जहानाबाद : काको प्रखंड में होली की रौनक, दूसरे दिन भी बच्चों ने खेली रंगों की होली। जहानाबाद : काको होली का रंग अभी भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। काको प्रखंड के विभिन्न गांवों में दूसरे दिन भी होली की रौनक देखने को मिली। खासकर बच्चों की टोली ने पूरे उत्साह के साथ रंग-गुलाल लगाकर और पानी की पिचकारियों से एक-दूसरे को भिगोकर जमकर होली खेली। गांव की गलियों और चौक-चौराहों पर बच्चों की टोलियां ढोलक और मंजीरे की थाप पर होली गीत गाते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे रंगों से सराबोर होकर एक-दूसरे के घर जाकर अबीर-गुलाल लगाते रहे और बड़ों से आशीर्वाद लेते दिखे। इस दौरान कई जगहों पर लोगों ने बच्चों को मिठाई और गुजिया खिलाकर होली की खुशियां साझा कीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि होली का असली आनंद गांवों में ही देखने को मिलता है, जहां आपसी भाईचारा और प्रेम के साथ लोग कई दिनों तक पर्व का आनंद लेते हैं। काको क्षेत्र में भी होली का उल्लास दूसरे दिन तक जारी रहा और बच्चों की मस्ती ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया।
जहानाबाद : काको प्रखंड में होली की रौनक, दूसरे दिन भी बच्चों ने खेली रंगों की होली। जहानाबाद : काको होली का रंग अभी भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। काको प्रखंड के विभिन्न गांवों में दूसरे दिन भी होली की रौनक देखने को मिली। खासकर बच्चों की टोली ने पूरे उत्साह के साथ रंग-गुलाल लगाकर और पानी की पिचकारियों से एक-दूसरे को भिगोकर जमकर होली खेली। गांव की गलियों और चौक-चौराहों पर बच्चों की टोलियां ढोलक और मंजीरे की थाप पर होली गीत गाते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे रंगों से सराबोर होकर एक-दूसरे के घर जाकर अबीर-गुलाल लगाते रहे और बड़ों से आशीर्वाद लेते दिखे। इस दौरान कई जगहों पर लोगों ने बच्चों को मिठाई और गुजिया खिलाकर होली की खुशियां साझा कीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि होली का असली आनंद गांवों में ही देखने को मिलता है, जहां आपसी भाईचारा और प्रेम के साथ लोग कई दिनों तक पर्व का आनंद लेते हैं। काको क्षेत्र में भी होली का उल्लास दूसरे दिन तक जारी रहा और बच्चों की मस्ती ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया।
- जहानाबाद : काको होली का रंग अभी भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। काको प्रखंड के विभिन्न गांवों में दूसरे दिन भी होली की रौनक देखने को मिली। खासकर बच्चों की टोली ने पूरे उत्साह के साथ रंग-गुलाल लगाकर और पानी की पिचकारियों से एक-दूसरे को भिगोकर जमकर होली खेली। गांव की गलियों और चौक-चौराहों पर बच्चों की टोलियां ढोलक और मंजीरे की थाप पर होली गीत गाते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे रंगों से सराबोर होकर एक-दूसरे के घर जाकर अबीर-गुलाल लगाते रहे और बड़ों से आशीर्वाद लेते दिखे। इस दौरान कई जगहों पर लोगों ने बच्चों को मिठाई और गुजिया खिलाकर होली की खुशियां साझा कीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि होली का असली आनंद गांवों में ही देखने को मिलता है, जहां आपसी भाईचारा और प्रेम के साथ लोग कई दिनों तक पर्व का आनंद लेते हैं। काको क्षेत्र में भी होली का उल्लास दूसरे दिन तक जारी रहा और बच्चों की मस्ती ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया।1
- Post by सतरंगी जहानाबादी (public news)1
- Post by Bharat News7881
- Post by Bihari Sharma B.P.S1
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- Post by Pawan Kumar1