अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है, जहाँ अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी विभाग का शुभारंभ किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पहले ही दिन तीन मरीजों की रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, और तीनों मरीज स्वस्थ बताए जा रहे हैं। यह रोबोटिक सर्जरी मशीन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र और एसएसआई कंपनी के संस्थापक डॉ. सुधीर प्रेम श्रीवास्तव ने चिकित्सालय को निःशुल्क उपलब्ध कराई है। इस अत्याधुनिक प्रणाली के साथ, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय राज्य का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान बन गया है जो ऐसी सुविधा प्रदान करता है। इससे अब संभाग के मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने इसे अजमेर के चिकित्सा इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों का ऑपरेशन छोटे चीरे, कम दर्द और अधिक सटीकता के साथ हो सकेगा, जिससे उनकी रिकवरी शीघ्र होगी और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होगी। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने भी इसे अजमेर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। दानदाता डॉ. श्रीवास्तव ने अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव को व्यक्त करते हुए कहा कि अजमेर मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के कारण राजस्थान की पहली रोबोटिक सर्जरी मशीन अजमेर को समर्पित करना उनके लिए गर्व का विषय है।
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है, जहाँ अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी विभाग का शुभारंभ किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पहले ही दिन तीन मरीजों की रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, और तीनों मरीज स्वस्थ बताए जा रहे हैं। यह रोबोटिक सर्जरी मशीन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र और एसएसआई कंपनी के संस्थापक डॉ. सुधीर प्रेम श्रीवास्तव ने चिकित्सालय को निःशुल्क उपलब्ध कराई है। इस अत्याधुनिक प्रणाली के साथ, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय राज्य का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान बन गया है जो ऐसी सुविधा प्रदान करता है। इससे अब संभाग के मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने इसे अजमेर के चिकित्सा इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों का ऑपरेशन छोटे चीरे, कम दर्द और अधिक सटीकता के साथ हो सकेगा, जिससे उनकी रिकवरी शीघ्र होगी और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होगी। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने भी इसे अजमेर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। दानदाता डॉ. श्रीवास्तव ने अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव को व्यक्त करते हुए कहा कि अजमेर मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के कारण राजस्थान की पहली रोबोटिक सर्जरी मशीन अजमेर को समर्पित करना उनके लिए गर्व का विषय है।
- ब्यावर में मेरा युवा भारत (माय भारत) ब्यावर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में "वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच जुड़ाव पर अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ELP)" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के पहले दिन, युवाओं ने स्वयं सिद्धा आश्रम श्री रतन कुंदन भवन, तेलियान जौपड़, ब्यावर में वरिष्ठजनों और अन्य लाभार्थियों के साथ आत्मीय संवाद किया और पुनर्वास एवं देखभाल के महत्व को समझा। माय भारत के स्वयंसेवक विष्णु प्रजापति, आरुषि सोनी और प्रियाल सोनी ने आश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों से मिलकर उनकी दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और जीवन संघर्षों को समझने का प्रयास किया। युवाओं ने वरिष्ठजनों को सम्मानजनक संवाद और सहयोग का आश्वासन देते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को संकलित किया। आश्रम के केयर टेकर श्री सुखदेव, श्रीमती रीता नायक और गार्ड श्री बजरंग जी ने संस्थान की व्यवस्थाओं, वरिष्ठजनों की देखभाल और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। जिला युवा अधिकारी श्री जयेश मीना ने बताया कि इस अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना तथा उनमें सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को न केवल समाज को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें सकारात्मक बदलाव का सक्रिय सहभागी भी बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने वरिष्ठजनों की पीड़ा सुनी और सेवा तथा संवेदना का संदेश दिया।4
- अजमेर जिले के पीसांगन कस्बे में चैनपुरा मोहल्ला से खाजू मेहता की नाडी होते हुए जाने वाला रास्ता और पीसांगन से माता मंगरी वाला रास्ता पिछले कई सालों से बारिश के दिनों में अवरुद्ध हो जाता था। इस समस्या के कारण सैकड़ों किसानों को अपनी फसल और पशुधन को संभालने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या से परेशान होकर दोनों ओर के किसानों ने मंडल अध्यक्ष बीरम पीपाड़ा के सानिध्य में विधायक रामस्वरूप लांबा से मुलाकात की। विधायक रामस्वरूप लांबा ने किसानों की बात सुनकर नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से पहले इन रास्तों पर बड़े नाले डलवाकर उन्हें सुचारू रूप से शुरू किया जाए। इसके बाद मंडल अध्यक्ष बीरम पीपाड़ा और महामंत्री सौदान पड़ौदा ने मौके पर पहुंचकर तुरंत काम शुरू करवाया। इस पहल से सैकड़ों किसानों और आसपास के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें बारिश के मौसम में आवागमन में राहत मिलेगी। सभी किसानों ने इस कार्य के लिए अपनी खुशी जाहिर करते हुए विधायक रामस्वरूप लांबा का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष बीरम पीपाड़ा, महामंत्री सौदान पड़ौदा, महादेव कारबाल, दुर्गालाल देतवाल, पांचूराम मावर, अमरु मावर, सोहनलाल पीपाड़ा, कालूराम पीपाड़ा, नेमीचंद मावर, सुवालाल देतवाल, कैलाश साहू, ऊंकार पिलोदिया, मुकेश पिलोदिया, धनलाल पीपाड़ा, महावीर और ओमप्रकाश पिलोदिया समेत कई किसान मौजूद थे।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूरजगढ़ स्थित मेघवाल बस्ती के ग्रामीणों ने अपनी जर्जर सड़क की समस्या को लेकर संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ और उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्ग पर निर्माण कार्य की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग कई वर्षों से कच्चा और क्षतिग्रस्त है, जिस पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब रास्ते में पानी भरने और कीचड़ होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। इस बदहाल मार्ग के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को विशेष रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ता है, और दोपहिया वाहनों के फिसलने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। मेघवाल बस्ती, गांव की चौपाल और सरकारी स्कूल सहित विभिन्न स्थानों तक जाने के लिए सैकड़ों लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने पूर्व में भी कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने जनहित को देखते हुए मेघवाल बस्ती से मुख्य सड़क तक सीसी सड़क के निर्माण की मांग की है, ताकि आमजन को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो सके। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर और अंगूठा निशान लगाकर अपनी सहमति व्यक्त की। उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों को उनकी मांग पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है, और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान कर सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाएगा।1
- आम जनता में यह सवाल उठ रहा है कि सरकार ऐसे काम शुरू ही क्यों करती है जो पूरे नहीं हो पाते। लोगों का कहना है कि वे नेता कहां गए जिन्होंने शौचालय निर्माण की बात की थी और कहा था कि शौचालय बनाए जाएंगे। इस मामले पर सरकार की कार्यप्रणाली और नेताओं के वादों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- ब्यावर के AK अस्पताल से जुड़े एक मामले में, जहाँ एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए थे, PMO और डॉ. आशा देवड़ा ने इस घटना की पूरी सच्चाई सामने रखी है। परिजनों ने महिला के गर्भ में दो बच्चे होने की बात कहकर आरोप लगाए थे, जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला के गर्भ में केवल एक ही बच्चा था। परिजनों ने यह भी कहा था कि महिला को बिना बताए इंजेक्शन लगा दिए गए, जिससे उसकी मौत हो गई।1
- अजमेर में राजस्थान संयुक्त कर्मचारी एवं मजदूर महासंघ ने जलदाय विभाग में कार्यरत ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार करेंगे। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें नियुक्ति पत्र, वार्षिक वेतन वृद्धि, EPF, ESI कार्ड, बोनस, साप्ताहिक अवकाश और बैंक खाते के माध्यम से वेतन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन योजना में कार्यरत कई श्रमिकों ने पिछले दो वर्षों से भुगतान न मिलने का भी आरोप लगाया है। महासंघ ने वर्ष 1995 से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने और उनका वेतन ₹18 हजार से ₹45 हजार तक तय करने की मांग की है। इस दौरान प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।1
- रोहिसा गांव में तेजा चौक से अटल सेवा केन्द्र तक जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण और कीचड़ की समस्या को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उपखंड अधिकारी के निर्देशन में, जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क मार्ग के दोनों ओर से अतिक्रमण को हटाया गया। इसी के साथ, रास्ते पर जमा कीचड़ और गंदगी को भी साफ कर सड़क को आवागमन के लिए सुगम बनाया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क मार्ग की समस्या को लेकर प्रशासन को पहले भी कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया था। बारिश के मौसम में मार्ग पर कीचड़ और पानी भर जाने के कारण रास्ता लगभग बंद हो जाता था, जिससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी। तेजा चौक से अटल सेवा केन्द्र तक का यह मार्ग गांव के प्रमुख रास्तों में से एक है। इस कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया स्वयं मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने कार्य की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ तहसीलदार अशोक कुमार, ग्राम विकास अधिकारी राजमल मीणा, पटवारी राजू पारीक और जसनगर पुलिस थाने का जाब्ता भी उपस्थित था। अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह आश्वस्त किया कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानियों से बड़ी राहत मिली है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का दिल खोलकर स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि वर्षों पुरानी इस समस्या का अब समाधान हो जाने से गांव में आवागमन काफी सुगम हो गया है।1
- अजमेर में मादक पदार्थ सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सप्लायर को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि शहर में यह ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है, ताकि इस पूरे गोरखधंधे को जड़ से खत्म किया जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी से पूछताछ में कई बड़े राज उजागर होने की उम्मीद है, जिससे अजमेर में ड्रग्स सप्लाई के फैले हुए पूरे नेटवर्क का और अधिक खुलासा हो सकता है।1
- ब्यावर शहर में भीषण गर्मी के बीच आम जनता को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से श्री खण्डेलवाल वैश्य संस्थान, ब्यावर और खण्डेलवाल महिला मंडल ने भगत चौराहा पर स्थित शीतल जल वाटिका एवं विश्राम स्थली पर ठंडी केरी का पानी वितरित किया। इस पहल के तहत लगभग 7000 गिलास केरी का पानी लोगों को पिलाया गया। खण्डेलवाल समाज के अध्यक्ष और ब्यावर व्यापार संघ के अध्यक्ष श्री संजय घीया ने बताया कि समाज के सदस्यों के सहयोग से यह सेवा कार्य अगले एक महीने तक जारी रहेगा। इस दौरान आमजन को अलग-अलग तरह के शीतल पेय पदार्थ वितरित किए जाएँगे। इस कार्यक्रम में संजय घीया, राकेश झालानी, श्याम सुंदर डंगायच, सत्य नारायण दुसाद, राकेश कूलवाल, रामावतार दुसाद, रवि बड़गोती, हरीश झालानी, विष्णु कायथवाल, यश खण्डेलवाल, राधा कृष्ण टोडवाल, अशोक बड़गोती, नौरत मल झालानी, नितिन बड़गोती, प्रशांत पाबूवाल, राजेंद्र बड़गोती, अनुज दुसाद, रवि बड़गोती, बालकृष्ण कट्टा, रामावतार कूलवाल सहित महिला मंडल की अध्यक्षा मंजू डंगायच, रेणु घीया, निर्मला झालानी, प्रियंका दुसाद, बबिता कूलवाल, पूनम बड़गोती, प्रियंका वैद, मंजू कुलवाल, मोनिका दंगायच, तरुणा बडगोती और सीमा कायथवाल जैसे अनेक समाज सदस्य उपस्थित रहे।1