अमेठी पुलिस ने जायस थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। दरअसल, जायस थाना क्षेत्र के रानी हरवंशगंज मजरे मवई आलमपुर निवासी आकाश पुत्र धर्मवीर ने 3 जून को जायस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 2 जून की शाम करीब चार बजे गांव के दुर्गेश, इमरान और अरमान छत के रास्ते से उनके घर में घुस गए थे, जब उनकी पत्नी अकेली थी। आरोपियों ने उनकी पत्नी को डरा-धमकाकर अलमारी और पेटी की चाबी ले ली, जिसके बाद वे रखे हुए सोने-चांदी के आभूषण और 10 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। जब उनकी पत्नी ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर एसपी सरवणन टी. के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। सीओ दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्रिपुला तिराहे के पास घेराबंदी करके बाइक सवार दो आरोपियों, अरमान और दुर्गेश, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी पाजेब, एक जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी हाथफूल, चांदी के टुकड़े, मंगलसूत्र, मांग टीका, नथिया, टॉप्स और झुमकी समेत अन्य आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने साथी इमरान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने बताया कि कुछ अन्य आभूषण अभी बरामद किए जाने बाकी हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। इस घटना में शामिल एक अन्य आरोपी इमरान फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने घटना का शीघ्र खुलासा करने वाली थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम की सराहना करते हुए पूरी टीम को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
अमेठी पुलिस ने जायस थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। दरअसल, जायस थाना क्षेत्र के रानी हरवंशगंज मजरे मवई आलमपुर निवासी आकाश पुत्र धर्मवीर ने 3 जून को जायस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 2 जून की शाम करीब चार बजे गांव के दुर्गेश, इमरान और अरमान छत के रास्ते से उनके घर में घुस गए थे, जब उनकी पत्नी अकेली थी। आरोपियों ने
उनकी पत्नी को डरा-धमकाकर अलमारी और पेटी की चाबी ले ली, जिसके बाद वे रखे हुए सोने-चांदी के आभूषण और 10 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। जब उनकी पत्नी ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर एसपी सरवणन टी. के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। सीओ दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्रिपुला तिराहे के पास घेराबंदी करके बाइक सवार दो आरोपियों, अरमान और दुर्गेश, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी पाजेब, एक जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी हाथफूल, चांदी
के टुकड़े, मंगलसूत्र, मांग टीका, नथिया, टॉप्स और झुमकी समेत अन्य आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने साथी इमरान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने बताया कि कुछ अन्य आभूषण अभी बरामद किए जाने बाकी हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। इस घटना में शामिल एक अन्य आरोपी इमरान फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने घटना का शीघ्र खुलासा करने वाली थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम की सराहना करते हुए पूरी टीम को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
- Post by विनय कुमार कनौजिया पत्रकार1
- एक पीडब्ल्यूडी कर्मी की सर्पदंश से मृत्यु हो गई है। इस दुखद घटना के उपरांत, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।1
- प्रतापगढ़ के लालगंज विकास खंड अंतर्गत पहाड़पुर गौ आश्रय स्थल में गौवंश कम होने की शिकायतें निराधार पाई गईं। जांच के दौरान, अभिलेखों में दर्ज सभी गौवंश मौके पर मौजूद मिले। बजरंग दल, गौरक्षा दल और करणी सेना के पदाधिकारियों ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर हकीकत परखी। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने कल ही एसडीएम, सीओ और स्थानीय थाने पर गौकशी का आरोप लगाया था। हालांकि, निरीक्षण के बाद अपने बयान में पदाधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें लोगों द्वारा गुमराह किया गया था और वे गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट हैं।4
- ज्येष्ठ माह के पांचवें मंगलवार के अवसर पर, दिनांक 02 जून 2026 की रात्रि को प्रतापगढ़ स्थित प्राचीन श्री चित्रगुप्त भगवान पंचधाम मंदिर, टेऊंगा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, प्रतापगढ़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्री चित्रगुप्त भगवान और हनुमान जी का दिव्य पूजन, सुंदरकांड पाठ तथा एक विशाल भंडारा शामिल था। इसी दौरान, प्रतापगढ़ अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की जिला कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई।1
- रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के आदेश पर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया गया। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 प्रशांत कुमार और उनकी टीम ने सदर तहसील के थाना गुरबक्शगंज के संदिग्ध ग्रामों, घाटमपुर और पथरीगढ़ में अवैध कच्ची शराब बनाने वाले अड्डों और संदिग्ध घरों पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, जिले में कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब और 250 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत 03 अभियोग पंजीकृत किए गए। इस अभियान में एक अभियुक्त को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी।2
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में, जिसमें चार हत्याएं शामिल थीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1
- प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडे और अपर जिलाधिकारी आदित्य प्रजापति के निर्देश पर तहसीलदार सदर / प्रभारी जनगणना अधिकारी सदर ने सदर क्षेत्र में चल रहे भवन गणना कार्य का निरीक्षण किया। तहसीलदार सदर अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर सुपरवाइजरों और प्रगणकों की उपस्थिति जाँची। इस दौरान, उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को समय पर अपने क्षेत्र में रहकर भवन गणना का कार्य संपन्न करने का सख्त निर्देश दिया।1
- दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित एक रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटना को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या के संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का सही आकलन सामने आ सकेगा।1