परशदेपुर मे ईद मिलादुन नबी अमन सुकून से जुलूस निकला गया प्रशासन रहा मौजूद। डीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत परशदेपुर मे दिनांक 27/8/2026 को ईद मिलादून नबी अमन सुकून से निकाला गया जुलूस ए मदे सहाबा अंजुमन जुम्मा मस्जिद से उठाया गया घुसयाने से होते हुए मोहल्ला काज़ियाना अंजुमन होते हुए मुस्तफा मस्जिद से पानी कि टंकी से होते हुए जिल्ला बाजार से कठरा बाजार से होते हुए अंसार चौक पर पहुचा मौलाना इस्लाम नदवी और मौलाना यूनुस मुफ्ती जैद मौलाना तौकीर रहे मौजूद ईद मिलादुन नबी पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा कि पैदाइश मुबारक कि खुसी मे मुस्लिम समुदाय मनाते है और अपनी खुसी जाहिर करते है अंजुमन मदे सहाबा मे तमाम गाँव और जगह जगह से आए मुस्लिम भाइयों ने अमन सुकून के साथ भाई चारे का पैगाम देते हुए देश के अमन सुकून वा तरक्की कि दुआ कि प्रशासन की मौजूदगी मे मदे सहाबा अंजुमन निकाला गया।
परशदेपुर मे ईद मिलादुन नबी अमन सुकून से जुलूस निकला गया प्रशासन रहा मौजूद। डीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत परशदेपुर मे दिनांक 27/8/2026 को ईद मिलादून नबी अमन सुकून से निकाला गया जुलूस ए मदे सहाबा अंजुमन जुम्मा मस्जिद से उठाया गया घुसयाने से होते हुए मोहल्ला काज़ियाना अंजुमन होते हुए मुस्तफा मस्जिद से पानी कि टंकी से होते हुए जिल्ला बाजार से कठरा बाजार से होते हुए अंसार चौक पर पहुचा मौलाना इस्लाम नदवी और मौलाना यूनुस मुफ्ती जैद मौलाना तौकीर रहे मौजूद ईद मिलादुन नबी पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा कि पैदाइश मुबारक कि खुसी मे मुस्लिम समुदाय मनाते है और अपनी खुसी जाहिर करते है अंजुमन मदे सहाबा मे तमाम गाँव और जगह जगह से आए मुस्लिम भाइयों ने अमन सुकून के साथ भाई चारे का पैगाम देते हुए देश के अमन सुकून वा तरक्की कि दुआ कि प्रशासन की मौजूदगी मे मदे सहाबा अंजुमन निकाला गया।
- 3.38 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, नसीराबाद में पेयजल और जलनिकासी व्यवस्था मजबूत रायबरेली। नगर पंचायत नसीराबाद में बुधवार को विकास कार्यों के लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 3 करोड़ 38 लाख 79 हजार 483 रुपये की लागत से कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण मुख्य अतिथि सलोन विधायक अशोक कुमार कोरी ने किया। इस दौरान छतोह के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र बहादुर सिंह व सैयद अहमद विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद फाकिर ने सैकड़ों बाइक व करीब दो दर्जन चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ नगर सीमा पर विधायक का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वार्ड संख्या-2 स्थित पानी की टंकी परिसर में समारोह हुआ। विधायक ने 2 करोड़ 32 लाख 39 हजार 525 रुपये की लागत से पूर्ण नौ सीवरेज व नाली निर्माण कार्यों के शिलापट्ट का अनावरण किया। वहीं 1 करोड़ 6 लाख 39 हजार 958 रुपये की लागत से पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने वाले आठ कार्यों का भी लोकार्पण किया गया। समारोह में बिरहा गायिका रूची यादव व सूरज यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी राजभान शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और सैकड़ों नागरिक मौजूद रहे। संचालन राजेश कुमार सिंह ने किया।1
- धार्मिक आयोजन में उमड़ा आस्था का सैलाब पहरावां मजरे रहवां स्थित श्री बरगदेश्वर महादेव मंदिर में जीर्णोद्धार महोत्सव, श्री रामचरितमानस पाठ एवं भव्य भंडारे का भव्य आयोजन हुआ। पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह उर्फ डब्बू सिंह की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक राकेश सिंह ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और आयोजन की शोभा बढ़ाई। भक्ति, आस्था और सेवा के संगम ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। #voicebharat24 #रायबरेली #viralpost #reelsviralシ #YogiAdityanath #BJP4IND #DineshPratapSingh #RakeshSingh धार्मिक आयोजन में उमड़ा आस्था का सैलाब पहरावां मजरे रहवां स्थित श्री बरगदेश्वर महादेव मंदिर में जीर्णोद्धार महोत्सव, श्री रामचरितमानस पाठ एवं भव्य भंडारे का भव्य आयोजन हुआ। पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह उर्फ डब्बू सिंह की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक राकेश सिंह ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और आयोजन की शोभा बढ़ाई। भक्ति, आस्था और सेवा के संगम ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। #voicebharat24 #रायबरेली #viralpost #reelsviralシ #YogiAdityanath #BJP4IND #DineshPratapSingh #RakeshSingh1
- रायबरेली के सलोन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तरफ से सुनील साहू को रक्षाबंधन बांधा गया1
- ग्रामीणों के लिए दस दिनों से दहशत का कारण बना मगरमच्छ पकड़ा गया दस दिनों से दहशत का कारण बना मगरमच्छ पकड़ा गया बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र में करीब दस दिनों से ग्रामीणों में दहशत का कारण बना मगरमच्छ बुधवार शाम वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने पकड़ लिया। कसरावां गांव के पास बछरावां रजबहा में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से नहर में जाल डाला। काफी प्रयास के बाद मगरमच्छ जाल में फंस गया। उसके पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इससे पहले सोमवार को महरौरा गांव के पास इंदिरा नहर की पुलिया के निकट भी मगरमच्छ दिखाई दिया था। एक युवक ने उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया था। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दस दिनों से मगरमच्छ नहर, तालाब और खेतों में अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रहा था। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी थी। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। वनरक्षक बृजेश वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर लखनऊ से रेस्क्यू टीम बुलाकर मगरमच्छ को पकड़वाया गया। टीम उसे अपने साथ ले गई है।1
- रायबरेली जगतपुर क्षेत्र में स्थित नवाबगंज सुभद्रा पब्लिक स्कूल में बच्चों को एवं लड़कियों को महिला सशक्तिकरण अभियान जगतपुर थाना द्वारा चलाया गया रायबरेली जगतपुर क्षेत्र में स्थित नवाबगंज सुभद्रा पब्लिक स्कूल में बच्चों को एवं लड़कियों को महिला सशक्तिकरण अभियान जगतपुर थाना द्वारा चलाया गया3
- रायबरेली के डलमऊ तहसील क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्राम सभा जहानामऊ उर्फ भगवतीपुर के रसूलपुर गहरवारी गांव में मूसलाधार बारिश के चलते एक बुजुर्ग महिला का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला काफी समय से इसी जर्जर कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दौरान अचानक मकान गिरने से उनकी जान पर बन आई, हालांकि किसी तरह उनकी जान बच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग महिला को अब तक पक्का आवास नहीं मिल पाया है। मकान गिरने के बाद उनके सामने रहने और सुरक्षित जीवन गुजारने का संकट खड़ा हो गया है। अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस बेबस बुजुर्ग महिला पर कब पड़ेगी? क्या प्रशासन की ओर से उन्हें सुरक्षित आवास और जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी? घर में यह बुजुर्ग मां है और एक बेटा जो उनकी सेवा में लगा है पिता है जो खेती किसानी करते है कमाने वाला कोई नहीं रहने के लिए सर पे छत भी नहीं नाम शांति पत्नी सत्यनारायण डलमऊ तहसील स्थित रसूलपुर गहरवारी कोई देवदूत आए और गरीबों की मदद करें 🙏 संपर्क सूत्र 63885151161
- रायबरेली (बछरावां): बछरावां कोतवाली क्षेत्र के तोरियार गांव के पास इंदिरा नहर की शाखा माईनर मे एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया। नहर की पुलिया के पास मगरमच्छ को तैरते देख स्थानीय लोगों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एक युवक ने मोबाइल से मगरमच्छ का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में मगरमच्छ पहले नहर के किनारे शांत बैठा दिखाई देता है और फिर धीरे-धीरे गहरे पानी के बीच तैरने लगता है। नहर के आसपास अक्सर ग्रामीणों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों में किसी अप्रिय घटना को लेकर गहरी चिंता और दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले का संज्ञान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। इस संबंध में वन विभाग की टीम मामले की जांच-पड़ताल कर रही है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद जरूरी रेस्क्यू कदम उठाई । इंदिरा नहर में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलरा रायबरेली (बछरावां): बछरावां कोतवाली क्षेत्र के महरौरा गांव के पास इंदिरा नहर में सोमवार शाम एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया। नहर की पुलिया के पास मगरमच्छ को तैरते देख स्थानीय लोगों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एक युवक ने मोबाइल से मगरमच्छ का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में मगरमच्छ पहले नहर के किनारे शांत बैठा दिखाई देता है और फिर धीरे-धीरे गहरे पानी के बीच तैरने लगता है। नहर के आसपास अक्सर ग्रामीणों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों में किसी अप्रिय घटना को लेकर गहरी चिंता और दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले का संज्ञान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। इस संबंध में वन विभाग की टीम मामले की जांच-पड़ताल कर रही है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद जरूरी रेस्क्यू...किया गया ।1
- रायबरेली में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, गूंजे नातिया कलाम रायबरेली। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को रायबरेली शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शामिल होकर पैगंबर साहब को याद किया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया। जुलूस के दौरान नातिया कलाम और धार्मिक नारों से माहौल गूंजता रहा। लोगों ने कहा, "नबी की याद से रोशन मेरे दिल का नगीना है, वो मेरे मन में रहते हैं, मेरा दिल एक मदीना है।" जुलूस विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। इसमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे। आयोजकों ने लोगों से आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने प्रमुख मार्गों पर निगरानी की। इस दौरान लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।1
- शहर में 75 साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा, हादसे में कोई हताहत नहीं, आवागमन बाधित शहर में 75 साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा, हादसे में कोई हताहत नहीं, आवागमन बाधित रायबरेली। विशालकाय पीपल का पेड़ शहर के बीचों-बीच मध्य मार्ग पर गिरने से आवागमन बाधित हो गया है। जहां देर रात तक कोई भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए और न ही पेड़ को रास्ते से हटाया गया। 26 अगस्त बुधवार की देर रात की 11:30 बजे के आसपास अचानक एक पीपल का पेड़ भरभरा कर गिर पड़ा। गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई नहीं आया, नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। डिग्री कॉलेज चौराहे से हाथी पार्क को जोड़ने वाली सड़क पर हनुमान मंदिर के बगल में एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पीपल का पेड़ करीब 75 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। पेड़ गिरने के बाद सड़क के किनारे एक तरफ थोड़ा रास्ता खुला, जिससे वाहनों और राहगीरों का आवागमन शुरू तो हो गया, लेकिन इसी स्थान पर एक ट्रांसफॉर्मर दो खंभों के सहारे लगा हुआ है, जिसके ठीक नीचे से लोगों का गुजरना जारी रहा। ऐसे में किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यह घटना सिर्फ एक पेड़ गिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में खड़े कमजोर और जर्जर पेड़ों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। बारिश का मौसम चल रहा है और लगातार आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में कमजोर जड़ों वाले बड़े पेड़ कभी भी गिर सकते हैं और व्यस्त इलाकों में बड़ा हादसा हो सकता है। रायबरेली शहर में लेखपालों, नगर पालिका, वन विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर ऐसे पेड़ों को चिन्हित किया जाए, जो गिरने की स्थिति में हैं या जिनकी जड़ें कमजोर हो चुकी हैं। चिन्हित किए गए पेड़ों की तत्काल जांच कराकर जरूरी कार्यवाही की जाए। जिस स्थान पर यह पेड़ गिरा है, वह शहर के बीचों-बीच और अत्यधिक व्यस्त मार्ग है। ऐसे में समय रहते कमजोर पेड़ों की पहचान और सुरक्षा उपाय किए गए तो संभावित बड़े हादसों को टाला जा सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना को चेतावनी मानकर शहर के बाकी खतरनाक पेड़ों को लेकर क्या कदम उठाता है।4