वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र स्थित नागर नाटक मंडली में एक निजी कंपनी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान उस समय भारी हंगामा हो गया, जब बड़ी संख्या में खुद को पीड़ित बता रहे निवेशक कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए। इन निवेशकों ने कंपनी पर निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और कार्यक्रम से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर जाँच शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2020 में Medallion Jewellers Pvt. Ltd. ने नेटवर्क मार्केटिंग के ज़रिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। कंपनी ने 10 से 20 महीने में पैसे दोगुनी करने, सोना देने और थाईलैंड यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया। निवेशकों का कहना है कि शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान कर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। अब न तो उनकी निवेश की गई राशि वापस मिल रही है और न ही वादा किए गए लाभ। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी समय-समय पर अपनी योजनाओं और वेबसाइट में बदलाव कर नए निवेशकों को जोड़ती रही, और यह पूरा सिस्टम चेन मार्केटिंग के ज़रिए संचालित होता था। उनका दावा है कि देशभर के हज़ारों लोग इस योजना में अपनी मेहनत की कमाई गँवा चुके हैं। दिल्ली से पहुँचे निवेशक सत्य कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम की जानकारी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके लगभग 11 लाख रुपये कंपनी में फँसे हैं, जबकि उनकी टीम के सदस्यों के लगभग 90 लाख रुपये अभी तक वापस नहीं मिले हैं। सत्य कुमार ने यह भी दावा किया कि पैसा मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं। उन्होंने कंपनी के संचालक सत्यजीत की भूमिका की निष्पक्ष जाँच कर कार्रवाई की मांग की है। मामले में एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने जानकारी दी कि कंपनी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कार्यक्रम की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची, जहाँ कई लोगों ने लिखित शिकायतें दर्ज कराईं। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों और दस्तावेज़ों की सघन जाँच की जा रही है, और जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र स्थित नागर नाटक मंडली में एक निजी कंपनी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान उस समय भारी हंगामा हो गया, जब बड़ी संख्या में खुद को पीड़ित बता रहे निवेशक कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए। इन निवेशकों ने कंपनी पर निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और कार्यक्रम से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर जाँच शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2020 में Medallion Jewellers Pvt. Ltd. ने नेटवर्क मार्केटिंग के ज़रिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। कंपनी ने 10 से 20 महीने में पैसे दोगुनी करने, सोना देने और थाईलैंड यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया। निवेशकों का कहना है कि शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान कर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। अब न तो उनकी निवेश की गई राशि वापस मिल रही है और न ही वादा किए गए लाभ। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी समय-समय पर अपनी योजनाओं और वेबसाइट में बदलाव कर नए निवेशकों को जोड़ती रही, और यह पूरा सिस्टम चेन मार्केटिंग के ज़रिए संचालित होता था। उनका दावा है कि देशभर के हज़ारों लोग इस योजना में अपनी मेहनत की कमाई गँवा चुके हैं। दिल्ली से पहुँचे निवेशक सत्य कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम की जानकारी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके लगभग 11 लाख रुपये कंपनी में फँसे हैं, जबकि उनकी टीम के सदस्यों के लगभग 90 लाख रुपये अभी तक वापस नहीं मिले हैं। सत्य कुमार ने यह भी दावा किया कि पैसा मांगने पर उन्हें धमकियां दी गईं। उन्होंने कंपनी के संचालक सत्यजीत की भूमिका की निष्पक्ष जाँच कर कार्रवाई की मांग की है। मामले में एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने जानकारी दी कि कंपनी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कार्यक्रम की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची, जहाँ कई लोगों ने लिखित शिकायतें दर्ज कराईं। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों और दस्तावेज़ों की सघन जाँच की जा रही है, और जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- इटावा में बेखौफ चोरों ने कानून व्यवस्था को धता बताते हुए एक बार फिर पुलिस गश्त की पोल खोल दी है। थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के पंजाबी कॉलोनी मोहल्ले में, घर के बाहर खड़ी एक अपाचे मोटरसाइकिल (नंबर UP 75V 6485) को चोरों ने चुरा लिया। यह घटना महज 6-7 दिनों के भीतर इसी मोहल्ले से हुई दूसरी बाइक चोरी है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें दो शातिर चोर रात के अंधेरे में बाइक का लॉक तोड़कर उसे ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। लगातार हो रही इन चोरियों के बाद भी पुलिस ने न तो गश्त बढ़ाई है और न ही चेकिंग, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोग सवाल कर रहे हैं कि "आखिर कब जागेगी इटावा पुलिस?" पीड़ित ने थाने में सूचना दे दी है, और अब देखना यह होगा कि पुख्ता सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस इन चोरों को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है।1
- आगरा पुलिस ने शराब का एक जखीरा पकड़ा है। इस मामले में पश्चिमी डीसीपी आदित्य सिंह ने अपनी बाइट दी है।1
- शहर के गौरी सरोवर में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे सौगात गार्डन गेट के पीछे एक सुनसान क्षेत्र में एक अधेड़ व्यक्ति का शव उतराता हुआ मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। इसी बीच, पुलिस ने अशोक नगर, अटेर रोड निवासी मुन्नी देवी को अज्ञात शव मिलने की जानकारी दी, जिनके पति नरेश बघेल 29 जून की सुबह से लापता हैं और उनकी गुमशुदगी कोतवाली थाने में दर्ज है। सूचना पाकर मुन्नी देवी अपने बेटे विपिन के साथ जिला अस्पताल पहुंचीं। डेड हाउस के बाहर दोनों ने शव को अपने पति नरेश बघेल का समझ लिया और करीब एक घंटे तक फूट-फूटकर विलाप करते रहे। हालांकि, बाद में शिनाख्त के दौरान पता चला कि वह शव किसी अन्य व्यक्ति का था, जिसके बाद दोनों वापस लौट गए। मुन्नी देवी ने बताया कि उनके पति 29 जून को पुताई का काम करने अहमदाबाद जाने के लिए घर से निकले थे और तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है।1
- मध्यप्रदेश शासन के पुलिस मुख्यालय द्वारा साइबर अपराधों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' शुरू किया गया है। इसी के तहत, 04 जुलाई 2026 को भिंड जिले में थाना कोतवाली, गोरमी, देहात, नयागांव, उमरी और असवार द्वारा साइबर अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस अभियान के अंतर्गत, सार्वजनिक स्थानों जैसे मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, शहर के कोचिंग संस्थानों, और बस स्टेशनों पर छात्र/छात्राओं, आम नागरिकों और यात्रियों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। उन्हें डिजिटल अरेस्ट, डीप फेक वीडियो, म्यूल अकाउंट्स, अनचाही लिंक, एपीके फाइल्स और अननोन नंबर से आने वाले कॉल एवं फाइल्स जैसे विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही, इन अपराधों से बचाव के उपायों और अपराध होने की स्थिति में की जाने वाली कानूनी कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस दौरान संबंधित जानकारी वाले पेम्पलेट भी वितरित किए गए। अभियान का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं साइबर अपराधों से सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित यह जन जागरूकता अभियान अभी जारी रहेगा।4
- पत्रकार सुरजीत ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का 'वीर धरा राजस्थान' में आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया है।1
- मैनपुरी के थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी भूपेंद्र चौहान पुत्र चेतपाल सिंह ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। भूपेंद्र चौहान ने बताया कि उनके घर के पास खाली पड़ी एक जमीन पर वह पिछले लगभग 50 वर्षों से भैंस बांधते आ रहे हैं और घूरा-कूड़ा भी डालते हैं। पीड़ित के अनुसार, गांव के छविनाथ सिंह, राहुल सिंह, और नसीरपुर गांव के नवरत्न सिंह तथा अवधेश सिंह ट्रैक्टर से मिट्टी डलवाकर इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब भूपेंद्र चौहान ने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकियां भी दीं। उन्होंने यह भी बताया कि वह इस संबंध में पहले भी थाना और तहसील में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। डायल 112 पुलिस को सूचना देने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कब्जे के प्रयास को एक बार रुकवा दिया था, मगर इसके बावजूद आरोपित दोबारा ट्रैक्टर से मिट्टी डालकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। भूपेंद्र चौहान ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 9 बजे वह अपनी पत्नी कुसमा देवी के साथ साइकिल से जिलाधिकारी कार्यालय शिकायत देने जा रहे थे। रास्ते में किशनी-मैनपुरी मार्ग पर भांवत के पास एक बिना नंबर की गाड़ी ने उनकी साइकिल में पीछे से टक्कर मार दी, जिससे भूपेंद्र चौहान और उनकी पत्नी कुसमा देवी दोनों घायल हो गए। पीड़ित ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन पर हो रहे कथित कब्जे को तत्काल रुकवाने और आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मैनपुरी के कचहरी रोड स्थित रज्जो देवी कबीर आश्रम में रविवार को आश्रम के महंत अमर साहब की अध्यक्षता में एक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संतवाणी का श्रवण किया। महंत अमर साहब ने अपने प्रवचनों में मनुष्य को सारग्राही बनने पर जोर दिया, कहा कि व्यक्ति को जहां से भी सद्गुण मिलें, उन्हें विनम्रतापूर्वक ग्रहण करना चाहिए और अपने भीतर के दुर्गुणों का त्याग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि यही सच्चे सुख, शांति और सफल जीवन की कला है, क्योंकि बाहरी धन, पद और प्रतिष्ठा क्षणिक सुख देते हैं, जबकि वास्तविक सुख मन की निर्मलता और आत्मिक शुद्धता में निहित है। महंत अमर साहब ने आगे कहा कि जब मन भक्ति, सेवा, त्याग और प्रेम के रंग में रंग जाता है, तभी जीवन में अनंत सुख और शांति का अनुभव होता है, और मानव जीवन का उद्देश्य आत्मकल्याण करते हुए सद्गुरु के बताए मार्ग पर चलना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार रेत में बिखरी चीनी को हाथी नहीं चुन सकता, लेकिन एक छोटी-सी चींटी उसे आसानी से चुन लेती है, वैसे ही संसार में सद्गुण और दुर्गुण दोनों मौजूद हैं; विवेकवान व्यक्ति सद्गुणों को अपनाता है, जबकि अविवेकी बुराइयों की ओर आकर्षित होता है। मधुमक्खी और साधारण मक्खी का उदाहरण देते हुए उन्होंने अच्छाइयों को अपनाने के महत्व पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा उद्धृत किया— "साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय, सार-सार को गहि रहे, थोथा देइ उड़ाय", जिसका अर्थ है कि श्रेष्ठ व्यक्ति वही है जो सार्थक और श्रेष्ठ बातों को ग्रहण करे तथा व्यर्थ और बुरे विचारों का त्याग कर दे। इस सत्संग में संत आत्माराम दास, सियाराम दास, प्रखर दास, कालीचरण दास, चेतन दास, कर्नल सुरेश चंद्र यादव, कैप्टन श्यामवीर सिंह, राजेंद्र दास, डॉ. गिरीश शाक्य तथा चंद्रपाल शाक्य सहित कई अन्य संतों और श्रद्धालुओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन भजन-कीर्तन एवं सत्संग के साथ हुआ।1
- आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के कुटकपुर गांव में शनिवार रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ कूलर में करंट फैलने से एक दंपत्ति की दुखद मौत हो गई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय जगदीश कुमार और उनकी 35 वर्षीय पत्नी शशि के रूप में हुई है। बताया गया कि जगदीश कुमार रात में अपनी दुकान बंद करने के बाद घर लौटे थे और अपनी पत्नी शशि के साथ कमरे में सो गए। जिस कूलर को चलाकर वे सो रहे थे, देर रात उसमें अचानक करंट उतर आया। कूलर का तार पास रखे एक लोहे के संदूक के संपर्क में आ गया, जिससे पूरे कमरे में बिजली का करंट फैल गया। सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा। उन्हें जगदीश और शशि बिस्तर पर अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, साथ ही मामले की जाँच की जा रही है। इस दुखद हादसे के मद्देनजर, एक महत्वपूर्ण सावधानी संदेश दिया गया है: बरसात के मौसम में कूलर, पंखे और अन्य सभी विद्युत उपकरणों की वायरिंग की नियमित रूप से जाँच करवाएँ और किसी भी तरह की खराबी को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि सावधानी ही सुरक्षा है।1
- कान्हा की नगरी मथुरा के शेरगढ़ गढ़ी भीमा क्षेत्र से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जो सत्ता, पैसे और प्रशासनिक संवेदनहीनता के एक खौफनाक गठजोड़ को बेनकाब करती है। सरकार द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' के दावों के बावजूद, इस क्षेत्र में एक बेबस और अकेली महिला को अपनी ही जमीन बचाने के लिए आत्मदाह जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। यह घटना सिर्फ जमीन के विवाद से कहीं बढ़कर प्रशासनिक नाकामी को उजागर करती है, जहां रसूखदार चंद पैसों और प्रभाव के दम पर गरीबों का हक छीन रहे हैं, जबकि कानून के रखवाले मूकदर्शक बने हुए हैं। क्षेत्र की अकेली महिला का आरोप है कि भू-माफिया बाबा ललता दास, जो अपने रसूख के नशे में चूर है, लंबे समय से उसकी पुश्तैनी जमीन हड़पने की साजिश रच रहा था। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने न केवल पैसों की ताकत का इस्तेमाल किया, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले को भी अपनी उंगलियों पर नचाया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब बिना किसी कानूनी आदेश या पूर्व सूचना के, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में महिला की जमीन पर जबरन बुलडोजर चला दिया गया। अपनी गाढ़ी कमाई से खड़ी की गई उम्मीदों को जमींदोज होते देख, लाचार महिला वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर, रोते-बिलखते हुए न्याय की भीख मांगती रही। मौके पर मौजूद महिला पुलिस सहित अन्य पुलिसकर्मियों के दिल में उसकी चीखें सुनकर जरा भी रहम नहीं आया, और वे भू-माफिया के इशारे पर हो रहे इस अवैध निर्माण और तोड़फोड़ को मूकदर्शक बनकर शह देते रहे। जब महिला ने देखा कि कानून के रखवाले ही अपराधियों के मददगार बन चुके हैं और उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है, तो हताशा और बेबसी के चरम पर पहुंचकर उसने एक आत्मघाती कदम उठाया। महिला अचानक पेट्रोल की बोतल लेकर आई और पुलिसकर्मियों के सामने ही खुद पर पेट्रोल छिड़कना शुरू कर दिया। इस बेहद संवेदनशील मोड़ पर भी पुलिसकर्मी सुस्त और उदासीन नजर आए। पेट्रोल से पूरी तरह भीग चुकी महिला जब हाथ में माचिस की तीली लेकर अवैध रूप से चल रहे बुलडोजर की तरफ बढ़ी, तब जाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा। अंतिम क्षणों में दो पुलिसकर्मियों और महिला पुलिस ने दौड़कर उस बेबस महिला को पीछे से दबोचा और उसके हाथ से माचिस छीनी। इस दौरान भी महिला लगातार बिलखती रही और दूर हटाने पर भी प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताती रही। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि आखिर किसके शह पर बाबा ललता दास को इतनी खुली छूट दी गई है कि वह एक अकेली महिला को मौत के मुहाने पर धकेल दे और पुलिस प्रशासन सिर्फ एक मूक तमाशा बनकर रह जाए। जीडी न्यूज़ नेटवर्क की अनुष्का शुक्ला ने इस घटना को खाकी की संवेदनशीलता के मरने का स्पष्ट संकेत बताया, जहां रसूख और पैसे का बोलबाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पीड़ित महिला को आत्मदाह की कोशिश करने के लिए मजबूर करने का असली गुनहगार सिर्फ भू-माफिया बाबा ललता दास ही नहीं, बल्कि वे पुलिसकर्मी भी बराबर के दोषी हैं जो कानून की धज्जियां उड़ते देख रहे थे। जीडी न्यूज़ नेटवर्क ने प्रशासन के आला अधिकारियों से यह सवाल पूछा है कि इस दबंग के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है और क्या एक अकेली महिला को न्याय पाने के लिए अपनी जान गंवानी पड़ेगी। नेटवर्क ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि वे इस लाचार महिला की आवाज को दबने नहीं देंगे और जब तक उसे इंसाफ नहीं मिलता, इस खबर पर सख्ती से नजर बनाए रखेंगे।2