*राखी के रंगों से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान, बिहान से महिलाओं को मिला हुनर और स्वरोजगार का अवसर* *रक्षाबंधन से पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को राखी निर्माण का प्रशिक्षण, डिजाइनिंग से डिजिटल मार्केटिंग तक सिखाए जा रहे गुर* *विशेष लेख: - लोकेश्वर सिंह* *एमसीबी/31 जुलाई 2026/* रक्षाबंधन का पर्व जहां भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, वहीं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में इस पर्व ने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी खोल दिए हैं। बिहान योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आकर्षक एवं हस्तनिर्मित राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ना, उनकी आय के नए स्रोत विकसित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण में महिलाएं पूरे उत्साह और लगन के साथ राखी निर्माण की बारीकियां सीख रही हैं। *डिजाइनिंग से पैकेजिंग तक, राखी कारोबार के गुर* प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार की डिजाइनर राखियां तैयार करने, रंगों के बेहतर संयोजन, सजावट, फिनिशिंग और आकर्षक पैकिंग की तकनीक सिखाई जा रही है। इसके साथ ही उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के लिए विपणन की जानकारी भी दी जा रही है। प्रशिक्षण की खास बात यह है कि महिलाओं को केवल पारंपरिक तरीके से राखी बनाने तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री के तौर-तरीके भी बताए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय बाजार से आगे बढ़ाकर डिजिटल बाजार से जोड़ना है। *सोशल मीडिया बनेगा बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पहुंच* प्रशिक्षण ले रहीं महिलाओं का कहना है कि वे राखी निर्माण का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आकर्षक राखियां तैयार करेंगी और स्थानीय बाजार में उनकी बिक्री करेंगी। साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रचार करेंगी। महिलाएं मीशो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने उत्पादों को बेचने का प्रयास करेंगी। उनका मानना है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए उनके उत्पाद जिले से बाहर प्रदेश और देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। इससे बाजार का विस्तार होगा और समूह की आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे। *राखी से शुरुआत, आगे त्योहारों के लिए उत्पाद बनाने की तैयारी* प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। उनके लिए यह प्रशिक्षण सिर्फ राखी बनाना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने हुनर को रोजगार में बदलने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर है। महिलाओं का कहना है कि पहले उनका अधिकांश समय घरेलू कार्यों में ही गुजरता था, लेकिन अब वे अपने कौशल को आय का साधन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका लक्ष्य राखी के साथ-साथ भविष्य में दीपावली, तीज, करवा चौथ सहित अन्य पर्व-त्योहारों के लिए हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर समूह की आय को लगातार बढ़ाना है। *प्रशिक्षण के साथ बाजार की समझ से बढ़ा आत्मविश्वास* महिलाओं ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म छोटे उद्यमियों के लिए बड़े बाजार का माध्यम बन चुके हैं। यदि ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ उचित बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो वे भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। इसी सोच के साथ बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, उत्पाद निर्माण और बाजार से जुड़ने का अवसर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण से महिलाओं में नया हुनर सीखने के साथ अपने उत्पादों को बाजार में उतारने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। *महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर लगातार जोर* कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम के नेतृत्व में एमसीबी जिले में बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षणों के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे अपनी आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकें। *प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार* प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने बिहान योजना के माध्यम से मिले अवसर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं से उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का भी धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके कौशल को निखारने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ परिवार की आय बढ़ाने और जिले के विकास में भागीदारी निभाने का अवसर देंगे। राखी निर्माण से शुरू हुआ यह सफर आने वाले समय में ग्रामीण महिला उद्यमिता की नई पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
*राखी के रंगों से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान, बिहान से महिलाओं को मिला हुनर और स्वरोजगार का अवसर* *रक्षाबंधन से पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को राखी निर्माण का प्रशिक्षण, डिजाइनिंग से डिजिटल मार्केटिंग तक सिखाए जा रहे गुर* *विशेष लेख: - लोकेश्वर सिंह* *एमसीबी/31 जुलाई 2026/* रक्षाबंधन का पर्व जहां भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, वहीं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में इस पर्व ने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी खोल दिए हैं। बिहान योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आकर्षक एवं हस्तनिर्मित राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ना, उनकी आय के नए स्रोत विकसित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। प्रशिक्षण में महिलाएं पूरे उत्साह और लगन के साथ राखी निर्माण की बारीकियां सीख रही हैं। *डिजाइनिंग से पैकेजिंग तक, राखी कारोबार के गुर* प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार की डिजाइनर राखियां तैयार करने, रंगों के बेहतर संयोजन, सजावट, फिनिशिंग और आकर्षक पैकिंग की तकनीक सिखाई जा रही है। इसके साथ ही उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के लिए विपणन की जानकारी भी दी जा रही है। प्रशिक्षण की खास बात यह है कि महिलाओं को केवल पारंपरिक तरीके से राखी बनाने तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री के तौर-तरीके भी बताए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय बाजार से आगे बढ़ाकर डिजिटल बाजार से जोड़ना है। *सोशल मीडिया बनेगा बाजार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पहुंच* प्रशिक्षण ले रहीं महिलाओं का कहना है कि वे राखी निर्माण का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आकर्षक राखियां तैयार करेंगी और स्थानीय बाजार में उनकी बिक्री करेंगी। साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रचार करेंगी। महिलाएं मीशो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने उत्पादों को बेचने का प्रयास करेंगी। उनका मानना है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए उनके उत्पाद जिले से बाहर प्रदेश और देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। इससे बाजार का विस्तार होगा और समूह की आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे। *राखी से शुरुआत, आगे त्योहारों के लिए उत्पाद बनाने की तैयारी* प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। उनके लिए यह प्रशिक्षण सिर्फ राखी बनाना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने हुनर को रोजगार में बदलने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर है। महिलाओं का कहना है कि पहले उनका अधिकांश समय घरेलू कार्यों में ही गुजरता था, लेकिन अब वे अपने कौशल को आय का साधन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका लक्ष्य राखी के साथ-साथ भविष्य में दीपावली, तीज, करवा चौथ सहित अन्य पर्व-त्योहारों के लिए हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर समूह की आय को लगातार बढ़ाना है। *प्रशिक्षण के साथ बाजार की समझ से बढ़ा आत्मविश्वास* महिलाओं ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म छोटे उद्यमियों के लिए बड़े बाजार का माध्यम बन चुके हैं। यदि ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ उचित बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो वे भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। इसी सोच के साथ बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, उत्पाद निर्माण और बाजार से जुड़ने का अवसर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण से महिलाओं में नया हुनर सीखने के साथ अपने उत्पादों को बाजार में उतारने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। *महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर लगातार जोर* कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम के नेतृत्व में एमसीबी जिले में बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षणों के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे अपनी आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकें। *प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार* प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने बिहान योजना के माध्यम से मिले अवसर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं से उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का भी धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके कौशल को निखारने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ परिवार की आय बढ़ाने और जिले के विकास में भागीदारी निभाने का अवसर देंगे। राखी निर्माण से शुरू हुआ यह सफर आने वाले समय में ग्रामीण महिला उद्यमिता की नई पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
- ও সেপদ মন্ডল1
- दो शब्द आप बोलेंगे क्या वीडियो देख कर अगर मन हो तो दिल खोल के बोले 😅1
- दुनिया भर में कर्ज लेने में हमारा स्थान नंबर वन पहुंच गया है।1
- कहीं ना कहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बात मैं सच्चाई है।1
- हाथियों ने किसान का घर तोड़ा फसलों को रौंदा लगातार हाथी का उत्पात जारी है जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के ग्राम ढाब में 12 हाथियों का उत्पात, एक मकान क्षतिग्रस्त, कई किसानों की फसल बर्बाद एमसीबी --- जिले के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाब में बुधवार, 30 जुलाई 2026 की रात लगभग 2 बजे 12 हाथियों के दल ने गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता प्राप्त की। हाथियों के हमले में ग्राम ढाब निवासी विशाले सिंह, पिता जयदीन सिंह का एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा गांव के कई किसानों की खेतों में खड़ी फसलों को भी हाथियों ने रौंद दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के दौरान ग्रामीण पूरी रात भय और सतर्कता के बीच रहे। पार्क परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि 12 हाथियों का दल रात के समय जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से सतर्कता एवं सुरक्षा के साथ हाथियों को पुनः जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों की सूचना मिलते ही उनके निकट जाने का प्रयास न करें, न ही उन्हें उकसाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे भविष्य में जन-धन की हानि को रोका जा सके।3
- राष्ट्रीय कमेटी के निर्देश से गोगपा का सर्वे टीम पहुंचा मदननगर सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत मदननगर में 24जुलाई को कोल माइंस भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसानों ओर पुलिस बल के आमने सामने भिडंत हुआ था जिसमें कई लोग को घायल हुए थे जिसकी मुआयना लेने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय कमेटी के निर्देश से मौका जांच करने पहुंचा।1
- "महिलाओं के सम्मान पर सियासत गरम: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और सांसद कंगना रनौत के खिलाफ महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, सार्वजनिक माफी की मांग" मनेंद्रगढ़/एमसीबी। महिलाओं के सम्मान और देश की बेटियों की गरिमा को लेकर राजनीतिक माहौल शुक्रवार को उस समय गर्मा गया, जब जिला महिला कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा सांसद कंगना रनौत के विरोध में राजीव गांधी चौक, खेड़िया टॉकीज़ के पास प्रतीकात्मक पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं और युवा पीढ़ी की बेटियों के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां न केवल असंवेदनशील हैं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान पर भी सीधा आघात हैं। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री अलका लाम्बा के निर्देश तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष श्रीमती संगीता सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के शब्द समाज में व्यापक प्रभाव छोड़ते हैं, इसलिए उनकी भाषा मर्यादित और जिम्मेदार होनी चाहिए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि महिलाओं का सम्मान किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की अपमानजनक या असंवेदनशील टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती और महिला कांग्रेस ऐसे हर मुद्दे पर मुखर होकर आवाज उठाती रहेगी। पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश महामंत्री रुकमणी खोपरागढ़े ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के लगातार सामने आ रहे ऐसे बयान समाज में गलत संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवेदनशीलता दिखाना आवश्यक है और संबंधित नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह ने कहा कि देश की बेटियों के आत्मसम्मान पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी और महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी। पूर्व जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस (शहर) रूमा चटर्जी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी बयान का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। वहीं पूर्व जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस (ग्रामीण) निर्मला चतुर्वेदी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और देश की बेटियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए है। प्रदर्शन में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून, बबीता यादव, शशि चंदेल, नीलमां शामल, ममता रजक, सीता कली, दीपा सिंह, सरोज, ज्योति, शकीला बाला सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।4
- बेलगाम रफ्तार का कहर: तेज़ रफ़्तार कार ने कई लोगों को रौंदा, शहर की यातायात व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे मनेन्द्रगढ़ शहर में तेज़ रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक गंभीर मामला सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीजी 16 बी 8323 नंबर की एक कार ने खेडिया टॉकीज के पास से लेकर मेन रोड मौहार पारा तक कई लोगों को लगातार टक्कर मार दी, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि कार चालक अत्यधिक तेज गति से वाहन चला रहा था। जब तक लोग कुछ समझ पाते और वाहन को रोकने का प्रयास करते, तब तक चालक तेज़ी से मौके से फरार हो चुका था। इस घटना ने शहर की यातायात व्यवस्था और लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की व्यस्त सड़कों पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन प्रभावी निगरानी और कड़ी कार्रवाई के अभाव में ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। नागरिकों ने दोषी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, घायलों को समुचित उपचार तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की है। बहरहाल घायलों की संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1