जयपुर में 'गैस' की किल्लत: चूल्हे ठंडे, लेकिन अवैध रिफलिंग का बाजार गर्म क्या जयपुर में 'गैस' की किल्लत है: या फिर ब्लैकमेलिंग का खेल चूल्हे ठंडे, लेकिन अवैध रिफलिंग का बाजार गर्म , पर्याप्त मात्रा में अवैध रिफलिंग के लिए उपलब्ध कराए जा रहे सिलेंडर, अधिकारियों के संज्ञान में मामला फिर चुप्पी के साथ हो रही अवैध गैस रिफिलिंग रसद विभाग की चुप्पी पर सवाल: एजेंसियों के सेल्समैन की मिलीभगत से आम जनता बेहाल, ₹400 अतिरिक्त देने पर भी नहीं मिल रहा सिलेंडर। जयपुर | विशेष संवाददाता गुलाबी नगरी में घरेलू रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वही सिलेंडर अवैध रिफलिंग केंद्रों और ऑटो-रिक्शा में गैस भरने वालों के पास धड़ल्ले से पहुंच रहे हैं। रसद विभाग की नाक के नीचे चल रहे इस खेल में आम उपभोक्ता पिस रहा है। सेल्समैन और कालाबाजारियों का 'कमीशन खेल' सूत्रों के अनुसार, गैस एजेंसियों के सेल्समैन की मिलीभगत से अवैध रिफलिंग का धंधा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि सेल्समैन प्रति सिलेंडर ₹150 से ₹200 का अतिरिक्त कमीशन लेकर इन्हें अवैध रिफलिंग माफियाओं को सप्लाई कर रहे हैं। यही कारण है कि गोदामों में स्टॉक होने के बावजूद आम जनता को 'वेटिंग' का हवाला दिया जा रहा है। आम जनता पर 'ब्लैक' की दोहरी मार शहर के कई इलाकों में स्थिति इतनी खराब है कि उपभोक्ता रसोई चलाने के लिए ₹200 से ₹400 तक की अतिरिक्त राशि देने को तैयार है, फिर भी उसे सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। लोग सुबह से शाम तक एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वाहनों में एलपीजी की अवैध रिफलिंग करने वाले सेंटरों पर सिलेंडरों का ढेर लगा रहता है। प्रमुख बिंदु जो प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हैं: अवैध रिफलिंग का खतरा: घनी बस्तियों में बिना किसी सुरक्षा मानकों के सिलेंडरों से गैस चोरी कर वाहनों में भरी जा रही है, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। रसद विभाग की अनदेखी: मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक किसी बड़ी एजेंसी या कालाबाजारी करने वाले गिरोह पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कृत्रिम किल्लत: बाजार में सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अधिक मुनाफे के लालच में इसे कृत्रिम रूप से कम दिखाया जा रहा है। "हम कई दिनों से बुकिंग करा रहे हैं, लेकिन जवाब मिलता है कि स्टॉक नहीं है। वहीं पड़ोस की दुकान पर ऑटो में अवैध रूप से गैस भरी जा रही है। क्या नियम सिर्फ आम आदमी के लिए हैं?" — एक परेशान उपभोक्ता, जयपुर
जयपुर में 'गैस' की किल्लत: चूल्हे ठंडे, लेकिन अवैध रिफलिंग का बाजार गर्म क्या जयपुर में 'गैस' की किल्लत है: या फिर ब्लैकमेलिंग का खेल चूल्हे ठंडे, लेकिन अवैध रिफलिंग का बाजार गर्म , पर्याप्त मात्रा में अवैध रिफलिंग के लिए उपलब्ध कराए जा रहे सिलेंडर, अधिकारियों के संज्ञान में मामला फिर चुप्पी के साथ हो रही अवैध गैस रिफिलिंग रसद विभाग की चुप्पी पर सवाल: एजेंसियों के सेल्समैन की मिलीभगत से आम जनता बेहाल, ₹400 अतिरिक्त देने पर भी नहीं मिल रहा सिलेंडर। जयपुर | विशेष संवाददाता गुलाबी नगरी में घरेलू रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वही सिलेंडर अवैध रिफलिंग केंद्रों और ऑटो-रिक्शा में गैस भरने वालों के पास धड़ल्ले से पहुंच रहे हैं। रसद विभाग की नाक के नीचे चल रहे इस खेल में आम उपभोक्ता पिस रहा है। सेल्समैन और कालाबाजारियों का 'कमीशन खेल' सूत्रों के अनुसार, गैस एजेंसियों के सेल्समैन की मिलीभगत से अवैध रिफलिंग का धंधा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि सेल्समैन प्रति सिलेंडर ₹150 से ₹200 का अतिरिक्त कमीशन लेकर इन्हें अवैध रिफलिंग माफियाओं को सप्लाई कर रहे हैं। यही कारण है कि गोदामों में स्टॉक होने के बावजूद आम जनता को 'वेटिंग' का हवाला दिया जा रहा है। आम जनता पर 'ब्लैक' की दोहरी मार शहर के कई इलाकों में स्थिति इतनी खराब है कि उपभोक्ता रसोई चलाने के लिए ₹200 से ₹400 तक की अतिरिक्त राशि देने को तैयार है, फिर भी उसे सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। लोग सुबह से शाम तक एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वाहनों में एलपीजी की अवैध रिफलिंग करने वाले सेंटरों पर सिलेंडरों का ढेर लगा रहता है। प्रमुख बिंदु जो प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हैं: अवैध रिफलिंग का खतरा: घनी बस्तियों में बिना किसी सुरक्षा मानकों के सिलेंडरों से गैस चोरी कर वाहनों में भरी जा रही है, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे रही है। रसद विभाग की अनदेखी: मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक किसी बड़ी एजेंसी या कालाबाजारी करने वाले गिरोह पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कृत्रिम किल्लत: बाजार में सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अधिक मुनाफे के लालच में इसे कृत्रिम रूप से कम दिखाया जा रहा है। "हम कई दिनों से बुकिंग करा रहे हैं, लेकिन जवाब मिलता है कि स्टॉक नहीं है। वहीं पड़ोस की दुकान पर ऑटो में अवैध रूप से गैस भरी जा रही है। क्या नियम सिर्फ आम आदमी के लिए हैं?" — एक परेशान उपभोक्ता, जयपुर
- जयपुर, 10 मार्च। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचकर वहां भर्ती हरिभाऊ बागड़े की कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान मंत्री खींवसर ने राज्यपाल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी सहित अन्य चिकित्सकों से उपचार की स्थिति पर चर्चा की। मंत्री ने चिकित्सकों को राज्यपाल के बेहतर उपचार और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। अस्पताल प्रशासन ने राज्यपाल के स्वास्थ्य को लेकर नियमित निगरानी बनाए रखने की बात कही है।1
- Ek Chhota Sa gaon ka video hai aur yah Instagram per galat video post karta hai To is video ko Itna share kijiye social media per Aisa video Nahin Chalai main Sabko social media per Aisa video Nahin chadhana chahie yah Banda Gali galauj Karke video chalata hai aur sab Gaon Walon Ko bolata Hai Aisa Hai Vaisa hai1
- Post by Kishan Lal jangid1
- मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कालीचरण जी सर्राफ विधानसभा में अपना पक्ष रखते हुए1
- जयपुर राजस्थान से साहिल खान की रिपोर्ट स्थान जयपुर 10 मार्च 2026 जयपुर – पुराना विद्याधर नगर में महिला की संदिग्ध मृत्यु, पुलिस जांच में जुटी राजधानी Jaipur के पुराना विद्याधर नगर जेडीए छोटे क्वार्टर सेक्टर-8 में स्वर्ण जयंती गेट के पास एक महिला की मृत्यु का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार पुराना विद्याधर नगर निवासी सोनिया (उम्र करीब 45 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही Vidyadhar Nagar Police Station की टीम मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि महिला को कल दोपहर से किसी भी निवासी ने पड़ोसियों से नहीं देखा था विद्यानगर थाना पुलिस टीम के मौके सब इंस्पेक्टर हरे राम मीणा नें मोके पर पहुंचकर गेट को तोड़ा गया गेट अंदर से लॉक था मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत और एसीपी शास्त्री नगर सुरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचेj और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके साथ ही एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य एकत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल महिला की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और Vidyadhar Nagar थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। बाइट एडिशनल एसपी जयपुर उत्तर बजरंग सिंह शेखावत3
- दिल्ली से जयपुर कैब बुकिंग के दौरान 3 हजार की जगह 30 हजार का हुआ भुगतान, सीसीटीवी और अभय कमांड की मदद और जयपुर पुलिस ने विदेशी महिला सैलानी के टैक्सी ट्रेस कर लौटाई राशि , पुलिस की कार्यवाही से खुश हुई विदेशी महिला पर्यटक1
- MP: रायसेन किले पर तोप चलाकर ईरान के समर्थन में नारेबाजी, वीडियो वायरल होने पर FIR दर्ज रायसेन (मध्य प्रदेश): ऐतिहासिक रायसेन किले से एक विवादित वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रमजान के दौरान कुछ युवकों ने किले की संरक्षित तोप को चलाकर उसका रील बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। क्या है पूरा मामला? विवादित नारेबाजी: वायरल वीडियो में युवक तोप चलाते हुए 'अल्लाह हू अकबर' के नारे लगा रहे हैं और ईरान के समर्थन में बातें कह रहे हैं। वीडियो में "हिंदुस्तान का मुसलमान न कल डरा था और न आज डरेगा" जैसे संवादों का प्रयोग किया गया है। प्रियांक कानूनगो का कड़ा रुख: NCPCR के पूर्व अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने इसे 'भय फैलाने की कोशिश' करार दिया है। उन्होंने ASI और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की कार्रवाई: वीडियो संज्ञान में आते ही पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि संरक्षित विरासत का दुरुपयोग कैसे हुआ। प्रशासन की चेतावनी: सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। किले की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। #RaisenFort #MadhyaPradesh #DeshTak #BreakingNews #RaisenPolice #ViralVideo #MPNews #CrimeNews #HeritageSite #IndiaNews1
- जयपुर: जयपुर पुलिस की तत्परता से एक विदेशी महिला के 30 हजार रुपये वापस दिलाए गए। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां स्लोवाकिया रिपब्लिक की एक महिला वैज्ञानिक ने दिल्ली से जयपुर आने के लिए टैक्सी बुक की थी। जानकारी के अनुसार, 9 मार्च 2026 को महिला ने टैक्सी किराए के रूप में 3,000 रुपये देने थे, लेकिन गलती से उसके खाते से 30,000 रुपये का भुगतान हो गया। चौड़ा रास्ता जयपुर में उतरने के कुछ घंटे बाद जब महिला ने अपने खाते की जांच की तो उसे अधिक राशि कटने का पता चला। इसके बाद उसने कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभय कमांड सेंटर और सीसीटीवी कैमरों की मदद से कैब की पहचान की। इसके बाद कैब कंपनी से संपर्क कर वाहन को ट्रैक किया गया और 24 घंटे के भीतर महिला के 27,000 रुपये वापस दिलवा दिए गए। महिला स्लोवाकिया से वैज्ञानिक है और IIT Delhi में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने भारत आई थी। फ्लाइट कैंसिल होने के कारण वह जयपुर घूमने पहुंची थी। महिला ने त्वरित मदद के लिए जयपुर पुलिस का आभार जताया।1