उपमंडल चुराह में प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना चार साल बाद भी साकार नहीं हो पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह के साथ इस केंद्र का शिलान्यास किया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के बावजूद चुराह के किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और नई योजनाओं की जानकारी के लिए अभी भी बाहर का रुख करना पड़ रहा है। यह प्रशिक्षण केंद्र किसानों को उन्नत खेती, बीज चयन, मृदा परीक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन फाइलों से बाहर नहीं निकल सका। स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों में इस देरी को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि हर साल घोषणाएं होती हैं, शिलान्यास भी कर दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिखता। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाए, ताकि चुराह क्षेत्र के किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर कब जागता है और यह कृषि प्रशिक्षण केंद्र कागजों से निकलकर जमीन पर उतरता है। बाइट डॉ अनमोल वेटनरी ऑफिसर।
उपमंडल चुराह में प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना चार साल बाद भी साकार नहीं हो पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह के साथ इस केंद्र का शिलान्यास किया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के बावजूद चुराह के किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और नई योजनाओं की जानकारी के लिए अभी भी बाहर का रुख करना पड़ रहा है। यह प्रशिक्षण केंद्र किसानों को उन्नत खेती, बीज चयन, मृदा परीक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था, लेकिन फाइलों से बाहर नहीं निकल सका। स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों में इस देरी को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि हर साल घोषणाएं होती हैं, शिलान्यास भी कर दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिखता। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाए, ताकि चुराह क्षेत्र के किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर कब जागता है और यह कृषि प्रशिक्षण केंद्र कागजों से निकलकर जमीन पर उतरता है। बाइट डॉ अनमोल वेटनरी ऑफिसर।
- चंबा — बर्फबारी के दौरान ऊपरी क्षेत्रों में भोजन और सुरक्षित आवास की कमी होने पर वन्यप्राणी निचले इलाकों का रुख करते हैं। ऐसे समय में लोगों को सतर्क और संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। यह जानकारी वाइल्ड लाइफ चंबा में कार्यरत डीएफओ कुलदीप सिंह जमवाल ने दी। डीएफओ कुलदीप सिंह जमवाल ने आमजन से अपील की है कि बर्फबारी के मौसम में दिखाई देने वाले वन्यप्राणियों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यह वन्यप्राणी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण अस्थायी रूप से मानव बस्तियों के आसपास आ जाते हैं और इनके साथ छेड़छाड़ या हिंसा कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी क्षेत्र में वन्यप्राणी नजर आते हैं तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वन्यजीव संरक्षण में आमजन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और सहयोग से ही मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सकता है। बाइट कुलदीप सिंह जमवाल डीएफओ वाइल्ड लाइफ चंबा।1
- 🎤 गायक विक्की शर्मा से खास मुलाक़ात 🎶 संगीत, साधना और भावनाओं से भरी इस विशेष बातचीत में जानिए गायक विक्की शर्मा के जीवन, उनकी संगीत यात्रा और आध्यात्मिक सोच के अनछुए पहलू। यह मुलाक़ात न सिर्फ़ संगीत प्रेमियों के लिए बल्कि श्रद्धा और संस्कृति से जुड़े हर दर्शक के लिए खास है। 🙏✨ 🙏 Please Like, Comment, Share & Subscribe और पाएं Spiritual & Vrindavan से जुड़ी ताज़ा और विशेष अपडेट्स 🌸 📣 Connect with Gagret Halchal आपकी आवाज़, आपके क्षेत्र की धड़कन – News & Devotion का भरोसेमंद मंच 👇 🌐 Facebook https://www.facebook.com/share/1Jq5Qu1Prk/ 📸 Instagram https://instagram.com/gagrethalchal?igshid=dnY1cTB0ZjEwcm95 🔔 WhatsApp Channel https://whatsapp.com/channel/0029VafqIstIXnljQYG8Mo2i 📞 Advertising / Business Enquiries हम हमेशा आपके और समाज के बीच सेतु बनने के लिए तत्पर 🤝 📱 Call/WhatsApp: +91 8091292600 📧 Email: gagrethalchal@gmail.com ✨ Gagret Halchal – सच, सरोकार और संस्कृति के साथ ✨1
- उपमंडल बंगाणा के तहत रायपुर मैदान महल में टिक्का शिवेंद्र पाल और युवा मंडल रायपुर मैदान द्वारा रोज़गार मेले का आयोजन किया गया1
- घने कोहरे और कड़ाके की ठंड का असर: रविवार को चिंतपूर्णी मंदिर में कम पहुंचे श्रद्धालु, मिनटों में हुए दर्शन खबर: प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। आमतौर पर रविवार को जहां मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं, वहीं इस बार ऐसा नज़ारा देखने को नहीं मिला। श्रद्धालुओं को बिना अधिक प्रतीक्षा किए चंद मिनटों में ही माता रानी के दर्शन प्राप्त हुए। मंदिर प्रशासन के अनुसार पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में घने कोहरे के साथ बढ़ती ठंड के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही में कमी दर्ज की गई है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कई श्रद्धालुओं ने यात्रा स्थगित कर दी, जिसका सीधा असर रविवार की भीड़ पर पड़ा।हालांकि भीड़ कम रहने के बावजूद मंदिर में व्यवस्थाएं सुचारू रहीं। सुरक्षा, सफाई और दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं ने शांत वातावरण में माता रानी के दर्शन कर संतोष व्यक्त किया और कहा कि कम भीड़ के चलते उन्हें सहज और आरामदायक अनुभव मिला। फिलहाल ठंड और कोहरे के असर से दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी बनी हुई है। वाइट गगन कालिया पुजारी चिंतपूर्णी मंदिर3
- Post by Himachal Update 24 News1
- सोशल मीडिया पर एक बच्चे का मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके एक्सप्रेशन पर यूज़र्स ने लिखा, अब होगी पूरी फैमिली की फील्डिंग सेट।वीडियो को ह्यूमर और रिएक्शन मीम के तौर पर खूब शेयर किया जा रहा है। #Viral #TrendingReels #InternetBuzz #FunnyVideo #MemeCulture #Reels1
- मंडी। जिला मंडी कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष गुरु शरण परमार ने जोगिंदर नगर शहर स्थित गाँधी वाटिका में महात्मा गाँधी की प्रतिमा के नीचे साफ सफाई की व बैठकर सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक अनशन रखा l महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए परमार ने कहा कि जिस तरह से मनरेगा कानून को खत्म करके इसे एक मिशन का नाम देकर केंद्र सरकार इसे कमजोर करके धीरे धीरे खत्म करना चाहती है यह देश की गरीब जनता के साथ सरासर धोखा है और इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा l जो केंद्र के नब्बे प्रतिशत योगदान को कम करके साठ प्रतिशत करके चालीस प्रतिशत बोझ वह प्रदेश सरकारों पर डालना चाहती है कोई भी राज्य सरकार इसको वहन नहीं कर पाएगी और अन्ततः यह योजना समाप्ति की ओर चल पड़ेगी l परमार ने कहा कि अब जो अपने ही गाँव में रोजगार देने की शर्त को भी हटाया जा रहा है तो लोगों को दूर काम देने के नाम पर परेशान करके इस योजना को सफेद हाथी साबित करना चाहती है l पंचायतों के काम डालने के अधिकार को छीना जा रहा है अब केंद्र निर्धारित करेगा कि किस गाँव में कौन सा काम होगा कौन से में नहीं यही पंचायतों को पंगु बनाने की एक साजिश है l परमार ने कहा कि अगर सरकार अपने कदम पीछे नहीं खींचती है तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा मगर गरीब के रोजगार के अधिकार की रक्षा की जाएगी l इस अवसर पर जोगिंदर नगर सेवा दल की अध्यक्षा सरोज यादव, वरिष्ठ कांग्रेसी गोपाल बरवाल, एन एस यू आई के राज ठाकुर, संत बक्श सिंह, पूर्व युवा कांग्रेस महासचिव संतोष ठाकुर, पूर्व सचिव देवी दास रांगड़ा आदि उपस्थित रहे l1
- चुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हंसराज ने क्षेत्र में अवैध रूप से कश्मल (जड़ी-बूटी) उखाड़ने की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने वन विभाग से इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सके। विधायक हंसराज ने कहा कि कश्मल जैसी बहुमूल्य औषधीय वनस्पतियां न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी और जैव विविधता की रीढ़ भी हैं। अवैध तरीके से इनके उखाड़े जाने से जंगलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है और भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने वन विभाग से आग्रह किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया जाए, ताकि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दे सकें। विधायक ने कहा कि प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाइट हंस राज भाजपा विधायक चुराह।1