परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है, और प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरकता बढ़ेगी तथा फसलें गुणवत्तायुक्त होंगी, जिससे स्वस्थ और निरोग जीवन सुनिश्चित होगा। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि हरित क्रांति ने फसलों का उत्पादन बढ़ाया, वहीं अब प्राकृतिक खेती भूमि की उर्वरकता और गुणवत्तायुक्त उत्पादन में वृद्धि करेगी। उन्होंने नरसिंहपुर जिले को कृषि क्षेत्र में पूरे प्रदेश को मार्गदर्शन देने वाला बताते हुए इसकी उपजाऊ भूमि, जल उपलब्धता, अनुकूल जलवायु और बाजार की सराहना की, जिससे जिले के किसान समृद्ध हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृषि और किसानों के हित में चल रही कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया, जिनमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर लागत कम करने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि को अधिक लाभकारी बनाना शामिल है। मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया, साथ ही सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर उपज खरीद कर तथा भावांतर योजना के माध्यम से उचित मूल्य देकर किसानों को प्रोत्साहित करने की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को रासायनिक खाद का कम उपयोग करने और जैविक खाद को बढ़ावा देने की सलाह दी, क्योंकि जैविक खाद से तैयार फसलें गुणवत्तायुक्त होती हैं और स्वस्थ जीवन प्रदान करती हैं। मंत्री ने यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की तुलना में जैविक खाद तैयार करने में कम लागत आने की बात भी कही। अपने संबोधन में, श्री सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कठिन चुनौतियों का सामना करने की क्षमता की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से बैंकों में खाते खुलवाने से नागरिकों की आर्थिक समृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने महिलाओं को पुरुषों के बराबर हक और अधिकार दिए हैं, जिससे वे प्रशासनिक सेवा, देश सेवा, विज्ञान, चिकित्सा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। मंत्री श्री सिंह ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने की घोषणा करते हुए सभी उपस्थित नागरिकों से संपत्ति, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और विवाह विच्छेद जैसे विषयों पर समान कानून के लिए अपनी राय देने का आह्वान किया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने किसानों से पूर्ण संकल्प के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया, जो भूमि की उर्वरकता और फसलों की गुणवत्ता बढ़ाती है। उन्होंने जल संरक्षण, पौधे लगाने और गौवंश की रक्षा के सरकारी अभियान को मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने प्राकृतिक खेती को वर्तमान समय की मांग बताते हुए कहा कि यह भूमि की उर्वरकता बढ़ाती है और गुणवत्तायुक्त उत्पादन देती है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने हेतु राष्ट्रीय अभियान चलाए जाने, किसानों का चयन कर क्लस्टर बनाने, और केंचुआ खाद, अपशिष्ट खाद तथा गोबर खाद जैसी जैविक खाद बनाने की विधि सिखाने की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान मंत्री श्री सिंह का भव्य स्वागत किया गया, उन्होंने मां सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, विभिन्न स्टॉलों और आधुनिक कृषि यंत्रों का अवलोकन किया, और अन्य अतिथियों के साथ पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्री मुकेश मरैया, श्री मिनेन्द्र डागा, जिला पंचायत सदस्य डॉ. योगेश कौरव, श्रीमती ऋचा स्थापक, सुश्री अंजु शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उप संचालक श्री मोरिस नाथ और बड़ी संख्या में किसान व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने जोर दिया कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश और देश की प्रगति का आधार है, और प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरकता बढ़ेगी तथा फसलें गुणवत्तायुक्त होंगी, जिससे स्वस्थ और निरोग जीवन सुनिश्चित होगा। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि हरित क्रांति ने फसलों का उत्पादन बढ़ाया, वहीं अब प्राकृतिक खेती भूमि की उर्वरकता और गुणवत्तायुक्त उत्पादन में वृद्धि करेगी। उन्होंने नरसिंहपुर जिले को कृषि क्षेत्र में पूरे प्रदेश को मार्गदर्शन देने वाला बताते हुए इसकी उपजाऊ भूमि, जल उपलब्धता, अनुकूल जलवायु और बाजार की सराहना की, जिससे जिले के किसान समृद्ध हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृषि और किसानों के हित में चल रही कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया, जिनमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर लागत कम करने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि को अधिक लाभकारी बनाना शामिल है। मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग करने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया, साथ ही सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर उपज खरीद कर तथा भावांतर योजना के माध्यम से उचित मूल्य देकर किसानों को प्रोत्साहित करने की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को रासायनिक खाद का कम उपयोग करने और जैविक खाद को बढ़ावा देने की सलाह दी, क्योंकि जैविक खाद से तैयार फसलें गुणवत्तायुक्त होती हैं और स्वस्थ जीवन प्रदान करती हैं। मंत्री ने यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की तुलना में जैविक खाद तैयार करने में कम लागत आने की बात भी कही। अपने संबोधन में, श्री सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कठिन चुनौतियों का सामना करने की क्षमता की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से बैंकों में खाते खुलवाने से नागरिकों की आर्थिक समृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने महिलाओं को पुरुषों के बराबर हक और अधिकार दिए हैं, जिससे वे प्रशासनिक सेवा, देश सेवा, विज्ञान, चिकित्सा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। मंत्री श्री सिंह ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने की घोषणा करते हुए सभी उपस्थित नागरिकों से संपत्ति, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और विवाह विच्छेद जैसे विषयों पर समान कानून के लिए अपनी राय देने का आह्वान किया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने किसानों से पूर्ण संकल्प के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया, जो भूमि की उर्वरकता और फसलों की गुणवत्ता बढ़ाती है। उन्होंने जल संरक्षण, पौधे लगाने और गौवंश की रक्षा के सरकारी अभियान को मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने प्राकृतिक खेती को वर्तमान समय की मांग बताते हुए कहा कि यह भूमि की उर्वरकता बढ़ाती है और गुणवत्तायुक्त उत्पादन देती है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने हेतु राष्ट्रीय अभियान चलाए जाने, किसानों का चयन कर क्लस्टर बनाने, और केंचुआ खाद, अपशिष्ट खाद तथा गोबर खाद जैसी जैविक खाद बनाने की विधि सिखाने की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान मंत्री श्री सिंह का भव्य स्वागत किया गया, उन्होंने मां सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, विभिन्न स्टॉलों और आधुनिक कृषि यंत्रों का अवलोकन किया, और अन्य अतिथियों के साथ पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री नरेश पाठक, श्री मुकेश मरैया, श्री मिनेन्द्र डागा, जिला पंचायत सदस्य डॉ. योगेश कौरव, श्रीमती ऋचा स्थापक, सुश्री अंजु शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उप संचालक श्री मोरिस नाथ और बड़ी संख्या में किसान व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फर्स्ट एड ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिसमें सीपीआर, इलेक्ट्रिक शॉक से बचाव, पानी में डूबने, जलने, सांप के डसने और मिर्गी के दौरे जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके शामिल थे। इस ट्रेनिंग से कुल 92 लोगों को लाभ प्राप्त हुआ। डॉ. कुर्रे ने विशेष रूप से ट्रैक मैन को कार्य के दौरान गम बूट (जूते) और ग्लव्स पहनने की सलाह दी, खासकर बरसात और रात में सांप के डसने के खतरे से बचने के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप डसने का एकमात्र इलाज मेडिकल है, न कि झाड़-फूंक। इसके अतिरिक्त, ट्रैक पर काम करते समय लोहे या पहाड़ी को सीधा न उठाकर, नीचे रखकर ले जाने की बात कही ताकि इलेक्ट्रिक शॉक के खतरे को कम किया जा सके। रेलवे कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि ट्रैक पर काम करते समय हेडफोन का इस्तेमाल बहुत आवश्यक होने पर ही करें, क्योंकि इससे आने-जाने वाली ट्रेनों की आवाज सुनाई नहीं देती और दुर्घटना का कारण बन सकती है। बरसात में ट्रैक पार करते समय छाते का उपयोग न कर फुट ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने तथा अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखने और बरसाती पहनकर ही कार्य करने पर जोर दिया गया, क्योंकि स्वस्थ कर्मचारी ही रेलवे के कार्य को बेहतर बना सकते हैं। अंत में, सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न हेल्थ टिप्स भी दिए गए।3
- नरसिंहपुर के रेलवे अस्पताल में 20 जून 2026 को रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फर्स्ट एड ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 92 रेल कर्मियों ने भाग लिया। चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे ने इन सभी 92 कर्मचारियों को सांप काटने, इलेक्ट्रिक शॉक और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जैसी विभिन्न आपातकालीन स्थितियों से निपटने के प्रभावी उपाय बताए।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित सुभाष मैदान में पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य तथा युवा विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (सहज) के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा एवं धार्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। यह नौ दिवसीय आध्यात्मिक महापर्व प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ धर्मलाभ का केंद्र बना रहा। समापन दिवस पर प्रातःकाल भगवान श्री जिनेन्द्रदेव का अभिषेक, शांतिधारा एवं विशेष पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विधिपूर्वक श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान में हिस्सा लिया। पूरे आयोजन स्थल पर लगातार हो रहे मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण वातावरण पूरी तरह धर्ममय बना रहा। समापन अवसर पर नगर में 108 पूज्य महासागर जी महाराज की अगुवाई में एक भव्य एवं दिव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु धर्मध्वजाएं लेकर शामिल हुए। यह रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां रथ के ऊपर भगवान जिनेन्द्रदेव की दिव्य प्रतिमा विराजमान थी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भक्ति भाव से भगवान जिनेंद्र देव की आरती की। पूरी रथयात्रा के दौरान भक्तों द्वारा लगाए गए वीर प्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। करेली पुलिस प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की। आयोजन समिति ने बताया कि विश्वशांति, मानव कल्याण एवं आत्मोत्थान की भावना से आयोजित यह नौ दिवसीय धार्मिक महापर्व करेली नगर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। इस पूरे सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन करेली सकल जैन समाज द्वारा किया गया था।1
- वन से सामने आई एक वीडियो में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संबंधित विभाग की चौकन्नीता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जहाँ नेता एक वृक्ष लगाकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, वहीं वे एक बार में पाँच वृक्ष कटवा रहे हैं। इस विरोधाभासी रवैये को देखते हुए यह प्रश्न उठता है कि आखिर पर्यावरण को सुरक्षित कैसे रखा जा सकेगा।1
- छिंदवाड़ा जिले के परासिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान, कांग्रेसी कार्यकर्ता जलते हुए पुतले को लेकर लगातार भागते रहे। पुलिस को इस पुतले को बुझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस इसे नहीं बुझा पाई।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दतिया पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री पीताम्बरा पीठ में माँ बगलामुखी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। पीताम्बरा पीठ के दौरे के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक किया। दतिया आगमन पर, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी ने दतिया एयरपोर्ट पर उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके अतिरिक्त, पीताम्बरा पीठ के मुख्य द्वार पर प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी उनका भव्य स्वागत किया गया।1
- अपनी बेटी की ससुराल में हुई संदिग्ध मौत पर पिता ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरे प्रकरण में पिता ने पुलिस अधीक्षक से घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।1
- यह पोस्ट EXPRESS MP CG NEWS द्वारा प्रस्तुत मुख्य सुर्खियों से संबंधित है।1
- नरसिंहपुर जिले में एक टोल नाके के पास एक सड़क दुर्घटना हो गई, जहाँ एक ट्रैक्टर ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।1