गुर्जर समाज ने देवनारायण जयंती पर निकाली शोभायात्रा, उमड़ा जनसमूह, आस्था-उत्साह का संगम देखने को मिला लाखेरी - शनिवार को देवनारायण जयंती के पावन अवसर पर गुर्जर समाज द्वारा शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शहर के आसपास से जुड़े कई गांवों के महिला पुरुषों ने भाग लिया। शोभायात्रा में आस्था और उत्साह का संगम एक साथ देखने को मिला। इस अवसर पर गुर्जर समाज के पंच पटेलों द्वारा ब्रह्मपुरी स्थित देवनारायण मंदिर, लक्ष्मीनाथ मंदिर तथा लच्छेश्वर महादेव की पूजा अर्चना के बाद शोभायात्रा को ब्रह्मपुरी लच्छेश्वर महादेव मंदिर परिसर से रवाना हुई। शोभायात्रा के तोरण की बावड़ी पर पहुंचने पर विधि विधान से कलश पूजन कर भगवान देवनारायण के जयकारों के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। जो शहर के मुख्य मार्गों से होकर हाइवे पर स्थित देवनारायण मंदिर पर पहुंची। शोभायात्रा में उट, घोड़े को पारंपरिक तरीके से सजाया गया। इस शोभा यात्रा में राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक देखने में मिली। घोड़ी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शोभा यात्रा में डीजे पर बजने वाले देवनारायण के भजनों पर महिला पुरुष लोक नृत्य करते हुए भक्ति के रस मे सराबोर होते नजर आए। शोभायात्रा को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में स्थानीय तथा आसपास गांवों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान शहर में सभी समुदायों द्वारा जगह-जगह समाज के लोगों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया तथा जलपान व अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।
गुर्जर समाज ने देवनारायण जयंती पर निकाली शोभायात्रा, उमड़ा जनसमूह, आस्था-उत्साह का संगम देखने को मिला लाखेरी - शनिवार को देवनारायण जयंती के पावन अवसर पर गुर्जर समाज द्वारा शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शहर के आसपास से जुड़े कई गांवों के महिला पुरुषों ने भाग लिया। शोभायात्रा में आस्था और उत्साह का संगम एक साथ देखने
को मिला। इस अवसर पर गुर्जर समाज के पंच पटेलों द्वारा ब्रह्मपुरी स्थित देवनारायण मंदिर, लक्ष्मीनाथ मंदिर तथा लच्छेश्वर महादेव की पूजा अर्चना के बाद शोभायात्रा को ब्रह्मपुरी लच्छेश्वर महादेव मंदिर परिसर से रवाना हुई। शोभायात्रा के तोरण की बावड़ी पर पहुंचने पर विधि विधान से कलश पूजन कर भगवान देवनारायण के जयकारों के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। जो
शहर के मुख्य मार्गों से होकर हाइवे पर स्थित देवनारायण मंदिर पर पहुंची। शोभायात्रा में उट, घोड़े को पारंपरिक तरीके से सजाया गया। इस शोभा यात्रा में राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक देखने में मिली। घोड़ी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शोभा यात्रा में डीजे पर बजने वाले देवनारायण के भजनों पर महिला पुरुष लोक नृत्य करते
हुए भक्ति के रस मे सराबोर होते नजर आए। शोभायात्रा को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में स्थानीय तथा आसपास गांवों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान शहर में सभी समुदायों द्वारा जगह-जगह समाज के लोगों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया तथा जलपान व अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।
- 😥💔🥀 Sabanam nisha 💔 abadul hamid sohar2
- कोटा में बालाजी का अद्भुत चमत्कार देखने को मिल रहा, जड़ के बालाजी ने धरती से लिया अवतरण आस्था का बड़ा केंद्र बना राम द्वारा किशोरपुरा कोटा में स्थित जड़ का बालाजी धाम1
- कोटा में आज गोवंश के अवशेषों से भरा ट्रैक्टर जप्त, गौ सेवक दादाबाड़ी थाने पर दे रहे जंगी धरना2
- ग्राम पंचायत बिछोछ किरो की ढाणी मैं 1 महीने से ज्यादा टाइम हो गया है और आम जनता पानी के लिए बहुत परेशान है और ग्राम पंचायत प्रशासन को बताने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ देखा जा रहा है बहुत पीने के पानी की समस्या है3
- Post by Mayur times news1
- मौजूदा राज्य व केंद्र सरकार की नीतियां किसान एवं आमजन विरोधीः बोरदा -किसान सभा की बैठक में संगठन विस्तार व तहसील सम्मेलन पर चर्चा कोटा/ सुल्तानपुर। किसान सभा दीगोद तहसील कमेटी की बैठक कृषि उपज मंडी प्रांगण सुल्तानपुर में तहसील कार्यवाहक अध्यक्ष हरीशचंद मीणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा उपस्थित रहे। बैठक का संचालन करते हुए किसान सभा सुल्तानपुर कमेटी प्रभारी एवं किसान नेता चतुर्भुज पहाड़िया ने बताया कि संगठन में आए ठहराव को दूर कर पुनः मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से गांव-गांव सदस्यता अभियान चलाकर 5000 से अधिक नए सदस्य बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से ग्राम व पंचायत कमेटियों के चुनाव कराए जाएंगे। साथ ही 7 मार्च 2026 को ऐबरा डेम स्थित माखरजी के स्थान पर तहसील सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया। महीनों से लंबित है मनरेगा मजदूरी का भुगतान पीपल्दा तहसील कमेटी के संयुक्त सचिव कमल बागड़ी ने कहा कि इस वर्ष अतिवृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई। कई ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त हुए तथा पेंशन व मनरेगा मजदूरी का भुगतान महीनों से लंबित है। सरकार द्वारा मुआवजा, बीमा क्लेम व अनुदान देने के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली। इसी के विरोध में 28 जनवरी 2026 को इटावा उपखंड कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया जाएगा। दीगोद तहसील के कार्यवाहक अध्यक्ष हरीश मीणा ने सभी किसानों से एकजुट होकर इटावा में होने वाले संघर्ष में भाग लेकर आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की। सड़कों पर उतरने को मजबूर किसान जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा ने कहा कि वर्तमान राज्य व केंद्र सरकार की नीतियां किसान एवं आमजन विरोधी हैं। जिससे किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। ऐसे में किसान सभा को कोटा जिले के प्रत्येक गांव तक पहुंचाकर संगठन को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। ताकि संगठित संघर्ष के माध्यम से किसानों, मजदूरों एवं गरीब तबके के अधिकारों की रक्षा की जा सके। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में चेतन मीणा डोली, हरीश मीणा, हेमराज नागर, जवाहरलाल मीणा, राम कैलाश मेघवाल, रामगोपाल मीणा, रामचरण मीणा, ललताराम, बाबू खां, तालीम हुसैन, भंवरलाल यादव, मुकुट बिहारी मीणा, मोहनलाल सहित 20 से 25 गांवों के किसान उपस्थित रहे।4
- क्रिकेट प्रतियोगिता में अंता स्पोर्ट्स क्लब ने जीता खिताब बारां जिले के अंता में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में स्पोर्ट्स क्लब अंता को विजेता घोषित किया गया फाइनल मैच स्पोर्ट्स क्लब अंता तथा इलेवन क्लब अंता के बीच खेला गया । क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने भाग लिया इस मौके पर विधायक भाया ने कहा कि खेलो के माध्यम से भाई चारे की भावना को बढ़ावा मिलता हे वहीं मानसिक तथा शारीरिक विकास होता हे ऐसे में समय समय पर ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए जिससे छिपी हुई प्रतिभाएं उभर कर सामने आती हे । क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता तथा उप विजेता टीमों को पुरस्कृत किया गया आयोजन समिति के अध्यक्ष मुख्तार अंसारी ने बताया कि क्रिकेट प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश सहित कोटा ,बारां की 32 टीमों ने भाग लिया2
- sabanam nisha 😥💔🥀1
- कोटा में तीन दिवसीय श्रीराम कथा आयोजन के दौरान रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए व्यापक भीड़ प्रबंधन, यात्री सुविधा एवं सुरक्षा व्यवस्था की गई है। स्टेशन पर सहायता केंद्र, मेडिकल सुविधा, विशेष टिकट काउंटर, दिशा-सूचक बोर्ड, होल्डिंग एरिया, बैरिकेडिंग एवं सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से सुव्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा हेतु रेलवे पूर्णतः प्रतिबद्ध है।1