरतमंदों की सेवा के कार्यों में जुटी हुई हैं। उनका परिवार प्रतिवर्ष क्षेत्र में दशहरा महोत्सव, राज्य स्तरीय जन्माष्टमी उत्सव और फूलों की होली जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को भी आयोजित करवाता है। वर्तमान में उनका बड़ा बेटा गर्पित महाजन इंजीनियरिंग और छोटी बेटी शेहला महाजन लॉ की पढ़ाई कर रही हैं। अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद नीति महाजन ने जनता के भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे नूरपुर शहर के सुनियोजित विकास, सुदृढ़ स्वच्छता, पेयजल, सड़कों के सुधार, प्रकाश व्यवस्था और पार्कों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने नगर परिषद के कामकाज को पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता के साथ चलाने का भरोसा दिलाया है। नूरपुर की जनता को उम्मीद है कि उनकी शिक्षा और जनसेवा का अनुभव शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- कांगड़ा जिले के नूरपुर में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से प्रदेश की जनता संतुष्ट है। इसी सकारात्मक माहौल के दम पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में वापसी करेगी। प्रेसवार्ता में सुदर्शन शर्मा ने संगठन और स्थानीय नेतृत्व पर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि नूरपुर ब्लॉक कांग्रेस की कार्यकारिणी का अभी तक विस्तार नहीं हो पाया है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता का माहौल है। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश के 67 विधानसभा क्षेत्रों में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन नूरपुर एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र रहा जहां के स्थानीय नेतृत्व ने उन्हें श्रद्धांजलि देना उचित नहीं समझा, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नूरपुर के विकास कार्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरे प्रदेश को समान दृष्टि से देखते हैं और वे नूरपुर के विकास के प्रति गंभीर हैं। लेकिन असली चिंता की बात यह है कि स्थानीय नेतृत्व नूरपुर की समस्याओं और आवश्यकताओं को सरकार के समक्ष कितनी प्रभावी ढंग से रख पा रहा है। वहीं, नूरपुर के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही बेहतर जवाब दे सकता है।1
- हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चौराहा उपमंडल में भालुओं का भारी आतंक फैला हुआ है। सलोनी और सलोनी के ऊपर स्थित माला अपना गांव में भालुओं की बढ़ती आवाजाही और सक्रियता ने स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।1
- ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार सुबह प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय डिग्री कॉलेज, हरोली के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा कॉलेज स्टाफ ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में स्थापित की गई प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए और साथ ही परिसर में पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस महाविद्यालय में बीए, बी.कॉम, बीसीए, बीबीए, बी.एससी. (मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल), एम.कॉम तथा राजनीति शास्त्र, अंग्रेज़ी, इतिहास और हिंदी विषयों में एम.ए. की पढ़ाई संचालित की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र से यहां पीजीडीसीए और बी.एससी. कंप्यूटर साइंस की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और जूलॉजी विषयों हेतु अत्याधुनिक मॉड्यूलर साइंस लैब स्थापित करने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके अपने ही क्षेत्र में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार आधारभूत ढांचे का विस्तार कर रही है। आधुनिक शैक्षणिक ढांचे, नई प्रयोगशालाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विस्तार से हरोली क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनके लिए करियर के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलेज आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट और मॉडल महाविद्यालयों के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगा।1
- हमीरपुर के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर से अब श्रद्धालु और भक्तजन ऑनलाइन भी प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसी गंधर्व राठौड़ ने बताया कि बाबा बालक नाथ मंदिर से अब भक्तों के लिए ऑनलाइन प्रसाद प्राप्त करने की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे भक्त जन अब आसानी से प्रसाद पा सकेंगे।1
- मंडी जिले की पधर तहसील के गाँव सरवाला की एक होनहार बेसहारा छात्रा सानिया चौहान की उच्च शिक्षा के लिए 'चच्योट निधि बैंक लिमिटेड वेलफेयर एसोसिएशन' (मुख्यालय चैलचौक) ने आर्थिक सहायता प्रदान करने का जिम्मा उठाया है। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए एसोसिएशन ने सानिया की बी.ए. एल.एल.बी. (BA LLB) की शिक्षा के लिए यह सराहनीय पहल की है। स्वर्गीय श्री रोशन लाल की सुपुत्री सानिया एक अत्यंत निर्धन पृष्ठभूमि से आती हैं। पिता के देहांत और माता के दूसरे विवाह के कारण वे पूरी तरह से बेसहारा हो चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन और विभागीय मुस्तैदी के चलते इस होनहार छात्रा को हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना' के सुरक्षा चक्र के तहत सफलतापूर्वक लाया जा चुका है। सरकारी प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान करने तथा छात्रा के 'डी.डी.एम. साई लॉ कॉलेज, हमीरपुर' में प्रवेश की प्रक्रिया को अत्यंत सुगम व बाधारहित बनाने के उद्देश्य से चच्योट निधि बैंक लिमिटेड वेलफेयर एसोसिएशन ने सानिया को गोद लेने का निर्णय लिया है। छात्रा द्वारा सहायता हेतु प्रस्तुत किए गए आवेदन पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संस्था ने उसकी तात्कालिक और प्रवेश से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए तत्काल प्रभाव से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा की है, ताकि इस होनहार बेटी का वकालत का सपना साकार हो सके। एसोसिएशन का मानना है कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर शत-प्रतिशत सफल बनाने में सामाजिक संस्थाओं की सकारात्मक भागीदारी अहम है और संस्था भविष्य में भी जरूरतमंदों के कल्याण के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए सदैव तत्पर है।1
- ऊना के मेहतपुर में मानवता और ईमानदारी की एक सराहनीय पहल सामने आई है। कुछ दिन पहले सुबह करीब 5 बजे सैर के दौरान एक व्यक्ति का पर्स मिला था, जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज़ सुरक्षित थे। इस पर्स को उसके असली मालिक तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया और एक अपील जारी की गई। इस प्रयास के बाद आज पर्स के मालिक के पिता से संपर्क हो पाया। पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड का मिलान किया गया और पूरी प्रक्रिया के बाद पर्स को सुरक्षित पैक कर स्पीड पोस्ट के जरिए उनके घर के पते पर भेज दिया गया। पर्स मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति ने इस टीम का दिल से आभार व्यक्त किया। इस पूरे नेक काम को अंजाम देने वाली टीम ने इसे अपने लिए सबसे बड़ा सम्मान बताया है और दूसरों से भी खोई हुई वस्तुओं को उनके मालिकों तक पहुँचाने का संकल्प लेने की अपील की है।1
- नूरपुर के पीएम श्री बख्शी टेक चंद (बीटीसी) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों, लैंगिक समानता और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करना था। बाल विकास एवं परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुभाष चंद ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य के.सी. दियोल, एसएमसी प्रधान पूजा राणा, विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हुईं। अपने संबोधन में सीडीपीओ सुभाष चंद ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' को एक जनआंदोलन बताते हुए कहा कि यह बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने खेल, विज्ञान, शिक्षा और सेना जैसे क्षेत्रों में बेटियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उनके लिए सुरक्षित और समान वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। सीडीपीओ ने विद्यालय प्रबंधन को समय-समय पर रचनात्मक गतिविधियों जैसे भाषण, चित्रकला और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन करने का सुझाव दिया ताकि छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके। कार्यक्रम में बालिका शिक्षा, बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य के.सी. दियोल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को जारी रखने का आश्वासन दिया।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां ध्वस्तीकरण के दौरान मंदिर का गुंबद सड़क की ओर गिर गया, जिससे एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई। इस हादसे में कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1