हमीरपुर जिले के बिवांर थाना क्षेत्र के ग्राम छानी खुर्द में इन दिनों जुआरियों के हौसले बुलंद हैं, जहाँ 'तीन मढ़ी तालाब' के पास सुबह से लेकर देर रात तक लाखों रुपये का जुआ खेला जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान हैं, लेकिन रसूखदारों के खौफ और कथित पुलिसिया संरक्षण के चलते कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जुए का यह फड़ एक प्राइमरी स्कूल से महज 50 मीटर की दूरी पर है, जिससे मासूम बच्चों के मानस पटल पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है। बताया गया है कि इस अवैध कारोबार को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। जुए के फड़ के आसपास बकायदा 'लोकेटर' (मुखबिर) तैनात किए जाते हैं, जो गाँव के रास्तों और मुख्य सड़क पर नजर रखते हैं ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति या वरिष्ठ अधिकारी के क्षेत्र में आने पर जुआरियों को तुरंत सतर्क किया जा सके। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के दावों के अनुसार, यह पूरा खेल स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत और सह पर चल रहा है। शिकायत की आशंका होने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न करना, इन चर्चाओं को और बल देता है। लाखों के इस खेल में हर दिन बड़ी रकम दांव पर लग रही है, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। त्रस्त ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही इस जुए के फड़ को बंद नहीं कराया गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
हमीरपुर जिले के बिवांर थाना क्षेत्र के ग्राम छानी खुर्द में इन दिनों जुआरियों के हौसले बुलंद हैं, जहाँ 'तीन मढ़ी तालाब' के पास सुबह से लेकर देर रात तक लाखों रुपये का जुआ खेला जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान हैं, लेकिन रसूखदारों के खौफ और कथित पुलिसिया संरक्षण के चलते कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि
जुए का यह फड़ एक प्राइमरी स्कूल से महज 50 मीटर की दूरी पर है, जिससे मासूम बच्चों के मानस पटल पर भी इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है। बताया गया है कि इस अवैध कारोबार को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। जुए के फड़ के आसपास बकायदा 'लोकेटर' (मुखबिर) तैनात किए जाते हैं, जो गाँव के रास्तों और मुख्य सड़क पर नजर रखते हैं ताकि
किसी भी अनजान व्यक्ति या वरिष्ठ अधिकारी के क्षेत्र में आने पर जुआरियों को तुरंत सतर्क किया जा सके। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के दावों के अनुसार, यह पूरा खेल स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत और सह पर चल रहा है। शिकायत की आशंका होने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न करना, इन चर्चाओं को और बल देता है। लाखों के इस खेल में हर दिन बड़ी रकम
दांव पर लग रही है, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। त्रस्त ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही इस जुए के फड़ को बंद नहीं कराया गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र के ग्राम करहिया में अज्ञात कारणों से लगी आग में एक 65 वर्षीय वृद्ध की झुलसकर मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब वृद्ध रतिराम अपनी भैंस को बचाने के लिए जलती हुई झोपड़ी में घुस गए थे। इस अग्निकांड में उनके दो वफादार कुत्तों और तीन बकरियों की भी जान चली गई। करहिया निवासी रतिराम पुत्र दिल्लीपत गांव के बाहर छिरका मार्ग पर खेत में मड़ैया बनाकर अपनी पत्नी के साथ रहते थे, जबकि उनका छोटा बेटा दीपू अपने परिवार सहित गांव में रहता है। मंगलवार दोपहर जब रतिराम की पत्नी अपने बेटे के घर गई हुई थीं, तभी दोपहर बाद अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग ने उनकी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह धू-धू कर जलने लगी। आग देखकर रतिराम ने झोपड़ी के अंदर बंधी भैंस को खोलने का प्रयास किया और जलती झोपड़ी में घुस गए। जैसे ही उन्होंने भैंस को खोला, झोपड़ी का जलता हुआ छप्पर उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे उसमें दबकर जल मरे। इस भीषण अग्निकांड में रतिराम की तीन बकरियां और दो कुत्तों की भी जलकर मौत हो गई, हालांकि भैंस आंशिक रूप से झुलस गई है। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार शिखर मिश्रा और पुलिस क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल की और इस अग्निकांड में हुई क्षति का आकलन किया। बताया गया कि जब रतिराम भैंस को खोलने के लिए झोपड़ी में घुसे थे, तो उनके स्वामीभक्त कुत्ते भी उनके साथ जल रही झोपड़ी के अंदर चले गए थे। मृतक के तीन पुत्र हैं, जिनमें से दो बाहर रहते हैं और एक गांव में रहकर किसानी करता है।4
- कानपुर देहात के अकबरपुर तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक खड़ी कार में संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक आग लग गई। इस घटना को देखते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग पर नियंत्रण पाया जा सका, तब तक कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, और स्थानीय पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर में अज्ञात कारणों के चलते 17 वर्षीय नमन उर्फ आर्यन ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नमन को फंदे पर लटका देख परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने आनन-फानन में युवक को कस्बे के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक नमन अपने परिवार में एक बहन के साथ इकलौता पुत्र था, और उसके पिता रामलाल एक सरकारी स्कूल में अनुदेशक के पद पर कार्यरत हैं। घर में हुई इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने शव का पंचायत नामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करहय्या में मंगलवार दोपहर अज्ञात कारणों से एक कच्चे घर में आग लग गई। इस अग्निकांड में 70 वर्षीय रतिराम नामक वृद्ध के साथ-साथ दो बकरियों और तीन कुत्तों की जलकर मौत हो गई। आग की भयावह लपटों ने घर-गृहस्थी का सारा सामान भी जलाकर राख कर दिया, जिससे लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है। ग्रामीणों की सूचना पर फायर ब्रिगेड और कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने की हर संभव कोशिश की गई। घटना की जानकारी मिलते ही मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। हालांकि आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन शार्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। मृतक रतिराम एक छोटे किसान थे जो बटाई की जमीन लेकर खेती करते थे। राजस्व विभाग के जिम्मेदारों ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।3
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खण्डेह स्थित कलारन तालाब में सोमवार सुबह एक हृदय विदारक घटना में तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह दर्दनाक हादसा तालाब में हो रहे अवैध मिट्टी खनन के कारण बने गहरे गड्ढों में बच्चों के चले जाने से हुआ। मृतकों की पहचान प्रबल यादव (10), आदित्य कुशवाहा (9) और भोला कुशवाहा (10) के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बच्चों को तालाब से बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है, जहाँ अवैध मिट्टी खनन को ही इस भीषण त्रासदी का मुख्य कारण बताया जा रहा है।4
- जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र में स्थित शेखपुर बुलदा मदारपुर गांव में बिजली विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक पूरे गांव की बिजली आपूर्ति काट दी है। इस मनमानी कार्रवाई के चलते ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, क्योंकि बिजली के अभाव में पानी की व्यवस्था ठप हो गई है। अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर परेशान ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर संबंधित मामले की शिकायत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से की है।4
- हमीरपुर जनपद के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-34 पर मकरांव गांव के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ओवरटेकिंग के प्रयास में एक लोडर और ईको वैन की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, लोडर वाहन कानपुर की दिशा से आ रहा था, जबकि ईको वैन मौदहा से कानपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान हुई टक्कर में लोडर चालक शाहिद उर्फ डग्गा, जो मौदहा के मोहल्ला हैदरगंज का निवासी है, और ईको वैन चालक समीर पुत्र अकबर, जो हमीरपुर जनपद के पारा का निवासी है, गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने दोनों घायल चालकों को मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, दोनों को आगे के उपचार के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र के हारामऊ गांव में पुलिस टीम ने अवैध मिट्टी खनन में लिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक ट्रैक्टर-बुल को पकड़ा। इन दोनों वाहनों को पुलिस ने थाना परिसर में खड़ा करवाया है। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने जानकारी दी है कि पकड़े गए वाहनों पर सीजिंग की कार्रवाई की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौद थाना क्षेत्र के अतरछला गांव में मारपीट का एक मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांजा पिलाने से मना करने पर कुछ लोगों ने एक युवक पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी माँ को भी चोटें आईं। यह घटना 20 मई 2026 की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित कुंवर बहादुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनका भाई अगस्त सिंह उर्फ काजू घर के बाहर बैठा था, तभी गांव का एक व्यक्ति वहां पहुंचा और उसे गांजा पिलाने के लिए कहने लगा। जब अगस्त सिंह ने मना किया तो उनके बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि थोड़ी देर बाद, वही आरोपी अपने साथियों के साथ लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर घर में घुस आया और अगस्त सिंह पर हमला कर दिया, जिससे उसके सिर और हाथ में चोटें आईं। बीच-बचाव करने आईं उनकी माँ मुन्नी देवी को भी इस मारपीट में चोटें लगीं। पीड़ित परिवार ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी है, लेकिन उनका कहना है कि अब तक आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। गांव के कुछ लोगों ने भी इस घटना की जानकारी होने की पुष्टि की है। परिवार ने पुलिस से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुटी हुई है।1