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#kotalive #Mismanagement आज सुबह गिरी मावठ से कोटा की भामाशाह मंडी में खुले में पड़ी जिंस भीगी:
Ahmed Siraj Farooqi
#kotalive #Mismanagement आज सुबह गिरी मावठ से कोटा की भामाशाह मंडी में खुले में पड़ी जिंस भीगी:
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- बधाई हो बधाई हो बधाई हो। भास्कर की पोपट तेरी 2026 का आगाज हुआ। और हमने सभी परिजनों को शुभ चिंतकों को राधे-राधे के वंदन के साथ नए वर्ष के आगाज किया। प्रणाम किया बधाई दी शुभकामनाएं दी। और सनातन धर्म का संदेश दिया। इस नूतन वर्ष की पावन बेला पर स्पीकर ओमबिरला मुख्यमंत्री भजनलाल ओम बिरला जी के ओएसडी राजीव दत्ता जी बिहार के महिमा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान साहब राजस्थान के महामहिम राज्यपाल साहब हरि भाऊ बागडे और हमारे लाखों पाठकों श्रोताओं को और सभी परिचितो को राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ पब्लिक एप चैनल हेड रमेश गांधी की ओर से नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की वर्ष 2025 में मन वचन काया से जो इस नादान कलमकार से गलती हो गई हो या किसी हमरी वाणी से किसी की आत्मा को ठेस पहुंची हो।तो उसके लिए मैं बारंबार आपसे क्षमा मांगता हूं मिच्छामि दुकडम करता हूं।1
- Ek kahani..... NAV VARSH.1
- कोटा 1जनवरी 2026/ 318वे दिन साल 2026के प्रथम दिन भी 18फरवरी 2025से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर चल रहा जे के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना सीटू के बैनर तले जारी रहा ,। धरना स्थल से जानकारी देते हुए कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि धरने को संबोधित करते हुए मजदूर नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, ने धरने पर उपस्थित मजदूरों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर पिछले अठ्ठाईस साल से कानूनी लड़ाई लड़ी गई जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा मजदूरों के पक्ष फैसला किया गया और बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर राजस्थान सरकार को वर्ष 2023में आदेश जारी किया गया था उसी आदेश की पालना सरकार से करवाने की मांग को लेकर पिछले 11 महीनों से आप सभी लोगों के सहयोग से हम यहां तक पहुंच पाए मजदूर नेताओं ने 1971में बोनस की मांग लेकर हुए आंदोलन में पुलिस की गोलियों से शहीद हुए मजदूर साथियों को याद करते हुए कहा कहा कि 318दिन के धरने में हमने 12ओर साथियों को खो दिया लेकिन 50मीटर दुर बैठे जिला न्यायाधीश महोदय द्वारा मजदूरों को भुगतान करवाने को लेकर अभी तक कोई बात नहीं की आपके धरने की ताकत आगे झुककर सरकार ने जे के सिंथेटिक की जमीन को अधिग्रहण तो कर लिया है लेकिन अभी धरने की मुख्य मांग मजदूरों को उनका हक अधिकार देने 28साल से फैक्ट्री की तरफ बकाया वेतन भुगतान करने की मांग पूरी नहीं हो पाई है जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान सरकार को साफ आदेश जारी किया जा चुका है कि जे के सिंथेटिक के 4200मजदूरों का फैक्ट्री की तरफ 28साल पहले की गई अपनी मेहनत का 260करोड़ रुपयों से अधिक का वेतन बकाया है जिसको जमीन अधिग्रहण के साथ राज्य सरकार मूल वेतन को 18%ब्याज जोड़कर भुगतान करना होगा,। सरकार द्वारा जे के सिंथेटिक की जमीन अधिग्रहण करने बाद बकाया वेतन भुगतान करने में देरी से धरने में शामिल महिलाओं और जे के मजदूरों और सीटू सदस्यों में रोष व्याप्त है जिसको लेकर धरने में शामिल मजदूरों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज करते हुए कलेक्ट्रेट रोड पर आक्रोश रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट गेट के सामने जोरदार नारेबाजी करते हुए बकाया वेतन भुगतान करने की और लगातार धरने शामिल होने वाले धरने के दौरान शहीद 12मजदूर साथियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और कोटा के विकास में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सभी शर्तों को सरकार से लागु करवाने की मांग की गई,। 318वे दिन धरना स्थल पर सभा को कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह, सीताराम, कैलाशी बाई, राजकुमारी, राजू देवी, निर्मला बाई, कैलाशी बाई, रहीसा बानो आदि ने सम्बोधित किया,। धरने में मजदूरों की उपस्थिति के बारे जानकारी देते हुए कामरेड महावीर प्रसाद ने बताया कि धरने पर यूनियन के रजिस्टर में 720मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिसमें 350महिलाएं शामिल है। कोटा जिले में स्मार्ट मीटर नहीं लगेगे सरकार ने विद्युत विभाग को आदेश जारी किए जिसकी सूचना बिजली वितरण विभाग जयपुर कोटा द्वारा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी कोटा जिला सचिव हबीब खान को दी,। सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि स्मार्ट मीटर के विरोध में कोटा जिले में इटावा उपखण्ड क्षेत्र और कोटा शहर में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था जिसमें सरकार से मांग की गई थी कि स्मार्ट मीटर आमजनता की जेब काटने वाला स्मार्ट मीटर है इस मीटर को कोटा जिले में किसी आम बिजली उपभोक्ता के घर पर नहीं लगाने दिया जाए इस मीटर को लगाने पर रोक लगाई जाए सरकार ने कोटा जिले में स्मार्ट मीटर नहीं लगाने का आदेश जारी कर दिया है जो संघर्ष की ओर जिले के तमाम सीपीआईएम कार्यकर्ताओं के साथ साथ तमाम मजदूरों आमबिजली उपभोक्ताओ की जीत है,। 318वे दिन धरने में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और जे के मजदूरों के साथ साथ सीटू के सैकड़ों कार्यकर्ता सीटू के लाल झंडे हाथों लेकर आक्रोश रैली में शामिल रहे और अंतिम निर्णय तक संघर्ष करने की शपथ ली धरने में उपस्थित मजदूरों ने कहा कि जब तक हमारा 28साल से फैक्ट्री की तरफ बकाया वेतन जो 500करोड़ रुपयों से अधिक का भुगतान सरकार द्वारा नहीं किया जाएगा तब तक जिला कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा,3
- सभी देशवासियों को नए साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आप सभी को नए साल अच्छा गुजरे1
- हाट बाजार में उलझा बायपास, दिनभर रहे जाम के हालात हरनावदाशाहजी. कस्बे में छीपाबड़ौद मार्ग पर चल रहे पुलिया निर्माण से मेला मैदान वाले रास्ते में बढते यातायात दबाव के बीच बुधवार लगने वाले साप्ताहिक हाट में दिन भर जाम के हालात बने रहे। इस दौरान पंचायत एवं पुलिस प्रशासन की कोई व्यवस्था नजर नही आई। जिससे काफी देर तक जाम में लोग फंसे रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार छीपाबड़ौद मार्ग पर गुफा के समीप की पुलिया का नवनिर्माण कार्य प्रगति पर है जिसके चलते मुख्य मार्ग बंद हो जाने से सारा यातायात मेला मैदान वाले रास्ते से होकर निकल रहा है लेकिन इस रास्ते पर यातायात व्यवस्था के लिए उपयुक्त प्रबंध नहीं होने से हालत खराब हो रहे हैं। जहां चाहे रोड पर लगा दिया मवेशी बाजार - बुधवार को यहां लगने वाले हाट बाजार के दौरान स्थिति काफी खराब हो जाती है। हाट के दिन यहां बड़ी संख्या में बकरे बकरियां बिकने आती है जिनसे ग्राम पंचायत टैक्स के रूप में अच्छी इनकम करती है लेकिन व्यवस्था के नाम पर कोई ठोर ठिकाना स्थायी नहीं करने से बकरियों का बाजार मर्जी चाहे जहां तैयार मिलता है। खरीदार मुख्य सड़क मार्ग पर ही खड़े होकर सौदेबाजी करते नजर आते हैं जिससे न केवल वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है बल्कि जाम के हालात हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बकरा बकरी के बाजार के लिए एक निर्धारित स्थान चयन कर इनका बाजार लगवाने की मांग की है। इधर दिनभर रही रेळमपेल- हाट बाजार में दो तरफा यातायात दबाव,ऊपर से मेले में ग्रामीणों की जोरदार आवक से मेला मैदान में होकर बने रास्ते में घंटों तक जाम के हालात बने रहे। थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव ने बताया कि रास्ते में होकर वाहनों का दबाव अधिक रहने से एवं जगह कम होने से जाम के हालात रहना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि दिन में स्वयं अकलेरा मार्ग तक गाडी से होकर आए । उन्होंने बताया कि सर्किल पर जवान भी तैनात थे। साथ ही मेले में लगे जाम के दौरान जवान भिजवाने की बात कही। ,, कस्बे में मेला आयोजन समाप्त हो गया है। बुधवार हाट में बिकने आ रहे बकरा बकरी का खूंटा टैक्स 50 रुपए प्रति के हिसाब से लिए जाते हैं। ये मवेशी लेकर आने वाले रोड पर ही व्यापारियों से मोलभाव करने लगते हैं जिससे रोड पर यातायात प्रभावित रहता है। अगले हाट के दिन सफेद लाइनिंग डालकर रोड खुलासा करवाया जाएगा और बकरा बकरी एवं सब्जी विक्रेताओं को निश्चित जगह पर बैठने के लिए पाबंद किया जाएगा'' देवलाल नागर, ग्राम विकास अधिकारी हरनावदाशाहजी।1
- मुंबई के आयुष कॉलेज एंड हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर में आयोजित सम्मान समारोह में पिड़ावा के डॉ हाफिज इलियास अहमद को बेस्ट आयुष डॉक्टर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया हे। मुंबई में आयुष कॉलेज एंड हॉस्पिटल रिसर्च एसोसिएशन एंड हॉलिस्टिक मेडिसिन द्वारा 8 वा सम्मान समारोह आयोजित किया गया।जिसमे यूनानी पद्धति के डॉक्टर हाफिज इलियास सहित कई चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।1
- #kotalive #tourism एक तरफ कोटा को ट्यरिज्म सिटी बनाने के बड़े-बड़े सरकारी वादे और दावे, दूसरी तरफ बाहर से आए ट्यूरिस्ट के अनुभव, वीडियो कोटा के अभेड़ा बॉयोलोजिकल पार्क का है...1
- पंचायत राज पुर्नगठन के संशोधित आदेशों का विरोध खेजड़िया के ग्रामीणों का प्रदर्शन मांग पूरी नहीं होने पर मतदान बहिष्कार की धमकी पिड़ावा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पंचायत पुनर्गठन के संशोधित आदेशों का विरोध करते हुए खेजड़िया के ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर उन्हें पूर्व के पंचायतों में यथावत रखने की मांग की है। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया की गांव खेजड़िया ग्राम पंचायत दांता में है।सरकार द्वारा पुर्नगठन के जारी संशोधित आदेशों में खेजड़िया को ढाबला भोज में सम्मिलित किया जा रहा है।खेजड़िया का ग्राम पंचायत मुख्यालय दांता महज 8 किमी दूर था।जो अब ढाबला भोज यहां से 15 किमी दूर हो जाएगा।ऐसे में ग्रामीणों को छोटे छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय जाने के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ेगी। ग्रामीणों ने उनके गांव को दूसरी पंचायत में सम्मिलित करने की कोई मांग भी नहीं की थी।लेकिन राजनीतिक द्वेषता के चलते उनके गांवों की ग्राम पंचायत को बदला जा रहा है।जिससे ग्रामीणों में बहुत आक्रोश हे।ग्रामीणों ने उनके गांव खेजड़िया को दांता में यथावत रखने की मांग की है।ग्रामीणों ने उनकी पंचायत बदलने पर मतदान बहिष्कार करने का चेतावनी दी हैं।ज्ञापन देने वालो में पूर्व प्रधान रामलाल चौहान, फूलसिंह, ईश्वर सिंह, गुमान सिंह, रामलाल, घनश्याम, पर्वत सिंह, शोभाराम, गुमान मेहर, सुल्तान सिंह, शिराज सिंह, जगदीश, सलीम खान, सईद खान, सोहन, प्रताप, रामप्रसाद, बबलू खान, कई महिला पुरुष साथ रहे।1
- Post by Lucky sukhwal1