लखनऊ की मुंशी पुलिया क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम शराब पीने का मामला सामने आया है। सड़क किनारे कुछ लोग शराब का सेवन करते देखे गए, जबकि कई नशे की हालत में वहीं पड़े दिखाई दिए। इस स्थिति से स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों में गहरी नाराजगी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में शराबियों की बढ़ती गतिविधियों के कारण आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और आम राहगीरों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम शराबखोरी कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। नियमों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना और नशे की हालत में व्यवस्था को प्रभावित करना अपराध है, जिसके लिए पुलिस कार्रवाई का प्रावधान है। बताया जा रहा है कि संबंधित शराब का ठेका पॉलिटेक्निक चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। क्षेत्रीय नागरिकों ने पुलिस और आबकारी विभाग से इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र में शांति व व्यवस्था बनी रहे।
लखनऊ की मुंशी पुलिया क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम शराब पीने का मामला सामने आया है। सड़क किनारे कुछ लोग शराब का सेवन करते देखे गए, जबकि कई नशे की हालत में वहीं पड़े दिखाई दिए। इस स्थिति से स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों में गहरी नाराजगी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में शराबियों की बढ़ती गतिविधियों के कारण आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और आम राहगीरों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम शराबखोरी कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। नियमों के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना और नशे की हालत में व्यवस्था को प्रभावित करना अपराध है, जिसके लिए पुलिस कार्रवाई का प्रावधान है। बताया जा रहा है कि संबंधित शराब का ठेका पॉलिटेक्निक चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। क्षेत्रीय नागरिकों ने पुलिस और आबकारी विभाग से इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और क्षेत्र में शांति व व्यवस्था बनी रहे।
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित खुर्जा जंक्शन पर एक दुखद घटना में, एक सिपाही ने रेलवे ट्रैक पर कूदे एक शख्स की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन इस प्रयास में शख्स की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब प्लेटफॉर्म पर एक सिपाही और दो शख्स आपस में बातचीत कर रहे थे। अचानक उनमें से एक शख्स रेलवे ट्रैक पर कूद पड़ा, जिसके बाद सिपाही भी बिना देर किए उसकी जान बचाने के लिए ट्रैक पर कूद गया। सिपाही ने युवक को बचाने की भरसक जद्दोजहद की, मगर इतनी देर में गोरखनाथ एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से वेंडर अमर की मौत हो गई, जो खुर्जा जंक्शन पर खाने-पीने का सामान बेचता था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि अमर ने ऐसा कदम क्यों उठाया।1
- कानपुर में बिठूर से विधायक अभिजीत सिंह सांगा द्वारा एक फूड इंस्पेक्टर को फटकार लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह फटकार कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर लगाई गई है। वायरल वीडियो में विधायक सांगा फूड इंस्पेक्टर को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहते दिख रहे हैं, "दिमाग सुधार लो, वरना ऑफिस में बैठ नहीं पाओगे।" बताया जा रहा है कि विधायक की यह नाराजगी क्षेत्र में सामने आई कथित अवैध वसूली की शिकायतों के कारण थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े हालात और अवैध वसूली के आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- असम सरकार ने राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नया आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता और पहचान दस्तावेज, जैसे आधार, हासिल करने से रोकना है। इस नीति का लक्ष्य राज्य की जनसांख्यिकी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इस नई व्यवस्था के तहत, 18 साल से ज्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को अब नया आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियां हैं: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के लोगों को 2027 तक इस नियम से छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी वयस्क को आपातकालीन स्थिति या किसी विशेष कारण से आधार की आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित जिले के आयुक्त राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजेंगे। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही ऐसे मामलों में आधार कार्ड जारी किया जाएगा।1
- राजस्थान के जालौर जिले के चितलवाना कस्बे से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ 75 वर्षीय नग सिंह जी को एक आवारा सांड ने पीछे से उठाकर जोरदार तरीके से पटक दिया। इस घटना ने एक बार फिर घर के बड़े-बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों के मद्देनजर, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है, ताकि उन्हें अकेले बाहर न निकलना पड़े।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में एक महिला की तलाशी ली जा रही है। वीडियो में दिख रहा है कि तलाशी के दौरान महिला के कपड़ों के अंदर से बड़ी मात्रा में सामान निकल रहा है, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग भी आश्चर्यचकित नज़र आते हैं। हालाँकि, इस वीडियो को किसी विदेशी देश का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, लेकिन वीडियो से जुड़े दावों और घटनास्थल की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।1
- गुजरात के सूरत में पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक युवक की जान बचाई गई, जिसने जहर खा लिया था और उसकी हालत गंभीर थी। पुलिस को एक महिला के फोन से इस घटना की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही कांस्टेबल शैलेश चूड़ासमा और पुलिस वाहन चालक तुरंत मौके पर पहुंचे। युवक एक सातवीं मंजिल के फ्लैट में था, जिसका दरवाजा अंदर से बंद था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, कांस्टेबल शैलेश ने पड़ोसी के फ्लैट में पहुंचकर बालकनी के रास्ते जोखिम उठाकर युवक के कमरे में प्रवेश किया। अंदर युवक की हालत बेहद खराब थी और उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। पुलिसकर्मियों ने बिना किसी देरी के उसे तुरंत अपने वाहन में बिठाया और रास्ते में एक एंबुलेंस में शिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया। वहाँ समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। बताया गया है कि यह युवक हीरा उद्योग में कार्यरत है। सूरत पुलिस के इस साहसिक और मानवीय कार्य की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।1
- हरदोई में पुस्तकालय के मालिकाना हक को लेकर उपजे विवाद में एक पत्रकार अमित श्रीवास्तव और अंशु रानी मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अमित श्रीवास्तव के अनुसार, उन्होंने एक मकान में 5 साल के एग्रीमेंट पर पुस्तकालय खोला था, जिसे 30 अप्रैल 2026 को कुछ व्यक्तियों, जिनमें राजीव मिश्रा, आलोक शुक्ला और अंशुल शुक्ला शामिल हैं, ने कथित तौर पर ताला लगाकर बंद कर दिया। इन व्यक्तियों पर पुस्तकालय के सीसीटीवी कैमरे बंद करने और फर्नीचर, इन्वर्टर, पंखे, लैपटॉप, कंप्यूटर के साथ-साथ बच्चों की किताबें व दस्तावेज जैसे सामान पर कब्जा करने का आरोप है। जब अमित श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसी मामले में, अंशु रानी मिश्रा ने जिलाधिकारी, हरदोई को संबोधित एक पत्र में विनय मिश्रा नामक व्यक्ति पर मानसिक उत्पीड़न, मानहानि और उनकी पुस्तकालय को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विनय मिश्रा उन पर झूठे और निराधार आरोप लगाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचा रहे हैं। अंशु रानी मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में थाना कोतवाली शहर में एफआईआर संख्या 0302/2026 पहले ही दर्ज की जा चुकी है। मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया, जब पत्रकार अमित श्रीवास्तव ने हरदोई सिटी कोतवाली के एसआई रोहित पांडे और महेंद्र सिपाही पर उन्हें किडनैप करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस टीम ने रात में उनके घर पर मिलकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। इसके अलावा, अमित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 25 मई 2026 को सिटी कोतवाली हरदोई में उन्हें और अनुसूचित जाति समुदाय की एक महिला को बेरहमी से पीटा गया, तथा एक ही दिन में उनके खिलाफ दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए गए। इस पूरी घटना को 'योगी जी के राज में न्याय मांगने वालों पर अत्याचार' करार देते हुए, अंशु रानी मिश्रा ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रार्थना की है। अमित श्रीवास्तव और अन्य पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे मदद की गुहार लगाई है, यह आशंका व्यक्त करते हुए कि हरदोई पुलिस उन्हें मार डालेगी। इस शिकायत की प्रतियाँ अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, महिला आयोग और पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी हरदोई सहित कई उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।4