सिद्धार्थनगर जिले में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और समेकित शिक्षा के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति के प्रयासों की चौतरफा सराहना हो रही है। विभागीय स्तर और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग द्वारा उनके कार्य व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा को जिले के लिए एक मिसाल बताया जा रहा है। स्थानीय शिक्षकों और शिक्षाविदों का कहना है कि जिला समन्वयक के कुशल निर्देशन में समेकित शिक्षा के तहत संचालित योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद बच्चों तक पहुँच रहा है। करुणापति ने दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन कराने, सहायक उपकरणों का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने और उनके अनुकूल शिक्षण माहौल तैयार करने में व्यक्तिगत रुचि दिखाई है। उनके इन संवेदनशील प्रयासों के कारण विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन और ठहराव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जागरूक नागरिकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार, करुणापति न केवल प्रशासनिक कार्यों को चुस्ती से निपटाते हैं, बल्कि फील्ड में जाकर जमीनी हकीकत का जायजा भी लेते हैं। उनकी इस कार्यशैली से रिसोर्स शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। एक संवेदनशील अधिकारी के रूप में उनका यह योगदान समाज के सबसे वंचित वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित हो रहा है और पूरे शिक्षा विभाग के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है।
सिद्धार्थनगर जिले में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और समेकित शिक्षा के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति के प्रयासों की चौतरफा सराहना हो रही है। विभागीय स्तर और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग द्वारा उनके कार्य व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा को जिले के लिए एक मिसाल बताया जा रहा है। स्थानीय शिक्षकों और शिक्षाविदों का कहना है कि जिला समन्वयक के कुशल निर्देशन में समेकित शिक्षा के तहत संचालित योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद बच्चों तक पहुँच रहा है। करुणापति ने दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन कराने, सहायक उपकरणों का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने और उनके अनुकूल शिक्षण माहौल तैयार करने में व्यक्तिगत रुचि दिखाई है। उनके इन संवेदनशील प्रयासों के कारण विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन और ठहराव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जागरूक नागरिकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार, करुणापति न केवल प्रशासनिक कार्यों को चुस्ती से निपटाते हैं, बल्कि फील्ड में जाकर जमीनी हकीकत का जायजा भी लेते हैं। उनकी इस कार्यशैली से रिसोर्स शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। एक संवेदनशील अधिकारी के रूप में उनका यह योगदान समाज के सबसे वंचित वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित हो रहा है और पूरे शिक्षा विभाग के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है।
- संत कबीर नगर जिले की गजौली ग्राम पंचायत में पीठियां चौराहे के पास पिपरा से बेलहर ब्लॉक को जाने वाली सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग के छत्ती ग्रथ चौराहे पर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीठिया निवासी और ई-रिक्शा चालक रघुनाथ गौड़ (पुत्र परशुराम गौड़) ने इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और चालकों को होने वाली इस विकट समस्या को उजागर किया है।3
- संतकबीरनगर के मेंहदावल में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में एसपी संदीप कुमार मीना द्वारा एएसपी सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद के सभी थाना और चौकी परिसरों में भी प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों द्वारा फलदार, छायादार तथा औषधीय पौधे रोपे गए। जनपद पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाया। वृक्षारोपण के दौरान एसपी ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं बल्कि शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ भी बनाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण की अपील की ताकि जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव और पीआरओ एसपी मनीष जायसवाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- संत कबीर नगर में सर्विलांस टीम की सक्रियता से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 161 गुमशुदा एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग ₹60 लाख बताई जा रही है, जिनकी चोरी और गुमशुदगी की रिपोर्ट विभिन्न थानों के अंतर्गत दर्ज कराई गई थी। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में मिली इस बड़ी राहत से मोबाइल स्वामियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है और उन्होंने पुलिस टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है। पुलिस टीम के इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य से खुश होकर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा पूरी टीम को प्रोत्साहन स्वरूप ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ अंतर्गत ग्राम ताल नटवा टोला धर्मपुरवा की सड़क अत्यंत बदहाल स्थिति में है, जिससे स्थानीय ग्रामीण बेहद परेशान हैं। इस जर्जर सड़क की मरम्मत और निर्माण को लेकर पिछले पांच वर्षों से लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद भी अब तक सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई न होने के कारण गांव के लोग इस बदहाल मार्ग से बेहद परेशान और त्रस्त हैं।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेंदा में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर डॉ. अरविंद राजभर ने निशाना साधा है। डॉ. अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसते हुए अयोध्या मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- Post by Shivkumar chaurasi namast1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के फरेंदा में डॉ. अरविंद राजभर ने पूर्व सपा सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने तीखे सुर में कहा है कि पेपर लीक असल में पूर्व की सपा सरकार का ही गिरोह है। एनडीए और भाजपा सरकार के समर्थक रुख के साथ एसबीएसपी नेता डॉ. अरविंद राजभर का यह बयान सीधे तौर पर पूर्व सरकार को कटघरे में खड़ा करता है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने वाली 23 लड़कियों और 5 लड़कों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने घोर अन्याय करते हुए लड़कियों को तो महज पूछताछ करके और चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन लड़कों का चालान काटकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का यह रवैया पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है, जहां लड़कियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया और सारा कानूनी शिकंजा सिर्फ लड़कों पर कस दिया गया।1