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अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।
Ravindra chaturvedi News india
अनूपपुर के निगवानी स्थित मुख्य बाजार में एक खतरनाक गड्ढा लंबे समय से लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई थी, पर गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की गई, तो उन्होंने गंभीरता दिखाने की बजाय "जो करना हो कर लो" जैसी संवेदनहीन बात कही। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और पंचायत से यह मांग की जा रही है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े। वीडियो के माध्यम से ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई की अपील की गई है।
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- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सामने आए एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है।1
- अनूपपुर में एकलव्य पैंथर्स खो-खो चैंपियनशिप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2026 का 20 जून को भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। यह प्रतियोगिता 18 जून से प्रारंभ हुई थी, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई बालक एवं बालिका टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मैदान पूजन के साथ किया गया था। तीन दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और उत्कृष्ट खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों के अनुसार, बालिका वर्ग में टीम अर्वा क्वींस (रईस खान) विजेता बनी, जबकि आशुतोष स्टार गर्ल्स की टीम उपविजेता रही। वहीं, बालक वर्ग में राघवेंद्र टाइगर्स ने विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया और जितेंद्र वॉरियर्स उपविजेता रही। समापन समारोह में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, और कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश खो-खो संघ के प्रदेश सचिव श्री संजय यादव ने की। विशिष्ट अतिथियों में जितेंद्र भट्ट (जिला उपाध्यक्ष भाजपा), भाजपा मंडल अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, वार्ड 7 की पार्षद श्रीमती प्रवीण त्रिपाठी, भाजपा नेता अरुण सिंह, प्रवीण चौरसिया एवं जिले के समस्त पीटीआई गण शामिल थे। अतिथियों ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता एवं अनुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और इस तरह की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की सराहना की, जो जिले के खिलाड़ियों को नई पहचान प्रदान करती हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय राठौर द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के संरक्षक और एकेडमी अध्यक्ष आदर्श दुबे ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रायोजकों, सहयोगी संस्थाओं, खेल प्रेमियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे अनूपपुर में पहली बार आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता बताते हुए जिले के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस प्रतियोगिता के आयोजक मंडल में विवेक कुमार यादव और मो. इमरान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रीमती प्रवीण त्रिपाठी, रईस खान, जीतेंद्र भट्ट, आदर्श दुबे, राघवेंद्र सिंह (राघवेंद्र टाइगर्स), तेजभान सिंह, पवन कुमार चीनी (पवन वेंडर्स), अर्जुन सिंह एवं आशुतोष तिवारी ने प्रायोजकों के रूप में विशेष सहयोग प्रदान किया। समापन अवसर पर, मध्य प्रदेश खोखो संघ के सचिव संजय यादव एवं आयोजक मंडल द्वारा सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।1
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध की जा रही कथित झूठी और भ्रामक शिकायतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने शहडोल के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई गई है। महासंघ का दावा है कि इन शिकायतों के तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है और बिना किसी पड़ताल के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को कुछ शिकायतों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके संबंध में तथ्य जानने के लिए निलेश सोनी ने दूरभाष पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनी और बाद में कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। महासंघ ने आरोप लगाया है कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, और इसलिए इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने बताया कि रामराज गुप्ता के खिलाफ भी शिकायत दर्ज है, जिससे उनकी सामाजिक एवं पेशेवर छवि प्रभावित हुई है, तथा इस संबंध में 17 जून 2026 को भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई द्वारा थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक मामले में कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला है। महासंघ ने पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से यह मांग की है कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑडियो अपने मूल रूप में है या उसमें किसी प्रकार का संपादन किया गया है, और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए, निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पक्ष पर कानून के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएगा और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।4
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत शहडोल रेलवे स्टेशन पर बीती रात दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सोमवार दोपहर लगभग 2:30 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विवाद के बाद, स्थानीय लोगों ने तुरंत आरपीएफ पुलिस को सूचना दी, जिसके मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान घटना स्थल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई थी।1
- बैकुंठपुर के मानस भवन में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- भारत भूषण तिवारी का एक लाइव एनकाउंटर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कई गोलियां चलती दिख रही हैं। वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे एक अकेले इंसान पर कई गोलियां चलाई गईं और उसे "फील्डिंग लगाकर" घेरा गया। वायरल वीडियो के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को यह ज्ञात हो जाए कि उसे पागलखाने भेजकर सच में पागल करने की साजिश रची जा रही है, तो उसके पास केवल एक ही विकल्प बचता है। ऐसे में, उस व्यक्ति ने सचमुच पागल बनने की बजाय एक क्रांतिकारी बनकर सीने में गोली लेना बेहतर समझा। इस घटना के संदर्भ में, लोगों से अपनी राय मांगी गई है कि क्या यह कदम सही था।1
- शहडोल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला इकाई ने पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार रामराज गुप्ता (ब्लॉक महासचिव) और नीलेश सोनी (संभागीय उपाध्यक्ष) के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। महासंघ ने इस शिकायत को प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने नीलेश सोनी को दूरभाष पर बताया था कि पत्रकार सूर्यभान यादव किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि ले रहे हैं और अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि के लिए नीलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से संपर्क किया, जिसके दौरान विवाद हुआ। बाद में, कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और नीलेश सोनी के खिलाफ थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के खिलाफ भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज की गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से वायरल ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। यदि शिकायतें झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1