मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 29 मई को 2 जून तक अपनी रिमांड में ले लिया है. यह कार्रवाई ट्विशा की मौत के 17 दिन बाद हुई. इससे पहले, 28 मई को हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. 12 मई को ट्विशा की मौत से लेकर 29 मई को सीबीआई रिमांड मिलने तक, इस मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे यह चर्चा का विषय बना हुआ है. रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले, सीबीआई एक बार फिर समर्थ और गिरिबाला को उनके घर ले गई है. यहां पूरी घटना का सीन रिक्रिएट किया जा रहा है कि ट्विशा को फंदे से कैसे उतारा गया था. इस रिक्रिएशन के लिए ट्विशा के 80 किलो के डमी पुतले का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम को सटीक तरीके से समझा जा सके. समर्थ ने अपने बयान में कहा था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि मां गिरिबाला ने जिमनास्टिक के फंदे की गांठ खोली थी. सीबीआई इस दावे की पड़ताल करने के लिए लिगेचर की मजबूती और वह कितना वजन झेल सकता है, इसकी भी जांच कर रही है. इसके अतिरिक्त, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई परिवार द्वारा बताई गई लंबाई से भिन्न पाई गई थी. इस विसंगति को समझने के लिए सीबीआई ने अलग लंबाई का एक दूसरा पुतला भी बनवाया है, ताकि 12 मई की घटना को सही ढंग से समझा जा सके. घटना से पहले और बाद की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, घटना के बाद पति समर्थ सिंह का अचानक लापता होकर बाद में आत्मसमर्पण करना, और गिरिबाला सिंह के कई विवादित बयान इस चर्चित मामले में लगातार बहस और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद निष्पक्ष पड़ताल और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है, और जांच तथा कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है.
मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 29 मई को 2 जून तक अपनी रिमांड में ले लिया है. यह कार्रवाई ट्विशा की मौत के 17 दिन बाद हुई. इससे पहले, 28 मई को हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. 12 मई को ट्विशा की मौत से लेकर 29 मई को सीबीआई रिमांड मिलने तक, इस मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे यह चर्चा का विषय बना हुआ है. रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले, सीबीआई एक बार फिर समर्थ और गिरिबाला को उनके घर ले गई है. यहां पूरी घटना का सीन रिक्रिएट किया जा रहा है कि ट्विशा को फंदे से कैसे उतारा गया था. इस रिक्रिएशन के लिए ट्विशा के 80 किलो के डमी पुतले का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम को सटीक तरीके से समझा जा सके. समर्थ ने अपने
बयान में कहा था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि मां गिरिबाला ने जिमनास्टिक के फंदे की गांठ खोली थी. सीबीआई इस दावे की पड़ताल करने के लिए लिगेचर की मजबूती और वह कितना वजन झेल सकता है, इसकी भी जांच कर रही है. इसके अतिरिक्त, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई परिवार द्वारा बताई गई लंबाई से भिन्न पाई गई थी. इस विसंगति को समझने के लिए सीबीआई ने अलग लंबाई का एक दूसरा पुतला भी बनवाया है, ताकि 12 मई की घटना को सही ढंग से समझा जा सके. घटना से पहले और बाद की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, घटना के बाद पति समर्थ सिंह का अचानक लापता होकर बाद में आत्मसमर्पण करना, और गिरिबाला सिंह के कई विवादित बयान इस चर्चित मामले में लगातार बहस और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद निष्पक्ष पड़ताल और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है, और जांच तथा कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है.
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