एटा जिले के जलेसर विकास खंड में सरकारी अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सरकारी हैंडपंपों की बदहाली के कारण स्थानीय जनता पानी के लिए बेहद परेशान है। लोगों द्वारा काफी समय से खराब पड़े हैंडपंपों को रिपेयर कराने की लगातार मांग की जा रही है, लेकिन जनता की सुविधा के इस कार्य में प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। इस मामले में अधिकारियों की गंभीर अनदेखी उजागर हुई है, जहां पिछले कई महीनों से हैंडपंपों के कार्य में अत्यंत घटिया क्वालिटी का सामान इस्तेमाल किया जा रहा है। जलेसर विकास खंड के प्रधान सचिव विशाल गौतम की मौजूदगी के रहते हुए भी इस कार्य में जमकर लापरवाही बरती गई। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके ट्रांसफर होने के बाद भी इस स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और अब अनिल यादव के समय में भी विकास खंड जलेसर की ग्राम पंचायत से लापरवाही की यह खबर सामने आ रही है।
एटा जिले के जलेसर विकास खंड में सरकारी अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सरकारी हैंडपंपों की बदहाली के कारण स्थानीय जनता पानी के लिए बेहद परेशान है। लोगों द्वारा काफी समय से खराब पड़े हैंडपंपों को रिपेयर कराने की लगातार मांग की जा रही है, लेकिन जनता की सुविधा के इस कार्य में प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। इस मामले में अधिकारियों की गंभीर अनदेखी उजागर हुई है, जहां पिछले कई महीनों से हैंडपंपों के कार्य में अत्यंत घटिया क्वालिटी का सामान इस्तेमाल किया जा रहा है। जलेसर विकास खंड के प्रधान सचिव विशाल गौतम की मौजूदगी के रहते हुए भी इस कार्य में जमकर लापरवाही बरती गई। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके ट्रांसफर होने के बाद भी इस स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और अब अनिल यादव के समय में भी विकास खंड जलेसर की ग्राम पंचायत से लापरवाही की यह खबर सामने आ रही है।
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तहसील जलेसर के अंतर्गत आवागढ़ पोस्ट के कल्याणपुर गांव में पिछले 10 सालों से एक रास्ता अत्यंत जर्जर हालत में है। इस मुख्य रास्ते का इस्तेमाल प्रतिदिन भारी संख्या में लोग करते हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को आवागमन में बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। रास्ते पर पानी भरा होने के कारण लोग अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और आगे जाकर रास्ता पूरी तरह से कटा हुआ है, जहां लोगों का गिरना लगभग तय रहता है। ग्रामीणों का दर्द है कि चुनाव के समय वोट मांगने तो सभी आ जाते हैं, लेकिन इस रास्ते के सुधार के बारे में कोई नहीं सोचता। कल्याणपुर के वर्तमान प्रधान कुशल पाल पर ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रधान उनकी इस गंभीर समस्या की बिल्कुल भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश की सरकार से हाथ जोड़कर यह भावुक अनुरोध किया है कि उनकी इस बड़ी समस्या का जल्द से जल्द निवारण कर इस रास्ते को ठीक कराया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव के दौरान पुलिस की बहादुरी और इंसानियत की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के बजौट रेलवे अंडरपास में लगातार बारिश के कारण 10 फीट गहरा गंदा पानी भर गया था। इस गहरे पानी में एक तांगा चालक और उसका घोड़ा फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए फफूंडा चौकी प्रभारी दरोगा अरुण तिवारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही दरोगा अरुण तिवारी तुरंत मौके पर पहुंचे थे। परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपनी वर्दी उतारी और सीधे गहरे पानी में उतर गए। करीब आधे घंटे के कड़े संघर्ष और स्थानीय लोगों की मदद से तांगा चालक के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद, मृत घोड़े और तांगे को भी रस्सियों व क्रेन की सहायता से बाहर खिंचवाया गया। बचाव कार्य के दौरान पुलिस का यह मानवीय चेहरा और दरोगा अरुण तिवारी की तत्परता और अदम्य साहस देखकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है। अपनी जान की परवाह किए बिना इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले ऐसे जाँबाज प्रभारी को अखण्ड इंडिया न्यूज़ सलाम करता है।1
- हाथरस जिले के सादाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में उत्तर प्रदेश शासन के वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रविवार को एक पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सादाबाद के विधायक गुड्डू चौधरी और सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विधायक गुड्डू चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण देने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से केवल पौधा लगाने तक ही सीमित न रहने बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने का भी आह्वान किया, ताकि लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध कर सकें। इसी क्रम में सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान मिल सके। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भूमि को हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह प्रधान, डीपीएम बलवीर सिंह वर्मा, मनोज चौधरी और वंशी वाले सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।3
- सपा अपनी पुरानी 'वोट बैंक' की राजनीति से ज्यादा वक्त तक दूरी नहीं बना सकती है। सपाइयों का मुखौटा अब सबके सामने उतर चुका है। उनकी असलियत सामने आने में भले ही थोड़ी देर हुई हो, लेकिन आखिरकार उनकी वास्तविक सच्चाई पूरी तरह से उजागर हो गई है।1
- उत्तर प्रदेश में बहुजन राजनीति के भीतर सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलित समाज से कानून हाथ में न लेने की जोरदार अपील की है। उन्होंने समाज से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए संवैधानिक और कानूनी रास्ते पर चलकर ही अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने को कहा। इसी दौरान उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसी घटनाओं पर केवल “मगरमच्छ के आंसू” बहाते हैं और समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं। मीडिया रिपोर्टों में मायावती की इस टिप्पणी को चंद्रशेखर आजाद पर एक परोक्ष हमला बताया गया है। इस बयान के सामने आने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना जवाब दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मायावती के इस बयान से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। हालांकि, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में मायावती के प्रति अपना पूरा सम्मान जताया है, लेकिन साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी असहमति भी जाहिर की है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद एटा के जलेसर स्थित आईटीआई विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के गांव नगला धनीराम में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रही है। गांव में ललित कुमार पुत्र गंगा सिंह के घर के समीप लगा एक हाईटेंशन विद्युत पोल आधार से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जो अब केवल बिजली के तारों के सहारे खड़ा है। बरसात और तेज हवा के दौरान यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों में इस पोल की वजह से दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार विद्युत विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पोल को नहीं बदला गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल इस क्षतिग्रस्त पोल को बदलने, सुरक्षा व्यवस्था करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसी संभावित जनहानि से बचा जा सके।1
- दक्षिण-पश्चिमी ईरान के लोरेस्तान प्रांत में स्थित पोलदोख्तर तेल एवं पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई है। फिलहाल इस रिफाइनरी में आग लगने के मुख्य कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि उसके एनर्जी इंफ्रा को दोबारा निशाना बनाया गया, तो वह इजराइल और खाड़ी देशों के एनर्जी इंफ्रा पर जवाबी हमला करेगा।1