मंडलायुक्त ने बड़ी कांटी गांव की गौशाला का किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी प्रयागराज। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सोमवार को जसरा ब्लॉक के बड़ी कांटी गांव स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में व्यापक स्तर पर गंदगी, जलभराव और गंभीर अव्यवस्थाएं मिलने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। गौशाला परिसर में जगह-जगह गोबर, सिल्ट और कूड़ा जमा मिला। नालियां अवरुद्ध थीं तथा बारिश के चलते कई स्थानों पर गीलापन और जलभराव की स्थिति थी। गोवंश के बैठने के स्थान भी बेहद गंदे और अस्वच्छ पाए गए। पशुओं के लिए साफ-सफाई, चारा, पेयजल और समुचित देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। कई गोवंश खुले में घूमते पाए गए, जबकि कुछ घायल अवस्था में भी मिले। उनके उपचार की भी मौके पर समुचित व्यवस्था नहीं थी। निरीक्षण के दौरान गौशाला कर्मचारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि उन्हें कई माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों के अनुसार पिछले चार माह से भूसे की आपूर्ति भी नहीं हुई है और वर्तमान में करीब 10 दिन का ही भूसा उपलब्ध है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। गौशाला की बदहाल स्थिति और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के दृष्टिगत संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। वहीं संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने पूर्व में सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। बारिश और गौशाला की खराब व्यवस्थाओं को देखते हुए मंडलायुक्त ने सभी गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वहां पर्याप्त शेड, भूसा, चारा, पेयजल, उपचार और गोवंश के समुचित रख-रखाव की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को जनपद की सभी गौशालाओं का सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी जलभराव, गीलापन या अन्य अव्यवस्थाएं मिलें, वहां गोवंश को तत्काल सुरक्षित और सूखे स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए। गोवंश के संरक्षण और देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजमार्ग पार कर विद्यालय जाने की समस्या का भी लिया संज्ञान गौशाला से लौटते समय मंडलायुक्त ने बड़ी कांटी गांव में एक स्थान पर बड़ी संख्या में बच्चों को एकत्र देखा। उन्होंने वाहन रुकवाकर बच्चों और ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का प्राथमिक विद्यालय करीब एक किलोमीटर दूर है और बच्चों को विद्यालय जाने के लिए राजमार्ग पार करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में राजमार्ग पार करते समय दो बच्चे दुर्घटना में घायल हो गए थे। इसके बाद छोटे बच्चे भयभीत हैं और बड़ी संख्या में बच्चों ने विद्यालय जाना बंद कर दिया है। बच्चों की अनुपस्थिति की जानकारी पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मंडलायुक्त ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देशित किया कि एक शिक्षामित्र की ड्यूटी लगाई जाए, जो बच्चों को गांव से राजमार्ग पार कराकर सुरक्षित विद्यालय तक पहुंचाए और छुट्टी के बाद उन्हें वापस गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाए। मंडलायुक्त ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने बड़ी कांटी गांव की गौशाला का किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी प्रयागराज। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सोमवार को जसरा ब्लॉक के बड़ी कांटी गांव स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में व्यापक स्तर पर गंदगी, जलभराव और गंभीर अव्यवस्थाएं मिलने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। गौशाला परिसर में जगह-जगह गोबर, सिल्ट और कूड़ा जमा मिला। नालियां अवरुद्ध थीं तथा बारिश के चलते कई स्थानों पर गीलापन और जलभराव की स्थिति थी। गोवंश के बैठने के स्थान भी बेहद गंदे और अस्वच्छ पाए गए। पशुओं के लिए साफ-सफाई, चारा, पेयजल और समुचित देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। कई गोवंश खुले में घूमते पाए गए, जबकि कुछ घायल अवस्था में भी मिले। उनके उपचार की भी मौके पर समुचित व्यवस्था नहीं थी। निरीक्षण के दौरान गौशाला कर्मचारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि उन्हें कई माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों के अनुसार पिछले चार माह से भूसे की आपूर्ति भी नहीं हुई है और वर्तमान में करीब 10 दिन का ही भूसा उपलब्ध है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। गौशाला की बदहाल स्थिति और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के दृष्टिगत संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। वहीं संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने पूर्व में सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। बारिश और गौशाला की खराब व्यवस्थाओं को देखते हुए मंडलायुक्त ने सभी गोवंश को तत्काल सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वहां पर्याप्त शेड, भूसा, चारा, पेयजल, उपचार और गोवंश के समुचित रख-रखाव की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को जनपद की सभी गौशालाओं का सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी जलभराव, गीलापन या अन्य अव्यवस्थाएं मिलें, वहां गोवंश को तत्काल सुरक्षित और सूखे स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए। गोवंश के संरक्षण और देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजमार्ग पार कर विद्यालय जाने की समस्या का भी लिया संज्ञान गौशाला से लौटते समय मंडलायुक्त ने बड़ी कांटी गांव में एक स्थान पर बड़ी संख्या में बच्चों को एकत्र देखा। उन्होंने वाहन रुकवाकर बच्चों और ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का प्राथमिक विद्यालय करीब एक किलोमीटर दूर है और बच्चों को विद्यालय जाने के लिए राजमार्ग पार करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में राजमार्ग पार करते समय दो बच्चे दुर्घटना में घायल हो गए थे। इसके बाद छोटे बच्चे भयभीत हैं और बड़ी संख्या में बच्चों ने विद्यालय जाना बंद कर दिया है। बच्चों की अनुपस्थिति की जानकारी पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मंडलायुक्त ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देशित किया कि एक शिक्षामित्र की ड्यूटी लगाई जाए, जो बच्चों को गांव से राजमार्ग पार कराकर सुरक्षित विद्यालय तक पहुंचाए और छुट्टी के बाद उन्हें वापस गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाए। मंडलायुक्त ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- बारा का विकास मेरी प्राथमिकता रही है और जनता ने हमे बारा से विधायक बनाया है तो हमे उनके विस्वास पर खरे उतरना है--वाचस्पति स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए विधायक वाचस्पति ने कहा कि बारा विधानसभा के विकास के लिए उन्होंने अपनी ओर से कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। जब भी उन्हें क्षेत्र की किसी समस्या की जानकारी मिली, उन्होंने उसके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क, बिजली, जनसुविधाओं या आम जनमानस से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो, उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि जनता को समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। वाचस्पति ने कहा कि “बारा विधानसभा का विकास और क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान हमेशा मेरी प्राथमिकता रहा है। जनता ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस विश्वास को कायम रखना मेरी जिम्मेदारी है।” समाजसेवी मोहम्मद कमर ने विधायक वाचस्पति का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि बारा विधानसभा में विकास के लिए किए गए कार्यों के लिए क्षेत्र की जनता उनकी आभारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की असली पहचान केवल चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देने से नहीं, बल्कि जरूरत के समय जनता के साथ खड़े रहने से होती है। विधायक वाचस्पति ने इस कसौटी पर खुद को साबित किया है। मोहम्मद कमर ने विशेष रूप से कहा कि नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि मुकेश द्विवेदी, श्यामू, अर्पित जायसवाल और नीरज केसरवानी जिस तरह विधायक वाचस्पति और आम जनता के बीच लगातार संवाद एवं समन्वय स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सक्रियता से जनता की समस्याएं विधायक तक तेजी से पहुंच रही हैं और जनता तथा जनप्रतिनिधि के बीच की दूरी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की मुकेश द्विवेदी, श्यामू भाई, अर्पित जायसवाल और नीरज केसरवानी का जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं को विधायक तक पहुंचाने में भूमिका निभाना इसी मजबूत जनसंपर्क व्यवस्था का उदाहरण है। मोहम्मद कमर ने कहा कि जब-जब आम जनता को विधायक की जरूरत पड़ी, वाचस्पति जनता के बीच खड़े दिखाई दिए। वहीं उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका ने इस जुड़ाव को और मजबूत किया है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों में विधायक वाचस्पति के प्रति विश्वास और सम्मान लगातार मजबूत हुआ है। साथ ही कहा “वाचस्पति जी ने सबका साथ, सबका विकास की भावना को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से उसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। उनके साथ उनके प्रतिनिधियों का जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना इस बात का प्रमाण है कि बारा में जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने कहा कि “बारा की जनता को वाचस्पति जैसे सहज, सरल और मृदुभाषी जनप्रतिनिधि को तलाशने के लिए चिराग लेकर निकलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनता के बीच रहकर अपनी कार्यशैली से अपनी पहचान बनाई है। ऐसे जनप्रतिनिधि की जरूरत बारा को आज भी है और आने वाले समय में भी रहेगी।” *घूरपुर से साफ दिखाई दिया जनता का मूड* विधायक वाचस्पति के घूरपुर भ्रमण के दौरान जिस तरह स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके सामने पहुंचे और विधायक ने मौके पर ही संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए, उससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। वहीं, मोहम्मद कमर की अपील पर जुटे लोगों द्वारा वाचस्पति के कार्यकाल की सराहना और आगामी चुनाव में पुनः समर्थन का भरोसा राजनीतिक रूप से भी इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बना गया। घूरपुर में हुए इस जनसंवाद ने एक बात स्पष्ट कर दी कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए तत्काल पहल करना ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान होती है। बारा विधानसभा में वाचस्पति की सक्रियता और जनता से सीधा संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर पत्रकार साथी परवेज आलम,निहाल अहमद,हाजी अहमद,मोहम्मद जफर,वफ़ात उल्ला,इम्तियाज अहमद,मो0 मोबिन,शमशेर अली,गुलजार अहमद,अमजद अली,रिजवान अहमद,बुलाकी,अच्छे, वसीम अहमद,राजाराम, सोनू ,अंसार खां सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने घूरपुर में किया जनसंपर्क, लोगों की सुनीं समस्याएं। बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने घूरपुर में किया जनसंपर्क, लोगों की सुनीं समस्याएं प्रयागराज, बारा। विधायक डॉ. वाचस्पति ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान घूरपुर ग्राम सभा पहुंचकर जनसंपर्क किया। उन्होंने समाजसेवी मोहम्मद कमर के आवास पर रुककर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। जनता द्वारा बताई गई समस्याओं पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। ग्रामीणों ने बारा विधानसभा में हुए विकास कार्यों की सराहना की और आगामी विधानसभा चुनाव में फिर से समर्थन देने का भरोसा दिलाया।1
- घूरपुर में वाचस्पति का जोरदार स्वागत: जनता ने कहा—बारा को चाहिए ऐसा जनप्रतिनिधि, जो समस्या सुनने नहीं, समाधान कराने पहुंचे घूरपुर में वाचस्पति का जोरदार स्वागत: जनता ने कहा—बारा को चाहिए ऐसा जनप्रतिनिधि, जो समस्या सुनने नहीं, समाधान कराने पहुंचे प्रयागराज। बारा विधानसभा क्षेत्र में क्षेत्र भ्रमण एवं जनसंपर्क अभियान के दौरान विधायक वाचस्पति ग्राम सभा घूरपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने समाजसेवी मोहम्मद कमर के आवास पर रुककर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। जनता द्वारा बताई गई समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक के घूरपुर पहुंचने की सूचना पर मोहम्मद कमर की आवाज पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हुए। लोगों ने विधायक वाचस्पति के कार्यकाल में बारा विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार जताया और आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। बिजली की समस्या पर विधायक ने लिया तत्काल संज्ञान घूरपुर में स्थानीय लोगों ने रीवा रोड के किनारे स्थित बस्ती में विद्युत पोल नहीं होने के कारण हो रही परेशानी को विधायक के सामने रखा। लोगों ने बताया कि पोल के अभाव में विद्युत आपूर्ति को लेकर लंबे समय से दिक्कत बनी हुई है। जनता की समस्या सुनते ही विधायक वाचस्पति ने संबंधित विद्युत विभाग के जेई को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और समस्या के समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने को कहा। इससे स्थानीय लोगों में संतोष देखने को मिला। “बारा का विकास मेरी प्राथमिकता रही है”—वाचस्पति स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए विधायक वाचस्पति ने कहा कि बारा विधानसभा के विकास के लिए उन्होंने अपनी ओर से कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। जब भी उन्हें क्षेत्र की किसी समस्या की जानकारी मिली, उन्होंने उसके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क, बिजली, जनसुविधाओं या आम जनमानस से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो, उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि जनता को समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। वाचस्पति ने कहा कि “बारा विधानसभा का विकास और क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान हमेशा मेरी प्राथमिकता रहा है। जनता ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस विश्वास को कायम रखना मेरी जिम्मेदारी है।” मोहम्मद कमर बोले—बारा को वाचस्पति जैसे जनप्रतिनिधि की जरूरत समाजसेवी मोहम्मद कमर ने विधायक वाचस्पति का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि बारा विधानसभा में विकास के लिए किए गए कार्यों के लिए क्षेत्र की जनता उनकी आभारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की असली पहचान केवल चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देने से नहीं, बल्कि जरूरत के समय जनता के साथ खड़े रहने से होती है। विधायक वाचस्पति ने इस कसौटी पर खुद को साबित किया है। मोहम्मद कमर ने कहा कि जब-जब आम जनता को विधायक की जरूरत पड़ी, वाचस्पति जनता के बीच खड़े दिखाई दिए। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों में उनके प्रति विश्वास और सम्मान लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि बारा विधानसभा जैसे बड़े और विविधतापूर्ण क्षेत्र को ऐसे जनप्रतिनिधि की जरूरत है जो सरल हो, सहज हो, जनता की बात सुने और समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर उसके समाधान के लिए खुद भी प्रयास करे। “सबका साथ, सबका विकास” को धरातल पर उतारने का दावा मोहम्मद कमर ने कहा कि वाचस्पति ने “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से उसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बारा की जनता के लिए ऐसा जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण है जो जाति, वर्ग और व्यक्तिगत राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दे। उनके अनुसार, वाचस्पति की सहजता, सरलता और जनता से सीधा जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी ताकत है। मोहम्मद कमर ने कहा कि “बारा की जनता को वाचस्पति जैसे सहज, सरल और मृदुभाषी जनप्रतिनिधि को तलाशने के लिए चिराग लेकर निकलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनता के बीच रहकर अपनी कार्यशैली से अपनी पहचान बनाई है। ऐसे जनप्रतिनिधि की जरूरत बारा को आज भी है और आने वाले समय में भी रहेगी।” घूरपुर से साफ दिखाई दिया जनता का मूड विधायक वाचस्पति के घूरपुर भ्रमण के दौरान जिस तरह स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके सामने पहुंचे और विधायक ने मौके पर ही संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए, उससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। वहीं, मोहम्मद कमर की अपील पर जुटे लोगों द्वारा वाचस्पति के कार्यकाल की सराहना और आगामी चुनाव में पुनः समर्थन का भरोसा राजनीतिक रूप से भी इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बना गया। घूरपुर में हुए इस जनसंवाद ने एक बात स्पष्ट कर दी कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए तत्काल पहल करना ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान होती है। बारा विधानसभा में वाचस्पति की सक्रियता और जनता से सीधा संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।4
- गड्ढे में टवेरा धंसने से मचा हड़कंप मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से रेलवे स्टेशन बाइपास को जोड़ने वाली सड़क पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब रास्ते से गुजर रही एक टवेरा गाड़ी सड़क पर बने गहरे गड्ढे में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह मशक्कत कर वाहन को गड्ढे से बाहर निकाला। प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग से सटे इस मार्ग पर करीब 10 से 12 फीट लंबे और लगभग चार फीट गहरे हिस्से में सड़क धंस गई है। इसी दौरान टवेरा वाहन वहां से गुजर रहा था। अचानक सड़क में धंसे हिस्से में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह घुस गया। वाहन के गड्ढे में फंसते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और काफी प्रयास के बाद वाहन को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलने पर मेजारोड चौकी प्रभारी हरिओम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क की स्थिति को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराकर रास्ते के क्षतिग्रस्त हिस्से को बंद करा दिया, ताकि कोई अन्य वाहन गड्ढे में न फंसे और संभावित हादसे को टाला जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा काफी समय से जर्जर था। लगातार बारिश के कारण सड़क और धंस गई, जिससे खतरा बढ़ गया है। मार्ग पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। लोगों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। गड्ढे में टवेरा धंसने से मचा हड़कंप मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से रेलवे स्टेशन बाइपास को जोड़ने वाली सड़क पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब रास्ते से गुजर रही एक टवेरा गाड़ी सड़क पर बने गहरे गड्ढे में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह मशक्कत कर वाहन को गड्ढे से बाहर निकाला। प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग से सटे इस मार्ग पर करीब 10 से 12 फीट लंबे और लगभग चार फीट गहरे हिस्से में सड़क धंस गई है। इसी दौरान टवेरा वाहन वहां से गुजर रहा था। अचानक सड़क में धंसे हिस्से में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह घुस गया। वाहन के गड्ढे में फंसते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और काफी प्रयास के बाद वाहन को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलने पर मेजारोड चौकी प्रभारी हरिओम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क की स्थिति को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराकर रास्ते के क्षतिग्रस्त हिस्से को बंद करा दिया, ताकि कोई अन्य वाहन गड्ढे में न फंसे और संभावित हादसे को टाला जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा काफी समय से जर्जर था। लगातार बारिश के कारण सड़क और धंस गई, जिससे खतरा बढ़ गया है। मार्ग पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। लोगों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।1
- Post by Ashwin Kumar Tripathi1
- हाई कोर्ट से चूड़ी बड़ी खबर प्रधानों के प्रशासक बनने वाली आज क्या पर सुनवाई आज होनी थी पर सुनवाई टली अगली तारीख निर्धारित कर दी गई है पूरी रिपोर्ट देखी हाई कोर्ट से जुड़ी बड़ी खबर प्रधानों की प्रशासक बनने वाली याचिका पर सुनवाई होनी थी पर अगली तारीख पर अब सुनवाई होगी जरा सुनिए हाईकोर्ट में अगली तारीख कब की निर्धारित करी गई पूरी रिपोर्ट देखें1
- हंडिया मांडा खास में संसद विधायकों का कुछ अता पता नहीं ग्रामीणो के घरो में घुसा पानी मेजा विधानसभा क्षेत्र के मांडा ब्लाक के हंडिया गांव में पानी से घर गिरने के कगार पर है स्थानीय लोगों का कहना है हमारे गांव में पानी निकासी न होने पर घर में पानी घुस गया करीब 15 दिन से लगातार घरों के चारों तरफ पानी भरा हुआ है जिससे घर जर्जर हो गया है कब बड़ी घटना हो सकती है लोगों का कहना यहां पर न सांसद न विधायक का पता चला सीर्फ वोटों के लिए आते हैं1
- संदीपन घाट थाना क्षेत्र में खुलेआम जुआ, 15 गांवों से पहुंच रहे लोग संदीपन थाना के संरक्षण में हो रहे हैं जुआ *तिल्हापुर मोड़, कौशांबी*। संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उजिहिनी फरीदपुर गांव में खुलेआम जुए का फड़ संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रोजाना दूर-दराज के क्षेत्रों से 50 से 100 लोग जुआ खेलने पहुंचते हैं, जिससे करीब 15 गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जुआ संचालित कराने वाले लोग बाहरी लोगों को बुलाकर उनसे कमीशन लेते हैं और यह कहते हैं कि पुलिस से उनकी "सेटिंग" है, इसलिए किसी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है और लोग निडर होकर जुआ खेलने आते हैं। स्थानीय लोगों ने मुख्य रूप से बबलू गुप्ता, बच्चा निषाद, मेघि निषाद और बिल्ला भारतीय पर जुए के संचालन में शामिल होने का आरोप लगाया है। आरोप है कि इनमें से दो लोग जुआ खिलाते हैं, जबकि दो अन्य लोकेशन पर रहकर निगरानी करते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इन्हीं के भरोसे पर बाहरी लोग यहां जुआ खेलने पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि के कारण कई परिवार आर्थिक संकट में फंस चुके हैं, कई घर बर्बाद हो गए हैं और नए युवाओं को भी जुए की लत की ओर धकेला जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1