केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने 19 जून 2026 को देवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीबी का हर छूटा हुआ केस ढूंढा जाना चाहिए और सभी उपायों का मुख्य केंद्र बिंदु टीबी से होने वाली मृत्यु दर को कम करना होना चाहिए। मंत्री नड्डा ने बताया कि दिसंबर 2024 से शुरू हुए तेज गति वाले 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत अब तक 28.1 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, 20 लाख लोगों को टीबी निवारक उपचार दिया गया है और 5.7 लाख नए 'निक्षय मित्र' जोड़े गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की बड़े पैमाने पर तैनाती के कारण एक्स-रे स्क्रीनिंग में 34 गुना वृद्धि हुई है। भारत ने तपेदिक के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जहाँ 2014 में प्रति लाख आबादी पर टीबी के 243 मामले थे, जो 2024 में घटकर 187 हो गए हैं, और मृत्यु दर भी 2014 में प्रति लाख आबादी पर 34 मामलों से घटकर 2024 में 21 हो गई है। श्री नड्डा ने कहा कि यह अभियान टीबी नियंत्रण रणनीति में एक बड़ा बदलाव है, जिसमें अब मरीजों के स्वास्थ्य केंद्रों तक आने का इंतजार नहीं किया जा रहा, बल्कि समुदायों तक पहुँच कर जोखिम वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने राज्यों से जिला-स्तर पर समीक्षा करने, संवेदनशील आबादी के बीच स्क्रीनिंग तेज करने और सांसदों व विधायकों को भी टीबी उन्मूलन प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल करने का आह्वान किया। समीक्षा के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि मार्च 2026 में शुरू हुए अभियान के दूसरे चरण में 1.7 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1.20 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले गांवों, वार्डों और सामुदायिक क्षेत्रों को शामिल किया गया। इस राष्ट्रव्यापी मुहिम में लगभग 32 लाख युवाओं और 1.9 लाख से ज्यादा ‘माई भारत’ स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग किया है। बैठक में टीबी मुक्त भारत ऐप और एआई-संचालित चैटबॉट ‘खुशी’ के शुभारंभ पर भी प्रकाश डाला गया, जो नागरिकों को वास्तविक समय में जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करता है। मंत्रालय ने अतिरिक्त रेडियोग्राफर पद बनाने और अधिक हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण, ट्रूनेट तथा सीबीएनएएटी मशीनों की आवश्यकता को शीघ्र पूरा करने की सुविधा भी प्रदान की है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि निकट भविष्य में बड़ी संख्या में एआई-सक्षम एक्स-रे समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी साझा की। बैठक में देवास से प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, ए.सी.एस श्री अशोक वर्णवाल, एम.डी (एनएचएम) डॉ. सलोनी सिडाना एवं देवास कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह एनआईसी के माध्यम से जुड़े। श्री नड्डा ने सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के सपने को सतत सामूहिक प्रयासों से साकार करने का आह्वान किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने 19 जून 2026 को देवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीबी का हर छूटा हुआ केस ढूंढा जाना चाहिए और सभी उपायों का मुख्य केंद्र बिंदु टीबी से होने वाली मृत्यु दर को कम करना होना चाहिए। मंत्री नड्डा ने बताया कि दिसंबर 2024 से शुरू हुए तेज गति वाले 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत अब तक 28.1 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, 20 लाख लोगों को टीबी निवारक उपचार दिया गया है और 5.7 लाख नए 'निक्षय मित्र' जोड़े गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि
100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की बड़े पैमाने पर तैनाती के कारण एक्स-रे स्क्रीनिंग में 34 गुना वृद्धि हुई है। भारत ने तपेदिक के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जहाँ 2014 में प्रति लाख आबादी पर टीबी के 243 मामले थे, जो 2024 में घटकर 187 हो गए हैं, और मृत्यु दर भी 2014 में प्रति लाख आबादी पर 34 मामलों से घटकर 2024 में 21 हो गई है। श्री नड्डा ने कहा कि यह अभियान टीबी नियंत्रण रणनीति में एक बड़ा बदलाव है, जिसमें अब मरीजों के स्वास्थ्य केंद्रों तक आने का इंतजार नहीं किया जा रहा, बल्कि समुदायों तक पहुँच कर जोखिम वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने राज्यों से जिला-स्तर पर समीक्षा करने, संवेदनशील आबादी के बीच स्क्रीनिंग
तेज करने और सांसदों व विधायकों को भी टीबी उन्मूलन प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल करने का आह्वान किया। समीक्षा के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि मार्च 2026 में शुरू हुए अभियान के दूसरे चरण में 1.7 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1.20 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले गांवों, वार्डों और सामुदायिक क्षेत्रों को शामिल किया गया। इस राष्ट्रव्यापी मुहिम में लगभग 32 लाख युवाओं और 1.9 लाख से ज्यादा ‘माई भारत’ स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग किया है। बैठक में टीबी मुक्त भारत ऐप और एआई-संचालित चैटबॉट ‘खुशी’ के शुभारंभ पर भी प्रकाश डाला गया, जो नागरिकों को वास्तविक समय में जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करता है। मंत्रालय ने अतिरिक्त रेडियोग्राफर पद बनाने और अधिक हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण, ट्रूनेट तथा सीबीएनएएटी मशीनों की
आवश्यकता को शीघ्र पूरा करने की सुविधा भी प्रदान की है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि निकट भविष्य में बड़ी संख्या में एआई-सक्षम एक्स-रे समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी साझा की। बैठक में देवास से प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, ए.सी.एस श्री अशोक वर्णवाल, एम.डी (एनएचएम) डॉ. सलोनी सिडाना एवं देवास कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह एनआईसी के माध्यम से जुड़े। श्री नड्डा ने सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के सपने को सतत सामूहिक प्रयासों से साकार करने का आह्वान किया।
- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अलका लांबा जी के आह्वान और मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय रीना बोरासी सेतिया के निर्देश पर, देवास के भोपाल चौराहा पर आज एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्यसभा प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदेश महासचिव श्रीमती श्रुति बघेल के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में, कांग्रेसजनों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लेते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग प्रमुख ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों पर हो रहे कथित प्रहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा जी, जिला अध्यक्ष ग्रामीण मनीष जी चौधरी, जिला अध्यक्ष शहर प्रयास जी गौतम, युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं सहित अच्छी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर, यह संदेश दोहराया गया कि लोकतंत्र की रक्षा उनका कर्तव्य है और संविधान उनका स्वाभिमान है, जैसा कि पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव श्रुति बघेल ने भी अपनी बाइट में उल्लेख किया।1
- देवास जिले के सोनकच्छ में मोहर्रम की तीसरी तारीख पर पारंपरिक सवारियां निकाली गईं। इस अवसर पर अलम के साथ एक जुलूस का आयोजन भी किया गया।1
- इंदौर में राष्ट्रीय केसरिया हिंदू वाहिनी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और बजरंग सेना के अध्यक्ष मोहन बामनिया ने आज बाबा भूतनाथ मंदिर, रंगवासा में बाबा का भोग आरती और गौ सेवा का कार्य किया। इस दौरान मोहन बामनिया के साथ उनके समर्थक गण भी मौजूद थे।1
- इंदौर शहर में शनिवार को हुई तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। इस बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। प्रदेश में मानसून की गतिविधियाँ तेज होने के साथ ही, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। बारिश का सबसे महत्वपूर्ण लाभ भूजल स्तर पर देखा गया है। लंबे समय से पानी की कमी और लगातार गिरते जलस्तर के कारण शहर के कई इलाकों में बोरिंग सूखने की कगार पर पहुँच गए थे, लेकिन इस हालिया बारिश ने जल स्रोतों को एक नई संजीवनी प्रदान की है। वहीं, बारिश के कारण शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी निर्मित हुई। इन सबके बावजूद, किसानों और आम नागरिकों ने इस बारिश का गर्मजोशी से स्वागत किया है। मौसम विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि आगामी दिनों में भी इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे न केवल गर्मी से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि जल संकट में भी कमी आने की संभावना जताई गई है।1
- कृषि कॉलेज के छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए हल्लाबोल किया। इस दौरान छात्रों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।1
- इंदौर, जिसे 'नवाचारों की नगरी' कहा जाता है, वहाँ की सड़कों की जानलेवा गड्ढों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों पर नगर निगम से सवाल पूछने पर एक 'शायराना' और दार्शनिक जवाब मिलता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि सड़कें बारिश के 'इश्क' में डूब जाती हैं, जिसके कारण उनके गड्ढे दिखना बंद हो जाते हैं। वास्तविकता यह है कि नगर निगम के पास जनता की जान की परवाह करने का समय नहीं है, क्योंकि वे पानी की किल्लत के प्रबंधन, कचरा निस्तारण की 'कलाकारी', गरीबों के ठेले-गुमटी हटाने और लोगों के आशियाने उजाड़ने जैसे कामों में व्यस्त हैं। इस मानसून में, जनता को अपनी जान की परवाह खुद करने की सलाह दी गई है, क्योंकि निगम ने उनकी जिंदगी का कोई ठेका नहीं ले रखा है।1
- देवास जिले की ग्राम पंचायत खटाम्ब में आयोजित जनकल्याण शिविर में मुख्य सचिव अनुराग जैन पहुँचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझना था।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना स्थित एक सरकारी अस्पताल में एक नर्स ने मरीज के परिजन को थप्पड़ मार दिया। बताया गया है कि परिजन ने नर्स से ड्रिप (बोतल) बदलने की गुज़ारिश की थी, जिस पर नर्स को गुस्सा आ गया और उन्होंने परिजन को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि अगर आम नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी गुंडागर्दी झेलनी पड़े, तो वे आखिर कहां जाएंगे। अब यह देखना होगा कि क्या नर्स पर कोई कार्रवाई होती है या फिर सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में परिजन पर ही कार्रवाई की जाएगी।1