डोडियाना से बीटन तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव, गहरे गड्ढे और किनारों की पटरी टूटने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके कारण पहली बारिश में ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ गई। रियान बड़ी-सथाना मार्ग पर राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद सड़क किनारे की पटरी बह गई। इसके साथ ही सड़क का एक हिस्सा भी टूट गया, जिससे सड़क के नीचे करीब एक से दो फीट गहरी खाई बन गई है। यह स्थान अत्यधिक संवेदनशील है, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। पास में एक निजी कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। यह क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बीटन से बोरुंदा तक भी कई स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे नागौर, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क परियोजना निर्धारित समय सीमा से लगभग एक वर्ष की देरी से पूरी हुई थी। कार्य में देरी के चलते संबंधित ठेकेदार पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा और पहली ही बारिश में यह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। डोडियाना से बीटन तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव, गहरे गड्ढे और किनारों की पटरी टूटने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके कारण पहली बारिश में ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ गई। रियान बड़ी-सथाना मार्ग पर राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद सड़क किनारे की पटरी बह गई। इसके साथ ही सड़क का एक हिस्सा भी टूट गया, जिससे सड़क के नीचे करीब एक से दो फीट गहरी खाई बन गई है। यह स्थान अत्यधिक संवेदनशील है, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। पास में एक निजी कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। यह क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बीटन से बोरुंदा तक भी कई स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे नागौर, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क परियोजना निर्धारित समय सीमा से लगभग एक वर्ष की देरी से पूरी हुई थी। कार्य में देरी के चलते संबंधित ठेकेदार पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा और पहली ही बारिश में यह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
डोडियाना से बीटन तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव, गहरे गड्ढे और किनारों की पटरी टूटने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके कारण पहली बारिश में ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ गई। रियान बड़ी-सथाना मार्ग पर राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद सड़क किनारे की पटरी बह गई। इसके साथ ही सड़क का एक हिस्सा भी टूट गया, जिससे सड़क के नीचे करीब एक से दो फीट गहरी खाई बन गई है। यह स्थान अत्यधिक संवेदनशील है, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। पास में एक निजी कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। यह क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बीटन से बोरुंदा तक भी कई स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे नागौर, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क परियोजना निर्धारित समय सीमा से लगभग एक वर्ष की देरी से पूरी हुई थी। कार्य में देरी के चलते संबंधित ठेकेदार पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा और पहली ही बारिश में यह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। डोडियाना से बीटन तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव, गहरे गड्ढे और किनारों की पटरी टूटने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके कारण पहली बारिश में ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ गई। रियान बड़ी-सथाना मार्ग पर राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद सड़क किनारे की पटरी बह गई। इसके साथ ही सड़क का एक हिस्सा भी टूट गया, जिससे सड़क के नीचे करीब एक से दो फीट गहरी खाई बन गई है। यह स्थान अत्यधिक संवेदनशील है, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। पास में एक निजी कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। यह क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बीटन से बोरुंदा तक भी कई स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे नागौर, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क परियोजना निर्धारित समय सीमा से लगभग एक वर्ष की देरी से पूरी हुई थी। कार्य में देरी के चलते संबंधित ठेकेदार पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा और पहली ही बारिश में यह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- पदोन्नत व्याख्याताओं के तबादले की मांग तेज, कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने नव पदोन्नत व्याख्याताओं की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने तथा पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। पदोन्नत व्याख्याताओं के तबादले की मांग तेज, कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने नव पदोन्नत व्याख्याताओं की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने तथा पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।2
- दरगाह की गरिमा बनाए रखने की मांग नौजवान खादिमो ने अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन दरगाह की गरिमा बनाए रखने की मांग नौजवान खादिमो ने अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन1
- पाखरियावास स्कूल म तालाबंदी शिक्षकों की कमी, शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से लगाए 5 नए शिक्षक ब्यावर जिले के पखरियावास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और विद्यार्थियों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन का असर तुरंत देखने को मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय में तत्काल प्रभाव से पांच नए शिक्षकों की नियुक्ति कर दी है। 320 विद्यार्थियों पर थे केवल चार शिक्षक गौरतलब है कि पखरियावास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लगभग 320 विद्यार्थी अध्ययनरत थे, जिनके मुकाबले स्कूल में केवल चार शिक्षक ही तैनात होने के कारण शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इससे नाराज ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया था और "शिक्षक नहीं तो हमें टीसी दो" के नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रशासन की सख्ती और आदेश जारी मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समझाइश और ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा जवाजा द्वारा दिनांक 06.08.2026 को जारी कार्यालय-आदेश के तहत शिक्षण व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित पांच कार्मिकों को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाखरियावास (488728) में लगाया गया है: काजल जैन (अध्यापक) - पदस्थापन स्थान: राउप्रावि मालपुरा अमिताभ सिंह (शा.शि.) - पदस्थापन स्थान: राबाउमावि देलवाड़ा पंकज सिंह (अध्यापक) - पदस्थापन स्थान: राउप्रावि बाडियाभाउ (सूरजपुरा) पिंटू शर्मा (अध्यापक) - पदस्थापन स्थान: राउप्रावि बाडियाभाउ (सूरजपुरा) सहीराम हुड्डा (अध्यापक) - पदस्थापन स्थान: राउप्रावि बिहार रतनपुरा (लोटियाना) संबंधित संस्था प्रधान एवं पीईईओ को बिना पत्राचार किए आज ही इस आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की बाधित हो रही पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाया जा सके।1
- रामदेव माली में शंकर गुर्जर ब्लॉगिंग करता हुआ नजर आया जय हो गांव देवमाली में शंकर गुर्जर ब्लॉगिंग करता हुआ नजर आया1
- मोहम्मद साहब के 1501वें जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर निकलने वाले पारंपरिक जुलूस की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर बैठक, मोहम्मद साहब के 1501वें जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर निकलने वाले पारंपरिक जुलूस की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर बैठक, कलेक्टर सभागार एड़ीएम सिटी की मौजूदगी ने प्रशासनिक अधिकारियो के साथ हुईं में बैठक,बैठक में जिला प्रशासन, संबंधित विभागों एवं जुलूस आयोजन समिति के प्रतिनिधि उपस्थित रहें मौजूद, एड़ीएम सिटी पीडब्लूडी टाटा पावर सहित सभी विभागो को व्यवस्था को दुरुस्त करने के दिए निर्देश,1
- संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ किया। संत गुरु रविदास जी का समता, सामाजिक सद्भाव और मानवता का संदेश हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत है।1
- अजमेर नगर निगम चुनाव कांग्रेस आपके द्वारा जनसंपर्क महा अभियान शंखनाद घर घर किया अजमेर नगर निगम चुनाव कांग्रेस आपके द्वारा जनसंपर्क महा अभियान शंखनाद घर घर किया1
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 एवं 35A के विशेष प्रावधानों को समाप्त कर भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ क्रियान्वयन और संकल्प ने इस निर्णय को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारते हुए 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के राष्ट्रीय संकल्प को नई शक्ति प्रदान की। आज 7 वर्षों बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शांति, सुशासन और विकास की नई पहचान बन चुके हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था, तेजी से विकसित होती आधारभूत अधोसंरचना, बढ़ती कनेक्टिविटी, रिकॉर्ड पर्यटन, निवेश के अनुकूल वातावरण तथा युवाओं और महिलाओं के लिए बढ़ते अवसर इस ऐतिहासिक परिवर्तन के सशक्त प्रमाण हैं। राष्ट्रहित में लिया गया यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत की मजबूत आधारशिला बना रहेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय की सातवीं वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! #Article370Abrogation1
- अजमेर की कोतवाली थाना क्षेत्र गांधी भवन के पास अज्ञात द्वारा चाकू मार कर घायल कर दिया जिसे ऑटो चला को द्वारा मदद कर जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में घायल अवस्था में भर्ती कराया उपचार जारी है1