logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश में कागज के बजाय पॉलिमर (प्लास्टिक) के करेंसी नोट पेश करने की योजना पर बेहद गंभीरता से काम कर रहा है, ताकि लोगों को जेब में रखे नोटों के भीगने, फटने या गंदे होने की समस्या से निजात मिल सके। हाल ही में पटना और मुंबई में आयोजित RBI की उच्च-स्तरीय बोर्ड मीटिंग्स में इस प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई, जिसके बाद केंद्रीय बैंक अब तकनीक और बाजार की तैयारियों को देखते हुए इसका पायलट प्रोजेक्ट (सीमित स्तर पर ट्रायल) शुरू करने की तैयारी में है। पॉलिमर नोटों की आवश्यकता मुख्य रूप से उनकी लंबी उम्र के कारण है। ये नोट वाटरप्रूफ होते हैं, जो पानी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं, जबकि कागजी नोटों के साथ यह समस्या आम है। इससे हर साल खराब और गंदे नोटों को बदलने में RBI के हजारों करोड़ रुपये के छपाई खर्च में भी भारी बचत होगी। करीब एक दशक पहले भी RBI ने ऐसा ट्रायल सोचा था, लेकिन तब एटीएम इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं था; अब देश की एटीएम मशीनें तकनीकी रूप से पॉलिमर नोटों को आसानी से प्रोसेस करने में सक्षम हैं। RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कोई 'नोटबंदी' नहीं है और आम जनता को इससे कोई परेशानी नहीं होगी। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के विपरीत, यह बदलाव बेहद धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरुआत में केवल छोटे मूल्यवर्ग, जैसे ₹10 या ₹20 के नोटों का ट्रायल हो सकता है। बाजार से पुराने कागजी नोट जैसे-जैसे बैंकों के पास लौटेंगे, उनकी जगह नए पॉलिमर नोट जारी किए जाएंगे। भारत ऐसा करने वाला कोई पहला देश नहीं है; दुनिया के 60 से अधिक देश, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके और न्यूजीलैंड शामिल हैं, पहले से ही पॉलिमर करेंसी का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। अगर RBI का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो बहुत जल्द भारतीय नागरिकों के वॉलेट में भी आधुनिक, चमकदार और टिकाऊ प्लास्टिक के नोट देखने को मिलेंगे।

2 hrs ago
user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
2 hrs ago
75c7b7df-317b-47e5-8acd-8d6d200236ba

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश में कागज के बजाय पॉलिमर (प्लास्टिक) के करेंसी नोट पेश करने की योजना पर बेहद गंभीरता से काम कर रहा है, ताकि लोगों को जेब में रखे नोटों के भीगने, फटने या गंदे होने की समस्या से निजात मिल सके। हाल ही में पटना और मुंबई में आयोजित RBI की उच्च-स्तरीय बोर्ड मीटिंग्स में इस प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई, जिसके बाद केंद्रीय बैंक अब तकनीक और बाजार की तैयारियों को देखते हुए इसका पायलट प्रोजेक्ट (सीमित स्तर पर ट्रायल) शुरू करने की तैयारी में है। पॉलिमर नोटों की आवश्यकता मुख्य रूप से उनकी लंबी उम्र के कारण है। ये नोट वाटरप्रूफ होते हैं, जो पानी से खराब नहीं होते और आसानी से फटते भी नहीं, जबकि कागजी नोटों के साथ यह समस्या आम है। इससे हर साल खराब और गंदे नोटों को बदलने में RBI के हजारों करोड़ रुपये के छपाई खर्च में भी भारी बचत होगी। करीब एक दशक पहले भी RBI ने ऐसा ट्रायल सोचा था, लेकिन तब एटीएम इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं था; अब देश की एटीएम मशीनें तकनीकी रूप से पॉलिमर नोटों को आसानी से प्रोसेस करने में सक्षम हैं। RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कोई 'नोटबंदी' नहीं है और आम जनता को इससे कोई परेशानी नहीं होगी। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के विपरीत, यह बदलाव बेहद धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरुआत में केवल छोटे मूल्यवर्ग, जैसे ₹10 या ₹20 के नोटों का ट्रायल हो सकता है। बाजार से पुराने कागजी नोट जैसे-जैसे बैंकों के पास लौटेंगे, उनकी जगह नए पॉलिमर नोट जारी किए जाएंगे। भारत ऐसा करने वाला कोई पहला देश नहीं है; दुनिया के 60 से अधिक देश, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके और न्यूजीलैंड शामिल हैं, पहले से ही पॉलिमर करेंसी का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। अगर RBI का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो बहुत जल्द भारतीय नागरिकों के वॉलेट में भी आधुनिक, चमकदार और टिकाऊ प्लास्टिक के नोट देखने को मिलेंगे।

More news from झारखंड and nearby areas
  • गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।
    3
    गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है।

किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की।

झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।

झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    17 hrs ago
  • भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), कांग्रेस पार्टी से संबद्ध, ने झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए जिला अध्यक्षों की एक नई सूची जारी की है। इस निर्देश के तहत, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव के मार्गदर्शन में खूंटी जिला संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी सूची के अनुसार, कर्रा प्रखंड के लोधमा निवासी राहुल केसरी को खूंटी जिला एनएसयूआई का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि तोरपा निवासी ऋषभ सारंगी कार्यकारी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस नवनियुक्ति से संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने आशा व्यक्त की है कि नए नेतृत्व के अंतर्गत संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस अवसर पर, राहुल केसरी ने कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने दोहराया कि एनएसयूआई लगातार छात्रों के हक, अधिकार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए संघर्ष करती रही है, और आगे भी छात्र हित में अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष ऋषभ सारंगी ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने छात्र हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर सक्रिय रहने का भरोसा भी दिलाया है।
    1
    भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), कांग्रेस पार्टी से संबद्ध, ने झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए जिला अध्यक्षों की एक नई सूची जारी की है। इस निर्देश के तहत, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव के मार्गदर्शन में खूंटी जिला संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जारी सूची के अनुसार, कर्रा प्रखंड के लोधमा निवासी राहुल केसरी को खूंटी जिला एनएसयूआई का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि तोरपा निवासी ऋषभ सारंगी कार्यकारी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस नवनियुक्ति से संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने आशा व्यक्त की है कि नए नेतृत्व के अंतर्गत संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

इस अवसर पर, राहुल केसरी ने कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने दोहराया कि एनएसयूआई लगातार छात्रों के हक, अधिकार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए संघर्ष करती रही है, और आगे भी छात्र हित में अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष ऋषभ सारंगी ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने छात्र हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर सक्रिय रहने का भरोसा भी दिलाया है।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    20 hrs ago
  • झारखंड के लोहरदगा जिले में एक तालाब के सुंदरीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल हो रही जानकारी के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि तालाब का सुंदरीकरण ‘थूक पॉलिश’ लगाकर किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गहरी चिंता जताई जा रही है।
    1
    झारखंड के लोहरदगा जिले में एक तालाब के सुंदरीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल हो रही जानकारी के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि तालाब का सुंदरीकरण ‘थूक पॉलिश’ लगाकर किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गहरी चिंता जताई जा रही है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • आज के IPL मुकाबले को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है, जिसके चलते यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग जानने को उत्सुक हैं कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) के बीच होने वाले इस महत्वपूर्ण मैच में कौन सी टीम विजय हासिल करेगी।
    1
    आज के IPL मुकाबले को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है, जिसके चलते यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग जानने को उत्सुक हैं कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) के बीच होने वाले इस महत्वपूर्ण मैच में कौन सी टीम विजय हासिल करेगी।
    user_The जन समाचार
    The जन समाचार
    Media company Ratu, Ranchi•
    2 hrs ago
  • झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।
    1
    झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।
    user_Sirf such
    Sirf such
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।
    1
    लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • खुंटी जिले के कर्रा थाना परिसर में शनिवार को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर एक विशाल सफेद रंग की गाय की मौत हो गई। यह घटना थाना परिसर स्थित ट्रांसफार्मर के पास हुई, जहाँ गाय ट्रांसफार्मर के अर्थिंग तार में फंस गई। तार में फंसने के बाद गाय नीचे गिर गई, और गिरने के कारण उसे वहाँ पड़े लोहे के रॉड से चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृत गाय किस किसान की थी, इसकी जानकारी घटना के समय तक नहीं मिल पाई थी। कुछ लोगों का इस घटना के संबंध में कहना है कि किसान अक्सर अपने मवेशियों को लावारिस हालत में खुला छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी दुर्घटनाएँ होती हैं।
    1
    खुंटी जिले के कर्रा थाना परिसर में शनिवार को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर एक विशाल सफेद रंग की गाय की मौत हो गई। यह घटना थाना परिसर स्थित ट्रांसफार्मर के पास हुई, जहाँ गाय ट्रांसफार्मर के अर्थिंग तार में फंस गई। तार में फंसने के बाद गाय नीचे गिर गई, और गिरने के कारण उसे वहाँ पड़े लोहे के रॉड से चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मृत गाय किस किसान की थी, इसकी जानकारी घटना के समय तक नहीं मिल पाई थी। कुछ लोगों का इस घटना के संबंध में कहना है कि किसान अक्सर अपने मवेशियों को लावारिस हालत में खुला छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी दुर्घटनाएँ होती हैं।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    23 hrs ago
  • गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ओकबा गांव में बीती रात भीषण आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर पूरी तरह खाक हो गई। यह दुखद घटना एक शॉर्ट सर्किट के कारण मारवाड़ी साहू के घर में हुई, जिसमें उनका टेंट हाउस और किराना दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया। यह हादसा शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लगभग 12:00 बजे ओकबा निवासी मारवाड़ी साहू के घर में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। रात का समय होने के कारण जब तक लोग आग को समझ पाते और उस पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अगलगी में पीड़ित मारवाड़ी साहू को भारी आर्थिक क्षति हुई है। घर के भीतर रखे टेंट हाउस के भारी मात्रा में सामान के साथ-साथ किराना दुकान की सभी सामग्रियां भी पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गईं। पीड़ित परिवार ने बताया कि इस हादसे में लाखों रुपये का सामान और घर की कीमती वस्तुएं जलकर राख हो गईं, जिससे उनका व्यवसाय और रहने का ठिकाना दोनों पूरी तरह से उजड़ गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बसिया पुलिस प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही बसिया थाना प्रभारी कृष्णा कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद थाना प्रभारी, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर काफी मशक्कत और सूझबूझ के साथ आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मारवाड़ी साहू का पूरा मकान जलकर राख में तब्दील हो चुका था।
    1
    गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ओकबा गांव में बीती रात भीषण आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर पूरी तरह खाक हो गई। यह दुखद घटना एक शॉर्ट सर्किट के कारण मारवाड़ी साहू के घर में हुई, जिसमें उनका टेंट हाउस और किराना दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया।

यह हादसा शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लगभग 12:00 बजे ओकबा निवासी मारवाड़ी साहू के घर में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। रात का समय होने के कारण जब तक लोग आग को समझ पाते और उस पर काबू पाने की कोशिश करते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।

इस भीषण अगलगी में पीड़ित मारवाड़ी साहू को भारी आर्थिक क्षति हुई है। घर के भीतर रखे टेंट हाउस के भारी मात्रा में सामान के साथ-साथ किराना दुकान की सभी सामग्रियां भी पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गईं। पीड़ित परिवार ने बताया कि इस हादसे में लाखों रुपये का सामान और घर की कीमती वस्तुएं जलकर राख हो गईं, जिससे उनका व्यवसाय और रहने का ठिकाना दोनों पूरी तरह से उजड़ गए हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बसिया पुलिस प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही बसिया थाना प्रभारी कृष्णा कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद थाना प्रभारी, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर काफी मशक्कत और सूझबूझ के साथ आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मारवाड़ी साहू का पूरा मकान जलकर राख में तब्दील हो चुका था।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.