आरा नगर निगम कर्मियों का बड़ा ऐलान: 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी आरा। आरा नगर निगम कर्मचारी संघ की बैठक शनिवार को संघ अध्यक्ष के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के स्थायी एवं एनजीओ कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए 15 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। कर्मचारी संघ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को पहले सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। यदि इसके बाद भी निगम प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो 15 मई से सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ ने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को रमना मैदान स्थित स्टेडियम परिसर में कर्मचारी संघ का चुनाव कराया गया था, जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन किया गया। अध्यक्ष पद के लिए पुष्पा सिंह को चुना गया, जिसकी जानकारी निगम कार्यालय को पहले ही दी जा चुकी है। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को कर्मचारी संघ की ओर से नगर आयुक्त को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था। संघ का आरोप है कि 15 दिनों का समय देने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई वार्ता नहीं की गई और न ही कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता दिखाई गई। बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि हड़ताल होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। कर्मचारी संघ की अध्यक्ष पूषा सिंह ने कहा कि आज आरा नगर निगम कर्मचारी यूनियन की बैठक आयोजित की गई। कई दिनों से लगातार चल रही बैठकों के बाद अब आंदोलन की रूपरेखा पूरी तरह तय कर ली गई है। उन्होंने बताया कि यूनियन की ओर से नगर निगम प्रशासन को 15 दिनों का समय दिया गया था ताकि कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा सके, लेकिन इस दौरान किसी भी यूनियन प्रतिनिधि को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। इसी कारण अब हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
आरा नगर निगम कर्मियों का बड़ा ऐलान: 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी आरा। आरा नगर निगम कर्मचारी संघ की बैठक शनिवार को संघ अध्यक्ष के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के स्थायी एवं एनजीओ कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए 15 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। कर्मचारी संघ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को पहले सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। यदि इसके बाद भी निगम प्रशासन द्वारा
मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो 15 मई से सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ ने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को रमना मैदान स्थित स्टेडियम परिसर में कर्मचारी संघ का चुनाव कराया गया था, जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन किया गया। अध्यक्ष पद के लिए पुष्पा सिंह को चुना गया, जिसकी जानकारी निगम कार्यालय को पहले ही दी जा चुकी है। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को कर्मचारी संघ की ओर से नगर आयुक्त को छह सूत्री मांग
पत्र सौंपा गया था। संघ का आरोप है कि 15 दिनों का समय देने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई वार्ता नहीं की गई और न ही कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता दिखाई गई। बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि हड़ताल होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। कर्मचारी संघ की अध्यक्ष पूषा सिंह
ने कहा कि आज आरा नगर निगम कर्मचारी यूनियन की बैठक आयोजित की गई। कई दिनों से लगातार चल रही बैठकों के बाद अब आंदोलन की रूपरेखा पूरी तरह तय कर ली गई है। उन्होंने बताया कि यूनियन की ओर से नगर निगम प्रशासन को 15 दिनों का समय दिया गया था ताकि कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा सके, लेकिन इस दौरान किसी भी यूनियन प्रतिनिधि को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। इसी कारण अब हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
- दिल्ली में बिहारी युवक की गोली मार हत्या एवं पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के ख़िलाफ़ जन सुराज ने निकाला आक्रोश मार्च दिल्ली में बिहारी युवक की गोली मार हत्या एवं पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के ख़िलाफ़ जन सुराज ने निकाला आक्रोश मार्च आरा। दिल्ली में बिहारी युवक पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस के हवलदार द्वारा गोली मार हत्या किए जाने एवं पटना में अपना अधिकार माँगते TRE 4 के शिक्षक अभ्यर्थियों पर निर्मम लाठीचार्ज के ख़िलाफ़ शनिवार को जन सुराज पार्टी ने आक्रोश मार्च निकाला। यह आक्रोश मार्च आंदोलनों के जनक जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शुरू हुआ तथा संविधान निर्माता भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थल से लड़ाई का जुनून लिए हुए रमना मैदान स्थित वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा स्थल पर आकर क्रांति के संकल्प के साथ ख़त्म हुआ। इस दौरान जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने, बिहारी युवक को न्याय दो, पांडव के हत्यारे को गिरफ़्तार करो, बिहारी एकता ज़िंदाबाद, छात्रों पर ज़ुल्म बंद करो, गोली- लाठी की सरकार नहीं चलेगी और जय बिहार के नारे लगाए। सम्बोधित करते हुए ज़िला अध्यक्ष राजीव सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अब तक ख़गड़िया के रहने वाले युवक पांडव कुमार के हत्यारों को नहीं पकड़ा गया है। बिहारी जानकर और खुलेआम गोली मार कर हत्या करने वाले पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश प्रवक्ता पद्मा ओझा ने कहा कि यह निठल्ली सरकार बिहारियों के अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश महिला उपाध्यक्ष डॉ शैलजा सिंह ने बताया कि पांडव की हत्या पर सब मौन साधे हुए है। बिहार के हिमायती बनने वाले इसी प्रदेश के मंत्री चुप हैं। चिराग़ पासवान बिहारी फ़र्स्ट की बात कहते हैं और मनोज तिवारी हाँ हम बिहारी हैं जी गाना गाते है, पर इस मामले में उनका मुँह क्यों नहीं खुल रहा? शाहाबाद मीडिया प्रभारी सुधीर मिश्र ने कहा कि लाठी- गोली की सरकार चल रही है। केंद्र और राज्य दोनो जगह भाजपा की सरकार है, पर यह सरकार गूँगी बहरी बनी हुई है। लाठी नहीं रोज़गार चाहिए, हमें अपना अधिकार चाहिए के नारे के साथ ज़िला प्रवक्ता रूपेन्द्र मिश्र ने शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर कहा कि अभ्यर्थी अपने अधिकार की बात कर रहे थे। वे कोई अपराधी नहीं थे जिन पर इतनी बर्बरता से लाठी बरसाई गई। युवाओं का रोज़गार माँगना कब से गुनाह हो गया? यह घटना सरकार की बेशर्मी और अमानवीय चेहरे को दिखती है। आक्रोश मार्च व प्रदर्शन की अध्यक्षता ज़िला महामंत्री कमलेश्वर मिश्रा व चंद्रभानु गुप्ता एवं संयोजन सोनू पासवान ने किया। इस आक्रोश मार्च में राहुल सिंह, अभय सिंह, अशोक मानव, कौशलेंद्र सिंह, डॉक्टर विजय गुप्ता, सोनिया सिंह, रंजन ओझा, बम ओझा, धनजी सिंह, अवध बिहारी, धीरेंद्र पांडेय, उपेन्द्र यादव, संतोष सिंह, जुनैद अख़्तर, शिवम सिंह, ज़ाकिर हुसैन, सलमा बेगम, अविनाश मिश्रा, अमरजीत सिंह, बिनय शर्मा, आलम जी, शत्रुधन तिवारी, अजेश मिश्र, स्वीटी मिश्रा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- भोजपुर में धरहरा से पासवान चौक तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिसके तहत सड़क किनारे के कई अवैध पक्के निर्माण तोड़े गए। यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और प्रस्तावित सड़क परियोजना के लिए की गई है। प्रशासन ने दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।1
- भोजपुर, आरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक ने महत्वपूर्ण बातें कहीं, जो कानूनी विवादों के त्वरित निपटारे में सहायक होंगी।1
- भोजपुर के आरा में महंत महिला कॉलेज की छात्राओं ने 'ऑपरेशन सिंदूर' अभियान के तहत एक रैली निकाली। इस मार्च के ज़रिए उन्होंने समाज में महत्वपूर्ण संदेश देने का प्रयास किया।8
- BPSC TRE 4.0 अभ्यर्थियों पर पटना में लाठीचार्ज की घटना पर प्रशांत किशोर ने क्या कहा? BPSC TRE 4.0 अभ्यर्थियों पर पटना में लाठीचार्ज की घटना पर प्रशांत किशोर ने क्या कहा?1
- Bihta IIT पटना परिसर में छात्र की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस बिहटा स्थित IIT Patna परिसर में छात्र की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना की सूचना मिलते ही दानापुर डीएसपी-2 समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। मौके पर पहुंचे डीएसपी-2 ने बताया कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस टीम हॉस्टल परिसर, छात्र के कमरे और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही FSL टीम को भी बुलाया गया है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध बताया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। घटना के बाद संस्थान परिसर में माहौल गमगीन है और छात्रों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।1
- आरा में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज द्वारा विरोध मार्च निकाला गया दिल्ली में जोमैटो ब्वॉय की बिहारी कह कर गोली मारकर हत्या और Tet 4 में छात्रों पर लाठी चार्ज के मुद्दे को लेकर जनसुरज द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया आरा दिल्ली में बिहारी युवक की गोली मार हत्या एवं पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के ख़िलाफ़ जन सुराज ने निकाला आक्रोश मार्च आरा। दिल्ली में बिहारी युवक पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस के हवलदार द्वारा गोली मार हत्या किए जाने एवं पटना में अपना अधिकार माँगते TRE 4 के शिक्षक अभ्यर्थियों पर निर्मम लाठीचार्ज के ख़िलाफ़ शनिवार को जन सुराज पार्टी ने आक्रोश मार्च निकाला। यह आक्रोश मार्च आंदोलनों के जनक जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शुरू हुआ तथा संविधान निर्माता भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थल से लड़ाई का जुनून लिए हुए रमना मैदान स्थित वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा स्थल पर आकर क्रांति के संकल्प के साथ ख़त्म हुआ। इस दौरान जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने, बिहारी युवक को न्याय दो, पांडव के हत्यारे को गिरफ़्तार करो, बिहारी एकता ज़िंदाबाद, छात्रों पर ज़ुल्म बंद करो, गोली- लाठी की सरकार नहीं चलेगी और जय बिहार के नारे लगाए। सम्बोधित करते हुए ज़िला अध्यक्ष राजीव सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अब तक ख़गड़िया के रहने वाले युवक पांडव कुमार के हत्यारों को नहीं पकड़ा गया है। बिहारी जानकर और खुलेआम गोली मार कर हत्या करने वाले पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश प्रवक्ता पद्मा ओझा ने कहा कि यह निठल्ली सरकार बिहारियों के अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश महिला उपाध्यक्ष डॉ शैलजा सिंह ने बताया कि पांडव की हत्या पर सब मौन साधे हुए है। बिहार के हिमायती बनने वाले इसी प्रदेश के मंत्री चुप हैं। चिराग़ पासवान बिहारी फ़र्स्ट की बात कहते हैं और मनोज तिवारी हाँ हम बिहारी हैं जी गाना गाते है, पर इस मामले में उनका मुँह क्यों नहीं खुल रहा? शाहाबाद मीडिया प्रभारी सुधीर मिश्र ने कहा कि लाठी- गोली की सरकार चल रही है। केंद्र और राज्य दोनो जगह भाजपा की सरकार है, पर यह सरकार गूँगी बहरी बनी हुई है। लाठी नहीं रोज़गार चाहिए, हमें अपना अधिकार चाहिए के नारे के साथ ज़िला प्रवक्ता रूपेन्द्र मिश्र ने शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर कहा कि अभ्यर्थी अपने अधिकार की बात कर रहे थे। वे कोई अपराधी नहीं थे जिन पर इतनी बर्बरता से लाठी बरसाई गई। युवाओं का रोज़गार माँगना कब से गुनाह हो गया? यह घटना सरकार की बेशर्मी और अमानवीय चेहरे को दिखती है। आक्रोश मार्च व प्रदर्शन की अध्यक्षता ज़िला महामंत्री कमलेश्वर मिश्रा व चंद्रभानु गुप्ता एवं संयोजन सोनू पासवान ने किया। इस आक्रोश मार्च में राहुल सिंह, अभय सिंह, अशोक मानव, कौशलेंद्र सिंह, डॉक्टर विजय गुप्ता, सोनिया सिंह, रंजन ओझा, बम ओझा, धनजी सिंह, अवध बिहारी, धीरेंद्र पांडेय, उपेन्द्र यादव, संतोष सिंह, जुनैद अख़्तर, शिवम सिंह, ज़ाकिर हुसैन, सलमा बेगम, अविनाश मिश्रा, अमरजीत सिंह, बिनय शर्मा, आलम जी, शत्रुधन तिवारी, अजेश मिश्र, स्वीटी मिश्रा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बिहार में BPSC TRE 4 आंदोलन पुलिसिया कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें बलपूर्वक हटाया गया, जिससे उनमें भारी निराशा है।1
- भोजपुर के आरा में वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस दौरान लोगों को मिलने वाले फायदों और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और आपसी सहमति से निपटारा करना है।1