शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,,, गायत्री प्रार्थना' (या गायत्री साधना से संबंधित लघु पुस्तकें) केवल शब्दों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे गायत्री महाशक्ति को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। आचार्य जी ने गायत्री मंत्र को 'युग मंत्र' माना और इसके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पक्षों को बहुत ही सरल भाषा में प्रस्तुत किया। यहाँ इस पुस्तक और उनकी लेखनी के मुख्य बिंदुओं का विवरण दिया गया है: 1. पुस्तक का मुख्य उद्देश्य इस पुस्तक का प्राथमिक उद्देश्य गायत्री उपासना को रूढ़िवाद और कर्मकांडों के जाल से निकालकर उसे 'जीवन जीने की कला' से जोड़ना है। आचार्य जी का मानना था कि गायत्री सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं, और उनकी प्रार्थना का अर्थ है—अपने भीतर विवेक को जाग्रत करना। 2. मुख्य विषय-वस्तु गायत्री प्रार्थना से संबंधित साहित्यों में आमतौर पर निम्नलिखित विषय शामिल होते हैं: गायत्री मंत्र का अर्थ: मंत्र के प्रत्येक अक्षर के पीछे छिपे हुए दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अर्थ की व्याख्या। उपासना विधि: जप, ध्यान और प्राणायाम की सरल विधियाँ जो एक आम गृहस्थ भी आसानी से कर सके। गायत्री चालीसा एवं आरती: भक्ति भाव जगाने के लिए मधुर स्तुतियाँ। सद्बुद्धि की प्रार्थना: पुस्तक में इस बात पर जोर दिया गया है कि हम ईश्वर से धन या वस्तु नहीं, बल्कि 'सद्बुद्धि' मांगें, क्योंकि सही बुद्धि होने पर जीवन की हर समस्या का समाधान संभव है। 3. साधना के तीन चरण आचार्य जी ने अपनी पुस्तकों में गायत्री साधना के तीन अनिवार्य अंग बताए हैं: उपासना: ईश्वर के समीप बैठना (जप और ध्यान)। साधना: अपने स्वभाव और दोषों को सुधारना। आराधना: समाज की सेवा में अपनी प्रतिभा और समय लगाना। पुस्तक की कुछ प्रमुख विशेषताएं
शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,,, गायत्री प्रार्थना' (या गायत्री साधना से संबंधित लघु पुस्तकें) केवल शब्दों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि वे गायत्री महाशक्ति को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। आचार्य जी ने गायत्री मंत्र को 'युग मंत्र' माना और इसके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक पक्षों को बहुत ही सरल भाषा में प्रस्तुत किया। यहाँ इस पुस्तक और उनकी लेखनी के मुख्य बिंदुओं का विवरण दिया गया है: 1. पुस्तक का मुख्य उद्देश्य इस पुस्तक का प्राथमिक उद्देश्य गायत्री उपासना को रूढ़िवाद और कर्मकांडों के जाल से निकालकर उसे 'जीवन जीने की कला' से जोड़ना है। आचार्य जी का मानना था कि गायत्री सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं, और उनकी प्रार्थना का अर्थ है—अपने भीतर विवेक को जाग्रत करना। 2. मुख्य विषय-वस्तु गायत्री प्रार्थना से संबंधित साहित्यों में आमतौर पर निम्नलिखित विषय शामिल होते हैं: गायत्री मंत्र का अर्थ: मंत्र के प्रत्येक अक्षर के पीछे छिपे हुए दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अर्थ की व्याख्या। उपासना विधि: जप, ध्यान और प्राणायाम की सरल विधियाँ जो एक आम गृहस्थ भी आसानी से कर सके। गायत्री चालीसा एवं आरती: भक्ति भाव जगाने के लिए मधुर स्तुतियाँ। सद्बुद्धि की प्रार्थना: पुस्तक में इस बात पर जोर दिया गया है कि हम ईश्वर से धन या वस्तु नहीं, बल्कि 'सद्बुद्धि' मांगें, क्योंकि सही बुद्धि होने पर जीवन की हर समस्या का समाधान संभव है। 3. साधना के तीन चरण आचार्य जी ने अपनी पुस्तकों में गायत्री साधना के तीन अनिवार्य अंग बताए हैं: उपासना: ईश्वर के समीप बैठना (जप और ध्यान)। साधना: अपने स्वभाव और दोषों को सुधारना। आराधना: समाज की सेवा में अपनी प्रतिभा और समय लगाना। पुस्तक की कुछ प्रमुख विशेषताएं
- कॉलेज में बिताए पल हमेशा याद आएंगे ब्योहारी | पंडित राम किशोर शुक्ला शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के मुख्य लेखपाल वंश बहादुर सिंह को सेवानिवृत्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जीवन का ज्यादातर समय बीता है, यहां बिताए पल हमेशा याद आएंगे।3
- Sidhi jila khaddi area ki ghatna Jo Khushi uske Naam Se Hui Hai 24 February ke din vah ghatna ko dabane ki koshish ki ja rahi hai main Narendra Singh bess Gram Panchayat kuniya6
- अंधविश्वास ही भगवान है1
- कटनी से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चलती ट्रेन के टॉयलेट डिब्बे में एक नवजात शिशु मिलने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इसकी सूचना मिली, मौके पर आरपीएफ और जीआरपी की टीम तुरंत पहुंच गई। बताया जा रहा है कि शिशु को बेहद असहाय हालत में छोड़ दिया गया था। घटना के बाद यात्रियों में आक्रोश और हैरानी का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किसने मासूम को इस हालत में छोड़ा। यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है—आखिर कब तक मासूम यूं ही बेबस छोड़ दिए जाएंगे? इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई है।1
- *प्रेस विज्ञप्ति* *दिनांक – 31/03/26* *थाना चित्रकूट जिला सतना (म.प्र.)* *थाना चित्रकूट पुलिस की बडी कार्यवाही* *– कन्टेनर ट्रक मे 53 नग भैस एवं पडवा को क्रूरतापूर्वक भरकर परिवहन करते हुये 04 पशु तस्करो को ट्रक सहित पकडा गया -* *श्रीमान हंसराज सिंह पुलिस अधीक्षक महोदय सतना के कुशल निर्देशन एवं श्री प्रेमलाल कुर्वे अति. पुलिस अधीक्षक महोदय ग्रामीण /देहात सतना एवं श्री राजेश कुमार बंजारे अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चित्रकूट जिला सतना (म.प्र.) के मार्गदर्शन एवं थाना चित्रकूट प्रभारी श्री निरी जी.एस. वाजपेयी के नेतृत्व में थाना स्टाफ के द्वारा बगदरा घाटी तरफ से आ रहे रजौला तिराहा के पास एक कन्टेनर ट्रक मे क्रूरतापूर्वक भरे 53 नग भैस एवं पडवा के साथ ट्रक सहित रंगे हाथ 04 पशु तस्करो को पकडा गया *घटना विवरण* दिनाक 31/03/26 को प्र.आर.853 अंकित सिंह मय हमराह स्टाफ के दौरान भ्रमण जरिये मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक लाल सफेद रंग का कन्टेनर ट्रक क्र. MH04GC5024 मे पड़ा/ भैंस लादकर बिक्री करने हेतु बगदरा घाटी रोड़ से होते हुए उत्तरप्रदेश तरफ ले जा रहे है । हमराही बल के बगदरा घाटी तरफ से एक लाल सफेद रंग का कन्टेनर ट्रक आते हुये दिखा जिसे रजौला तिराहा के पास रोका गया जो चालक कन्टेनर ट्रक खड़ा कर भागने का प्रयास किया तब हमराह स्टाफ द्वारा चालक को घेराबन्दीकर पकडा गया एक लाल सफेद रंग का कन्टेनर ट्रक. क्र. MH04GC5024 पाया गया एवं कन्टेनर ट्रक के ऊपर चढ़कर देखा गया तो कुल 53 नग भैस पड़वा ठसाठस भरे मिले । जिनके खड़े व बैठने की पर्याप्त जगह उपलब्ध नही थी भैसो को क्रुरतापूर्वक बांधकर कन्टेनर ट्रक के अंदर लोडकर परिवहन करते पाया गया चालक से नाम पता पुछने पर अपना नाम आयाज खान पिता रहीश खान उम्र 40 वर्ष निवासी अमरौधा भोगनीपुर थाना भोगनीपुर जिला कानपुर देहात उ.प्र का होना बताया व उसके साथी सफरूद्दीन पिता मुफ्तार खान उम्र 27 वर्ष निवासी छोटी मलहटी हाल निवासी सिंधि कैम्प थाना हनुमानताल जिला जबलपुर म.प्र, सलमान कुरैशी पिता मो.सफीक उम्र 22 वर्ष निवासी बोराबाग टक्कर थाना हनुमानताल जिला जबलपुर म.प्र , सरीफ पिता अब्दुल सईद उम्र 35 वर्ष निवासी गढ़ी मोहल्ला कसाई मण्डी के पास वार्ड नं. 02 थाना कोतवाली जिला दमोह म.प्र. के होना बताये । आरोपीगणो के कब्जे से 53 नग भैस पडवा एवं लादकर ले जाने वाले वाहन कन्टेनर ट्रक क्र. MH04GC5024 को जब्त किया गया है । आरोपी गणो के विरुद्ध अपराध क्र 137/26 धारा 11(घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 4/6 म.प्र. कृषक पशु परिक्षण अधिनियम 3/181 एमव्ही एक्ट के तहत पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की विवेचना जारी है । जब्ती- 1. कनटेनर ट्रक क्र. MH04GC5024 कीमती 10,00,000/-(दस लाख) रूपये एवं कुल 53 नग भैस व पडवा कीमती 13,00,000/-(तेरह लाख) कुल कीमती तेरह लाख (23,00,000/-) । आरोपी- 1. आयाज खान पिता रहीश खान उम्र 40 वर्ष निवासी अमरौधा भोगनीपुर थाना भोगनीपुर जिला कानपुर देहात उ.प्र. 2. सफरूद्दीन पिता मुफ्तार खान उम्र 27 वर्ष निवासी छोटी मलहटी हाल निवासी सिंधि कैम्प थाना हनुमानताल जिला जबलपुर म.प्र. 3. सलमान कुरैशी पिता मो.सफीक उम्र 22 वर्ष निवासी बोराबाग टक्कर थाना हनुमानताल जिला जबलपुर मध्यप्रदेश 4. सरीफ पिता अब्दुल सईद उम्र 35 वर्ष निवासी गढ़ी मोहल्ला कसाई मण्डी के पास वार्ड नं. 02 थाना कोतवाली जिला दमोह म.प्र. *सराहनीय भूमिका* थाना प्रभारी चित्रकूट निरी.जी.एस.वाजपेयी, प्र.आर. 853 अंकिंत सिंह ,आर 298 रामबगस नेताम ,आर 394 तरुण सेन , निखिल सिंह, आर 205 अनुज सिंह , आर 1094 विकास पाल ,आर 49 मानवेन्द्र सिंह1
- *मुआवजा बंटवारे में गड़बड़ी का आरोप! कलेक्टर से न्याय की गुहार* मैहर/अमरपाटन। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। तहसील अमरपाटन के नादन टोला स्थित आराजी नंबर 1488 और 1489 के भूमि स्वामियों ने कलेक्टर मैहर को आवेदन सौंपकर मुआवजा भुगतान में भारी गड़बड़ी और पक्षपात का आरोप लगाया है। संबंधित भूमि का बंटवारा अभी तक नहीं हुआ है और रिकॉर्ड में सभी भू-स्वामी संयुक्त रूप से सावित्री देवी, कौशल प्रसाद, इंद्रमणि, राजकिशोर्, लवकुश के नाम दर्ज हैं। इसके बावजूद मुआवजा राशि एक ही व्यक्ति के नाम देने की तैयारी की जा रही है, जिसे सह खतेदारो ने सरासर अन्याय बताया है। सह खातेदारों का कहना है कि उक्त भूमि नहर परियोजना के अंतर्गत प्रभावित है और इसका मुआवजा सभी हिस्सेदारों को बराबर-बराबर (1/5-1/5 हिस्से) में मिलना चाहिए। लेकिन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि नियमों को दरकिनार कर एक पक्ष को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है। अगर मुआवजा वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो गांव में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति बन सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आवेदक ने मांग की है कि मौके पर निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए और सभी भू-स्वामियों के नाम पर न्यायसंगत तरीके से मुआवजा बांटा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। क्या प्रशासन नियमों के मुताबिक सभी को हक देगा, या फिर मुआवजे में पक्षपात की ये कहानी और गहरी होगी?1
- लेकिन आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त होती है कि उसे किसी भी चीज का समय ही नहीं मिल पाता1
- उमरिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां काली नृत्य करते समय एक युवक की अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना नौरोजाबाद तहसील के ग्राम पठारी की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मृतक की पहचान राम गरीब कोल पिता प्रेमलाल कोल (उम्र लगभग 34 वर्ष) निवासी ग्राम पठारी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक काली नृत्य कर रहा था, तभी अचानक गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रथम दृष्टया मौत का कारण “साइलेंट अटैक” बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।1