logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कागजों में तालाब, जमीनी हकीकत में प्यास: निर्देशों के बावजूद सवालों के घेरे में व्यवस्था प्रतापगढ़। ग्रीष्म ऋतु की दस्तक के साथ जहां जिला प्रशासन पेयजल, तालाबों और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर सक्रियता दिखा रहा है, वहीं जमीनी सच्चाई इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। बुधवार को विकास भवन में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी दयाराम यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि गांव और शहरों में पेयजल आपूर्ति, तालाबों में पानी और गौशालाओं में मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। बैठक में इंडिया मार्का-2 हैंडपंपों की मरम्मत, अमृत सरोवरों को भरवाने, वाटर एटीएम चालू रखने और जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को 7 दिनों में क्रियाशील करने जैसे कई अहम निर्देश दिए गए। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था और हीटवेव से बचाव को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि जब यह बैठक बुधवार को हुई, तो उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी जमीनी हकीकत पर मौन क्यों बने हुए हैं? आमजन की समस्याओं पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया या ठोस कार्यवाही सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासनिक दावों की गंभीरता पर संदेह पैदा हो रहा है। जनपद के कई ग्रामीण इलाकों में स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। अनेक गांवों में सरकारी तालाब सूखे पड़े हैं या अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। कई जगहों पर अमृत सरोवर सिर्फ नाम के रह गए हैं, जिनमें पानी के बजाय झाड़ियां और कचरा भरा है। हैंडपंप खराब पड़े हैं और मरम्मत की प्रक्रिया महीनों से लंबित रहती है। गौशालाओं की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में पानी, छाया और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं अक्सर कागजों में ही पूरी दिखाई जाती हैं, जबकि हकीकत में पशु प्यास और अव्यवस्था से जूझते नजर आते हैं। तहसीलवार समीक्षा की उठी मांग स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में स्थिति सुधारना चाहता है तो सिर्फ बैठकों और निर्देशों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर जमीनी समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने तालाब वास्तव में अस्तित्व में हैं और कितने सिर्फ फाइलों में दर्ज हैं। जवाबदेही तय करना जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी और कार्यों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाएगा, तब तक व्यवस्थाओं में सुधार संभव नहीं है। जियोटैग फोटो और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन उनकी निष्पक्ष जांच भी उतनी ही जरूरी है। प्रशासन के निर्देश अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन असली चुनौती उन्हें जमीन पर उतारने की है। यदि इस बार भी हालात नहीं बदले और जिम्मेदार अधिकारी यूं ही मौन बने रहे, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि जनपद में पानी और तालाबों की व्यवस्था अब भी “कागजों की हकीकत” से आगे नहीं बढ़ पाई है।

6 hrs ago
user_Rajesh Manu journalist
Rajesh Manu journalist
प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago
ec82db51-b090-43e5-b386-600a17df8624

कागजों में तालाब, जमीनी हकीकत में प्यास: निर्देशों के बावजूद सवालों के घेरे में व्यवस्था प्रतापगढ़। ग्रीष्म ऋतु की दस्तक के साथ जहां जिला प्रशासन पेयजल, तालाबों और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर सक्रियता दिखा रहा है, वहीं जमीनी सच्चाई इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। बुधवार को विकास भवन में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी दयाराम यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि गांव और शहरों में पेयजल आपूर्ति, तालाबों में पानी और गौशालाओं में मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। बैठक में इंडिया मार्का-2 हैंडपंपों की मरम्मत, अमृत सरोवरों को भरवाने, वाटर एटीएम चालू रखने और जल जीवन मिशन की परियोजनाओं को 7 दिनों में क्रियाशील करने जैसे कई अहम निर्देश दिए गए। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था और हीटवेव से बचाव को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि जब यह बैठक बुधवार को हुई, तो उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी जमीनी हकीकत पर मौन क्यों बने हुए हैं? आमजन की समस्याओं पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया या ठोस कार्यवाही सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासनिक दावों की गंभीरता पर संदेह पैदा हो रहा है। जनपद के कई ग्रामीण इलाकों में स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। अनेक गांवों में सरकारी तालाब सूखे पड़े हैं या अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। कई जगहों पर अमृत सरोवर सिर्फ नाम के रह गए हैं, जिनमें पानी के बजाय झाड़ियां और कचरा भरा है। हैंडपंप खराब पड़े हैं और मरम्मत की प्रक्रिया महीनों से लंबित रहती है। गौशालाओं की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में पानी, छाया और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं अक्सर कागजों में ही पूरी दिखाई जाती हैं, जबकि हकीकत में पशु प्यास और अव्यवस्था से जूझते नजर आते हैं। तहसीलवार समीक्षा की उठी मांग स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में स्थिति सुधारना चाहता है तो सिर्फ बैठकों और निर्देशों से काम नहीं चलेगा। इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर जमीनी समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने तालाब वास्तव में अस्तित्व में हैं और कितने सिर्फ फाइलों में दर्ज हैं। जवाबदेही तय करना जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी और कार्यों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाएगा, तब तक व्यवस्थाओं में सुधार संभव नहीं है। जियोटैग फोटो और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन उनकी निष्पक्ष जांच भी उतनी ही जरूरी है। प्रशासन के निर्देश अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन असली चुनौती उन्हें जमीन पर उतारने की है। यदि इस बार भी हालात नहीं बदले और जिम्मेदार अधिकारी यूं ही मौन बने रहे, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि जनपद में पानी और तालाबों की व्यवस्था अब भी “कागजों की हकीकत” से आगे नहीं बढ़ पाई है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्कृष्ट समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने अपने बहुआयामी सेवा भाव से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। वृद्धाश्रम के वृद्ध माता-पिता की सेवा, महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की सेवा, दीन- हीनो को वस्त्र- कम्बल दान, निरीह पशुओं को चारा तथा जाड़े में बोरे के कोट पहनाने का कार्य, बीमारी को दवा की व्यवस्था प्रदान करना, खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर उनका प्रोत्साहन करना इत्यादि ऐसे कार्य हैं जिनको रोशनलाल उमरवैश्य धर्म का अंग मानकर संपादित करते हैं।
    1
    उत्कृष्ट समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने अपने बहुआयामी सेवा भाव से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। वृद्धाश्रम के वृद्ध माता-पिता की सेवा, महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की सेवा, दीन- हीनो को वस्त्र- कम्बल दान, निरीह पशुओं को चारा तथा जाड़े में बोरे के कोट पहनाने का कार्य, बीमारी को दवा की व्यवस्था प्रदान करना, खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर उनका प्रोत्साहन करना इत्यादि ऐसे कार्य हैं जिनको रोशनलाल उमरवैश्य धर्म का अंग मानकर संपादित करते हैं।
    user_VBed Vyas
    VBed Vyas
    Lawyer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के थाना दिलीपपुर क्षेत्र के पिपरी खालसा गाँव में प्राथमिक विद्यालय में योगेश मिश्र और उनके गुर्गे परवेज एवं एक दर्जन से अधिक अज्ञात गुंडे तोड़ फोड़ कर किये गए निर्माण को क्षति ग्रस्त कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया और दिलीपपुर की पुलिस मौके पर पहुँची तो तनाव को देखते हुए और फोर्स की माँग की थी।
    1
    प्रतापगढ़ के थाना दिलीपपुर क्षेत्र के पिपरी खालसा गाँव में प्राथमिक विद्यालय में योगेश मिश्र और उनके गुर्गे परवेज एवं एक दर्जन से अधिक अज्ञात गुंडे तोड़ फोड़ कर किये गए निर्माण को क्षति ग्रस्त कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया और दिलीपपुर की पुलिस मौके पर पहुँची तो तनाव को देखते हुए और फोर्स की माँग की थी।
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • प्रतापगढ़। पत्रकार रवि गर्गवंशी की दिल्ली पुलिस द्वारा कथित नाजायज गिरफ्तारी को लेकर विरोध तेज हो गया है। इस मामले में नीरज सिंह के नेतृत्व में अवधकेसरी सेना ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कड़ी आपत्ति जताई। अवधकेसरी सेना के पदाधिकारियों का आरोप है कि पत्रकार रवि गर्गवंशी को बिना उचित कारण गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। संगठन ने कहा कि एक पत्रकार की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि रवि गर्गवंशी को तत्काल तिहाड़ जेल से रिहा किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई। अवधकेसरी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र रिहाई नहीं होती है तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
    1
    प्रतापगढ़। पत्रकार रवि गर्गवंशी की दिल्ली पुलिस द्वारा कथित नाजायज गिरफ्तारी को लेकर विरोध तेज हो गया है। इस मामले में नीरज सिंह के नेतृत्व में अवधकेसरी सेना ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कड़ी आपत्ति जताई।
अवधकेसरी सेना के पदाधिकारियों का आरोप है कि पत्रकार रवि गर्गवंशी को बिना उचित कारण गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। संगठन ने कहा कि एक पत्रकार की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि रवि गर्गवंशी को तत्काल तिहाड़ जेल से रिहा किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई।
अवधकेसरी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र रिहाई नहीं होती है तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
    user_Rajesh Manu journalist
    Rajesh Manu journalist
    प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • गर्व करों की आप भारत में हैं, अपने यहां के सब्जी के भाव देखों और अमरीका में सब्जी के भाव देखों... "सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा" 🇮🇳🙏👍
    1
    गर्व करों की आप भारत में हैं, अपने यहां के सब्जी के भाव देखों और अमरीका में सब्जी के भाव देखों...
"सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा" 🇮🇳🙏👍
    user_Pawan Kumar Tiwari
    Pawan Kumar Tiwari
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ✍️ *इधर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बता रहीं हैं कि.. "रुपया ठीक चल रहा है !"*
    1
    ✍️
*इधर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बता रहीं हैं कि.. "रुपया ठीक चल रहा है !"*
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • यूपीपीसीएस 2024 में सफलता के शिखर पर जाकर वाणिज्य कर विभाग की अधिकारी बनी अमेठी जिले विकास खंड संग्रामपुर क्षेत्र के नेवादा निवासी तेज बहादुर सिंह की पुत्रवधू व गांव सफल बहू अनुराधा सिंह का आज ससुराल में पहुंचने भव्य स्वागत किया गया। परिजनों ने गांव के आग्रह पर सफल व आदर्श बहू अनुराधा सिंह ने कालिकन शक्ति पीठ पहुंच कर मां कालिका के चरणों में दीप जलाया।इस अवसर पर अनुराधा सिंह ने बताया कि आज हमारी सफलता के पीछे हमारे परिवार व गांव का आशिर्वाद है। इसलिए हमसे अधिक इन लोगों में खुशी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि परिवार मान - सम्मान हर बहू के हाथों में होता है ।इस अवसर पर बृजेश मिश्रा, बृजेन्द्र सिंह लोहा, ज्ञान सिंह, जितेन्द्र सिंह, कमलाकांत उपाध्याय, सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे
    4
    यूपीपीसीएस 2024 में सफलता के शिखर पर जाकर वाणिज्य कर विभाग की अधिकारी बनी अमेठी जिले विकास खंड संग्रामपुर क्षेत्र के नेवादा निवासी तेज बहादुर सिंह  की पुत्रवधू व गांव सफल बहू अनुराधा सिंह का आज ससुराल में पहुंचने भव्य स्वागत किया गया। परिजनों ने गांव के आग्रह पर सफल व आदर्श बहू अनुराधा सिंह ने कालिकन शक्ति पीठ पहुंच कर मां कालिका के चरणों में दीप जलाया।इस अवसर पर अनुराधा सिंह ने बताया कि आज हमारी सफलता के पीछे हमारे परिवार व गांव का आशिर्वाद है। इसलिए हमसे अधिक इन लोगों में खुशी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि परिवार मान - सम्मान  हर बहू के हाथों में होता है ।इस अवसर पर बृजेश मिश्रा, बृजेन्द्र सिंह लोहा, ज्ञान सिंह, जितेन्द्र सिंह, कमलाकांत उपाध्याय, सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे
    user_Madusoodan
    Madusoodan
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अमेठी जिले के गौरीगंज क्षेत्र के एक गांव में महिलाओं के बीच हुई मारपीट का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना में मां और उसकी बेटी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कहासुनी के बाद कुछ महिलाएं और पुरुष आपस में भिड़ जाते हैं और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक महिला और उसकी बेटी के साथ मारपीट की, जिससे दोनों को चोटें आईं। घटना के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। एक पक्ष का कहना है कि छेड़खानी का विरोध करने पर हमला किया गया, जबकि दूसरे पक्ष ने महुआ बिनने को लेकर विवाद होने की बात कही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में छेड़खानी के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की है। इस दौरान छह लोगों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
    2
    अमेठी जिले के गौरीगंज क्षेत्र के एक गांव में महिलाओं के बीच हुई मारपीट का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना में मां और उसकी बेटी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कहासुनी के बाद कुछ महिलाएं और पुरुष आपस में भिड़ जाते हैं और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक महिला और उसकी बेटी के साथ मारपीट की, जिससे दोनों को चोटें आईं। घटना के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। एक पक्ष का कहना है कि छेड़खानी का विरोध करने पर हमला किया गया, जबकि दूसरे पक्ष ने महुआ बिनने को लेकर विवाद होने की बात कही है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में छेड़खानी के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की है। इस दौरान छह लोगों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एसटीएफ प्रयागराज द्वारा गौहत्या के अभियोग में वांछित 50,000/- रुपये के ईनामिया अभियुक्त मो0 इब्राहिम को तेलियरगंज चौराहे लखनऊ प्रयागराज रोड पर आजाद मार्केट के सामने थाना क्षेत्र शिवकुटी प्रयागराज से गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने क्या कहा देखें।
    1
    एसटीएफ प्रयागराज द्वारा गौहत्या के अभियोग में वांछित 50,000/- रुपये के ईनामिया अभियुक्त मो0 इब्राहिम को तेलियरगंज चौराहे लखनऊ प्रयागराज रोड पर आजाद मार्केट के सामने थाना क्षेत्र शिवकुटी प्रयागराज से गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने क्या कहा देखें।
    user_VBed Vyas
    VBed Vyas
    Lawyer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.