देवरिया जनपद के बोरडीह ग्राम में 1931 को जन्मे पूर्व विधान परिषद सदस्य, शिक्षाविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित परशुराम मणि त्रिपाठी की आदमकद प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देवरिया के भुजौली तिराहे पर स्थापित की गई है। पूरे प्रदेश में उनकी ख्याति एक योग्य शिक्षाविद के रूप में थी, और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता भी थे। पंडित त्रिपाठी ने 1953 के कश्मीर आंदोलन से लेकर इमरजेंसी और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे 1992 में भारतीय जनता पार्टी के स्नातक क्षेत्र से प्रथम एमएलसी चुने गए, जहाँ उन्होंने शिक्षक संघ के एक बड़े चेहरे पंचानन राय को हराकर यह सीट जीती थी। उच्च सदन के सदस्य के रूप में, उन्होंने विधान परिषद में प्रभावी भूमिका निभाई तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। वे विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सभापति भी रहे। भाजपा और संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता, शालीनता और समाज सेवा को सदैव सराहा। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा और संघ की रीति-नीति में विश्वास करते हुए अनेक आंदोलनों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह प्रतिमा स्थापित की। इस प्रतिमा के अनावरण समारोह की खास विशेषता यह रही कि इसमें सभी दलों के नेता, जिनमें जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी प्रसाद सिंह, मोहन सिंह और एमएलसी श्याम सुंदर दास शामिल थे, सम्मिलित रहे।
देवरिया जनपद के बोरडीह ग्राम में 1931 को जन्मे पूर्व विधान परिषद सदस्य, शिक्षाविद और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय पंडित परशुराम मणि त्रिपाठी की आदमकद प्रतिमा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देवरिया के भुजौली तिराहे पर स्थापित की गई है। पूरे प्रदेश में उनकी ख्याति एक योग्य शिक्षाविद के रूप में थी, और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक श्रेष्ठ कार्यकर्ता भी थे। पंडित त्रिपाठी ने 1953 के कश्मीर आंदोलन से लेकर इमरजेंसी और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे 1992 में भारतीय जनता पार्टी के स्नातक क्षेत्र से प्रथम एमएलसी चुने गए, जहाँ उन्होंने शिक्षक संघ के एक बड़े चेहरे पंचानन राय को हराकर यह सीट जीती थी। उच्च सदन के सदस्य के रूप में, उन्होंने विधान परिषद में प्रभावी भूमिका निभाई तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। वे विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सभापति भी रहे। भाजपा और संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता, शालीनता और समाज सेवा को सदैव सराहा। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ भाजपा और संघ की रीति-नीति में विश्वास करते हुए अनेक आंदोलनों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह प्रतिमा स्थापित की। इस प्रतिमा के अनावरण समारोह की खास विशेषता यह रही कि इसमें सभी दलों के नेता, जिनमें जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी, देवी प्रसाद सिंह, मोहन सिंह और एमएलसी श्याम सुंदर दास शामिल थे, सम्मिलित रहे।
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया जिले के रामपुर कारखाना नगर पंचायत में सीसी नाला निर्माण के कार्य में भारी भ्रष्टाचार का बोलबाला है। आरोप है कि नगर पंचायत रामपुर कारखाना में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुँच गया है, लेकिन इस गंभीर मामले पर जो लोग जिम्मेदार हैं, वे पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।1
- देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को जनपद में चल रही तीन महत्वपूर्ण कटानरोधी परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले सरयू (घाघरा) नदी के बाएं तट पर छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध के किमी 0.825 से किमी 1.140 के बीच हो रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। लगभग 5.84 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बरसात के मौसम से पहले काम पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके बाद, डीएम ने भागलपुर कस्बे की सुरक्षा के लिए सरयू नदी के बाएं तट पर कराए जा रहे करीब 6.79 करोड़ रुपये के कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया, जो 330 मीटर लंबाई में किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मानसून से पूर्व परियोजना पूरी करने और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में, जिलाधिकारी ने घाघरा नदी के बाएं तट पर स्थित तुर्तीपार-चुरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु किए जा रहे पीचिंग और कटानरोधी कार्यों का भी जायजा लिया। लगभग 7.53 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना के तहत तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। डीएम ने अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी करने और तय समय में परियोजना पूरी कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट किया कि कटानरोधी परियोजनाएं नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार नजर रखने तथा जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, जूनियर इंजीनियर राहुल चौधरी, विवेक कुमार और सोनू कुमार सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगाओं के आचरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। इस पर तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि पुलिस के दरोगा ही लोगों को मौत के घाट उतारकर भागने लगेंगे, तो ऐसी स्थिति में आम जनता को न्याय कैसे प्राप्त होगा।2
- बिहार के हाजीपुर से एक विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को पढ़ाने और उसे सरकारी नौकरी दिलाने के लिए अपनी पैतृक जमीन तक बेच दी। पति के इन त्यागों और प्रयासों के बाद जब पत्नी को सरकारी नौकरी मिल गई, तो उसने कथित तौर पर किसी गैर मर्द के साथ अफेयर शुरू कर दिया। इस अफेयर के चलते पत्नी ने अपने पति और अपने 10 साल के बच्चे को छोड़कर परिवार त्याग दिया।1
- कुशीनगर एयरपोर्ट को जल्द ही नई उड़ान सेवाएँ मिलने वाली हैं। इसके लिए एक बड़ी रणनीति तैयार की गई है, जिसके तहत नियमित यात्री उड़ानों के साथ-साथ कार्गो सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।1
- देवरिया में दो दिनों से लापता एक युवक का शव नदी से बरामद किया गया है, जिसके बाद परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जताई है। यह घटना स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय बनी हुई है।1
- देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र में खरोह के पास गोरखपुर-बिहार डाउन रेलवे ट्रैक पर चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश के कहर के चलते एक विशालकाय पेड़ गिर गया है, जिससे रेलवे संचालन गंभीर रूप से बाधित हो गया। इस घटना से रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। गोरखपुर से बिहार की ओर जाने वाली डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल बाधित है। मौके पर रेलवे के इलेक्ट्रिक विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। स्थिति को देखते हुए, चौरीचौरा की तरफ खड़ी ट्रेनों को फिलहाल डीजल इंजन की सहायता से देवरिया की ओर लाया जा रहा है। रेलवे ट्रैक और OHE लाइन को दुरुस्त करने में लंबा समय लग सकता है, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।1