श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में, पोरसा नगर में रविवार को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने एक नया इतिहास रच दिया। इस भव्य आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्म और सेवा का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। पोरसा नगर के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों की भारी भीड़ ने पूरे कार्यक्रम को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर कर दिया। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, जबकि प्रसादी बनाने का कार्य 30 मई की रात 9 बजे से शुरू होकर रविवार की रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। एक विशाल रसोई में 10 तवों पर लगातार मालपुए तैयार किए गए, वहीं तीन अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा। हजारों स्वयंसेवकों और सेवाभावियों ने दिन-रात अथक परिश्रम करके सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा। भंडारा दिन के 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता नगरवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। पोरसा के व्यापारियों और दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे पूरे नगर में सेवा, समर्पण और धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्री नागाजी महाराज जी के सभी भक्तों ने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और नगरवासियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी तन, मन और धन से अपना सहयोग दिया। श्रद्धालु अंबाह, मुरैना, ग्वालियर, आगरा, शिकोहाबाद, शमशाबाद, फिरोजाबाद, भिंड, गोरमी, मेहगांव सहित अनेक स्थानों से पोरसा पहुँचे। श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य श्री श्री 1008 श्री नागाजी महाराज के मंदिर में दर्शन कर अपनी मन्नतें मांगीं और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंदिर परिसर और भंडारा स्थल श्री नागाजी सरोवर पर दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। नगर के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, पोरसा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ और एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस आयोजन की सफलता ने न केवल धार्मिक एकता का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक समरसता और जनसहयोग की भी मिसाल पेश की। आयोजन के अंत में, आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, नगरवासियों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक आयोजन सभी के सहयोग और नागाजी महाराज की कृपा से सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में, पोरसा नगर में रविवार को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने एक नया इतिहास रच दिया। इस भव्य आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्म और सेवा का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। पोरसा नगर के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों की भारी भीड़ ने पूरे कार्यक्रम को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर कर दिया। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, जबकि प्रसादी बनाने का कार्य 30 मई की रात 9 बजे से शुरू होकर
रविवार की रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। एक विशाल रसोई में 10 तवों पर लगातार मालपुए तैयार किए गए, वहीं तीन अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा। हजारों स्वयंसेवकों और सेवाभावियों ने दिन-रात अथक परिश्रम करके सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा। भंडारा दिन के 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता नगरवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। पोरसा के व्यापारियों और दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे पूरे नगर में
सेवा, समर्पण और धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्री नागाजी महाराज जी के सभी भक्तों ने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और नगरवासियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी तन, मन और धन से अपना सहयोग दिया। श्रद्धालु अंबाह, मुरैना, ग्वालियर, आगरा, शिकोहाबाद, शमशाबाद, फिरोजाबाद, भिंड, गोरमी, मेहगांव सहित अनेक स्थानों से पोरसा पहुँचे। श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य श्री श्री 1008 श्री नागाजी महाराज के मंदिर में दर्शन कर अपनी मन्नतें मांगीं और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंदिर परिसर और भंडारा स्थल श्री नागाजी सरोवर पर दिनभर भक्तों की लंबी
कतारें लगी रहीं। नगर के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, पोरसा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ और एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस आयोजन की सफलता ने न केवल धार्मिक एकता का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक समरसता और जनसहयोग की भी मिसाल पेश की। आयोजन के अंत में, आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, नगरवासियों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक आयोजन सभी के सहयोग और नागाजी महाराज की कृपा से सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
- दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मौसम ने करवट ली है, जहां ओलावृष्टि के साथ मौसम का स्वागत किया गया। इस बदलाव के कारण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत मिली है।1
- अम्बाह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम अम्बाह नगर मंडल अध्यक्ष श्री सचिन बच्चूलाल गुप्ता के नेतृत्व में बूथ क्रमांक 11 पर भाजपा नगर मंडल मंत्री श्री प्रद्युमन सियाराम जी के निवास पर आयोजित किया गया, जहाँ भाजपा के अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा देशहित, सामाजिक जागरूकता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा जनभागीदारी से जुड़े विषयों पर व्यक्त विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम के उपरांत, सभी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान, भाजपा पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे।1
- फतेहाबाद के गढ़ी दरियाब बूथ संख्या 322 पर रविवार को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। इस अवसर पर फतेहाबाद नगर प्रभारी श्री अंशुल राणा, नगर अध्यक्ष श्री अंकित गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य अनिल गुर्जर, हरि सिंह कर्दम सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को गंभीरता से सुना और उनके प्रेरणादायी संदेशों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, नवाचार को बढ़ावा देने, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान तथा राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम देश के नागरिकों को नई ऊर्जा, नई सोच और सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि ‘मन की बात’ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और आम नागरिकों को राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है, साथ ही देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को भी सामने लाता है, जिससे समाज में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ती है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ हुआ।2
- पोरसा में बघेल समाज द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर में एक भव्य चल समारोह निकाला गया, जिसमें समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और वरिष्ठजन शामिल हुए। पूरे मार्ग में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों और उनके गौरवशाली जीवन का स्मरण किया गया, साथ ही समाजजनों ने उनके जयघोष लगाते हुए सामाजिक, धार्मिक और लोककल्याणकारी कार्यों को याद किया। यह चल समारोह राधिका पैलेस धर्मशाला से शुरू हुआ और अटेर रोड, भिंड रोड, अंबा रोड, जोटई रोड तथा बायपास रोड से होते हुए पुनः राधिका पैलेस पहुंचा। समारोह के समापन के बाद राधिका पैलेस में समाज की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जहाँ वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके प्रशासनिक कौशल, न्यायप्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। वे भारतीय इतिहास की उन महान महिला शासकों में शामिल हैं जिन्होंने अपने शासनकाल में मालवा क्षेत्र को समृद्धि और सुशासन का नया आयाम दिया। पति खंडेराव होल्कर और ससुर मल्हारराव होल्कर के निधन के बाद उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली और अपनी दूरदर्शिता, कुशल प्रशासन तथा न्यायप्रिय नीतियों से जनता का विश्वास जीता। उन्होंने देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और तीर्थस्थलों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराया, जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके शासनकाल को न्याय, सेवा, धर्म और जनकल्याण का आदर्श माना जाता है, इसी कारण उन्हें "लोकमाता" की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में रजौधा पंचायत की सरपंच श्रीमती भानुवति बघेल, राम प्रकाश बघेल, सियाराम बघेल, मायाराम बघेल, डॉक्टर पंचम सिंह बघेल, कमलेश सिंह बघेल, राम लखन सिंह बघेल, पूर्व सरपंच निरपक्ष सिंह, जनपद सदस्य करबीर सिंह और रामधुन बघेल सहित बघेल समाज के अनेक समाज बंधु उपस्थित रहे। समाज के वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन त्याग, सेवा, महिला सशक्तिकरण और जनहित के कार्यों की प्रेरणा देता है, और उनके आदर्शों को अपनाकर समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन समाज की एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।2
- मुरैना जिले के सरायछोला थाना क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े गंभीर अपराधों के फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरायछोला पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी सज्जन सिंह पुत्र ऊदल सिंह कुशवाह (21 वर्ष), निवासी ग्राम पलपुरा बसई को घटना के महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 31 मई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। यह अभियान पुलिस अधीक्षक मुरैना श्री धर्मराज मीणा (भापुसे) के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती दीपाली चंदौरिया का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। सरायछोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में थाना प्रभारी सरायछोला और उनकी टीम के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।1