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जैजैपुर क्षेत्र के रिवाडीह बोराई नदी पुलिया से रिवाडीह बाजार चौंक तक महज करीब 1 किमी के दायरे में सड़क की हालत बद से बदत्तर। जैजैपुर क्षेत्र के रिवाडीह बोराई नदी पुलिया से रिवाडीह बाजार चौंक तक महज करीब 1 किमी के दायरे में सड़क की हालत बद से बदत्तर।
Bhupendra lahare
जैजैपुर क्षेत्र के रिवाडीह बोराई नदी पुलिया से रिवाडीह बाजार चौंक तक महज करीब 1 किमी के दायरे में सड़क की हालत बद से बदत्तर। जैजैपुर क्षेत्र के रिवाडीह बोराई नदी पुलिया से रिवाडीह बाजार चौंक तक महज करीब 1 किमी के दायरे में सड़क की हालत बद से बदत्तर।
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- तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर सामने आएगा। उस साधक को कांटा लगकर मौत की सजा टल जाएगी। बिन सतगुरू पावै नहीं खालक खोज विचार। चौरासी जग जात है, चिन्हत नाहीं सार।। सतगुरू के बिना खालिक (परमात्मा) का विचार यानि यथार्थ ज्ञान नहीं मिलता। जिस कारण से संसार के व्यक्ति चौरासी लाख प्रकार के प्राणियों के शरीरों को प्राप्त करते हैं क्योंकि वे सार नाम, मूल ज्ञान को नहीं पहचानते। अठारा बोध।।“ पूर्ण संत चारों वेदों, छः शास्त्रों, अठारह पुराणों आदि सभी ग्रंथों का पूर्ण जानकार होगा। सभी सद्ग्रन्थों के पूर्ण जानकार पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज हैं जो सतभक्ति देकर मानव को सभी बुराइयों से दूर कर रहे हैं। पवित्र सदग्रन्थों जैसे श्रीमद्भगवद गीता जी, वेद, गुरु ग्रंथ साहेब, बाइबिल, कुरान से कबीर साहेब जी को परमात्मा सिद्ध करने वाले संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण तथा सच्चे गुरु हैं। यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा करवाएगा। वह जगत का उपकारक संत सच्चा सतगुरु होगा। इस परमार्थ के कार्य को केवल पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं। पूर्ण गुरु के लक्षण पूर्ण संत सर्व वेद-शास्त्रों का ज्ञाता होता है। दूसरे वह मन-कर्म-वचन से यानि सच्ची श्रद्धा से केवल एक परमात्मा समर्थ की भक्ति स्वयं करता है तथा अपने अनुयाईयों से करवाता है। तीसरे वह सब अनुयाईयों से समान व्यवहार (बर्ताव) करता है। चौथे उसके द्वारा बताया भक्ति कर्म वेदों में वर्णित विधि के अनुसार होता है। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कुरान ज्ञान दाता हजरत मुहम्मद जी को कहता है कि उस अल्लाह की जानकारी किसी बाख़बर इल्मवाले संत से पूछो। वह बाख़बर इल्मवाले संत रामपाल जी महाराज हैं जो अल्लाह की सम्पूर्ण जानकारी रखते हैं। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लें, अपना कल्याण कराएं। कबीर, सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय। जै मस्तिक में सूली हो वह कांटे में टल जाय।। सतगुरु अथार्त् तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर सामने आएगा। उस साधक को कांटा लगकर मौत की सजा टल जाएगी।1
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