logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

स्वच्छ अभियान से स्वास्थ्य ठीक होगा वातावरण प्रदूषित नहीं होगा

8 hrs ago
user_Sanjay kumar
Sanjay kumar
News Anchor भुना मार्ग, फतेहाबाद, हरियाणा•
8 hrs ago

स्वच्छ अभियान से स्वास्थ्य ठीक होगा वातावरण प्रदूषित नहीं होगा

More news from Haryana and nearby areas
  • 🛠️ कारीगर हैं? तो अब आपका हुनर भी Digital होना चाहिए! 💪 आप दिन-रात मेहनत करके अपना काम करते हैं, लेकिन आपके हुनर के बारे में आपके आसपास के कितने लोग जानते हैं? अब अपने काम की पहचान को Labour Addaa के साथ Digital बनाइए। 📲 👷 मिस्त्री | 🔧 प्लंबर | ⚡ इलेक्ट्रीशियन 🪚 बढ़ई | 🎨 पेंटर | 🔩 वेल्डर ❄️ AC टेक्नीशियन | 📹 CCTV टेक्नीशियन | 🚗 ड्राइवर और भी कई तरह के कारीगर। 📸 अपने काम की फोटो लगाइए 🛠️ अपना हुनर दिखाइए 📍 अपनी पहचान अपने शहर तक पहुँचाइए 📞 ग्राहकों को आपसे सीधे संपर्क करने का मौका दीजिए 💡 Labour Addaa को अपनी Online Digital Dukaan की तरह समझिए — जहाँ आपकी पहचान और आपके काम की जानकारी लोगों तक पहुँच सके। 👉 आज ही Registration करें और अपने हुनर को Digital पहचान दें। ❤️ Labour Addaa — हाथ में हुनर, अपनी पहचान अपने दम पर। #LabourAddaa #कारीगर #मजदूर #Karigar #DigitalProfile #OnlineDigitalDukaan 🛠️ कारीगर हैं? तो अब आपका हुनर भी Digital होना चाहिए! 💪 आप दिन-रात मेहनत करके अपना काम करते हैं, लेकिन आपके हुनर के बारे में आपके आसपास के कितने लोग जानते हैं? अब अपने काम की पहचान को Labour Addaa के साथ Digital बनाइए। 📲 👷 मिस्त्री | 🔧 प्लंबर | ⚡ इलेक्ट्रीशियन 🪚 बढ़ई | 🎨 पेंटर | 🔩 वेल्डर ❄️ AC टेक्नीशियन | 📹 CCTV टेक्नीशियन | 🚗 ड्राइवर और भी कई तरह के कारीगर। 📸 अपने काम की फोटो लगाइए 🛠️ अपना हुनर दिखाइए 📍 अपनी पहचान अपने शहर तक पहुँचाइए 📞 ग्राहकों को आपसे सीधे संपर्क करने का मौका दीजिए 💡 Labour Addaa को अपनी Online Digital Dukaan की तरह समझिए — जहाँ आपकी पहचान और आपके काम की जानकारी लोगों तक पहुँच सके। 👉 आज ही Registration करें और अपने हुनर को Digital पहचान दें। ❤️ Labour Addaa — हाथ में हुनर, अपनी पहचान अपने दम पर। #LabourAddaa #कारीगर #मजदूर #Karigar #DigitalProfile #OnlineDigitalDukaan
    1
    🛠️ कारीगर हैं? तो अब आपका हुनर भी Digital होना चाहिए! 💪

आप दिन-रात मेहनत करके अपना काम करते हैं, लेकिन आपके हुनर के बारे में आपके आसपास के कितने लोग जानते हैं?

अब अपने काम की पहचान को Labour Addaa के साथ Digital बनाइए। 📲

👷 मिस्त्री | 🔧 प्लंबर | ⚡ इलेक्ट्रीशियन
🪚 बढ़ई | 🎨 पेंटर | 🔩 वेल्डर
❄️ AC टेक्नीशियन | 📹 CCTV टेक्नीशियन | 🚗 ड्राइवर
और भी कई तरह के कारीगर।

📸 अपने काम की फोटो लगाइए
🛠️ अपना हुनर दिखाइए
📍 अपनी पहचान अपने शहर तक पहुँचाइए
📞 ग्राहकों को आपसे सीधे संपर्क करने का मौका दीजिए

💡 Labour Addaa को अपनी Online Digital Dukaan की तरह समझिए — जहाँ आपकी पहचान और आपके काम की जानकारी लोगों तक पहुँच सके।

👉 आज ही Registration करें और अपने हुनर को Digital पहचान दें।
❤️ Labour Addaa — हाथ में हुनर, अपनी पहचान अपने दम पर।

#LabourAddaa #कारीगर #मजदूर #Karigar #DigitalProfile #OnlineDigitalDukaan


🛠️ कारीगर हैं? तो अब आपका हुनर भी Digital होना चाहिए! 💪
आप दिन-रात मेहनत करके अपना काम करते हैं, लेकिन आपके हुनर के बारे में आपके आसपास के कितने लोग जानते हैं?
अब अपने काम की पहचान को Labour Addaa के साथ Digital बनाइए। 📲
👷 मिस्त्री | 🔧 प्लंबर | ⚡ इलेक्ट्रीशियन
🪚 बढ़ई | 🎨 पेंटर | 🔩 वेल्डर
❄️ AC टेक्नीशियन | 📹 CCTV टेक्नीशियन | 🚗 ड्राइवर
और भी कई तरह के कारीगर।
📸 अपने काम की फोटो लगाइए
🛠️ अपना हुनर दिखाइए
📍 अपनी पहचान अपने शहर तक पहुँचाइए
📞 ग्राहकों को आपसे सीधे संपर्क करने का मौका दीजिए
💡 Labour Addaa को अपनी Online Digital Dukaan की तरह समझिए — जहाँ आपकी पहचान और आपके काम की जानकारी लोगों तक पहुँच सके।
👉 आज ही Registration करें और अपने हुनर को Digital पहचान दें।
❤️ Labour Addaa — हाथ में हुनर, अपनी पहचान अपने दम पर।
#LabourAddaa #कारीगर #मजदूर #Karigar #DigitalProfile #OnlineDigitalDukaan
    user_Labour addaa.
    Labour addaa.
    Plumber Hisar, Haryana•
    21 hrs ago
  • भिवानी मेडिकल कॉलेज में महिला आयोग की रेड! बाथरूम से ICS कमेटी तक सामने आईं खामियां व्यवस्थाओं की खुली पोल! मेडिकल कॉलेज पहुंचीं मीना परमार, खामियां देख अधिकारियों को चेताया भिवानी मेडिकल कॉलेज में महिला आयोग का बड़ा एक्शन! महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नई बिल्डिंग के बाथरूम की खराब हालत समेत ICS कमेटी और अन्य व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं। मीना परमार ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जल्द सुधार करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। वहीं भिवानी में बढ़ते नशे को लेकर DC और SP के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। युवाओं और महिलाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन और महिला आयोग की रणनीति पर चर्चा हुई। मेडिकल कॉलेज में महिलाओं की शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने की भी बात कही गई।
    1
    भिवानी मेडिकल कॉलेज में महिला आयोग की रेड! बाथरूम से ICS कमेटी तक सामने आईं खामियां
व्यवस्थाओं की खुली पोल! मेडिकल कॉलेज पहुंचीं मीना परमार, खामियां देख अधिकारियों को चेताया
भिवानी मेडिकल कॉलेज में महिला आयोग का बड़ा एक्शन! महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नई बिल्डिंग के बाथरूम की खराब हालत समेत ICS कमेटी और अन्य व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं।
मीना परमार ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जल्द सुधार करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।
वहीं भिवानी में बढ़ते नशे को लेकर DC और SP के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। युवाओं और महिलाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन और महिला आयोग की रणनीति पर चर्चा हुई। मेडिकल कॉलेज में महिलाओं की शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने की भी बात कही गई।
    user_JPH NEWS HARYANA
    JPH NEWS HARYANA
    Court reporter भिवानी, भिवानी, हरियाणा•
    9 hrs ago
  • #लोहारी आई समान बैचण #लोहारी का सौदा क्यूँ नहीं लिया बुढ़िया नै #लोहारी आई समान बैचण #लोहारी का सौदा क्यूँ नहीं लिया
    1
    #लोहारी आई समान बैचण #लोहारी का सौदा क्यूँ नहीं लिया बुढ़िया नै 
#लोहारी आई समान बैचण #लोहारी का सौदा क्यूँ नहीं लिया
    user_BED PARKASH
    BED PARKASH
    Media house भिवानी, भिवानी, हरियाणा•
    17 hrs ago
  • कांग्रेस का बड़ा दांव! कार्यकर्ता सम्मेलन में जुटेंगे दिग्गज नेता, हलचल तेज़
    1
    कांग्रेस का बड़ा दांव! कार्यकर्ता सम्मेलन में जुटेंगे दिग्गज नेता, हलचल तेज़
    user_Bhajan Lal
    Bhajan Lal
    भिवानी, भिवानी, हरियाणा•
    21 hrs ago
  • *उज्जैन में पिछले तीन दिन में उज्जैन प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत लगा दी लेकिन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को टस से मस नहीं कर सके..अब बैंड बाजे के साथ हनुमान जी को मनाने पहुंचे है. *उज्जैन में हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश, अब बैंड-बाजे के साथ मनाने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर पिछले तीन दिनों से प्रशासन की कवायद जारी है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने के लिए पूरी ताकत लगा दी, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई। प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बीच अब प्रशासन ने अलग तरीका अपनाया है। बैंड-बाजे के साथ मौके पर पहुंचकर हनुमान जी को मनाने का प्रयास किया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई और पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रतिमा को हटाने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और मौके पर बने हालात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। स्थानीय लोगों में भी इस घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
    1
    *उज्जैन में पिछले तीन दिन में उज्जैन प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत लगा दी लेकिन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को टस से मस नहीं कर सके..अब बैंड बाजे के साथ हनुमान जी को मनाने पहुंचे है.
*उज्जैन में हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश, अब बैंड-बाजे के साथ मनाने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर पिछले तीन दिनों से प्रशासन की कवायद जारी है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने के लिए पूरी ताकत लगा दी, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई।
प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बीच अब प्रशासन ने अलग तरीका अपनाया है। बैंड-बाजे के साथ मौके पर पहुंचकर हनुमान जी को मनाने का प्रयास किया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई और पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रतिमा को हटाने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और मौके पर बने हालात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। स्थानीय लोगों में भी इस घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
    user_Jalpa sharma
    Jalpa sharma
    वकील हनुमानगढ़, हनुमानगढ़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • वियतनाम से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने गंभीर चिंता पैदा की है जब एक पालतू अजगर कथित तौर पर एक बच्चे से संबंधित घटना में शामिल था। दावा बड़े जंगली जानवरों को पालतू जानवरों के रूप में रखने के संभावित खतरों और बच्चों के आसपास उचित सुरक्षा उपायों के महत्व पर प्रकाश डालता है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा सटीक परिस्थितियों की पुष्टि की जानी चाहिए। ऐसे जानवरों को घर में रखने के बारे में आप क्या सोचते हैं? अपनी राय साझा करें और इस पोस्ट को शेयर करके जागरूकता फैलाएं। ​#VietnamNews #PythonAttack #ChildSafety #AnimalSafety ​वियतनाम अजगर घटना, पालतू अजगर, बच्चों की सुरक्षा, अजगर हमला, खतरनाक पालतू जानवर
    1
    वियतनाम से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने गंभीर चिंता पैदा की है जब एक पालतू अजगर कथित तौर पर एक बच्चे से संबंधित घटना में शामिल था। दावा बड़े जंगली जानवरों को पालतू जानवरों के रूप में रखने के संभावित खतरों और बच्चों के आसपास उचित सुरक्षा उपायों के महत्व पर प्रकाश डालता है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा सटीक परिस्थितियों की पुष्टि की जानी चाहिए। ऐसे जानवरों को घर में रखने के बारे में आप क्या सोचते हैं? अपनी राय साझा करें और इस पोस्ट को शेयर करके जागरूकता फैलाएं।

​#VietnamNews #PythonAttack #ChildSafety #AnimalSafety

​वियतनाम अजगर घटना, पालतू अजगर, बच्चों की सुरक्षा, अजगर हमला, खतरनाक पालतू जानवर
    user_Vaneet kashyap
    Vaneet kashyap
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • #CJP की मेहनत रंग लाई #तीन घंटे धरणे के बाद प्रशासन झुका #सांगा गांव में बंद पड़ी लैब का काम शुरू #सुधीर सांगवान #डॉ लोकेश #CJP की मेहनत रंग लाई #तीन घंटे धरणे के बाद प्रशासन झुका #सांगा गांव में बंद पड़ी लैब का काम शुरू #सुधीर सांगवान #डॉ लोकेश
    1
    #CJP की मेहनत रंग लाई #तीन घंटे धरणे के बाद प्रशासन झुका #सांगा गांव में बंद पड़ी लैब का काम शुरू #सुधीर सांगवान #डॉ लोकेश
#CJP की मेहनत रंग लाई #तीन घंटे धरणे के बाद प्रशासन झुका #सांगा गांव में बंद पड़ी लैब का काम शुरू #सुधीर सांगवान #डॉ लोकेश
    user_BED PARKASH
    BED PARKASH
    Media house भिवानी, भिवानी, हरियाणा•
    22 hrs ago
  • रोहतक ओल्ड ITI ग्राउंड में कूड़ा उठाते समय क्यों पहुंचे हड़ताली महिला कर्मी?क्यों पंचर कर रही निगम की गाड़िया? रोहतक ओल्ड ITI ग्राउंड में कूड़ा उठाते समय क्यों पहुंचे हड़ताली महिला कर्मी?क्यों पंचर कर रही निगम की गाड़िया?
    1
    रोहतक ओल्ड ITI ग्राउंड में कूड़ा उठाते समय क्यों पहुंचे हड़ताली महिला कर्मी?क्यों पंचर कर रही निगम की गाड़िया?
रोहतक ओल्ड ITI ग्राउंड में कूड़ा उठाते समय क्यों पहुंचे हड़ताली महिला कर्मी?क्यों पंचर कर रही निगम की गाड़िया?
    user_Digital Bhoomi
    Digital Bhoomi
    पत्रकार रोहतक, रोहतक, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • प्रेस नोट कोरोना में ‘योद्धा’ कहकर सम्मानित किए, आज उन्हीं सफाईकर्मियों की आवाज क्यों अनसुनी? : चित्रा सरवारा ‘स्वच्छ भारत’ की फोटो-रिलीज नहीं, सफाई योद्धाओं के अधिकार और सुरक्षा की गारंटी दे सरकार:- चित्रा सरवारा अंबाला छावनी:- सफाई, सीवर एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होकर वरिष्ठ नेत्री चित्रा सरवारा ने कर्मचारियों की मांगों और उनके संघर्ष के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए सरकार से सख्ती के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी भयभीत थे, तब सफाई कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों को स्वच्छ रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उस समय सरकार और उसके प्रतिनिधियों ने इन्हें कोरोना योद्धा और स्वच्छता के अग्रिम प्रहरी बताते हुए सम्मानित किया था, लेकिन आज जब यही कर्मचारी अपने अधिकारों, रोजगार की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती क्यों बरती जा रही है।इस अवसर पर चित्रा ने सभी सफाई कर्मचारी भाई व बहनों के बीच मे बैठकर लंगर भी खाया और उनकी सारी माँगो को सुनते हुए कहा की हम इसका एक ज्ञापन बनाकर सरकार को भी जल्द ही देगें। चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को इस विरोधाभास का जवाब देना चाहिए कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों के साहस और सेवाभाव की प्रशंसा की गई, आज उन्हीं कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी शहर की व्यवस्था का मामूली हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके श्रम के बिना स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन को केवल हड़ताल अथवा कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय उन वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए, जिन्होंने उन्हें संघर्ष के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से लगभग 24-25 मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने इनमें से कुछ मांगों को स्वीकार करने के बाद मुख्य मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। नियमितीकरण, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जुड़ी समस्याओं, पूर्व में किए गए समझौतों को लागू करने, सेवा सुरक्षा, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे मूलभूत सवालों का स्थायी समाधान अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की प्रत्येक मांग पर स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए, ताकि बार-बार आंदोलन की नौबत ही न आए। चित्रा सरवारा ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ का नारा केवल झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जब स्वच्छता अभियानों में झाड़ू हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, तब उन्हें उन सफाई कर्मचारियों का भी स्मरण करना चाहिए जो बिना किसी दिखावे के प्रतिदिन गंदगी, कूड़े, सीवर और संक्रमण के बीच काम करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत तभी वास्तव में स्वच्छ भारत बनेगा, जब स्वच्छता का काम करने वाले कर्मचारियों का जीवन भी सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार-संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों को केवल समारोहों में सम्मानित करने या प्रशस्ति पत्र देने के बजाय उनके जीवन की वास्तविक कठिनाइयों को समझना होगा। सीवर और सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों के सामने अनेक बार जान का जोखिम पैदा होता है। जहरीली गैस, असुरक्षित सीवर, संक्रमण और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार को जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, दुर्घटना सुरक्षा और आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने चाहिए। किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाने के बाद मुआवजे की औपचारिकता पूरी कर देना पर्याप्त नहीं है; सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे कर्मचारी काम करते समय सुरक्षित रहें और उनके परिवार का भविष्य भी संरक्षित रहे। चित्रा सरवारा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लड़ाई केवल वेतन या नौकरी की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय गरिमा की लड़ाई है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता और सम्मानजनक जीवन का जो अधिकार प्रत्येक नागरिक को दिया, उसकी वास्तविक कसौटी यही है कि समाज के सबसे कठिन और जोखिम भरे काम करने वाले व्यक्ति को सरकार कितना सम्मान और सुरक्षा देती है। उन्होंने सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘समरसता पखवाड़े’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समरसता का संदेश वास्तव में सरकार की नीयत और नीति का हिस्सा है तो सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करने से बेहतर इसकी मिसाल और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि समरसता केवल मंचों से भाषण देने, समारोह आयोजित करने अथवा नारे लगाने से स्थापित नहीं होती। समाज के उस वर्ग को सम्मान और अधिकार देना, जो वर्षों से दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करता आया है, ही वास्तविक समरसता है। यदि सरकार और मुख्यमंत्री का समरसता का संदेश सच्चा है तो सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान इस संदेश की सबसे बड़ी और सार्थक मिसाल होगी। चित्रा सरवारा ने धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि शहर में बढ़ती गंदगी तथा प्रभावित होती सफाई व्यवस्था चिंता का विषय है। इसके लिए केवल सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं तो सरकार और प्रशासन को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई। कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद कायम करके ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को उनका अधिकार भी मिले और शहर की सफाई व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आना चाहिए। नोटिस देने, वेतन रोकने या काटने अथवा किसी भी प्रकार का दबाव बनाने से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। लोकतांत्रिक सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह असहमति की आवाज को कितनी गंभीरता से सुनती है और संवाद के माध्यम से उसका समाधान किस प्रकार करती है। चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को पूर्व में कर्मचारियों के साथ किए गए समझौतों को लागू करना चाहिए और जिन मांगों पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है, उन पर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। नियमितीकरण के प्रश्न पर ठोस नीति बनाई जाए, HKRN से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए तथा सफाई, सीवर और अग्निशमन कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, जीवन एवं दुर्घटना बीमा और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। इस अवसर पर टीम चित्रा सरवारा की ओर से आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया। चित्रा सरवारा ने कहा कि यह आर्थिक सहयोग केवल सहायता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के संघर्ष में भागीदारी और उनके प्रति संवेदना का प्रतीक है। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि वे अपनी जायज मांगों की लड़ाई से पीछे न हटें। जब तक उनकी मूल और न्यायसंगत मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं होता, टीम चित्रा सरवारा उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर उनके सभी पार्षद भी मौजूद रहे। चित्रा सरवारा ने कहा कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों को सरकार ने योद्धा बताया, उनके सम्मान का वास्तविक अर्थ आज उनके अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि केवल उनके चरण धोने, माला पहनाने, प्रशस्ति पत्र देने या सम्मान समारोह आयोजित करने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। उन कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल, सम्मानजनक रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों की वास्तविक गारंटी देनी होगी। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ भारत की झाड़ू लेकर फोटो और रील बनाने से स्वच्छता का दायित्व पूरा नहीं होता। स्वच्छ भारत का वास्तविक चेहरा वह सफाई कर्मचारी है, जो हर सुबह अपने हाथों में झाड़ू लेकर हमारे शहर को साफ करने निकलता है। सरकार को फोटो और प्रचार से आगे बढ़कर उसके अधिकार और सुरक्षा की चिंता करनी होगी।” चित्रा सरवारा ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार का दायित्व है कि वह उनकी आवाज सुने और समाधान निकाले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकार सख्ती नहीं, सुनवाई करे; दमन नहीं, संवाद करे। कोरोना काल के इन कर्मयोद्धाओं के सम्मान को केवल शब्दों और समारोहों तक सीमित न रखे, बल्कि उनके अधिकारों को जमीन पर लागू करे।” उन्होंने कहा कि आज जब सरकार ‘समरसता पखवाड़ा’ मना रही है, तब सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करना ही समरसता की सबसे बड़ी परीक्षा है। यदि सरकार वास्तव में सामाजिक समरसता, सम्मान और समानता के अपने संकल्प को धरातल पर उतारना चाहती है तो उसे सफाई कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र, सम्मानजनक और स्थायी समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य रूप से पार्षद रणजीत कुमार सोनू गुज्जर,जीवन कुमार,संदीप शर्मा दीपी,नीलम कश्यप,राहुल सोनकर वीरू,पूर्व पार्षद सुरेश त्रेहन,गगन डांग,जय धीमान,नरेंद्र शाह,अविनाश कुमार,विजय गूम्बर,वरुण करण आनंद,मनदीप कौर,विशेष धीमान,अजय पहलवान,कमलजीत,सुरिंदर लोहट दलीपगढ़,राजकुमार सुंदरनगर,आशीष शर्मा,मोंटी ढिल्लोंड,आदित्य गोयल,गुरकिरपाल सिंह जस्सल,सुरजीत लाली सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं साथी उपस्थित रहे।
    1
    प्रेस नोट
कोरोना में ‘योद्धा’ कहकर सम्मानित किए, आज उन्हीं सफाईकर्मियों की आवाज क्यों अनसुनी? : चित्रा सरवारा

‘स्वच्छ भारत’ की फोटो-रिलीज नहीं, सफाई योद्धाओं के अधिकार और सुरक्षा की गारंटी दे सरकार:-  चित्रा सरवारा

अंबाला छावनी:- सफाई, सीवर एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होकर वरिष्ठ नेत्री चित्रा सरवारा ने कर्मचारियों की मांगों और उनके संघर्ष के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए सरकार से सख्ती के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी भयभीत थे, तब सफाई कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर शहरों को स्वच्छ रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उस समय सरकार और उसके प्रतिनिधियों ने इन्हें कोरोना योद्धा और स्वच्छता के अग्रिम प्रहरी बताते हुए सम्मानित किया था, लेकिन आज जब यही कर्मचारी अपने अधिकारों, रोजगार की सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती क्यों बरती जा रही है।इस अवसर पर चित्रा ने सभी सफाई कर्मचारी भाई व बहनों के बीच मे बैठकर लंगर भी खाया और उनकी सारी माँगो को सुनते हुए कहा की हम इसका एक ज्ञापन बनाकर सरकार को भी जल्द ही देगें।

चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को इस विरोधाभास का जवाब देना चाहिए कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों के साहस और सेवाभाव की प्रशंसा की गई, आज उन्हीं कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी शहर की व्यवस्था का मामूली हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके श्रम के बिना स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन को केवल हड़ताल अथवा कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय उन वास्तविक परिस्थितियों को समझना चाहिए, जिन्होंने उन्हें संघर्ष के लिए मजबूर किया है।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से लगभग 24-25 मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने इनमें से कुछ मांगों को स्वीकार करने के बाद मुख्य मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। नियमितीकरण, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जुड़ी समस्याओं, पूर्व में किए गए समझौतों को लागू करने, सेवा सुरक्षा, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे मूलभूत सवालों का स्थायी समाधान अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की प्रत्येक मांग पर स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए, ताकि बार-बार आंदोलन की नौबत ही न आए।

चित्रा सरवारा ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ का नारा केवल झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जब स्वच्छता अभियानों में झाड़ू हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, तब उन्हें उन सफाई कर्मचारियों का भी स्मरण करना चाहिए जो बिना किसी दिखावे के प्रतिदिन गंदगी, कूड़े, सीवर और संक्रमण के बीच काम करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत तभी वास्तव में स्वच्छ भारत बनेगा, जब स्वच्छता का काम करने वाले कर्मचारियों का जीवन भी सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार-संपन्न होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों को केवल समारोहों में सम्मानित करने या प्रशस्ति पत्र देने के बजाय उनके जीवन की वास्तविक कठिनाइयों को समझना होगा। सीवर और सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों के सामने अनेक बार जान का जोखिम पैदा होता है। जहरीली गैस, असुरक्षित सीवर, संक्रमण और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार को जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, दुर्घटना सुरक्षा और आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने चाहिए। किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाने के बाद मुआवजे की औपचारिकता पूरी कर देना पर्याप्त नहीं है; सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे कर्मचारी काम करते समय सुरक्षित रहें और उनके परिवार का भविष्य भी संरक्षित रहे।

चित्रा सरवारा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लड़ाई केवल वेतन या नौकरी की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और मानवीय गरिमा की लड़ाई है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता और सम्मानजनक जीवन का जो अधिकार प्रत्येक नागरिक को दिया, उसकी वास्तविक कसौटी यही है कि समाज के सबसे कठिन और जोखिम भरे काम करने वाले व्यक्ति को सरकार कितना सम्मान और सुरक्षा देती है।

उन्होंने सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘समरसता पखवाड़े’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समरसता का संदेश वास्तव में सरकार की नीयत और नीति का हिस्सा है तो सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करने से बेहतर इसकी मिसाल और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि समरसता केवल मंचों से भाषण देने, समारोह आयोजित करने अथवा नारे लगाने से स्थापित नहीं होती। समाज के उस वर्ग को सम्मान और अधिकार देना, जो वर्षों से दूसरों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करता आया है, ही वास्तविक समरसता है। यदि सरकार और मुख्यमंत्री का समरसता का संदेश सच्चा है तो सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान इस संदेश की सबसे बड़ी और सार्थक मिसाल होगी।

चित्रा सरवारा ने धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि शहर में बढ़ती गंदगी तथा प्रभावित होती सफाई व्यवस्था चिंता का विषय है। इसके लिए केवल सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं तो सरकार और प्रशासन को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई। कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद कायम करके ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को उनका अधिकार भी मिले और शहर की सफाई व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के साथ टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आना चाहिए। नोटिस देने, वेतन रोकने या काटने अथवा किसी भी प्रकार का दबाव बनाने से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। लोकतांत्रिक सरकार की पहचान इस बात से होती है कि वह असहमति की आवाज को कितनी गंभीरता से सुनती है और संवाद के माध्यम से उसका समाधान किस प्रकार करती है।

चित्रा सरवारा ने कहा कि सरकार को पूर्व में कर्मचारियों के साथ किए गए समझौतों को लागू करना चाहिए और जिन मांगों पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है, उन पर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। नियमितीकरण के प्रश्न पर ठोस नीति बनाई जाए, HKRN से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए तथा सफाई, सीवर और अग्निशमन कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, जीवन एवं दुर्घटना बीमा और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं।

इस अवसर पर टीम चित्रा सरवारा की ओर से आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया। चित्रा सरवारा ने कहा कि यह आर्थिक सहयोग केवल सहायता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के संघर्ष में भागीदारी और उनके प्रति संवेदना का प्रतीक है। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि वे अपनी जायज मांगों की लड़ाई से पीछे न हटें। जब तक उनकी मूल और न्यायसंगत मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं होता, टीम चित्रा सरवारा उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर उनके सभी पार्षद भी मौजूद रहे।

चित्रा सरवारा ने कहा कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों को सरकार ने योद्धा बताया, उनके सम्मान का वास्तविक अर्थ आज उनके अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि केवल उनके चरण धोने, माला पहनाने, प्रशस्ति पत्र देने या सम्मान समारोह आयोजित करने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। उन कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल, सम्मानजनक रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों की वास्तविक गारंटी देनी होगी।

उन्होंने कहा कि “स्वच्छ भारत की झाड़ू लेकर फोटो और रील बनाने से स्वच्छता का दायित्व पूरा नहीं होता। स्वच्छ भारत का वास्तविक चेहरा वह सफाई कर्मचारी है, जो हर सुबह अपने हाथों में झाड़ू लेकर हमारे शहर को साफ करने निकलता है। सरकार को फोटो और प्रचार से आगे बढ़कर उसके अधिकार और सुरक्षा की चिंता करनी होगी।”

चित्रा सरवारा ने कहा कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार का दायित्व है कि वह उनकी आवाज सुने और समाधान निकाले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकार सख्ती नहीं, सुनवाई करे; दमन नहीं, संवाद करे। कोरोना काल के इन कर्मयोद्धाओं के सम्मान को केवल शब्दों और समारोहों तक सीमित न रखे, बल्कि उनके अधिकारों को जमीन पर लागू करे।”

उन्होंने कहा कि आज जब सरकार ‘समरसता पखवाड़ा’ मना रही है, तब सफाई कर्मचारियों के साथ न्याय करना ही समरसता की सबसे बड़ी परीक्षा है। यदि सरकार वास्तव में सामाजिक समरसता, सम्मान और समानता के अपने संकल्प को धरातल पर उतारना चाहती है तो उसे सफाई कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र, सम्मानजनक और स्थायी समाधान करना चाहिए।

इस अवसर पर मुख्य रूप से पार्षद रणजीत कुमार सोनू गुज्जर,जीवन कुमार,संदीप शर्मा दीपी,नीलम कश्यप,राहुल सोनकर वीरू,पूर्व पार्षद सुरेश त्रेहन,गगन डांग,जय धीमान,नरेंद्र शाह,अविनाश कुमार,विजय गूम्बर,वरुण करण आनंद,मनदीप कौर,विशेष धीमान,अजय पहलवान,कमलजीत,सुरिंदर लोहट दलीपगढ़,राजकुमार सुंदरनगर,आशीष शर्मा,मोंटी ढिल्लोंड,आदित्य गोयल,गुरकिरपाल सिंह जस्सल,सुरजीत लाली सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं साथी उपस्थित रहे।
    user_Vaneet kashyap
    Vaneet kashyap
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.