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गोरखपुर में मा*सूम के ह*या के खिलाफ सड़कों पर अधिवक्ता,सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग....| गोरखपुर में मा*सूम के ह*या के खिलाफ सड़कों पर अधिवक्ता,सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग....|
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गोरखपुर में मा*सूम के ह*या के खिलाफ सड़कों पर अधिवक्ता,सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग....| गोरखपुर में मा*सूम के ह*या के खिलाफ सड़कों पर अधिवक्ता,सिपाही के खिलाफ कारवाई की मांग....|
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- कुशीनगर में तीन बहनों की नाले में डूबने से हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम कुशीनगर में हुए दर्दनाक हादसे ने झकझोर कर रख दिया है, यहां नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव के पास तेज बहाव वाले नाले के किनारे खेल रही 3 मासूम बहने अचानक संतुलन खोने से उसमें गिर गई। घटना शुक्रवार शाम 5 बजे गांव के बाहर सिधरिया नाले की पुलिया के पास हुई, वहीं उनका भाई भी खेल रहा था। सपना, शिवानी और कुंजन घर से निकलीं। साथ में भाई प्रियांशु को भी ले गईं। तीनों नाले के पुल पर पहुंचीं। रेलिंग पर पैर लटकाकर बैठ गईं। अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों गहरे नाले में गिर गईं। बहनों को डूबता देखकर प्रियांशु बहनों को बचाने भागा। लेकिन, बहाव तेज होने की वजह से कुछ कर नहीं पाया। बहनों के नाले में गिरता देख भाई चिल्लाने लगा। आसपास कोई नहीं दिखा तो भागकर गांव पहुंचा। लोगों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण भागकर पुलिया के पास पहुंचे, पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। सर्च ऑपरेशन चलाया गया। करीब 14 घंटे बाद शनिवार सुबह 7 बजे पुलिया से 3 सौ मीटर दूर तीनों के शव बरामद किए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्चियों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- 'गाली-गलौज से कभी समाधान नहीं निकलता' - PM नरेंद्र मोदी का बड़ा संदेश | भारत के लिए मिलकर काम करने की अपील1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: जंतर-मंतर पर अभद्रता करने वाले बच्चों को सही राह दिखाना हमारा कर्तव्य... #narandermodi #narendramodi_primeminister1
- बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।4
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- गोरखपुर में कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला | CM योगी के गृह जनपद में अपराध पर उठे सवाल | Rajesh Tiwari1
- नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।1