सोलर स्पाईडर से जुड़े दो विदेशी साईबर ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार ग्रेटर नोएडा संवाददाता, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ ज़ोन की साइबर कमांडों की टीम द्वारा एक समन्वित प्रयास के तहत सोलर स्पाईडर नामक थ्रेट एक्टर से जुड़े एक साइबर अपराध मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय शुरू की गई जब इंटेलिजेंस इनपुट से संकेत मिला कि इस समूह का एक मॉड्यूल पिछले सप्ताह से सक्रिय हो गया। जांच में सामने आया कि यह समूह कुछ को-ऑपरेटिव बैंको की सुरक्षा मानकों की वल्नरेबिलिटी का फायदा उठा कर साइबर फ्रॉड करने की योजना बना रहा था। उनकी योजना लक्षित बैंकों से लगभग 60–80 करोड़ रुपये की राशि को अवैध रूप से म्यूल खातों में ट्रांसफर करने और बाद में इस धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से देश के बाहर भेजने की थी। गोपनीय इंटेलिजेंस की सहायता से त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा इस सक्रिय मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया। इस मामले में विदेशी नागरिकता के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि इस मॉड्यूल ने 7–8 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक से धोखाधड़ी कर 7 करोड़ रुपये की राशि का फ्रॉड करते हुए ट्रांसफर कर ली थी। आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन सप्ताह के अंतिम दिनों में करते थे जब बैंक बंद रहते हैं। ताकि बैंक या उसके ग्राहकों को धोखाधड़ी का पता चलने से पहले ही ट्रांसफर पूरा किया जा सके। जांच टीम ने तुरंत इंडियन साईबर क्राईम कोर्डिनेशन सेन्टर (I4C) और संबंधित बैंकों को सूचित किया ताकि आगे होने वाले किसी भी ट्रांसफर को रोका जा सके। सभी को समय रहते सचेत करने के कारण कई करोड़ रुपये की संभावित अतिरिक्त धोखाधड़ी को रोका जा सका।आगे की जांच में यह भी ज्ञात हुआ है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति साइबर थ्रेट एक्टर सोलर स्पाईडर से जुड़े हुए हैं, जो पहले भी इसी प्रकार के साइबर हमलों में शामिल रहा है। उल्लेखनीय है कि इसी थ्रेट एक्टर के एक अन्य ईकाई को वर्ष 2025 में गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।इस घटना के मद्देनज़र को-ऑपरेटिव बैंको के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। जिसमें उन्हें अपने साइबर सुरक्षा की रूपरेखा को मजबूत करने, सिस्टम वल्नरेबिलिटी की समीक्षा करने तथा निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकें।प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हैं और इसकी गतिविधियों के तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
सोलर स्पाईडर से जुड़े दो विदेशी साईबर ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार ग्रेटर नोएडा संवाददाता, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ ज़ोन की साइबर कमांडों की टीम द्वारा एक समन्वित प्रयास के तहत सोलर स्पाईडर नामक थ्रेट एक्टर से जुड़े एक साइबर अपराध मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय शुरू की गई जब इंटेलिजेंस इनपुट से संकेत मिला कि इस समूह का एक मॉड्यूल पिछले सप्ताह से सक्रिय हो गया। जांच में सामने आया कि यह समूह कुछ को-ऑपरेटिव बैंको की सुरक्षा मानकों की वल्नरेबिलिटी का फायदा उठा कर साइबर फ्रॉड करने की योजना बना रहा था। उनकी योजना लक्षित बैंकों से लगभग 60–80 करोड़ रुपये की राशि को अवैध रूप से म्यूल खातों में ट्रांसफर करने और बाद में इस धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से देश के बाहर भेजने की थी। गोपनीय इंटेलिजेंस की सहायता से त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा इस सक्रिय मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया। इस मामले में विदेशी नागरिकता के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि इस मॉड्यूल ने 7–8 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक से धोखाधड़ी कर 7 करोड़ रुपये की राशि का फ्रॉड करते हुए ट्रांसफर कर ली थी। आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन सप्ताह के अंतिम दिनों में करते थे जब बैंक बंद रहते हैं। ताकि बैंक या उसके ग्राहकों को धोखाधड़ी का पता चलने से पहले ही ट्रांसफर पूरा किया जा सके। जांच टीम ने तुरंत इंडियन साईबर क्राईम कोर्डिनेशन सेन्टर (I4C) और संबंधित बैंकों को सूचित किया ताकि आगे होने वाले किसी भी ट्रांसफर को रोका जा सके। सभी को समय रहते सचेत करने के कारण कई करोड़ रुपये की संभावित अतिरिक्त धोखाधड़ी को रोका जा सका।आगे की जांच में यह भी ज्ञात हुआ है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति साइबर थ्रेट एक्टर सोलर स्पाईडर से जुड़े हुए हैं, जो पहले भी इसी प्रकार के साइबर हमलों में शामिल रहा है। उल्लेखनीय है कि इसी थ्रेट एक्टर के एक अन्य ईकाई को वर्ष 2025 में गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।इस घटना के मद्देनज़र को-ऑपरेटिव बैंको के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। जिसमें उन्हें अपने साइबर सुरक्षा की रूपरेखा को मजबूत करने, सिस्टम वल्नरेबिलिटी की समीक्षा करने तथा निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकें।प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हैं और इसकी गतिविधियों के तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
- *दारोगा : मुझे ये बताओ, मैं कहां पे खड़ा हूं* *सिपाही : तुम खड़े कहां हो, पड़े हो* *मुजफ्फरनगर में कल CM योगी आदित्यनाथ थे। VIP कार्यक्रम में दरोगा चौबे सिंह शराब पीकर पहुंच गए और सड़क पर फैल गए। सस्पेंड कर दिए गए हैं।*1
- बुलंदशहर (कस्बा खानपुर): सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसने स्थानीय राजनीति में उबाल ला दिया है। मामला खानपुर स्थित अंबेडकर पार्क का है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम वाली शिलालेख (Name Plate) को रातों-रात हटाए जाने का आरोप लगा है। क्या है पूरा मामला? साल 2025 में इसी पार्क में एक शिलापट्ट लगाया गया था, जिस पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय विधायक का नाम अंकित था। लेकिन कल यानी 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) के अवसर पर जब लोग पार्क पहुंचे, तो वहां का नजारा बदला हुआ था। आरोप है कि पुरानी प्लेट हटाकर अब वहां कस्बे के चेयरमैन इमरान कुरैशी के नाम की नई नेम प्लेट लगा दी गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह मामला अब तूल पकड़ चुका है और इसकी सूचना बुलंदशहर के सांसद डॉ.भोला सिंह तक भी पहुंच गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'पुरानी बनाम नई' फोटो ने प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह किसी बड़ी लापरवाही का हिस्सा है या फिर सोची-समझी राजनीति? देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और स्थानीय जन-प्रतिनिधि क्या स्पष्टीकरण देते हैं। रिपोर्ट: मनोज गिरी,बुलंदशहर टाइम्स न्यूज1
- भारत गैस दादारी गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में मानसिंह गैस एजेंसी द्वारा गैस ना देने प्रति ग्राहक ने एफआईआर 100 नंबर पर कॉल किया उसके खराब गैस1
- Post by SUSHIL MAURYA1
- *बुलंदशहर ब्रेकिंग* सूबेदार मुकेश और उनकी माता को दबंगों ने पीट-पीटकर किया अधमरा, मरा समझ छोड़कर भागे आरोपी। पीड़ित का दावा - पड़ोसी से नींची है उनके खेत की ज़मीन, बारिश में पड़ोसी के खेत से उनके खेत में गिर गई थी मिट्टी। इसी बात से क्षुब्ध होकर आरोपी दबंगों ने सूबेदार और उसकी माता के साथ मारपीट की वारदात को दिया अंजाम। पुलिस ने घायल सूबेदार का कराया मेडिकल लेकिन नहीं की कार्रवाई, पीड़ित न्याय पाने को दर-दर भटकने को मजबूर। खुर्जा पुलिस पर शिकायत के बाद कार्रवाई न करने और दबंग को श्रेय देने का आरोप, पीड़ित ने SSP से की शिकायत। खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव भादवा की है 13 अप्रैल की घटना, अभी तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर।1
- बल्लभगढ़ के सेक्टर-22 स्थित शहीद पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित भवन में नए शिक्षा सत्र 2026-27 का शुभारंभ हवन-पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा भी मौजूद रहे।1
- Post by Sonu Kanaujiya1
- बुलंदशहर (खुर्जा): जनपद में रक्षक ही भक्षक के जुल्म का शिकार हो रहे हैं। खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव भादवा में देश की सेवा कर लौटे एक सेवानिवृत्त आर्मी सूबेदार और उनकी वृद्ध माँ पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने दोनों को इस कदर पीटा कि वे अधमरे हो गए, जिसके बाद आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित सूबेदार मुकेश के मुताबिक, विवाद की वजह बेहद मामूली थी। उनके खेत की जमीन पड़ोसी के खेत से नीची है। हाल ही में हुई बारिश के कारण पड़ोसी के खेत की कुछ मिट्टी बहकर मुकेश के खेत में गिर गई थी। इसी बात से आगबबूला होकर दबंगों ने सूबेदार और उनकी मां पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल? घटना 13 अप्रैल की है, लेकिन पीड़ितका आरोप है कि खुर्जा पुलिस ने मेडिकल कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित का यह भी गंभीर आरोप है कि पुलिस दबंगों को संरक्षण दे रही है, जिसके चलते अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। न्याय की उम्मीद में पीड़ित अब एसएसपी (SSP) के चक्कर काटने को मजबूर है। "वर्दी का सम्मान कहाँ? एक तरफ हम सैनिकों को सम्मान देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन एक पूर्व सैनिक की शिकायत पर मौन बैठा है।" रिपोर्ट: मनोज गिरी, बुलंदशहर टाइम्स न्यूज (BTN 24)1