खगड़िया जिले के पसराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयला गांव में पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से परेशान एक विवाहिता ने नदी में छलांग लगा दी। सोमवार की शाम हुई इस घटना में, कोयला गांव निवासी सुजीत कुमार की 20 वर्षीय पत्नी पूजा कुमारी ने घरेलू विवाद से आहत होकर यह कदम उठाया। घटना होते ही, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए तत्काल नदी में उतरकर डूब रही महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उस समय पूजा कुमारी बेहोशी की अवस्था में थी। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा सोमवार की रात 11 बजे तक प्राथमिक उपचार के बाद पूजा कुमारी की स्थिति में सुधार हुआ। उपचार के उपरांत, पुलिस उसे आवश्यक पूछताछ एवं आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पसराहा थाना ले गई। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीणों ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो यह घटना किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी। घटना के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
खगड़िया जिले के पसराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयला गांव में पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से परेशान एक विवाहिता ने नदी में छलांग लगा दी। सोमवार की शाम हुई इस घटना में, कोयला गांव निवासी सुजीत कुमार की 20 वर्षीय पत्नी पूजा कुमारी ने घरेलू विवाद से आहत होकर यह कदम उठाया। घटना होते ही, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए तत्काल नदी में उतरकर डूब रही महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उस समय पूजा कुमारी बेहोशी की अवस्था में थी। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची
और महिला को इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा सोमवार की रात 11 बजे तक प्राथमिक उपचार के बाद पूजा कुमारी की स्थिति में सुधार हुआ। उपचार के उपरांत, पुलिस उसे आवश्यक पूछताछ एवं आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पसराहा थाना ले गई। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ग्रामीणों ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो यह घटना किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी। घटना के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
- खगड़िया के गोगरी प्रखंड कार्यालय परिसर में एक प्रखंड स्तरीय सहयोग सह जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस मौके पर जिलाधिकारी नवीन कुमार और विधायक बाबू लाल शौर्य सहित डीडीसी, एसडीएम और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड मुख्यालय में मंगलवार की शाम चार बजे तक एक जन सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार और प्रवक्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने आम लोगों की समस्याओं को सुना। उनके साथ गोगरी अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, प्रखंड प्रमुख अशोक पंत, बीडीओ घुनंदन आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान, विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए, जहाँ लोगों से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। इन आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए समाधान की दिशा में कदम उठाए गए। बड़ी संख्या में पहुँचे लोगों ने अधिकारियों को अपनी शिकायतें और माँगें सौंपीं। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित और पारदर्शी तरीके से हो। उन्होंने बताया कि जन सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों को अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।1
- महेशखूंट में स्थित गोल्डन शिक्षण संस्थान के परिसर में श्री साहेब आयुर्वेदिक जड़ी बूटी क्लिनिक संचालित होता है, जिसके संचालक डॉ. सुजीत कुमार से एक खास बातचीत की गई है। उनके संपर्क नंबर 7644808264 और 7564839419 हैं।1
- बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर मुंगेर जिले के शिक्षकों ने शहीद स्मारक के समक्ष अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना दिया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन रवि भास्कर ने किया। धरने को संबोधित करते हुए, जिला संयोजक विशाल कुमार ने कहा कि सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के कारण विभिन्न कोटि के शिक्षक प्रताड़ित हो रहे हैं। जिला सचिव राम नंदन कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि समय पर वेतन भुगतान न होने और बकाए वेतन का भुगतान न मिलने के कारण शिक्षकों के परिवारों के भरण-पोषण में गंभीर समस्याएँ आ रही हैं। वहीं, जिला उपाध्यक्ष विजय कुमार सुमन ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर बिहार की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर रही है। वयोवृद्ध शिक्षक नेता नवल किशोर प्रसाद सिंह ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं और सरकार को गंभीरतापूर्वक उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर प्रेम कुमार, रंजीत कुमार, अनिता कुमारी, सुधाकर कुमार, कृष्णानंद कुमार, बृजेश कुमार, बिंदु कुमारी, अनुराधा कुमारी, प्रशांत कुमार, गुंजन कुमार सहित दर्जनों अन्य शिक्षक संघ के सदस्य उपस्थित थे।1
- एक ट्रैक्टर पर अचानक एक विशाल गेहूंमन सांप चढ़ गया। इस दौरान, चालक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बड़े हादसे को टाल दिया।1
- बिहार में शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहाँ यह चिंता व्यक्त की गई है कि असली मुद्दों को अनदेखा कर पहचान से जुड़ी बहसों पर ध्यान क्यों केंद्रित किया जा रहा है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या शिक्षा एक सेवा है या मात्र एक व्यवसाय बन गई है। इस व्यापक बहस में, जिसमें खान सर और रोशन आनंद जैसे नाम भी शामिल हैं, राज्य में शिक्षा माफिया के कथित प्रभाव और छात्रों के भविष्य पर इसके परिणामों को लेकर गहरी चिंताएँ उजागर की गई हैं।1
- खगड़िया जिले के परबत्ता में अग्निशमन विभाग द्वारा एक नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस के अनुसार, क्षेत्र में भवन सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।1
- सोमवार की रात करीब 10 बजे परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। विधायक के अचानक पहुँचने से अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान विधायक शौर्य ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें शौचालय, रसोईघर, ओपीडी, दवा स्टॉक और दवा पंजी शामिल थे। उन्होंने रसोई कर्मियों को साफ-सफाई के साथ शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार करने का निर्देश दिया। वहीं, शौचालयों की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए विधायक ने नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अस्पताल परिसर के पीछे निर्माणाधीन भवन का भी निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाते हुए मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान जदयू प्रखंड अध्यक्ष मायाराम मंडल समेत एनडीए के कई नेता एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।1