बिहार में अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की टीम ने नालंदा जिले में एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और हथियारों की तस्करी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से पचासा और खिदरचक गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। सुबह करीब 11 बजे भारी संख्या में पुलिस बल और जांच अधिकारियों की टीम दोनों गांवों में पहुंची, जिससे इलाके में अचानक हड़कंप मच गया। जांच टीम ने पचासा गांव में जदयू नेता संतोष कुमार तथा खिदरचक गांव में संतोष डॉन से जुड़े ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन, बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े दस्तावेज, और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन जब्त दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं, और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक छापेमारी और कानूनी प्रक्रिया जारी थी, तथा अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
बिहार में अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, शनिवार को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की टीम ने नालंदा जिले में एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और हथियारों की तस्करी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से पचासा और खिदरचक गांव में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। सुबह करीब 11 बजे भारी संख्या में पुलिस बल और जांच अधिकारियों की टीम दोनों गांवों में पहुंची, जिससे इलाके में अचानक हड़कंप मच गया। जांच टीम ने पचासा गांव में जदयू नेता संतोष कुमार तथा खिदरचक गांव में संतोष डॉन से जुड़े ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन, बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े दस्तावेज, और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन जब्त दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं, और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सूत्रों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक छापेमारी और कानूनी प्रक्रिया जारी थी, तथा अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
- User5048Bihar😤1 day ago
- MR COOL COOLPunpun, Patna🙏3 days ago
- जहानाबाद जिले में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा बुधवार को कड़ी सुरक्षा और सख्त निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। जिला प्रशासन ने इस परीक्षा को निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की है। यह परीक्षा जिले के 10 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 5,304 अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। अभ्यर्थियों को पहली पाली के लिए सुबह 8 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 बजे तक केंद्र पर पहुँचने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद सभी परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई; प्रवेश से पहले उनके जूते उतरवाकर जाँच की गई और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया गया। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और निजी पेन को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि ओएमआर शीट भरने के लिए आवश्यक पेन परीक्षा केंद्रों पर ही उपलब्ध कराए गए। प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया तथा ई-प्रवेश पत्र और फोटो पहचान पत्र का मिलान कर प्रवेश सुनिश्चित किया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, साथ ही संचार माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जैमर लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू की गई है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फर्जी अभ्यर्थियों या किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी के साथ जेल भेजने की कार्रवाई भी शामिल है।1
- समस्तीपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, निगरानी विभाग ने चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सियाराम राय को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मुखिया को एक शिक्षक से ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। उन पर शिक्षक से निलंबन समाप्त कराने के नाम पर ₹5 लाख की घूस मांगने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद जहाँ मुखिया सियाराम राय सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं, वहीं पंचायत सचिव फरार बताया जा रहा है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।1
- मखदुमपुर प्रखंड के ओदान विगहा गांव में मंगलवार को सप्त चंडी महायज्ञ सह माँ देवी प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य कलश यात्रा के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं और पुरुष गाजे-बाजे तथा धार्मिक जयघोष के साथ शामिल हुए। कलश यात्रा गांव से निकलकर उदेरास्थान बराज पहुंची, जहाँ श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर कलश में स्थापित किया। यज्ञाचार्य कमलेश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूरी विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। आयोजन समिति के प्रमुख श्री श्री 1008 श्री बाबा बलिराम दास ने बताया कि यह सप्त चंडी महायज्ञ 24 जून तक चलेगा और इसमें माँ देवी की प्राण प्रतिष्ठा भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए वृंदावन से कथावाचिका कुसुम लता जी को आमंत्रित किया गया है। यज्ञ परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के अतिरिक्त सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इस अवसर पर धीरेंद्र कुमार, विद्यानंद सिंह, राजा जी सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।1
- तेजस्वी यादव ने रौशन आनंद के समर्थन में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से रौशन आनंद का पक्ष लेते हुए आरोप लगाया कि 'बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है'। यह घटनाक्रम एक बड़े अपडेट के तौर पर सामने आया है।1
- बिहार शरीफ में एक ट्रैक्टर शोरूम के संचालक नीतीश कुमार को जेल भेज दिया गया है। यह मामला जितेंद्र की 10 डिसमिल जमीन से जुड़ा है, जिसमें जितेंद्र को पैसा मिला और ऋण देने वाला ट्रैक्टर शोरूम भी शामिल है। इस पूरे प्रकरण में, नीतीश कुमार के पिता ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है।1
- बिहार में ट्रेनों के भीतर बेतहाशा भीड़ का एक रूह कंपा देने वाला दृश्य सामने आया है। परीक्षा देने जा रहे युवाओं की इतनी भारी संख्या के कारण ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। इस भयावह और चौंकाने वाली स्थिति को देखकर यह टिप्पणी की गई है कि यह देश के मौजूदा हाल को दर्शाता है।1
- जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 22 स्थित गायत्री मंदिर के समीप आयोजित सहयोग शिविर में लोगों की समस्याओं के समाधान की अपेक्षा केवल औपचारिकता ही अधिक देखने को मिली। बड़ी संख्या में नागरिक राशन कार्ड, भूमि विवाद, दस्तावेजी त्रुटियों और अन्य जनसमस्याओं को लेकर शिविर में पहुंचे, लेकिन कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण उनकी अधिकांश शिकायतें अनसुलझी रह गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। हालांकि, सबसे अधिक मामले राशन कार्ड से नाम कटने, खाद्यान्न वितरण में हो रही परेशानियों तथा जमीन संबंधी विवादों से जुड़े थे, जिनके समाधान के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग और राजस्व विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य थी। इन महत्वपूर्ण विभागों के कर्मियों के न पहुंचने से लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा और उनकी समस्याएं जस की तस बनी रहीं। हालांकि, शिविर में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह, वार्ड पार्षद प्रकाश कुमार, बिजली विभाग और पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतें सुनीं और आवश्यक निर्देश भी दिए। नगर परिषद से जुड़ी साफ-सफाई, नाली निर्माण, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित कई शिकायतों का मौके पर समाधान भी किया गया। वार्ड पार्षद प्रकाश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके राशन कार्ड से नाम हटा दिए गए हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि नगर परिषद से संबंधित कई मामलों का शिविर में तत्काल निपटारा किया गया, जबकि अन्य समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।1
- अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवयित्री और लेखिका अंकिता सिन्हा ने बिहारशरीफ पहुँचकर 'खबर नालंदा' के साथ एक विशेष बातचीत की। इस चर्चा में उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा, अपनी चर्चित पुस्तकों 'आकांक्षा' और 'कोरोनाकाल', तथा समाज में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनकी रचनाओं का मुख्य केंद्र हमेशा मानवीय संवेदनाएं, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रप्रेम और आम लोगों के संघर्ष रहे हैं। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए अंकिता सिन्हा को देश के विभिन्न राज्यों में कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वह आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी कविता पाठ कर चुकी हैं। अपनी बातचीत के दौरान, अंकिता सिन्हा ने युवाओं से साहित्य से जुड़ने और समाज के प्रति अधिक संवेदनशील बनने का आह्वान किया। उनकी प्रेरणादायक साहित्यिक यात्रा को आज की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।1
- Post by Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar1