उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रस्तावित पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ फतेहाबाद में अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते बार एसोसिएशन फतेहाबाद के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। यह हड़ताल लगातार 15वें दिन भी जारी रही, जिसके दौरान वकीलों ने एकजुट होकर इस "काले कानून" को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की है। हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश सरकार की यह प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों के रोजगार को पूरी तरह से खत्म कर देगी, जिससे हजारों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं ने यह भी चेतावनी दी कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तकनीकी जानकारी के अभाव में दलालों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ-साथ रजिस्ट्री की लागत में भी वृद्धि होगी। सरकार के इस "जनविरोधी निर्णय" के विरोध में उपनिबंधक कार्यालय फतेहाबाद में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल 15 जून से लगातार जारी है। हड़ताल के दौरान रजिस्ट्री बैनामा, वसीयत और गोदनामा सहित किसी भी प्रकार का कार्य अधिवक्ताओं द्वारा नहीं किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में धर्म सिंह राजपूत, विष्णु गुर्जर, पुष्पेंद्र सिंह, देवेंद्र पाठक, विष्णु वर्मा, सुभाष चंद्र गुर्जर, देवेंद्र सिंह, आशीष गुप्ता, मानवेंद्र गुर्जर, शैलेंद्र सिंह, वीरेंद्र तोमर, अरविंद वर्मा, पंकज गुप्ता, सुभाष चंद्र, एदल सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो जिले स्तर पर एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा और प्रदेश भर के अधिवक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रस्तावित पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ फतेहाबाद में अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते बार एसोसिएशन फतेहाबाद के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। यह हड़ताल लगातार 15वें दिन भी जारी रही, जिसके दौरान वकीलों ने एकजुट होकर इस "काले कानून" को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की है। हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश सरकार की यह प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों के रोजगार को पूरी तरह से खत्म कर देगी, जिससे हजारों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं ने यह भी चेतावनी दी कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तकनीकी जानकारी के अभाव में दलालों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ने के साथ-साथ रजिस्ट्री की लागत में भी वृद्धि होगी। सरकार के इस "जनविरोधी निर्णय" के विरोध में उपनिबंधक कार्यालय फतेहाबाद में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल 15 जून से लगातार जारी है। हड़ताल के दौरान रजिस्ट्री बैनामा, वसीयत और गोदनामा सहित किसी भी प्रकार का कार्य अधिवक्ताओं द्वारा नहीं किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में धर्म सिंह राजपूत, विष्णु गुर्जर, पुष्पेंद्र सिंह, देवेंद्र पाठक, विष्णु वर्मा, सुभाष चंद्र गुर्जर, देवेंद्र सिंह, आशीष गुप्ता, मानवेंद्र गुर्जर, शैलेंद्र सिंह, वीरेंद्र तोमर, अरविंद वर्मा, पंकज गुप्ता, सुभाष चंद्र, एदल सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो जिले स्तर पर एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा और प्रदेश भर के अधिवक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
- फतेहाबाद के थाना निबोहरा क्षेत्र स्थित पुरा मोहरदिल गांव में मंगलवार सुबह एक राष्ट्रीय पक्षी मोर गलती से एक कुएं में गिर गया। मोर के कुएं में गिरने की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मोर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए फौरन बचाव अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे तक चली कड़ी मशक्कत और तेज धूप के बीच चलाए गए इस अभियान के बाद, टीम ने मोर को सकुशल कुएं से बाहर निकाल लिया। वन अधिकारी विशाल सिंह राठौर ने बताया कि टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर मोर को सुरक्षित निकाला। प्राथमिक जांच में मोर स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना की। गांव निवासी राधामोहन ने जानकारी दी कि जिस कुएं में मोर गिरा था, उसका निर्माण वर्ष 1966 में किया गया था। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि समय पर हुए रेस्क्यू ऑपरेशन से राष्ट्रीय पक्षी की जान बचाई जा सकी।1
- आगरा जिले के मंटोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ताज नगर से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है।1
- फिरोजाबाद में थाना उत्तर क्षेत्र के झील की पुलिया के पास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घरवालों ने डॉक्टर एवरन सिंह पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, अंगूरी देवी नामक महिला को पेट दर्द की शिकायत थी, जिसका इलाज बीते पाँच दिनों से इसी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर स्टाफ द्वारा महिला को 30 से 35 बोतलें चढ़ाई गईं, जिसके कारण उनका पेट फूल गया। इसी बात को लेकर डॉक्टर स्टाफ से तीखी बहस भी हुई और इसी बीच महिला की मौत हो गई। महिला की मौत होते ही अस्पताल का डॉक्टर स्टाफ मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना पर तत्काल फिरोजाबाद नगर CO सिटी और थाना उत्तर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर परिजनों को काफी मशक्कत के बाद समझाया। इसके बाद पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवाया और निजी अस्पताल को सील कर दिया है।1
- फतेहाबाद थाना क्षेत्र के दरियाब गढ़ी निवासी एक व्यक्ति ने अपने खरीदे गए प्लॉट से संबंधित पार्क और पानी की टंकी तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटना से उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा है। राम नगर, दरियाब गढ़ी निवासी पंकज वर्मा, जो स्वर्गीय शिशुपाल वर्मा के पुत्र हैं, ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने लगभग छह वर्ष पहले प्रेमलाल के माध्यम से मोंटी और बिट्टू से चार प्लॉट खरीदे थे। ये प्लॉट पलिया पेट्रोल पंप स्थित मधुसूदन कोल्ड स्टोरेज के सामने बनी कॉलोनी में स्थित हैं। पंकज वर्मा का आरोप है कि प्लॉट खरीदते समय कॉलोनी में एक पार्क और पानी की टंकी मौजूद थी, और इन्हीं को दिखाकर उनसे प्लॉटों का सौदा किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, अब कॉलोनी से उस पार्क और पानी की टंकी को हटा दिया गया है, जिसके कारण उनके प्लॉटों का स्वरूप और मूल्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें वास्तविक स्थिति का पहले से पता होता तो वे ये प्लॉट कभी नहीं खरीदते। पंकज वर्मा ने थाना प्रभारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें हुए नुकसान के संबंध में न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।1
- आगरा जिले की किरावली तहसील में किसान यूनियन दिलीप चौधरी द्वारा तीन दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों की यह मांग है कि उनके लिए रास्ता बनवाया जाए, हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आज, 29/06/26 को, प्रदर्शन के दौरान बाबू लाल वाल्मीकि और एक बेगम नामक दो प्रदर्शनकारियों की तबीयत खराब हो गई। उन्हें उपचार के लिए एंबुलेंस बुलाकर आगरा भेजा गया है।1
- उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं, जिसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी है। पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेशभर के गाँव-गाँव और शहर-शहर में दीवारों पर बहुजन विचारधारा और बसपा के संदेशों को उत्साहपूर्वक उकेर रहे हैं। यह अभियान "बीएसपी की क्या पहचान... नीला झंडा, हाथी निशान..." जैसे नारों के साथ बहुजन आंदोलन का संदेश फैला रहा है, और युवा कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि वर्ष 2027 में बसपा की दमदार वापसी होगी। इसी अभियान के दौरान आगरा में हरियाणा निवासी अजय नामक एक शख्स से मुलाकात हुई, जिनकी कहानी हैरान कर देने वाली है। अजय का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2018 में अपना घर छोड़ दिया था और तब से वे वापस नहीं लौटे हैं, क्योंकि उन्होंने अपना जीवन बहुजन आंदोलन और बसपा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया है। क्षेत्रीय बसपा कार्यकर्ताओं के सहयोग से, अजय बिना किसी शुल्क के देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में जाकर दीवारों पर बहुजन विचारधारा और बसपा के संदेश लिखते हैं। इस ज़बरदस्त अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पार्टी की सोच और आंदोलन को पहुँचाना है, जो आगामी चुनावों से पहले बसपा की सक्रियता और युवाओं के जोश को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में घर के बाहर सो रहे पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने शिकोहाबाद-मैनपुरी रोड पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 6 बजे की है। गर्मी के कारण कासिम अली अपने बेटे तौसीफ और बेटी शहरीन के साथ अपने घर के बाहर हाईवे किनारे चारपाई पर सो रहे थे। तभी मैनपुरी की ओर से शिकोहाबाद आ रहे एक अनियंत्रित गैस टैंकर ने सड़क किनारे चढ़कर चारपाई पर सो रहे तीनों लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में कासिम अली और उनके बेटे तौसीफ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी शहरीन गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर थाना शिकोहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शिकोहाबाद-मैनपुरी रोड पर जाम लगा दिया, जिसके बाद एसडीएम शिकोहाबाद गजेन्द्र पाल सिंह और थाना प्रभारी अनुज कुमार राना मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया, हालांकि करीब तीन घंटे तक हाईवे की एक लेन पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने हादसे के बाद फरार होने का प्रयास कर रहे गैस टैंकर और उसके चालक को अपनी हिरासत में ले लिया है। टैंकर को संत जनू बाबा पुलिस चौकी पर खड़ा कराया गया है, और पुलिस इस मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।1