वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र में जमीन दिलाने और निवेश पर 15 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर लोगों से कथित तौर पर लाखों रुपये हड़पने के आरोप में दो कारोबारियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पीड़ितों का आरोप है कि उनसे पैसे लेने के बाद न तो जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही उनकी निवेश की गई धनराशि वापस लौटाई गई। विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और धमकी भी दी गई। पुलिस ने चोलापुर के घोघली निवासी चन्द्रशेखर राजभर और बड़ागांव के खररिया खास निवासी अशोक कुमार सिंह की शिकायतों पर चेयरमैन मृत्युंजय सिंह और मैनेजिंग डायरेक्टर शिवकुमार भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ये दोनों आरोपी खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए बाबतपुर में प्लॉट दिलाने और निवेश पर अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया करते थे। एफआईआर के अनुसार, चन्द्रशेखर राजभर ने अपने और रिश्तेदारों के माध्यम से 10 लाख रुपये से अधिक का निवेश किया, जबकि अशोक कुमार सिंह ने विभिन्न किश्तों में लगभग 9.5 लाख रुपये जमा कराए। शुरुआती कुछ महीनों तक भुगतान किया गया, लेकिन बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि आरोपी हर कुछ महीनों में अपनी कंपनियों के नाम बदलकर नए निवेशकों को फंसाते थे। शिकायत में जेबीएस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड, शक्ति कैपिटल, शक्ति कैपिटल एंड एसेट मैनेजमेंट, शक्ति मोशन पिक्चर्स, बीआईपी कंस्ट्रक्शन और ट्रेड बुल जैसी कई कंपनियों के नाम का उल्लेख किया गया है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों द्वारा एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम की तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 352 (आपराधिक षड्यंत्र) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव को सौंपी है।
वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र में जमीन दिलाने और निवेश पर 15 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर लोगों से कथित तौर पर लाखों रुपये हड़पने के आरोप में दो कारोबारियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पीड़ितों का आरोप है कि उनसे पैसे लेने के बाद न तो जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही उनकी निवेश की गई धनराशि वापस लौटाई गई। विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और धमकी भी दी गई। पुलिस ने चोलापुर के घोघली निवासी चन्द्रशेखर राजभर और बड़ागांव के खररिया खास निवासी अशोक कुमार सिंह की शिकायतों पर चेयरमैन मृत्युंजय सिंह और मैनेजिंग डायरेक्टर शिवकुमार भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। ये दोनों आरोपी खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए बाबतपुर में प्लॉट दिलाने और निवेश पर अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया करते थे। एफआईआर के अनुसार, चन्द्रशेखर राजभर ने अपने और रिश्तेदारों के माध्यम से 10 लाख रुपये से
अधिक का निवेश किया, जबकि अशोक कुमार सिंह ने विभिन्न किश्तों में लगभग 9.5 लाख रुपये जमा कराए। शुरुआती कुछ महीनों तक भुगतान किया गया, लेकिन बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि आरोपी हर कुछ महीनों में अपनी कंपनियों के नाम बदलकर नए निवेशकों को फंसाते थे। शिकायत में जेबीएस प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड, शक्ति कैपिटल, शक्ति कैपिटल एंड एसेट मैनेजमेंट, शक्ति मोशन पिक्चर्स, बीआईपी कंस्ट्रक्शन और ट्रेड बुल जैसी कई कंपनियों के नाम का उल्लेख किया गया है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों द्वारा एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम की तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 352 (आपराधिक षड्यंत्र) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव को सौंपी है।
- वाराणसी के ग्राम चक्का में आदिवासी मुसहर समुदाय की जमीन पर यादव लोगों और ग्राम प्रधान मधुबन ने कब्जा कर लिया है, जिससे आदिवासी समुदाय के लोग बेहद परेशान हैं। जांच के दौरान यह सामने आया है कि कुल 10 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है।1
- नगर निगम द्वारा दुर्गाकुंड-कबीर नगर मार्ग पर से अतिक्रमण हटा दिया गया है। यह कार्रवाई इस मार्ग पर लगने वाले भीषण जाम और देर रात तक होने वाली अड्डेबाजी की समस्या के चलते की गई। बताया गया कि जूस पीने के बहाने दूसरे क्षेत्रों के युवक देर रात तक इस मार्ग पर अड्डा जमाए रहते थे। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद, ठेला खुमचा चलाने वाले संबंधित चौकी पर पहुंच गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। इसके तहत, उच्च न्यायालय ने यूपी पंचायत चुनावों को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है।1
- जौनपुर के पुरेव गांव में पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय गंगा पंडित जी के निवास स्थान पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस ज्ञान कथा का वाचन व्यास धर्म ध्वज रामानुजाचार्य महाराज चित्रकूट के मुख से हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन में कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडित सुरेंद्र प्रसाद उपाध्याय के निवास स्थान पर पहुंच रहे हैं। कथा श्रवण कर सभी श्रद्धालु अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।1
- डोभी के भावी ब्लॉक प्रमुख मुकेश सिंह राजपूत ने आर्थिक मदद की है।1
- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष माननीय अजय राय जी ने अपनी जनता को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि वह भगोड़े व्यक्ति नहीं हैं और न ही वह भागने वाले हैं। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि 'मोदी पीछे हैं, अजय राय आगे हैं', जिसके माध्यम से उन्होंने अपनी स्थिति और संकल्प को व्यक्त किया।1
- वाराणसी में भेलूपुर पुलिस ने श्री विद्या मठ शंकराचार्य घाट स्थित हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चोरी करने वाले और चोरी का माल खरीदने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए आभूषण, पूजन सामग्री और नकदी भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू खान पुत्र शाहनवाज खान निवासी साकेत नगर, नरिया (थाना लंका); ध्रुव कुमार वर्मा पुत्र स्वर्गीय दयाशंकर वर्मा निवासी रानीपुर, महमूरगंज (थाना भेलूपुर); और संतोष वर्मा पुत्र स्वर्गीय शिव प्रसाद वर्मा निवासी सराय नंदन, दशमी (थाना भेलूपुर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राजू खान को रत्नाकर पार्क के पास से पकड़ा गया, जबकि ध्रुव कुमार वर्मा और संतोष वर्मा को सराय नंदन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। बरामद सामान में एक पीतल का लोटा, सफेद धातु से बना गदा का ऊपरी हिस्सा, तीन मुकुट, एक चेन, सफेद धातु का एक टुकड़ा और 1500 रुपये नकद शामिल हैं। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि हनुमान मंदिर से भगवान के चांदी के हार, पीतल के लोटे, आचमन पात्र और अन्य पूजन सामग्री की चोरी के संबंध में एक तहरीर मिली थी। इस मामले के खुलासे के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई, जिसकी जांच में सामने आया कि राजू खान ने मंदिर में चोरी की थी, जबकि ध्रुव कुमार वर्मा और संतोष वर्मा ने चोरी का सामान खरीदा था। राजू खान के खिलाफ भेलूपुर और लंका थाना क्षेत्रों में पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस चोरी की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर दुर्गा सिंह, उपनिरीक्षक नवीन कुमार चतुर्वेदी (चौकी प्रभारी अस्सी), उपनिरीक्षक शिवम श्रीवास्तव (चौकी प्रभारी रेवड़ी तालाब), कांस्टेबल सूरज भारती, संदीप कुमार, प्रशांत तिवारी और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही।1
- भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने वाराणसी शहर से बाहर मीट और मछली की दुकानों को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का कड़ा समर्थन किया है। उन्होंने इस निर्णय को “बहुत अच्छा” बताते हुए कहा कि यह किसी के धर्म के साथ खिलवाड़ नहीं है और लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है। अपने बयान में, इलाही खान ने इस प्रस्ताव का औचित्य समझाने के लिए एक तुलना का उपयोग किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मस्जिद के बगल में शराब की दुकान खोलने पर लोगों को बुरा लगेगा, उसी तरह मंदिर के पास मांस-मछली की दुकान रखना भी अनुचित है। उन्होंने अपनी निजी यात्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे कोलकाता, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से काशी आने पर उन्हें मंदिर के बगल में मछली की दुकान देखकर “बहुत बुरा” लगा। उनका दृढ़ मत है कि कोई भी व्यक्ति किसी के धर्म से नहीं खेल सकता, इसलिए यह कदम अत्यंत सराहनीय है।1