बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा छतरपुर के मऊसहानियां में दो दिवसीय विरासत महोत्सव का बुधवार शाम को शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन छतरपुर और महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर छतरपुर विधायक ललिता यादव, महाराजपुर के विधायक कामाख्या प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा और महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति के गोविंद सिंह बुंदेला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महोत्सव के पहले दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें मथुरा-वृन्दावन की मयूर नृत्य/बरसाने की होली/महारास का मनमोहक प्रदर्शन सुश्री वंदना श्री एवं उनके साथियों ने किया, जिसमें फूलों की होली और राधा-कृष्ण का महारास दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। इसके बाद राजेश लिटोरिया, दतिया के निर्देशन में ‘महारानी गणेशकुंअरि’ नाट्य का प्रभावशाली मंचन हुआ। यह ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति ओरछा की परम रामभक्त महारानी गणेशकुंअरि के जीवन पर आधारित थी, जिनकी अटूट श्रद्धा और तपस्या से भगवान श्रीराम अयोध्या से ओरछा पधारे और आज भी वहां "रामराजा सरकार" के रूप में विराजमान हैं। नाटक में 16वीं शताब्दी के ओरछा राज्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भक्ति, त्याग और संकल्प को संगीत, प्रकाश और नृत्य-नाट्य विन्यास के साथ 16 कलाकारों ने जीवंत किया। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति श्री विकास सिरमौलिया एवं उनके साथी, भोपाल द्वारा सुगम संगीत की रही। उन्होंने गणेश वंदना से शुरुआत करते हुए "ये देश है वीर जवानों का", "जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया" जैसे देशभक्ति गीतों से श्रोताओं में ऊर्जा भर दी। इसके बाद किशोर कुमार के सदाबहार गीत जैसे "नीले नीले अंबर पर", "परदेसियां ये सच है पिया" और "पल पल दिल के पास" गाकर शाम को संगीतमय बना दिया। महोत्सव के दूसरे दिन, यानी 18 जून, 2026 को भी तीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें बुंदेली लोकगायन, पंडवानी गायन और "धन्य-धन्य बुंदेल धरा" की प्रस्तुति शामिल है, जिनमें शौर्य और पराक्रम की झलक देखने को मिलेगी।
बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा छतरपुर के मऊसहानियां में दो दिवसीय विरासत महोत्सव का बुधवार शाम को शुभारंभ हुआ। जिला प्रशासन छतरपुर और महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर छतरपुर विधायक ललिता यादव, महाराजपुर के विधायक कामाख्या प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा और महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति के गोविंद सिंह बुंदेला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महोत्सव के पहले दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इसमें मथुरा-वृन्दावन की मयूर नृत्य/बरसाने की होली/महारास का मनमोहक प्रदर्शन सुश्री वंदना श्री एवं उनके साथियों ने किया, जिसमें फूलों की होली और राधा-कृष्ण का महारास दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। इसके बाद राजेश लिटोरिया, दतिया के निर्देशन में ‘महारानी गणेशकुंअरि’ नाट्य का प्रभावशाली मंचन हुआ। यह ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति ओरछा की परम रामभक्त महारानी गणेशकुंअरि के जीवन पर आधारित थी, जिनकी अटूट श्रद्धा और तपस्या से भगवान श्रीराम अयोध्या से ओरछा पधारे और आज भी वहां "रामराजा सरकार" के रूप में विराजमान हैं। नाटक में 16वीं शताब्दी के ओरछा राज्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भक्ति, त्याग और संकल्प को संगीत, प्रकाश और नृत्य-नाट्य विन्यास के साथ 16 कलाकारों ने जीवंत किया। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति श्री विकास सिरमौलिया एवं उनके साथी, भोपाल द्वारा सुगम संगीत की रही। उन्होंने गणेश वंदना से शुरुआत करते हुए "ये देश है वीर जवानों का", "जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया" जैसे देशभक्ति गीतों से श्रोताओं में ऊर्जा भर दी। इसके बाद किशोर कुमार के सदाबहार गीत जैसे "नीले नीले अंबर पर", "परदेसियां ये सच है पिया" और "पल पल दिल के पास" गाकर शाम को संगीतमय बना दिया। महोत्सव के दूसरे दिन, यानी 18 जून, 2026 को भी तीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें बुंदेली लोकगायन, पंडवानी गायन और "धन्य-धन्य बुंदेल धरा" की प्रस्तुति शामिल है, जिनमें शौर्य और पराक्रम की झलक देखने को मिलेगी।
- छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुरा में कुशवाहा परिवार के दो पक्षों के बीच एक पुराने विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई और फिर लाठी-डंडे चलने लगे, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि परशुराम कुशवाहा के साथ मारपीट की गई। यह आरोप सुकई कुशवाहा, उनकी पत्नी प्रेम कुशवाहा, पुत्र उमेश कुशवाहा और माता अर्चना कुशवाहा पर लगे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही विवाद की असली वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।1
- छतरपुर जिले में एक प्रेमी जोड़े ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की गुहार लगाई है। जोड़े का कहना है कि उनके रिश्ते का लगातार विरोध किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें हर समय डर और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन भी सौंपा है, जिसमें सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस द्वारा एक व्यक्ति पर हाथ उठाने के बाद नागरिक द्वारा भी जवाबी कार्रवाई का एक वीडियो सामने आया है। यह घटना दो दिन पहले मुलताई के कामथ में हुई बताई जा रही है, जहाँ घरेलू विवाद के मामले में पहुँची 112 डायल की पुलिस टीम के कर्मचारियों ने एक पुरुष को कथित तौर पर पीटा। इसके बाद उस पुरुष ने भी अपना आपा खो दिया और विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में पुलिस की कथित "गुंडागर्दी" को दिखाया गया है। घटना पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि पुलिस आए दिन बिना वजह हाथापाई क्यों करती है और कई बार तो पूरी वर्दी में भी क्षेत्र में नहीं जाती। इस घटना को राष्ट्रपति के बैतूल आगमन से कुछ दिन पहले की बताया गया है, जो पुलिस के रवैये और जनता के बीच के तनाव को दर्शाता है, जिसे "प्रशासनिक उदासीनता" का परिणाम बताया जा रहा है।1
- छतरपुर के सागर रोड स्थित वार्ड नंबर 36 की शिव वाटिका कॉलोनी में नाली न होने के कारण निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी वासियों ने इस संबंध में पार्षद, नगरपालिका और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले भी, नगरपालिका द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर, कॉलोनी के निवासियों ने चंदा इकट्ठा करके अपनी कॉलोनी में सड़क और मुख्य द्वार पर सुरक्षा के मद्देनजर एक गेट बनवाया था। तब नगरपालिका ने कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया कि जिस तरह उन्होंने सड़क और गेट बनवाया है, उसी तरह नाली भी बनवा लें। कॉलोनी वासियों ने बताया कि घरों का गंदा पानी कॉलोनी से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे पूरी कॉलोनी में गंदगी और बदबू फैली हुई है। इस स्थिति के कारण मच्छर और बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। उनका कहना है कि बरसात का मौसम नजदीक आ रहा है, और यदि नाली नहीं बनाई गई, तो घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। गंदगी और बदबू के कारण कीड़े-मकोड़े घरों में घुस आते हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।1
- टीकमगढ़ के पलेरा में राम सिंह यादव जी के साथ एक खास रिपोर्ट में स्वयंसेवी रामस्वरूप मुखिया जी ने जीवन में पेड़ लगाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेड़ लगाना हमारे जीवन के लिए कितना आवश्यक है।2
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि 25 गायों की डेयरी स्थापित करने वाले लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत, ₹40 लाख की परियोजना लागत पर लाभार्थियों को ₹10 लाख तक की सहायता प्रदान की जाएगी।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से इलाज कराकर घर लौट रही 55 वर्षीय राधा अहिरवार की बुधवार को अचानक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और अस्पताल चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन के समझाने के बाद लगभग आधे घंटे बाद जाम खुला। ग्राम पंचायत अस्तोन की रहने वाली राधा अहिरवार अपने पति के साथ घबराहट और सिर दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल आई थीं। वहाँ मौजूद डॉक्टर ने उनकी जाँच की और दवाइयाँ लिखकर उन्हें घर जाने को कह दिया। हालाँकि, अस्पताल से कुछ ही दूरी पर राधा अहिरवार अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। परिजन तुरंत उन्हें वापस अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतिका के बेटे जगभान अहिरवार ने आरोप लगाया कि उनकी माँ को बुखार, सिर दर्द और घबराहट की तेज शिकायत थी, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी सही तरीके से जाँच नहीं की और माँ को अस्पताल में भर्ती करने की उनकी मिन्नतों को भी अनसुना कर दिया। परिजनों का साफ कहना है कि डॉक्टरों की इसी लापरवाही की वजह से महिला की जान गई है। इस मामले में, सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि जब महिला अस्पताल आई थीं, तब ड्यूटी पर तैनात डॉ. सिद्धार्थ रावत ने उनका ब्लड प्रेशर चेक किया था, जो सामान्य था। डॉक्टर ने उन्हें शुगर टेस्ट कराने की सलाह दी थी और दवा भी दी थी। उन्होंने कहा कि मौत की असली वजह जानने के लिए तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि परिजनों को समझाकर चौराहे से जाम हटवा दिया गया है। पुलिस फिलहाल परिजनों और संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में चोरी के एक मामले में कार्रवाई और खुलासे की मांग को लेकर डेढ़ साल से भटक रहे एक पिता और पुत्र ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया। नौगांव निवासी पीड़ित प्रदीप कुमार तिवारी का आरोप है कि उनके यहां हुई चोरी के मामले में पुलिस ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। प्रदीप तिवारी के अनुसार, वह पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। उन्होंने तत्कालीन टीआई सतीश सिंह और जांच अधिकारी एसआई जितेंद्र सोनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चोरी हुए 227 ग्राम सोने और 2 किलो चांदी के मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और जिन लोगों के नाम उन्होंने बताए, उन्हें बचाने का प्रयास किया गया। इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि पीड़ित परिवार के आवेदन की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है और जांच के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एसपी कार्यालय के सामने हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।1