इंदौर में गंदा पानी पीकर लोग मरते हैं, और सरकार को गुस्सा आता है सच लिखने पर! देवास SDM का निलंबन न्याय नहीं, सरकार के ईगो का बदला है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अमानवीय बयान को आदेश में लिख दिया —तो जवाब में ईमानदार अफ़सर सस्पेंड! सवाल पूछना गुनाह हो गया? सच लिखना बगावत हो गई? और मौतों पर बयान देना सरकार की शान? देवास SDM आनंद मालवीय का निलंबन प्रशासनिक नहीं, राजनीतिक दबाव की कार्रवाई प्रतीत होती है। अभिव्यक्ति की आजादी भी छीनना चाहती है सरकार। दूषित पानी से मौतों पर सवाल उठाने के बजाय सरकार ने जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी पर ही कार्रवाई कर दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी आदेश में तथ्य का उल्लेख करना अपराध बना दिया गया। जब मंत्री के बयान पर सवाल उठते हैं, तो सजा अधिकारी को क्यों? यह फैसला सरकार की प्राथमिकताओं और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह साफ़ संदेश है: मंत्री गलत नहीं हो सकता, अफ़सर सच नहीं लिख सकता, जनता सवाल नहीं कर सकती यह निलंबन गलत है। यह फैसला जनता की नहीं, सत्ता के अहंकार पर लिया गया है। Dr Mohan Yadav मांगें साफ़ हैं —SDM का तुरंत निलंबन रद्द करो, दूषित पानी मौत कांड की स्वतंत्र जांच, दोषियों पर FIR और कार्रवाई बयानबाज़ मंत्री से जवाबदेही तय करो याद रखो— सच को सस्पेंड किया जा सकता है, मिटाया नहीं। जनता बोलेगी, सड़कों से कोर्ट तक बोलेगी!
इंदौर में गंदा पानी पीकर लोग मरते हैं, और सरकार को गुस्सा आता है सच लिखने पर! देवास SDM का निलंबन न्याय नहीं, सरकार के ईगो का बदला है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अमानवीय बयान को आदेश में लिख दिया —तो जवाब में ईमानदार अफ़सर सस्पेंड! सवाल पूछना गुनाह हो गया? सच लिखना बगावत हो गई? और मौतों पर बयान देना सरकार की शान? देवास SDM आनंद मालवीय का निलंबन प्रशासनिक नहीं, राजनीतिक दबाव की कार्रवाई प्रतीत होती है। अभिव्यक्ति की आजादी भी छीनना चाहती है सरकार। दूषित पानी से मौतों पर सवाल उठाने के बजाय सरकार ने जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी पर ही कार्रवाई कर दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी आदेश में तथ्य का उल्लेख करना अपराध बना दिया गया। जब मंत्री के बयान पर सवाल उठते हैं, तो सजा अधिकारी को क्यों? यह फैसला सरकार की प्राथमिकताओं और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह साफ़ संदेश है: मंत्री गलत नहीं हो सकता, अफ़सर सच नहीं लिख सकता, जनता सवाल नहीं कर सकती यह निलंबन गलत है। यह फैसला जनता की नहीं, सत्ता के अहंकार पर लिया गया है। Dr Mohan Yadav मांगें साफ़ हैं —SDM का तुरंत निलंबन रद्द करो, दूषित पानी मौत कांड की स्वतंत्र जांच, दोषियों पर FIR और कार्रवाई बयानबाज़ मंत्री से जवाबदेही तय करो याद रखो— सच को सस्पेंड किया जा सकता है, मिटाया नहीं। जनता बोलेगी, सड़कों से कोर्ट तक बोलेगी!
- अर्जुन सिंह भिलाला 🇨🇮🌹🌹1
- भोपाल साइकलिंग के माध्यम से फिटनेस का संदेश मंत्री विश्वास सारंग ने सायकल ऑन सनडे' को फ्लैग ऑफ किया1
- युवा शक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में यह एक सशक्त व ठोस पहल है।1
- इतनी जल्द बाजी क्या थी जो खुद मौत के मुंह में यह व्यक्ति चला गया इस व्यक्ति ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि मेरे पीछे यमराज जी लेने आए हैं1
- *भोपाल में बदमाशों के हौसले बुलंद"* *नहीं थम रहा छुरी तलवार से रील बनाने का सिलसिला।*1
- देवास पुलिस का आपरेशन त्रिनेत्रम। कोतवाली पुलिस ने सुने घर को निशाना बनाने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश। जिले कि सुरक्षार्थ एक केमरा जरुर लगाए! #dewas #mppolice #CrimeNews #आपरेशनत्रिनेत्रम @highlight Dewas Police Collector Dewas SWARN INDIA Ritu Raj Jaiveer Singh Bhadoria CM Madhya Pradesh PRO Jansampark Dewas1
- Post by Siddharth brajpuriya1
- Post by Pankaj sahu1
- मुफ्त योजनाएं, बढ़ता कर्ज और थमता विकास। मध्यप्रदेश के बजट का 70% से ज्यादा हिस्सा सब्सिडी, वेतन-पेंशन और कर्ज अदायगी में खर्च हो रहा है। हर माह 1890 करोड़ लाड़ली बहना पर, 2800 करोड़ मुफ्त राशन पर, 95 हजार करोड़ सालाना वेतन-पेंशन में। साल 2025 खत्म होने से पहले ही सरकार ने 3500 करोड़ का नया कर्ज लिया, और चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज पहुंचा 53,100 करोड़। सवाल साफ है, क्या राहत के नाम पर कर्ज बढ़ेगा या विकास और रोजगार को मिलेगी प्राथमिकता?1