फतेहगढ़ क्षेत्र के ग्राम महुगरा में बुधवार को गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। महीनों से पानी की किल्लत झेल रहे ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे SH-23 पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं अपने घरों से खाली घड़े, बाल्टियां और अन्य बर्तन लेकर सड़क पर बैठ गईं। इस दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है, और नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति के दावे के बावजूद उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। गांव में लगे कई हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बनी पानी की टंकी सूखी पड़ी है और पूरी पेयजल व्यवस्था केवल एक ट्यूबवेल के भरोसे चल रही है, जो गर्मी के मौसम और बढ़ती मांग के कारण अपर्याप्त साबित हो रहा है। चक्काजाम के कारण स्टेट हाईवे SH-23 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में पानी की आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु की जाएगी और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर चक्काजाम खोल दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी की समस्या का जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित और पर्याप्त पेयजल व्यवस्था चाहिए ताकि गांव के लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।
फतेहगढ़ क्षेत्र के ग्राम महुगरा में बुधवार को गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। महीनों से पानी की किल्लत झेल रहे ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे SH-23 पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं अपने घरों से खाली घड़े, बाल्टियां और अन्य बर्तन लेकर सड़क पर बैठ गईं। इस दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है, और नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति के दावे के बावजूद उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। गांव में लगे कई हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बनी पानी की टंकी सूखी पड़ी है और पूरी
पेयजल व्यवस्था केवल एक ट्यूबवेल के भरोसे चल रही है, जो गर्मी के मौसम और बढ़ती मांग के कारण अपर्याप्त साबित हो रहा है। चक्काजाम के कारण स्टेट हाईवे SH-23 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में पानी की आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु की जाएगी और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर चक्काजाम खोल दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पानी की समस्या का जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित और पर्याप्त पेयजल व्यवस्था चाहिए ताकि गांव के लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।
- यह आलेख वैभव लक्ष्मी व्रत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करता है, जिसमें इसे कैसे किया जाए, इसकी संपूर्ण पूजा विधि और इसके महत्व को विस्तार से समझाने का प्रयास किया गया है।1
- बताया गया है कि घर के सामने पानी जमा हो रहा है।1
- राजगढ़ जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मलावर पुलिस ने डकैती के एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार तोलानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ब्यावरा श्री प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में थाना मलावर पुलिस ने यह कार्रवाई की। इस दौरान इनामी आरोपी संतोष पिता रमेश माली (30 वर्ष, निवासी ग्राम लखनवास) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ₹2.46 लाख का मशरूका और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम, जिसका नेतृत्व थाना प्रभारी उप निरीक्षक रजनेश सिरोठिया ने किया, ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र, साइबर विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष माली को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। घटना 29.05.2026 को हुई थी, जब फरियादी भारत सिंह पिता मदनलाल लोधा (46 वर्ष, निवासी ग्राम तरैना) ने मलावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रात्रि में अज्ञात बदमाश घर के पीछे बल्ली लगाकर मकान में घुस आए थे और कट्टे एवं चाकू की नोक पर परिवार के सदस्यों को आतंकित कर सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी लूटकर फरार हो गए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना मलावर में अपराध क्रमांक 151/2026, धारा 310(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। गिरफ्तार आरोपी संतोष माली के कब्जे से उसके हिस्से में आए ₹2,01,000 नगद, एक देशी 315 बोर कट्टा, 10 जिंदा कारतूस, एक खाली कारतूस का खोखा तथा घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। कुल ₹2,46,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है, और प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रजनेश सिरोठिया सहित उप निरीक्षक जितेन्द्र अजनारे (सायबर सेल प्रभारी), उप निरीक्षक अनिल राहोरिया, सहायक उप निरीक्षक मनोहर साहू, सहायक उप निरीक्षक शादाब खान, सहायक उप निरीक्षक राजू वर्मा, प्रधान आरक्षक 689 श्रीकांत शुक्ला, प्रधान आरक्षक 282 संजय भार्गव, प्रधान आरक्षक 87 देवीसिंह, प्रधान आरक्षक केशव राजपूत (थाना नरसिंहगढ़), प्रधान आरक्षक दीपक यादव (थाना नरसिंहगढ़), प्रधान आरक्षक खेमेन्द्र राजपूत (थाना कुरावर), प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र राजपूत (थाना सुठालिया), आरक्षक राजीव रघुवंशी (यातायात), आरक्षक 76 महेश पुर्विया, आरक्षक 286 दीपक, आरक्षक 758 जीवन सिंह, आरक्षक 344 विक्रम भील, आरक्षक अशोक राहोरिया, आरक्षक सुमित दोहरे, आरक्षक पवन एवं आरक्षक कुलदीप (सायबर सेल राजगढ़) की सराहनीय भूमिका रही है।1
- शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने पहुंचे तहसीलदार सचिन भार्गव को गोली मारने की कथित धमकी देने का मामला अब गर्मा गया है। यह घटना 25 जून को हुई, जब तहसीलदार भार्गव अपनी राजस्व एवं प्रशासनिक टीम के साथ क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों की जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, और मौके पर हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर तहसीलदार को धमकी देता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसमें उससे कार्रवाई बंद करने या गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आए और मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। बताया गया है कि इन आरोपियों में एक ही परिवार के दादा, बेटे और पोते को नामजद किया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच कर रही है, और प्रशासन का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद, जिला प्रशासन ने सख्त संदेश देते हुए मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और सरकारी अधिकारियों को धमकाने जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर सीधा हमला बताया है। इस घटनाक्रम ने जिले में अवैध खनन के नेटवर्क और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, और प्रशासन ने संकेत दिया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।2
- छीपाबड़ौद में शहीदे कर्बला हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिये निकाले गए।1
- राजधानी एक्सप्रेस के सामने अचानक हाथी आ जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में ट्रेन के पायलट ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए कई लोगों की जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।1
- ग्राम खानपुरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 46 (NH 46) पर यादव वेयरहाउस के सामने एक दुखद घटना में, किसी अज्ञात वाहन ने एक गाय और उसके बछड़े को टक्कर मार दी। इस हादसे में गाय और बछड़ा, दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।1