रील बनान े के चक्कर में दर्दनाक हादसा, एक किशोर की मौत - 16 घंट े बाद सेना ने बचाए दो बच्चे रील बनान े के चक्कर में दर्दनाक हादसा, एक किशोर की मौत - 16 घंट े बाद सेना ने बचाए दो बच्चे सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया रील बनान े की होड़ एक बड़ े हादस े मे ं बदल गई। जर्जर पानी की टंकी पर वीडियो शूट करने पहुंच े पांच किशोरों में से एक की मौत हो गई, जबकि दो बच्च े गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, दो अन्य बच्चे करीब 16 घंट े तक टंकी के ऊपर फंस े रहे, जिन्हें अंततः सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार, सभी किशोर करीब 60 फीट ऊंची परित्यक्त पानी की टंकी पर रील बनान े पहुंच े थे। दो बच्च े ऊपर चढ ़ गए, जबकि बाकी तीन जैस े ही सीढ़ियो ं से ऊपर जा रहे थे, अचानक जर्जर सीढ़ी टूट गई और तीनों नीच े गिर पड़े। इस हादस े में 14 वर्षीय एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहा ं उनका इलाज जारी है। उधर, टंकी के ऊपर फंस े दो बच्चों को निकालने के लिए • मीडिया को गैलरी में सेव कर दिया गया हैं प्रशासन हाइड्रोलिक मशीन मंगाई गई, लेकिन टंकी के आसपास
रील बनान े के चक्कर में दर्दनाक हादसा, एक किशोर की मौत - 16 घंट े बाद सेना ने बचाए दो बच्चे रील बनान े के चक्कर में दर्दनाक हादसा, एक किशोर की मौत - 16 घंट े बाद सेना ने बचाए दो बच्चे सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया रील बनान े की होड़ एक बड़ े हादस े मे ं बदल गई। जर्जर पानी की टंकी पर वीडियो शूट करने पहुंच े पांच किशोरों में से एक की मौत हो गई, जबकि दो बच्च े गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, दो अन्य बच्चे करीब 16 घंट े तक टंकी के ऊपर फंस े रहे, जिन्हें अंततः सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार, सभी किशोर करीब 60 फीट ऊंची परित्यक्त पानी की टंकी पर रील बनान े पहुंच े थे। दो बच्च े ऊपर चढ ़ गए, जबकि बाकी तीन जैस े ही सीढ़ियो ं से ऊपर जा रहे थे, अचानक जर्जर सीढ़ी टूट गई और तीनों नीच े गिर पड़े। इस हादस े में 14 वर्षीय एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहा ं उनका इलाज जारी है। उधर, टंकी के ऊपर फंस े दो बच्चों को निकालने के लिए • मीडिया को गैलरी में सेव कर दिया गया हैं प्रशासन हाइड्रोलिक मशीन मंगाई गई, लेकिन टंकी के आसपास
- #कौशांबी में संदीपन घाट थाना क्षेत्र की #हर्रायपुर चौकी में हंगामा पूर्व #प्रधान पर जानलेवा हमले से महिलाएं पहुंची चौकी प्रभारी पर बिना वदर्दी बादशालुकी और धक्का मुक्की। का आरोप घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कार्रवाई का मांग को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन पुलिस कर कार्यशैली पर उठे सवाल। #Trendingreelsvideo #viralreels #Kaushambi_News1
- #कौशाम्बी हर्रायपुर: पूर्व प्रधान के ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग में गोली लगने से उनकी हालत गंभीर। बतादें कि संदीपन घाट थाना क्षेत्र में सुबह मॉर्निंग वॉक पर टहलने के लिए निकले अलामचंद गांव के पूर्व प्रधान पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी... #Uppolice #kaushambipolice #Crimevideo.1
- आवारा सांडो ं का आतंक स्कूटी सवार को पटक पटक कर अधमरा कर दिया जिसका लाइव वीडियो आया सामन े1
- सिद्धार्थनगर - पानी की टंकी पर चढ़ते समय अचानक से टूटी सीढ़ी जिसमे एक की मौके पर हुई मौत बाकी दो ऊपर ही फंसे रह गए थे जिनको सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा सही सलामत निकाल लिया गया जो की दोनों बच्चे गम्भीर रूप से घायल है1
- कौशाम्बी से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर...कौशाम्बी में मिट्टी का टीला खोद रहे आधा दर्जन महिलाएं दबी.. 2 महिलाएं और 1बच्ची की दर्दनाक मौत. 2 घायल महिलाओं को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया..मिट्टी का टीला ढहने से हुआ हादसा। मंझनपुर कोतवाली के थांबा गांव की घटना।1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- थलपति विजय ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिससे वे भारतीय राजनीति के गलियारों में एक अनूठा नाम बन गए हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर इतिहास में पहले ऐसे अभिनेता के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा और अपनी पहली चुनावी लड़ाई में ही न सिर्फ हिस्सा लिया, बल्कि शानदार जीत भी दर्ज की। यह जीत उनके लिए व्यक्तिगत रूप से जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही यह दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग और राजनीति के बीच बढ़ते संबंधों को भी दर्शाती है। यह केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि यह जनता के बीच उनकी अपार लोकप्रियता और उनके प्रति गहरे विश्वास का भी प्रतीक है। विजय, जिन्हें उनके प्रशंसक प्यार से "थलपति" यानी कमांडर कहकर संबोधित करते हैं, ने अपनी फिल्मों के माध्यम से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई है। अब, ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी यह लोकप्रियता राजनीतिक क्षेत्र में भी रंग लाई है। उनकी यह उपलब्धि कई मायनों में असाधारण है, क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि फिल्मी हस्तियों को राजनीति में स्थापित होने में काफी समय और संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन थलपति विजय ने इस धारणा को तोड़ते हुए अपनी पहली ही कोशिश में सफलता का परचम लहराया है। इस असाधारण जीत के बाद, अब राजनीतिक गलियारों में यह प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री का पद भी संभाल सकते हैं। यह अटकलें केवल हवा में नहीं हैं, बल्कि उनकी जीत के मार्जिन, जनता के उत्साह और उनके दल की स्थिति को देखते हुए ये संभावनाएं काफी मजबूत दिख रही हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय राजनीति में एक और मील का पत्थर साबित होगा, जहां एक और लोकप्रिय अभिनेता ने सीधे राज्य के सर्वोच्च पद तक अपनी पहुंच बनाई है। उनकी यह यात्रा, अभिनय से राजनीति तक, कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। यह दर्शाती है कि यदि कोई व्यक्ति जनता के बीच सच्चा प्रभाव रखता है और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो वह किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। थलपति विजय का यह कदम न केवल उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह राजनीतिक विश्लेषकों और समाजशास्त्रियों के लिए भी अध्ययन का एक नया विषय बन गया है, जो फिल्मी सितारों के राजनीतिक प्रभाव का विश्लेषण कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे मुख्यमंत्री के रूप में किस तरह से अपने राज्य का नेतृत्व करते हैं और जनता की अपेक्षाओं पर कितने खरे उतरते हैं।1
- मऊ में स्मार्ट मीटर का विरोध, पुतले को लेकर आप नेताओं और पुलिस के बीच छीना झपटी1
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