प्रेस विज्ञप्ति / आधिकारिक गुहार: तंत्र की विफलता और एक 'सिपाही के बेटे' का धर्मयुद्ध प्रेषक: विशाल शर्मा (स्वतंत्र खोजी पत्रकार, शोधकर्ता एवं समाजसेवी) दिनांक: 01 अप्रैल, 2026 "राष्ट्रीय सेवा से लेकर माफियाओं के विरुद्ध युद्ध तक: एक दिव्यांग पत्रकार की अग्निपरीक्षा" मैं, विशाल शर्मा, एक 20 वर्षीय अनुभवी पत्रकार और एक एग्जांपलर रिटायर्ड फौजी का पुत्र, आज अत्यंत व्यथित हृदय से शासन-प्रशासन और न्यायपालिका के सम्मुख खड़ा हूँ। मेरा रिकॉर्ड गवाह है कि मैंने सदैव राष्ट्रहित और समाज सेवा को सर्वोपरि रखा है: 1. राष्ट्रीय सेवा और पुलिस प्रशासन के साथ ऐतिहासिक सहयोग (प्रमाणित तथ्य): मानव तस्करी के विरुद्ध प्रहार: मैंने 'SP के रमन' जी के नेतृत्व में 6 महीने तक निरंतर जोखिम उठाकर देव व्यापार (Human Trafficking) के चंगुल से कई नाबालिग बच्चियों का सफल रेस्क्यू करवाया। अंग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह के विरुद्ध कार्य करते हुए, कैथल से लापता एक 8 वर्षीय बच्चे और महिला को तत्कालीन एसपी आस्था मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में नासिक से सुरक्षित वापस लाने में मुख्य भूमिका निभाई। दिव्यांग सेवा (Jindal Group): मैंने प्रसिद्ध उद्योगपति नवीन जिंदल जी की NGO में दिव्यांगों के उत्थान हेतु सक्रिय कार्य किया है और आज भी कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा हूँ। 2. एक सैनिक परिवार की निष्ठा पर प्रहार (खुली चुनौती): मेरे पिता 7 मेडल होल्डर, एग्जांपलर रिटायर्ड एक्स-सर्विसमैन हैं, जिनकी उम्र 80 वर्ष है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सीमाओं की रक्षा में लगा दिया। मैं शासन-प्रशासन से पूछता हूँ—यदि हम जैसे देशभक्त परिवारों का रिकॉर्ड भी गलत है और हम ही भ्रष्ट हैं, तो न्याय कहाँ है? "क्या आज ऐसी नौबत आ गई है कि एक फौजी के बेटे को न्याय के लिए बॉर्डर पर तैनात अपने फौजी भाइयों से गुहार लगानी पड़ेगी? क्या देश के रक्षकों के साथ यही सलूक होगा कि उनके बच्चे माफियाओं के हाथों प्रताड़ित हों?" 3. राजनीतिक प्रतिशोध और पारिवारिक क्षति: इतनी सेवाओं के बावजूद, आज मुझे ही राजनीतिक दबाव में फंसाकर 'क्रिमिनल' बनाने का कुचक्र रचा जा रहा है। माता जी का बलिदान: मेरी माता जी (पूर्व संगठन मंत्री व जनरल सेक्रेटरी, कांग्रेस) का देहांत इन भ्रष्टाचारियों द्वारा दिए गए मानसिक दबाव के कारण हुआ। विधिक संकट: मेरे अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु के बाद मुझे कानूनी रूप से अकेला करने का प्रयास किया गया। हमले और षड्यंत्र: वार्ड पार्षद, विधायक और मंत्रियों द्वारा मेरे घर पर हमले करवाकर मेरे बच्चों के भविष्य को नष्ट करने का प्रयास किया गया ताकि मेरी बौद्धिक क्षमता को कुचला जा सके। 4. कानूनी चेतावनी और संवैधानिक अधिकार: अनुच्छेद 21 व 19: मुझे ससम्मान जीवन जीने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। RPwD अधिनियम 2016 (धारा 91/92): एक दिव्यांग पत्रकार को प्रताड़ित करना और उसकी कार्यक्षमता को बाधित करना गंभीर कानूनी अपराध है। प्रशासन से प्रश्न: प्रशासन उन 'राज-गद्दारों' पर देशद्रोह का मुकदमा कब चलाएगा जिनके भ्रष्टाचार (अनाज, सड़क, अंग तस्करी) को मैंने उजागर किया है? निष्कर्ष: मैं ब्राह्मण समाज और सभी 36 बिरादरी से न्याय की अपील करता हूँ। मैं 24 तारीख को न्यायालय के समक्ष पूर्ण मर्यादा के साथ उपस्थित रहूँगा। यदि प्रशासन मुझे भी इन अपराधियों जितना धनबल और बैकअप दे, तो कोई मुझे कानूनी दांव-पेच में हराकर दिखाए। हार गया, तो पत्रकारिता छोड़ दूँगा। "सच्चाई की मशाल को अंधेरा बुझा नहीं सकता। जय हिन्द!" विशाल शर्मा (दिव्यांग पत्रकार एवं समाजसेवी) पुत्र: रिटायर्ड एक्स-सर्विसमैन (7 मेडल होल्डर)
प्रेस विज्ञप्ति / आधिकारिक गुहार: तंत्र की विफलता और एक 'सिपाही के बेटे' का धर्मयुद्ध प्रेषक: विशाल शर्मा (स्वतंत्र खोजी पत्रकार, शोधकर्ता एवं समाजसेवी) दिनांक: 01 अप्रैल, 2026 "राष्ट्रीय सेवा से लेकर माफियाओं के विरुद्ध युद्ध तक: एक दिव्यांग पत्रकार की अग्निपरीक्षा" मैं, विशाल शर्मा, एक 20 वर्षीय अनुभवी पत्रकार और एक एग्जांपलर रिटायर्ड फौजी का पुत्र, आज अत्यंत व्यथित हृदय से शासन-प्रशासन और न्यायपालिका के सम्मुख खड़ा हूँ। मेरा रिकॉर्ड गवाह है कि मैंने सदैव राष्ट्रहित और समाज सेवा को सर्वोपरि रखा है: 1. राष्ट्रीय सेवा और पुलिस प्रशासन के साथ ऐतिहासिक सहयोग (प्रमाणित तथ्य): मानव तस्करी के विरुद्ध प्रहार: मैंने 'SP के रमन' जी के नेतृत्व में 6 महीने तक निरंतर जोखिम उठाकर देव व्यापार (Human Trafficking) के चंगुल से कई नाबालिग बच्चियों का सफल रेस्क्यू करवाया। अंग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह
के विरुद्ध कार्य करते हुए, कैथल से लापता एक 8 वर्षीय बच्चे और महिला को तत्कालीन एसपी आस्था मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में नासिक से सुरक्षित वापस लाने में मुख्य भूमिका निभाई। दिव्यांग सेवा (Jindal Group): मैंने प्रसिद्ध उद्योगपति नवीन जिंदल जी की NGO में दिव्यांगों के उत्थान हेतु सक्रिय कार्य किया है और आज भी कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा हूँ। 2. एक सैनिक परिवार की निष्ठा पर प्रहार (खुली चुनौती): मेरे पिता 7 मेडल होल्डर, एग्जांपलर रिटायर्ड एक्स-सर्विसमैन हैं, जिनकी उम्र 80 वर्ष है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सीमाओं की रक्षा में लगा दिया। मैं शासन-प्रशासन से पूछता हूँ—यदि हम जैसे देशभक्त परिवारों का रिकॉर्ड भी गलत है और हम ही भ्रष्ट हैं, तो न्याय कहाँ है? "क्या आज ऐसी नौबत आ गई है कि एक
फौजी के बेटे को न्याय के लिए बॉर्डर पर तैनात अपने फौजी भाइयों से गुहार लगानी पड़ेगी? क्या देश के रक्षकों के साथ यही सलूक होगा कि उनके बच्चे माफियाओं के हाथों प्रताड़ित हों?" 3. राजनीतिक प्रतिशोध और पारिवारिक क्षति: इतनी सेवाओं के बावजूद, आज मुझे ही राजनीतिक दबाव में फंसाकर 'क्रिमिनल' बनाने का कुचक्र रचा जा रहा है। माता जी का बलिदान: मेरी माता जी (पूर्व संगठन मंत्री व जनरल सेक्रेटरी, कांग्रेस) का देहांत इन भ्रष्टाचारियों द्वारा दिए गए मानसिक दबाव के कारण हुआ। विधिक संकट: मेरे अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु के बाद मुझे कानूनी रूप से अकेला करने का प्रयास किया गया। हमले और षड्यंत्र: वार्ड पार्षद, विधायक और मंत्रियों द्वारा मेरे घर पर हमले करवाकर मेरे बच्चों के भविष्य को नष्ट करने का प्रयास किया गया ताकि मेरी बौद्धिक क्षमता को कुचला जा
सके। 4. कानूनी चेतावनी और संवैधानिक अधिकार: अनुच्छेद 21 व 19: मुझे ससम्मान जीवन जीने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। RPwD अधिनियम 2016 (धारा 91/92): एक दिव्यांग पत्रकार को प्रताड़ित करना और उसकी कार्यक्षमता को बाधित करना गंभीर कानूनी अपराध है। प्रशासन से प्रश्न: प्रशासन उन 'राज-गद्दारों' पर देशद्रोह का मुकदमा कब चलाएगा जिनके भ्रष्टाचार (अनाज, सड़क, अंग तस्करी) को मैंने उजागर किया है? निष्कर्ष: मैं ब्राह्मण समाज और सभी 36 बिरादरी से न्याय की अपील करता हूँ। मैं 24 तारीख को न्यायालय के समक्ष पूर्ण मर्यादा के साथ उपस्थित रहूँगा। यदि प्रशासन मुझे भी इन अपराधियों जितना धनबल और बैकअप दे, तो कोई मुझे कानूनी दांव-पेच में हराकर दिखाए। हार गया, तो पत्रकारिता छोड़ दूँगा। "सच्चाई की मशाल को अंधेरा बुझा नहीं सकता। जय हिन्द!" विशाल शर्मा (दिव्यांग पत्रकार एवं समाजसेवी) पुत्र: रिटायर्ड एक्स-सर्विसमैन (7 मेडल होल्डर)
- Post by Dharamvir Singh1
- Post by Vinod Paul Holkar JHANSA2
- पंचमुखी हनुमान मंदिर बिलासपुर बसातियावाला मे, हनुमान जी के जन्मदिन के मौक़े पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। हनुमान जी के जन्मोत्सव के मौक़े आज, बसातियावाला मे मंदिर को बाहर से अंदर तक सजाया गया है। धूम धाम से हनुमान जी का जन्मदिन मनाने और दर्शन करने श्रद्धालू भारी संख्या मे पहुंच रहे है। मंदिर मे भंडारा भी सुबह से रात तक लगातार चलता है। बताया गया है श्रद्धालू रात के 1 बजे से हनुमान जी के दर्शन करने के लिए लाइन मे लगे हुए थे।1
- Post by SAHIB KHAN1
- कस्बा गंगोह के गीता ज्ञान संस्कार एकेडमी में कक्षा 9 और कक्षा 11 का वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया परिणाम घोषित होते ही विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आया कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक राकेश तायल, सुनील गर्ग, प्रधानाचार्य संजय गुप्ता व ललित अग्रवाल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया प्रधानाचार्य संजय गुप्ता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त होती है। प्रबंधक राकेश तायल ने कहा कि शिक्षा ही विकास का आधार है और ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे ही समाज का नाम रोशन करते हैं इस दौरान आराध्या तायल, गोविंद गिरिराज, सुमेधा, सोनाक्षी, कनिका गोयल, सांची,सहित कई छात्रों ने अपनी-अपनी कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया4
- राघव चड्ढा को तगड़ा झटका, AAP ने राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाया, अशोक मित्तल को सौंपी जिम्मेदारी Raghav Chadha: राघव चड्ढा को राज्यसभा के आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया है। साथ ही उनकी जगह नई नियुक्ति भी कर दी है। पार्टी ने खुद सदन को लेटर लिखकर उन्हें पद से हटाने का अनुरोध किया। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को बहुत बड़ा झटका दिया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को लेटर लिखकर उन्हें सदन में पार्टी के उपनेता के पद से हटाने को कहा है। साथ ही उन्हें AAP के कोटे से बोलने का समय न देने का आग्रह भी किया है। AAP ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि उच्च सदन में अब पार्टी के उपनेता के रूप में अशोक मित्तल को नियुक्त किया जाए, यानी अब पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल राज्यसभा में AAP के नए डिप्टी लीडर होंगे।1
- नकुड़ (सहारनपुर)। थाना प्रभारी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपी सफात पुत्र कालूसाह निवासी ग्राम जाफरपुर, रनियावली थाना नकुड़ पर शिकंजा कसते हुए, उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई उद्घोषणा (मुनादी) जारी कर नोटिस चस्पा किया है। थाना प्रभारी ने बताया की आरोपी के खिलाफ थाना नकुड़ में मुकदमा अपराध संख्या 395/25 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 115(2), 352 और 3(5) के तहत मामला दर्ज है। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने गांव में मुनादी कराकर उसे न्यायालय में हाजिर होने की चेतावनी दी है। थानाध्यक्ष सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया की यदि आरोपी जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वीडियो:- पुलिसकर्मी मुनादी करते हुए!1
- बरवाला अनाज मंडी मे सबसे पहले अपनी फसल लेकर पहुंचे 3 किसानों को, मार्कीट कमेटी के अध्यक्ष देशराज पोसवाल ने किया सम्मानित।1