राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कूनो नेशनल पार्क में अपने दो दिवसीय प्रवास के बाद ग्वालियर एयरबेस के लिए रवाना होने से पहले चीता मित्रों के साथ चीता संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रपति ने चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच उनके व्यवहार के प्रति जन जागरूकता फैलाने के चीता मित्रों के प्रयासों की जानकारी ली। चीता मित्रों ने राष्ट्रपति को बताया कि कूनो नेशनल पार्क से सटे सभी गाँवों में उनकी मौजूदगी है, जहाँ वे ग्रामीणों को चीतों की सुरक्षा के लिए जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि ग्रामीणों को आबादी या खेतों में चीते दिखने पर वन विभाग को तुरंत सूचित करने और उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुँचाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि चीते स्वाभाविक रूप से किसी को हानि नहीं पहुँचाते। उन्होंने इस परियोजना को भारत में चीतों की पुनर्वसाहट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर श्री कुलदीप आदिवासी सिलोरी, श्री संग्राम आदिवासी, कु. राजनंदनी आदिवासी हथेड़ी, श्रीमती मल्हा आदिवासी सेसईपुरा, श्री शिवम आदिवासी पालपुर, श्री विनोद आदिवासी पैरा, श्री रामलखन आदिवासी कराहल, श्री लालाराम आदिवासी सेसईपुरा, श्री दौलतराम आदिवासी सेसईपुरा और श्री सतीश आदिवासी मोरावन सहित कई चीता मित्र उपस्थित थे। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सभी चीता मित्रों के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और इस महत्वपूर्ण परियोजना में उनके मानसेवी प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव, पीसीसीएफ श्री शुभरंजन सेन, कमिश्नर श्री सुरेश कुमार, आईजी श्री सचिन अतुलकर, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ श्री उत्तम कुमार, डीएफओ श्री आर थिरूकुराल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से लाए गए चीतों सहित वर्तमान में देश में कुल 52 चीते हैं, जिनमें से 49 कूनो नेशनल पार्क में और 3 मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। भारत में जन्मे चीतों की संख्या 32 है और यह चीता परियोजना लगातार सफलता की ओर अग्रसर है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कूनो नेशनल पार्क में अपने दो दिवसीय प्रवास के बाद ग्वालियर एयरबेस के लिए रवाना होने से पहले चीता मित्रों के साथ चीता संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान राष्ट्रपति ने चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच उनके व्यवहार के प्रति जन जागरूकता फैलाने के चीता मित्रों के प्रयासों की जानकारी ली। चीता मित्रों ने राष्ट्रपति को बताया कि कूनो नेशनल पार्क से सटे सभी गाँवों में उनकी मौजूदगी है, जहाँ वे ग्रामीणों को चीतों की सुरक्षा के लिए जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि ग्रामीणों को आबादी या खेतों में चीते दिखने पर वन विभाग को तुरंत सूचित करने और उन्हें किसी
भी प्रकार से नुकसान न पहुँचाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि चीते स्वाभाविक रूप से किसी को हानि नहीं पहुँचाते। उन्होंने इस परियोजना को भारत में चीतों की पुनर्वसाहट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर श्री कुलदीप आदिवासी सिलोरी, श्री संग्राम आदिवासी, कु. राजनंदनी आदिवासी हथेड़ी, श्रीमती मल्हा आदिवासी सेसईपुरा, श्री शिवम आदिवासी पालपुर, श्री विनोद आदिवासी पैरा, श्री रामलखन आदिवासी कराहल, श्री लालाराम आदिवासी सेसईपुरा, श्री दौलतराम आदिवासी सेसईपुरा और श्री सतीश आदिवासी मोरावन सहित कई चीता मित्र उपस्थित थे। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सभी चीता मित्रों के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और इस महत्वपूर्ण परियोजना में उनके मानसेवी प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन विभाग
के प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव, पीसीसीएफ श्री शुभरंजन सेन, कमिश्नर श्री सुरेश कुमार, आईजी श्री सचिन अतुलकर, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ श्री उत्तम कुमार, डीएफओ श्री आर थिरूकुराल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से लाए गए चीतों सहित वर्तमान में देश में कुल 52 चीते हैं, जिनमें से 49 कूनो नेशनल पार्क में और 3 मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। भारत में जन्मे चीतों की संख्या 32 है और यह चीता परियोजना लगातार सफलता की ओर अग्रसर है।
- श्योपुर जिले में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी में यह योगाभ्यास संपन्न हुआ।1
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित के मुद्दों को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण सत्याग्रह 46वें दिन भी जारी है। नगर की मूलभूत समस्याओं जैसे सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, स्ट्रीट लाइट की खराबी और अधूरे विकास कार्यों के कारण जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में लगातार आक्रोश बना हुआ है। सत्याग्रह के बाद कुछ विकास कार्य शुरू तो हुए हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य बाजार और संतर क्षेत्र की गलियों में ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, जहाँ रेत के बजाय मिट्टी युक्त सामग्री (डस्ट) का उपयोग कर उस पर सीमेंट का घोल डालकर सीसी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और ये कार्य स्थायी सुधार की बजाय लीपापोती जैसे लग रहे हैं। इसके साथ ही, कई वार्डों में सफाई कार्य शुरू होने के बाद अधूरा छोड़ दिए जाने से नगर की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। इस आंदोलन का नेतृत्व पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी कर रहे हैं, जिसमें पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद श्रीराम सोनी सहित समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक लगातार शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह सत्याग्रह किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि नगर की वास्तविक समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए किया जा रहा है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से सभी विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने और ठोस, गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जनता को वास्तविक राहत मिल सके। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा है कि जब तक सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और पूर्णता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका यह सत्याग्रह जारी रहेगा।1
- आज श्योपुर में, बल्लू टी स्टॉल फेमस को इटली (इमली) की चटनी, आलू की स्वादिष्ट सब्जी, आम और ताज़ी रोटी के साथ घर से आया हुआ लज़ीज़ भोजन खाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर यह बताया गया कि घर के बने खाने में जो प्यार, अपनापन और स्वाद होता है, उसका कोई मुकाबला नहीं है और वह कहीं और नहीं मिलता। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) की ओर से घर के स्वादिष्ट भोजन को तैयार करने वाले परिवारजनों का दिल से धन्यवाद व्यक्त किया गया। इस पोस्ट में सादे भोजन, स्वस्थ जीवन और परिवार के प्यार को सबसे बड़ी दौलत बताया गया है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते हुए सभी भाइयों और मित्रों को स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की शुभकामनाएँ दी गईं। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) अपनी सेवा, अपनापन और सम्मान के लिए जाना जाता है।1
- कैलारस थाना क्षेत्र के नैपरी गांव में एक 30 वर्षीय युवक सतीश रजक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। यह घटना नेशनल हाईवे NH552 के पास एक यात्री प्रतीक्षालय में घटित हुई। मृतक सतीश रजक प्रभूसिंह का पुराक (खनेता), सुमावली का निवासी था और लगभग दस दिन पहले अपने शाले की शादी के सिलसिले में नैपरी गांव स्थित अपनी ससुराल आया हुआ था। जानकारी के अनुसार, जिस दिन यह घटना सामने आई, सोमवार को शाले की शादी का मंडप था, लेकिन उससे पहले ही मध्य रात्रि में यह घटना हो गई। सुबह जब राहगीरों ने शव देखा तो उन्होंने तुरंत परिजनों और कैलारस पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही, कैलारस थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह कुशवाहा और एसडीओपी उमेश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके कुछ देर बाद एसएफएल (SFL) जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और बाद में उसे परिजनों को सौंप दिया। कैलारस पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है।1
- मुरैना के पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटसिथरा में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालक ने वर्तमान सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। संचालक बबलू जाटव का आरोप है कि ग्राम सरपंच भारत गुर्जर ने उनकी दुकान पर ताला लगा दिया और उसे खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। बबलू जाटव के अनुसार, सरपंच भारत गुर्जर ने उनकी ऑनलाइन दुकान में ताला जड़ दिया और दोबारा दुकान न खोलने की चेतावनी दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि सरपंच ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई, तो दुकान में आग लगा दी जाएगी। इस घटना के बाद पीड़ित बबलू जाटव और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने पहाड़गढ़ थाने में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- जौरा शहर के तिकोनिया पार्क पर एक व्यक्ति से ₹1,00,000 की चोरी का मामला सामने आया है। उदपुरा से बाजार का सामान खरीदने आए अवधेश कुशवाहा के पैसे राजगढ़ की एक महिला और एक लड़की ने चुरा लिए। इस घटना का पता चलते ही मौके पर जमकर हंगामा हुआ।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा से जारी एक पोस्ट में नरेंद्र मोदी की नाकामियों पर सीधे तौर पर निशाना साधा गया है। पोस्ट में कहा गया है कि मोदी की असफलताओं के कारण छात्रों और छात्राओं के सपने एक बार फिर छीन लिए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य नकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है।1
- श्योपुर जिले के विजयपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। यह आयोजन कलेक्टर महोदया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महोदय के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें सभी अधिकारीगण, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद किरार ने उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को योगाभ्यास कराया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। डॉ. किरार ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान तनावपूर्ण और व्यस्त जीवनशैली में योग स्वस्थ जीवन का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जिसके नियमित अभ्यास से अनेक बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ सकारात्मक सोच और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान, बीईई साहिब कुरैशी ने जानकारी दी कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) है। यह थीम सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए योग के महत्व को दर्शाती है। आयोजन में उपस्थित सभी ने यह संकल्प लिया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएंगे और समाज में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, इस संदेश के साथ कि “करें योग, रहें निरोग”।4