फतेहपुर के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और सीएमओ डॉ. उदय भान सिंह ने बुधवार, 24 जून को दोपहर 1:45 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता सहित सभी स्टाफ मौजूद था। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर, स्टोर रूम, मरीज कक्ष और चिकित्सा प्रभारी कक्ष के बगल स्थित शौचालय मार्ग का जायजा लिया। जांच के दौरान जागरूकता अभियान के लिए वितरित किए जाने वाले बड़ी संख्या में पत्रक डंप पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि कर्मचारियों को कई बार पत्रक हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी से पूछा कि निर्देशों का पालन न होने की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। सीएमओ ने तीन दिन के भीतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने और 20 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने प्रसव केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां हेल्थ एटीएम मशीन, लैब रूम और लेबर रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कल्पना से जानकारी लेने पर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में नगरवासी पीएचसी परिसर पहुंच गए और जिलाधिकारी से डॉक्टरों के समय पर न आने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए।
फतेहपुर के असोथर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और सीएमओ डॉ. उदय भान सिंह ने बुधवार, 24 जून को दोपहर 1:45 बजे औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. नीरज गुप्ता सहित सभी स्टाफ मौजूद था। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर, स्टोर रूम, मरीज कक्ष और चिकित्सा प्रभारी कक्ष के बगल स्थित शौचालय मार्ग का जायजा लिया। जांच के दौरान जागरूकता अभियान के लिए वितरित किए जाने वाले बड़ी संख्या में पत्रक डंप पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि कर्मचारियों को कई बार पत्रक हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी से पूछा कि निर्देशों का पालन
न होने की जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। सीएमओ ने तीन दिन के भीतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने और 20 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने प्रसव केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां हेल्थ एटीएम मशीन, लैब रूम और लेबर रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स कल्पना से जानकारी लेने पर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में नगरवासी पीएचसी परिसर पहुंच गए और जिलाधिकारी से डॉक्टरों के समय पर न आने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए।
- जनपद मऊ में गोंड समाज के लोगों ने महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख रूप से गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति के तहत जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लंबे समय से इन मांगों को उठाए जाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हमारे सहयोगी धीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी के अनुसार, इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग शामिल हुए और प्रशासन से शीघ्र न्याय प्रदान करने की अपील की।1
- देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का कार्य तेजी से जारी है, जिससे उपभोक्ता अब अपनी बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर रियल टाइम में देख सकेंगे। इन स्मार्ट मीटरों के माध्यम से बिलिंग प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आने और बिजली प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ऊर्जा क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा अपडेट है।1
- बांदा के इंदिरा गांधी सभागार स्थित कांग्रेस कार्यालय में आरक्षण दिवस के अवसर पर आरक्षण के तीन "धुरंधर महानायकों" को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आरक्षण की व्यवस्था को स्थापित करने और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन प्रमुख समर्थकों का सम्मान करना था। श्रद्धांजलि अर्पित किए गए महानायकों में सर्वप्रथम छत्रपति शाहू जी महाराज थे, जिन्होंने स्वतंत्रता से पूर्व ही आरक्षण की शुरुआत की थी। दूसरे महान नायक डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को याद किया गया, जिन्होंने आजादी के बाद संविधान का निर्माण किया और उसमें आरक्षण की व्यवस्था स्थापित की। तीसरे महानायक बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर जी थे, जिन्होंने सभी वर्गों के लिए, विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी आरक्षण को लागू किया था। इन तीनों को पूजनीय और महान बताते हुए उनके विचारों पर चलने का आह्वान किया गया। शहर अध्यक्ष कांग्रेस अफसाना शाह ने कहा कि हमें इन महानायकों की राहों पर चलना चाहिए। बार एसोसिएशन बांदा के पूर्व अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला यादव एडवोकेट ने बताया कि नेता राहुल गांधी वर्तमान में जाति जनगणना के लिए और आरक्षण को सशक्त बनाने हेतु आक्रामक रूप से प्रयासरत हैं, तथा इसे लागू करना चाहते हैं। डॉ. के.पी. सेन ने आरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला, वहीं पूर्व अध्यक्ष संजय गुप्ता ने जोर दिया कि जाति जनगणना के बाद आरक्षण को समुचित रूप से लागू किए जाने हेतु हमें संघर्षरत रहना होगा। इस कार्यक्रम में शिवाकांत शर्मा, राज बहादुर गुप्ता, शिव बली सिंह, चिन्ना राजपूत, रवि शंकर धुरिया, कृष्ण गोपाल धुरिया, अशोक वर्धन कांड, सैयद वारिस अली, इस्लाम हरिश्चंद्र बाजपेई, शब्बीर सौदागर, लालू प्रसाद, अश्वनी कुमार, रामेश्वर यादव, गुफरान शाह और सुखदेव गांधी सहित कई अन्य कार्यकर्ता एवं नेता सम्मिलित हुए।3
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहाँ पिता-पुत्र की एक जोड़ी ने लाइसेंसी बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। यह घटना ग्राम पचनेही में अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब मामूली कहासुनी के बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की और फिर जान से मारने की नियत से गोली चला दी। इस हमले में दो भाई और उनके पिता समेत कुल चार लोगों को गोली लगी थी। वारदात के बाद से ही दोनों आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के कड़े निर्देशों के तहत, कोतवाली देहात पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आज दोनों पिता-पुत्र को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त, आरोपी के शस्त्र लाइसेंस को स्थायी रूप से निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को एक रिपोर्ट भी भेजी गई है।3
- जनपद बांदा के गिरवा थाना क्षेत्र स्थित जरर बालू खदान में कथित तौर पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान बृजेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि खदान संचालक राजीव द्विवेदी के संरक्षण में उनके निजी खेत में बिना किसी अनुमति, पूर्व सूचना या सहमति के भारी मशीनों से खुदाई कर दी गई है, जिससे उनकी भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान बृजेश गुप्ता के अनुसार, जब उन्होंने इस अवैध खुदाई का विरोध किया, तो उन्हें लगातार धमकियां दी जाने लगीं और बालू खनन से जुड़े लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी बांदा से मामले की शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। बृजेश गुप्ता ने मांग की है कि उनके खेत की पैमाइश कराकर हुए नुकसान का आकलन किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका यह भी आरोप है कि जरर खदान में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन जारी है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पीड़ित किसान बृजेश गुप्ता ने कहा, "मेरे खेत में बिना अनुमति के खुदाई कर दी गई। विरोध करने पर मुझे धमकियां दी जा रही हैं। मैंने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की है।"4
- सतना में, 'खाकी की बारी' शीर्षक से पोस्ट करने वाले आदतन अपराधी अमित सोनी उर्फ बंटा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह बदमाश अवैध हथियारों के दम पर क्षेत्र में खौफ फैला रहा था और उसने एक एयरफोर्स अधिकारी के घर के बाहर फायरिंग भी की थी। कोलगवा टीआई सुदीप सोनी की अगुआई में पुलिस टीम को इस कार्रवाई में सफलता मिली।1
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के टोल अनुबंध में बड़े राजस्व नुकसान का खुलासा हुआ है, जहाँ यूपीडा (यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और टोल ठेकेदार कंपनी ने मिलकर सरकार को ₹13.34 करोड़ की स्टांप चोरी का चूना लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब दातार सिक्योरिटी सर्विस ग्रुप इन कंसोर्टियम विद मेसर्स श्री साई इंटरप्राइजेज ने यूपीडा के साथ 10 अक्टूबर 2024 को दो साल के लिए ₹333 करोड़ 65 लाख का टोल कलेक्शन एग्रीमेंट मात्र ₹100 के स्टांप पेपर पर गुपचुप तरीके से कर लिया, जबकि किसी भी बड़े अनुबंध पर उसकी विधि कीमत के आधार पर एक निर्धारित स्टांप शुल्क देना अनिवार्य होता है। इस तरह, ठेकेदार कंपनी ने सरकार की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश की और ₹13 करोड़ 34 लाख की स्टांप चोरी की। यह गंभीर धोखाधड़ी स्टांप एवं निबंधन विभाग की जांच में उजागर हुई, जिसके बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ स्टांप चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। चित्रकूट धाम मंडल के डीआईजी निबंधक स्टांप, रईस अहमद खान ने बताया है कि भारतीय स्टांप अधिनियम के उल्लंघन के इस मामले में आरोपी कंपनी और यूपीडा सहित संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार वसूली और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब अन्य बड़े अनुबंधों की भी जांच शुरू की गई है।4
- बांदा के कोतवाली देहात थाना पुलिस ने एक मामूली विवाद में लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर चार लोगों को घायल करने वाले दो वांछित अभियुक्तों, जो पिता-पुत्र हैं, को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशानुसार जनपद में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। मामला तब सामने आया जब 26 अक्टूबर 2025 को थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम पचनेही निवासी महेश पुत्र बंशी ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर 2025 को गांव के ही कुछ लोगों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी बंदूक से कई बार फायर किए। इस फायरिंग में उनके पिता और भाई को पैर में गोली लग गई, साथ ही मोहल्ले के दो अन्य लोग भी घायल हो गए थे। महेश की तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, और अभियुक्त काफी समय से फरार चल रहे थे जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयासों के क्रम में, पुलिस ने आज 25 जून 2026 को दोनों पिता-पुत्र अभियुक्तों को ग्राम पचनेही स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक भी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय में पेश किया गया है, और उनके शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए संबंधित विभाग को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।2